जेवर से भरा बैग, नगद और एटीएम कार्ड लेकर आसनसोल भागने वाले थे दोनों
घटना की कुछ देर बाद ही जांच में हुआ 10 लाख की मनगढ़ंत डकैती का खुलासा
गिरिडीह। झरियागादी के गरहाटांड गांव में बुधवार देर शाम सिविल कोर्ट और सदर अस्पताल कर्मी के घर महिला को बेहोश कर दस लाख की डकैती हुई। लेकिन पुलिस की सक्रियता से घटना का चंद मिनटों में ही मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने इस घटना में संलिप्तता के संदेह में मकान मालिक दिलीप सिंह के बेटे अभिषेक सिंह उर्फ छोटू और उसकी पत्नी रुचि सिंह को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक इन दोनों पति-पत्नी ने ही घटना को अंजाम दिया और अपने आप को बचाने के लिए डकैती की कहानी गढ़ ली। डकैती की सूचना के बाद घटनास्थल पर सदर एसडीपीओ अनिल सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचकर जांच पड़ताल कर रहे थे। इस दौरान एसडीपीओ को स्थानीय लोगों की ओर से कुछ जानकारी दी गयी। जानकारी के अनुसार संदेहास्पद स्थिति में एक महिला को घर के बगल में एक चारदीवारी में झाड़ियों में कुछ समान फेंकते हुए देखा गया। इस जानकारी के आधार मौके पर ही तलाशी के दौरान पुलिस टीम को एक पोटली में चांदी के कुछ जेवर पड़े मिले। उसके बाद ही एसडीपीओ ने संदेह के आधार पर मकान मालिक के बेटे अभिषेक सिंह और उसकी पत्नी रुचि को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान ही पुलिस को 19 हजार रुपए नकद समेत एटीएम कार्ड व कई जेवर से भरा एक बैग घर के बगल में ही दूसरे हिस्से से बरामद हुआ।
आसनसोल भागने की तैयारी में थे
पुलिस के पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि घटना को अंजाम देने के बाद दोनों पति-पत्नी पश्चिम बंगाल के आसनसोल भागने की तैयारी में थे। लेकिन इसके पूर्व ही मनगढ़ंत डकैती कांड का खुलासा हो गया और दोनों पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
रूचि सिंह पर सख्ती से हुआ मामले का खुलासा
मामले की जांच के दौरान पुलिस को इस मामले को लेकर शक तब और गहरा गया। जब उन्हें बताया गया कि घटना के समय घर की छत पर आरोपी अभिषेक सोया हुआ था। इसी दौरान सात अपराधी घर में घुसे और रुचि को नशीला पदार्थ सुंघाकर कर बेहोश कर घर के दो कमरे में लूटपाट कर फरार हो गए। रुचि के इस बयान पर पुलिस उसका मेडिकल जांच कराने की प्रक्रिया में जुटी हुई थी कि मामले का खुलासा हो गया। दोनों आरोपियों को मुफ्फसिल थाना पुलिस गिरफ्तार कर थाने ले गई। पुलिस अब उनसे पूछताछ में जुटी हुई है।