शिवराज और तीन अन्य नेताओं को मानहानि मामले में बरी किया गया

शिवराज सिंह चौहान को मानहानि मामले में बड़ी राहत

जबलपुर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मानहानि से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण राहत मिली है। जबलपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा द्वारा दायर मानहानि शिकायत में चौहान, खजुराहो सांसद वी. डी. शर्मा और भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह को दोषमुक्त कर दिया है। यह फैसला दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति के बाद आया है।

मुकदमा वापस लेने की प्रक्रिया

जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट डी.पी. सूत्रकर ने विवेक तन्खा की ओर से दायर मुकदमा वापस लेने के आवेदन को स्वीकार किया। जानकारी के अनुसार, तन्खा ने अंतिम निर्णय से पहले अदालत में मानहानि के मामले को वापस लेने का अनुरोध किया था। इस कारण तीनों नेताओं को इस मामले से मुक्त कर दिया गया।

पंचायत चुनाव संबंधी विवाद

यह मामला वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश पंचायत चुनावों के दौरान ओबीसी आरक्षण से संबंधित विवाद से उभरा था। उस समय विवेक तन्खा सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर काम कर रहे थे। चौहान द्वारा दिए गए कुछ बयानों को तन्खा ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना था।

तन्खा द्वारा 10 करोड़ का दावा

तन्खा ने चौहान, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ सिविल और आपराधिक मानहानि का मामला दायर किया, जिसमें उन्होंने सिविल मामले में 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की थी। वहीं, आपराधिक मामले में आईपीसी की धारा 500 के तहत कार्रवाई की अपील की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

जब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा, तो वहां सौहार्दपूर्ण समाधान की सलाह दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच संवाद शुरू हुआ। संसद में मुलाकात के बाद, तन्खा ने चुनावी बयानों को लेकर दायर मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया।

अधिवक्ता की जानकारी

परिवादी पक्ष के अधिवक्ता श्यामसुंदर यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर विवेक तन्खा ने मानहानि का मामला वापस लेने का कदम उठाया। आपसी सहमति के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करने का निर्णय लिया।

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