टैग: ईडी रांची

  • राजधानी में आज फिर चार जगह ईडी के छापे


    चेशायर होम रोड में 4.83 एकड़ ज़मीन फर्जी दस्तावेज से बेचने का मामला

    रांची। आज बुधवार की सुबह से फिर चार अलग-अलग जगहों पर ईडी की टीम छापेमारी कर रही है। यह छापेमारी मोरहाबादी, अशोक नगर, बूटी मोड़ और खेलगांव में हो रही है। चेशायर होम रोड स्थित 4 एकड़ 83 डिसमिल जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचने के मामले में यह कार्रवाई हो रही है।
    खेलगांव के पास गाड़ी गांव में जमीन दलाल शेखर कुशवाहा के घर पर ईडी छापेमारी कर रही है।

    जानकारी के अनुसार कांट्रेक्टर बिपिन को ईडी ने नोएडा में ट्रैक किया था। इसके बाद ईडी टीम उसके रांची स्थित घर पहुंची, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही पूरा परिवार बुधवार सुबह सभी सामान के साथ निकल गया था। ईडी ने फ्लैट 402 के मालिक प्रभात पांडेय को बुलाया और फ्लैट को सील कर दिया है। इधर बिपिन को आज सुबह 10:30 बजे तक दिल्ली ईडी कार्यालय में आत्मसमर्पण करने और उनके परिवार को रांची ईडी कार्यालय में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।

  • रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन सहित 22 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

    रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन सहित 22 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी


    रांची। पूर्व डीसी छवि रंजन के ठिकाने पर ईडी की टीम ने दबिश दी है। सुबह से ही ईडी की छापेमारी कर रही है। ईडी की टीम डीसी के अलावा कई अंचल अधिकारी और जमीन कारोबारियों के यहां भी छापेमारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम गुरुवार की सुबह आईएएस छवि रंजन समेत कई अन्य लोगों के ठिकाने पर पहुंचकर छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि रांची के बरियातू स्थित सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की खरीद-बिक्री मामले में ईडी यह कार्रवाई कर रही है। इससे पहले ईडी ने बीते पांच नवंबर 2022 को कोलकाता के कारोबारी अमित अग्रवाल व एक अन्य व्यवसायी विष्णु अग्रवाल, खरीद-बिक्री में शामिल प्रदीप बागची, दिलीप घोष सहित अन्य अधिकारियों से जुड़े दो दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी।

    जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम आईएएस छवि रंजन समेत अन्य लोगों के कुल 22 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। रांची, जमशेदपुर, सिमडेगा, हजारीबाग, कोलकाता और बिहार का गोपालगंज शामिल है। बता दें कि आईएएस छवि रंजन वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में निदेशक के पद पर पदस्थापित हैं।

  • गांडीव ब्रेकिंग: अमित अग्रवाल मामले की जांच अब सीबीआई भी करेगी

    गांडीव ब्रेकिंग: अमित अग्रवाल मामले की जांच अब सीबीआई भी करेगी

    झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी ने दिया आदेश

    रांची। मनी लांड्रिंग केस में फंसे कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल के मामले की जांच अब ईडी के साथ ही साथ सीबीआई भी करेगी। बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने अमित अग्रवाल की क्वेशिंग याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश सुनाया। जेल में बंद व्यवसायी अमित अग्रवाल ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर उनके खिलाफ ईडी द्वारा चलाया जा रहा मनी लांड्रिंग का केस निरस्त करने की मांग की थी।

    होटवार जेल में बंद है अमित अग्रवाल

    कोलकाता का व्यवसायी अमित अग्रवाल अभी रांची के होटवार जेल में बंद है। झारखंड हाई कोर्ट में दर्ज एक मामले में अपना नाम निकलवाने के लिए हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को 5000000 रुपए घूस देते हुए रंगे हाथ पकड़वाने वाले अमित अग्रवाल पर मनी लांड्रिंग का केस चल रहा है। उन पर आरोप है कि झारखंड सरकार में ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर अवैध खनन तक से की जा रही उगाही के पैसे को वह देश और विदेश में इन्वेस्ट करते थे।

  • बादशाह बन बैठे हैं जूनियर इंजीनियर, डिस्ट्रिक्ट जज की भी नहीं सुनते

    बादशाह बन बैठे हैं जूनियर इंजीनियर, डिस्ट्रिक्ट जज की भी नहीं सुनते

    लापरवाही के लिए भवन निर्माण सचिव को हाईकोर्ट ने जमकर फटकारा

    अदालतों की सुरक्षा संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
    रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की खंडपीठ ने आज राज्य के भवन निर्माण सचिव को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने सचिव से पूछा की एक जूनियर इंजीनियर बादशाह बन बैठता है और डिस्ट्रिक्ट जज की भी जब नहीं सुनता है तो सरकार उस पर एक्शन लेने में क्यों कतराती है। राज्य की अदालतों की सुरक्षा को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर आज झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही थी। मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान भवन निर्माण सचिव कोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे जानना चाहा कि जब प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज, घाटशिला ने एक जूनियर इंजीनियर के खिलाफ कंप्लेन किया था, तो उसके खिलाफ तुरंत एक्शन क्यों नहीं लिया गया। उसका ट्रांसफर तुरंत क्यों नहीं किया गया। इस पर भवन निर्माण सचिव की ओर से बताया गया कि बीते दिनों उसका ट्रांसफर कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जब हाईकोर्ट इस विषय पर सख्त हुई है तब आनन-फानन में कार्रवाई की गई है। 4 माह पहले उस जूनियर इंजीनियर के खिलाफ शिकायत की गई थी। लेकिन एक्शन लेने में इतना समय क्यों लगाया गया। इस पर कोर्ट को बताया गया की ट्रांसफर करने से मैन पावर की कमी होती है। जिस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि ट्रांसफर के बाद नए लोग आते हैं। ऐसे में मैन पावर की कमी कैसे हो सकती है। भवन निर्माण विभाग में 3 साल से अधिक समय से अभियंता एक जगह पर जमे हैं, उनका ट्रांसफर क्यों नहीं किया जा रहा है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने पैरवी की।

  • 9.30 घंटे बाद ईडी ऑफिस से निकले मुख्यमंत्री

    9.30 घंटे बाद ईडी ऑफिस से निकले मुख्यमंत्री

    पत्नी कल्पना सोरेन संग मुख्यमंत्री आवास के लिए हुए रवाना

    रांची। अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग केस में लगभग 9:30 घंटे तक ईडी ऑफिस में हुई पूछताछ के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी ऑफिस से रात 9:37 बजे बाहर निकले। बाहर लगभग 30 मिनट पहले पहुंची हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन उनका इंतजार कर रही थी। पूछताछ के बाद बाहर निकले श्री सोरेन पत्नी के साथ ईडी ऑफिस से सीएम आवास के लिए रवाना हुए। ईडी के सम्मन पर वे आज सुबह 12:00 बजे ईडी ऑफिस पूछताछ के लिए पहुंचे थे। ज्ञात हो कि हेमंत सोरेन पर अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ने का आरोप है। 8 जुलाई को ईडी ने हेमंत सोरेन के करीबी पंकज मिश्रा के घर पर छापेमारी की थी। यहां से एजेंसी को हेमंत सोरेन की बैंक पासबुक, साइन किए हुए दो चेक और चेक बुक मिली थी। सितंबर में चार्जशीट दाखिल करते हुए ईडी ने बताया था कि जांच में उसे अवैध खनन में एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की हेराफेरी होने के सबूत मिले हैं।

  • कल सीएम के पीछे-पीछे ईडी आफिस जाएगी बड़ी रैली

    कल सीएम के पीछे-पीछे ईडी आफिस जाएगी बड़ी रैली

    रांची। कल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के समक्ष पेश होना है। सत्ताधारी दल जेएमएम ने राज्य में बड़ी रैली और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कल अवैध खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होने से पहले यूपीए विधायक दल की बैठक भी बुलायी है। यह बैठक राजनीतिक और रणनीतिक तौर पर बेहद अहम मानी जा रही है। बैठक में भविष्य की रणनीति और संभावनाओं पर चर्चा होगी। साथ ही बैठक में कई स्थितियों से निपटने पर भी चर्चा होगी।


    जानकारी के अनुसार रोड शो कार्यक्रम को लेकर तैयारियां चल रही है। इसको लेकर सभी जिलों से झामुमो कार्यकतार्ओं को रांची पहुंचने का कहा गया है। रोड शो कार्यक्रम को लेकर रांची के मोराबादी मैदान में सभी कार्यकर्ता जुटेंगे। कल (17 नवम्बर) को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी कार्यालय जाएंगे। रोड शो की शक्ल में सीएम के साथ-साथ सभी झामुमो विधायक और सांसद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ चलेंगे। सीम हेमंत सोरेन 17 नवंबर की बजाय एक दिन पहले यानी 16 नवंबर को ईडी के समक्ष हाजिर होना चाहते थे। इसके लिए हेमंत सोरेन ने ईडी से अपील भी की थी, लेकिन ईडी ने इनकार कर दिया था।

  • सीएम को फिर सम्मन, अब 17 नवंबर को ईडी ने हर हाल में बुलाया

    सीएम को फिर सम्मन, अब 17 नवंबर को ईडी ने हर हाल में बुलाया

    रांची। ईडी ने मुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए एक बार फिर से सम्मन भेजा है। इस बार ईडी ने 17 नवंबर 2022 को हेमंत सोरेन को तलब किया है। ईडी ने पूछताछ के लिए राँची क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हर हाल में उपस्थित होने कहा है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

    गौरतलब है कि इससे पूर्व ईडी ने मुख्यमंत्री को सम्मन भेजकर 3 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके जवाब में मुख्यमंत्री ने लेटर के माध्यम से उपस्थित नहीं होने का कारण व्यस्तता और जरूरी कार्यक्रमों का हवाला दिया था।

    पूजा सिंघल मामले में भी हो सकती है पूछताछ


    खान विभाग के मंत्री रहते हुए हेमंत सोरेन के कार्यकाल में विभाग की सचिव रहते हुए पूजा सिंघल ने अवैध खनन से अकूत धन एकत्रित की थी। गत छह मई को पूजा सिंघल व उनके सहयोगियों के ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी, जिसमें पूजा सिंघल के चार्टर्ड अकाउंटेंट के ठिकाने से 17.49 करोड़ रुपये नकदी मिले थे। चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार ने यह स्वीकार किया था कि बरामद अधिकांश राशि पूजा सिंघल के माध्यम से मिले थे, जिसमें अवैध खनन से मिले रुपये भी शामिल थे।

    पंकज मिश्रा के पास मिला था चेक बुक

    ईडी को पूर्व में छापेमारी के दौरान पंकज मिश्रा के घर से एक लिफाफा मिला था, इसमें मुख्यमंत्री के बैंक खाते से जुड़ा चेकबुक भी मिला था, जिसमें दो चेकबुक हस्ताक्षरित थे। पंकज मिश्रा पर ईडी की हिरासत में इलाजरत रहते हुए मुख्यमंत्री के नाम पर अधिकारियों को धमकाने का मामला भी सामने आ चुका है।