सूर्यकुमार यादव ने ‘ट्रॉफी न लेना’ को बताया ‘कॉन्ट्रोवर्सी नहीं’

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

एशिया कप 2025: बिना हारे खिताब पर सूर्यकुमार ने साझा की खुशी 🏆

दुबई: भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2025 का खिताब बिना एक भी मैच हारे जीतकर एक नई उपलब्धि हासिल की है। फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से चर्चा करते हुए कहा कि टूर्नामेंट जीतना उनके लिए बेहद खास है, लेकिन ट्रॉफी न लेने को लेकर उन्होंने इसे विवाद नहीं माना।

फाइनल में पाकिस्तान को दी मात 🇵🇰

एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 146 रन बनाए। भारतीय गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, खासकर कुलदीप यादव ने 4 विकेट लिए। इसके बाद भारत ने तिलक वर्मा की अर्धशतकीय पारी और संजू सैमसन-शिवम दुबे की साझेदारियों के साथ 150/5 का स्कोर बनाकर जीत दर्ज की। यह भारत का टी20 प्रारुप में दूसरा एशिया कप टाइटल और कुल मिलाकर नौवां खिताब है। सूर्यकुमार ने कहा, “मेरे लिए यह बहुत अच्छा अनुभव था कि हम इस टूर्नामेंट को बिना हारे जीतने में सफल रहे। हमने तीनों मुकाबले पाकिस्तान के खिलाफ जीते, जो एक बड़ी चुनौती थी।”

ट्रॉफी विवाद पर सूर्यकुमार का दृष्टिकोण 💬

फाइनल के बाद एक विवाद खड़ा हुआ जब एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने ट्रॉफी वितरण का प्रयास किया। भारतीय टीम ने इसका विरोध किया, क्योंकि नकवी पाकिस्तान के इंटीरियर्स मिनिस्टर भी हैं, और हाल में हुए तनावपूर्ण बयानों के कारण इसे स्वीकार नहीं किया गया। सूर्यकुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ट्रॉफी न लेना मेरे लिए कोई विवाद नहीं है। असली ट्रॉफी तो मेरे साथियों का प्यार है। मेरी ट्रॉफी मेरे 14 साथियों और सपोर्ट स्टाफ में है। यह जीत बहुत मेहनत से मिली है, लेकिन हमें जो मिला, वह लाखों भारतीयों का प्यार है।”

पीएम का ट्वीट और अपनी मैच फीस का दान 🇮🇳

सूर्यकुमार ने अपनी मैच फीस को भारतीय सेना को दान देने का ऐलान किया, जो पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों के परिवारों के लिए प्रेरणादायक कदम साबित हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी के “ऑपरेशन सिंदूर” संबंधी ट्वीट पर उन्होंने कहा, “जब देश का नेता फ्रंटफुट पर होता है, तो अच्छा लगता है। ऐसा लगा जैसे सर खुद मैच में हिस्सा ले रहे हैं। जब हमारे नेता आगे होते हैं, तो खिलाड़ी अधिक आत्मविश्वास से खेलते हैं। यह देखकर बहुत अच्छा लगा।”

सूर्यकुमार ने अंत में कहा, “जब हम भारत लौटेंगे, तो जश्न और भी बड़ा होगा, जो हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।”

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