रांची | हजारीबाग में रामनवमी पर डीजे प्रतिबंध और 500 लोगों पर एफआईआर दर्ज किए जाने के खिलाफ मनीष जायसवाल सदन में सरकार से इसे वापस लेने की मांग कर रहे थे. सरकार से जवाब नहीं मिलने से नाराज होकर वे वेल में पहुंच गए और आसान के सामने खड़े होकर अपना कुर्ता फाड़ दिया.
मनीष जायसवाल ने कहा कि हजारीबाग में पुलिस वाले लोगों को डरा धमका रहे हैं. डीजे वालों से सिग्नेचर करवा रहे हैं कि उन्हें डीजे नहीं देना है. उन्होंने कहा कि क्या इस राज्य में हिंदू होना अपराध है. सदन में भी हमें कोई संरक्षण नहीं मिलता है. क्या हम लोग तालिबान में रहते हैं. डीजे क्यों नहीं बजेगा क्या कोई तर्क है.
टैग: बजट सत्र
-

बजट सत्र : वेल में मनीष जायसवाल ने कुर्ता फाड़कर कहा – क्या इस राज्य में हिंदू होना अपराध है?
-

बजट सत्र में गूंजे जय श्री राम के नारे
रांची | सदन की कार्यवाही 12.06 बजे दोबारा शुरू होते ही भाजपा के विधायक वेल में आकर हंगामा करने लगे. हजारीबाग में रामनवमी को लेकर जो दिशा निर्देश जिला प्रशासन के द्वारा जारी किया गया है. उसका भाजपा विधायक विरोध कर रहे थे. विधायक जय श्री राम के नारे लगा रहे थे. स्पीकर बार बार विधायकों से अपने-अपने आसन पर बैठने का आग्रह कर रहे थे. लेकिन हंगामा जारी रहा. हंगामे के बीच स्पीकर ने शून्यकाल लिया.
कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कहां पर रामनवमी मनाने पर रोक लगी है. क्या राम जी ने इनको सपने में आकर कहा है. बिना डीजे के भी जुलुस निकल सकता है. क्या भगवान ने कहा है कि डीजे बजाकर ही जुलुस निकाला जाए. -

10वें दिन भी विधानसभा मुख्य द्वार पर विपक्ष का प्रदर्शन
रांची | झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन भी विपक्ष का हंगामा जारी है. नियोजन नीति को लेकर विपक्ष ने गुरुवार को भी विधानसभा मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की. विपक्ष के विधायक 60-40 नाय चलतौ, 1932 की भेलो के नारे लगा रहे थे. विपक्ष के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि जबतक मुख्यमंत्री सदन में नियोजन नीति पर वक्तव्य नहीं देंगे, विरोध जारी रहेगा. उन्होनें कहा कि यह सरकार युवाओं के साथ विश्वासघात कर रही है. नियोजन नीति के नाम पर राज्य के युवाओं को उलझकर रखा है. भाजपा यह बर्दास्त नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि बुधवार को भी विपक्ष ने लगातार सदन में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे नियोजन नीति पर स्पष्ट वक्तव्य दें, लेकिन उनके कान पर जूं तक नहीं रेंगा. कहा कि हर हाल में सदन में मुख्यमंत्री को नियोजन नीति पर अपना पक्ष रखना होगा, जबतक ऐसा नहीं होता हैं विपक्ष उन्हें चैन से बैठने नहीं देगा.