सारंडा जंगल में नक्सल विरोधी अभियान का निर्णायक चरण
चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान को अब निर्णायक मोड़ पर लाने की तैयारी की जा रही है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के विशेष निदेशक जनरल दीपक कुमार ने शनिवार को बालिबा कैंप का दौरा किया और इस अभियान के ठोस परिणामों की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया।
बालिबा कैंप में उच्चस्तरीय बैठक
दीपक कुमार हेलिकॉप्टर के माध्यम से बालिबा कैंप पहुंचे, जहां 193 बटालियन के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस बैठक में आईजी, डीआईजी, एसटीएफ और जिला पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें ऑपरेशन की रणनीति, बलों की तैनाती और भविष्य की कार्रवाई पर गहन चर्चा की गई।
मिसिर बेसरा को चेतावनी
साक्षात्कार के दौरान, दीपक कुमार ने प्रमुख नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पास आत्मसमर्पण का विकल्प उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बेसरा अपने साथियों और हथियारों के साथ आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो सुरक्षा बल उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।
आगामी कार्रवाई की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान अभियान को और अधिक आक्रामक बनाने की योजना बनाई जा रही है। सुरक्षा बल अब किसी भी स्थिति में इंतजार करने के मूड में नहीं हैं और जल्द ही एक सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर नक्सलियों पर दबाव डालने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कार्रवाई को और तेज करने के संकेत मिल रहे हैं।
सफलताओं से बढ़ा मनोबल
हाल के अभियानों में मिली सफलता ने जवानों का मनोबल काफी ऊंचा किया है। इसी आत्मविश्वास के साथ अभियान को निर्णायक स्थिति में पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। दीपक कुमार ने अपने दौरे के दौरान जवानों के साथ संवाद किया और कठिन परिस्थितियों में डटे रहने के लिए उनकी सराहना की।