सरायकेला में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
सरायकेला में AIDSO के जिला सचिव युधिष्ठिर प्रमाणिक के नेतृत्व में छात्रों ने एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने सिंहभूम कॉलेज की स्थापना और उस कॉलेज में गृह विज्ञान की पढ़ाई के इतिहास पर प्रकाश डाला। 1973 में स्थापित इस कॉलेज ने कुछ वर्षों बाद ही गृह विज्ञान की पढ़ाई शुरू कर दी थी, जो कि अब तक सुचारू रूप से चल रही है। वर्तमान में, इस विषय में विद्यार्थियों की संख्या भी काफी संतोषजनक है।
शिक्षकों की कमी और नए विषयों की आवश्यकता
प्रदर्शन के दौरान, युधिष्ठिर प्रमाणिक ने यह भी बताया कि कॉलेज में नए विषयों को शामिल करने और शिक्षकों की कमी को दूर करने की जरूरत है। छात्रों का मानना है कि यह आवश्यक कदम उठाना बेहद महत्वपूर्ण है ताकि उनकी शिक्षा प्रणाली में सुधार हो सके।
कोल्हान विश्वविद्यालय का विवादास्पद निर्णय
प्रमाणिक ने यह आरोप लगाया कि कोल्हान विश्वविद्यालय, ‘क्लस्टर मॉडल’ के नाम पर कुछ विषयों को बंद करने की योजना बना रहा है। उन्होंने इस निर्णय को ‘तुगलकी फरमान’ करार दिया और कहा कि छात्र समुदाय इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगा। छात्रों ने इस निर्णय के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई है।