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  • झारखंड विधानसभा सत्र का तीसरा दिन: आज तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।

    झारखंड विधानसभा सत्र का तीसरा दिन: आज तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड विधानसभा का शुक्रवार का सत्र तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। आज वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर तृतीय अनुपूरक बजट पेश करने वाले हैं। सुबह राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद हुआ जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने मुद्दे प्रस्तुत किए। इसके पश्चात, सरकार का उत्तर सदन में पेश किया जाएगा।

    जेपीएससी में उम्र सीमा में बदलाव संभव

    गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने घोषणा की कि झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कैबिनेट की पिछली बैठक में चर्चा हुई थी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इसे गंभीरता से देख रहे हैं।

    यह प्रयास किया जा रहा है कि वे अभ्यर्थी जो हाईकोर्ट नहीं गए थे, उन्हें भी इस छूट के दायरे में लाया जाए। यह जानकारी कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई। प्रदीप यादव ने शून्यकाल में कहा कि जेपीएससी की वर्तमान विज्ञापन तिथि के अनुसार कटऑफ 2026 है, जबकि 2021 में यह 2016 और 2023 में 2017 था।

    विधायक अमित कुमार महतो और जयराम महतो ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि झारखंड में अब तक केवल नौ बार ही जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया गया है। जयराम ने यह भी कहा कि पिछली बार कटऑफ 1 अगस्त 2017 था, इसलिए इस बार इसे 2018 के अनुसार होना चाहिए।

    भ्रष्टाचार के आरोप और विपक्ष का हमला

    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही है, लेकिन एसीबी हाई प्रोफाइल मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पा रही। उन्होंने शराब घोटाले का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके आरोपियों की गिरफ्तारी 2025 में हुई जबकि घोटाले का खुलासा 2022 में हुआ था। चार्जशीट के अभाव में आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।

    उन्होंने कहा कि सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के पद वर्षों से रिक्त हैं, कोयला और बालू तस्करी जारी है, और धान की खरीद लक्ष्य के मात्र 40% तक ही पहुंच सकी है।

    केंद्र सरकार पर झामुमो का निशाना

    सत्ता पक्ष के विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद देते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र में ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य बनाने और मनरेगा का नाम बदलने जैसी समस्याएं उत्पन्न कर रहा है।

    हेमलाल ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने हर साल करोड़ों युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ, जबकि राज्य सरकार इस दिशा में प्रयासरत है।

    डीजीपी नियुक्ति और आदिवासी मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष में टकराव

    विपक्ष ने डीजीपी नियुक्ति के मामले पर चर्चा की। मरांडी ने कहा कि अनुराग गुप्ता और अब तदाशा मिश्रा की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की गई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही UPSC को पैनल भेजने का आदेश दिया था।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसीलिए इसे सदन में चर्चा के लिए उचित नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने आदिवासी मुद्दों की बात करते हुए कहा कि जसीडीह में निवास करने वालों की चिंता भी एक अहम विषय है।

  • झारखंड में भ्रष्टाचार के आरोप, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा

    झारखंड में भ्रष्टाचार के आरोप, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में घूसखोरी के गंभीर आरोप

    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर घूसखोरी के मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए बताया कि राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों—मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय, जिले, अनुमंडल और प्रखंड कार्यालयों—में घूसखोरी का चलन बढ़ रहा है।

    बोकारो जिले का चंदनक्यारी प्रखंड

    बाबूलाल मरांडी ने विशेष रूप से बोकारो जिले के चंदनक्यारी प्रखंड का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, यहां एक नवजात बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए सरकारी कर्मचारियों ने अवैध राशि की मांग की। उन्होंने बताया कि सभी दस्तावेज और प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद भी कर्मचारियों ने बार-बार फाइल खोजना और साइन कराने के नाम पर घूस मांगी।

    सरकारी कर्मचारियों की नैतिकता पर सवाल

    उन्होंने यह भी पूछा कि क्या पंजीकरण कार्यालय के कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन इतना कम है कि वे अपने वैधानिक कर्तव्यों को सही तरीके से निभा नहीं सकते। मरांडी ने बोकारो के जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जन्म प्रमाण पत्र शीघ्र जारी किया जाए।

    सार्वजनिक रूप से घूस की दरें घोषित करने की मांग

    उन्होंने प्रशासन से यह भी सुझाव दिया कि अगर अधिकारी इतने निर्लज्ज हैं, तो घूस की दरें सार्वजनिक कर दी जाएं, ताकि आम नागरिकों को बार-बार अपमानित न होना पड़े।

    झारखंड में इस तरह के आरोपों से न केवल प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल उठते हैं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।

  • बुंडू में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई।

    बुंडू में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला: ACB ने किया गिरफ्तारी

    रांची: झारखंड के रांची जिले के बुंडू प्रखंड में **भ्रष्टाचार** से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगन्नाथ गोप को **एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB)** ने 25,000 रुपये की **रिश्वत** लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया है।

    खुफिया योजना के तहत गिरफ्तारी

    ACB को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया था कि जगन्नाथ गोप एक नागरिक से रिश्वत की मांग कर रहा है। इस शिकायत के आधार पर एसीबी ने पूरी योजना बनाने का निर्णय लिया और एक जाल बिछाया। जैसे ही जगन्नाथ ने तय राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर रोक लिया।

    पूछताछ जारी, विभाग में हड़कंप

    गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को ACB कार्यालय में ले जाया गया, जहां उसके साथ पूछताछ की जा रही है और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ACB मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए गहन जांच कर रही है। इस घटना ने विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

  • मंत्री मिथिलेश ठाकुर के भाई और आईएएस मनीष रंजन पर ईडी का छापा

    मंत्री मिथिलेश ठाकुर के भाई और आईएएस मनीष रंजन पर ईडी का छापा

    पीएस और कई इंजीनियर के घर भी पहुँची ईडी की टीम

    गांडीव रिपोर्टर

    राँची। ईडी ने आज फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के मंत्री मिथलेश ठाकुर के भाई विनय ठाकुर, उनके पीएस हरेंद्र सिंह और आईएएस मनीष रंजन के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की है। राजधानी रांची से लेकर चाईबासा तक एक बार फिर सोमवार की सुबह कई ठिकानों पर ईडी की टीम की दबिश से हड़कंप मचा है। एजेंसी आईएएस मनीष रंजन, मंत्री मिथलेश ठाकुर के पीएस हरेंद्र सिंह, मंत्री के भाई विनय ठाकुर समेत कई विभागीय इंजीनियर्स से जुड़े 20 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

    जानकारी के अनुसार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के जल जीवन मिशन में अनियमितता से जुड़े मामले को लेकर ईडी की टीम यह छापेमारी कर रही है। जिन जगहों पर ईडी की टीम छापेमारी कर रही है उसमें रातू रोड स्थित इंद्रपुरी रोड में विजय अग्रवाल के आवास के अलावा हरमू और मोरहाबादी में भी छापेमारी चल रही है।सोमवार की सुबह एक साथ ईडी की टीम एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी ऑफिस से निकलकर अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचकर तलाशी में जुटी हुई है।

  • कुआं का पैसा खा जाने वालों पर होगा एफआईआर

    कुआं का पैसा खा जाने वालों पर होगा एफआईआर

    राशि गबन करने वालों के खिलाफ एसीबी जांच को सीएम की मिली स्वीकृति

    चार अभियंता, मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, लाभुक एवं अन्य पर गबन का आरोप


    रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जांच संख्या-01/2017 दिनांक 25.01.2017 (हजारीबाग प्रमण्डल) में मनरेगा योजनान्तर्गत कूप निर्माण में सरकारी राशि का दुरूपयोग करने संबंधी 10 आरोपियों के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-1623 दिनांक 07.08.2015 की कंडिका-22 के प्रावधान एवं Prevention of Corruption (Amendment) Act, 2018 के Sec 17A (1)(b) में वर्णित प्रावधानानुसार प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने की अनुमति भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया है।

    नल कूप का निर्माण किए बिना राशि निकासी का आरोप

    जाँचकर्त्ता द्वारा जाँचोपरान्त उल्लेख किया गया है कि चतरा निवासी बसंत सिंह एवं नरेश सिंह के नाम से दो कूप निर्माण की योजना थी, परन्तु एक ही कूप निर्माण कर दोनों कूप की राशि निकासी कर सरकारी राशि का गबन किया गया है तथा यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि नरेश सिंह के नाम से कूप निर्माण के नाम पर मुखिया, पंचायत सेवक एवं कनीय अभियंता मिलीभगत कर 58,280 रूपये की सरकारी राशि की निकासी कर गबन कर लिया गया। उक्त योजनाओं की जांच से स्पष्ट है कि स्थल पर बिना कार्य कराये ही 2,65,299 रूपये सरकारी राशि का निकासी कर बन्दरबांट कर गबन किया गया है, जिसके लिये प्रेमचन्द्र पाण्डेय, लाभुक, विशुन उराँव, रोजगार सेवक, नरेश हजाम, पंचायत सेवक, विवेक कुमार, पंचायत सेवक, संजु देवी, मुखिया, मिथिलेश सिंह उर्फ राकेश सिंह, सामग्री आपूर्तिकर्त्ता (वर्तमान मुखिया, सीमा पंचायत, चतरा), केदार सिंह, कनीय अभियंता, राजेश कुमार, कनीय अभियंता, संजय सिंह, सहायक अभियंता, तारणी मंडल, कार्यपालक अभियंता, एन.आर.ई.पी. एवं अन्य के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का साक्ष्य पाया गया।

  • प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर ईडी का छापा

    माइंस घोटाले में ईडी की टीम कर रही है छापेमारी

    रांची। राजधानी में ईडी की टीम बड़ी कार्रवाई कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अवैध खनन से जुड़े मामले पर ई़डी की टीम दल-बल के साथ राजधानी रांची में 11 समेत देश के करीब 17 लोकेशन पर छापेमारी कर रही है। राजधानी के हरमू में ईडी की टीम पहुंची है जहां सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाल रखा है। झारखंड के अलावे बिहार समेत देश के कई हिस्सों पर ईडी छापेमारी कर रही है।

  • जेल में बंद कांग्रेसी विधायकों को नहीं मिल रहे हैं बेलर

    हाय रे किस्मत

    जमानत मंजूर होने के बाद भी चार दिन से हैं जेल में बंद

    पार्टी से नहीं मिल रही है मदद, कोलकाता में हलकान हो रही है पत्नी और परिजन

    रांची। कोलकाता जेल में बंद झारखंड के दो कांग्रेसी विधायकों राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोंगड़ी को बेलर ही नहीं मिल रहे हैं। बेलर नहीं मिल पाने के कारण बुधवार को हाइकोर्ट से जमानत मंजूर होने के बावजूद अबतक वे कोलकाता जेल में बंद हैं। शनिवार को कांग्रेसी विधायक इरफान अंसारी किसी तरह से स्थानीय मुस्लिम बेलर की मदद से रिहा हो पाए, लेकिन राजेश कच्छप और नमन विक्सल को शनिवार तक बेलर नहीं मिल पाया था। दरअसल पश्चिम बंगाल सरकार के नियमानुसार बेल के लिए स्थानीय थाना क्षेत्र के ही बेलर होने चाहिए, जिनके नाम पर कोई अचल संपत्ति निबंधित होनी चाहिए। मुस्लिम होने के कारण इरफान अंसारी के लोगों ने बेलर का इंतजाम कर लिया, परंतु आदिवासी और इसाई होने के कारण इन दोनों विधायकों को बेलर तलाशने में भारी परेशानी हो रही है। कांग्रेस पार्टी से किसी तरह की मदद नहीं मिलने के कारण इन दोनों विधायकों के परिजन कोलकाता में दर-दर भटक रहे हैं। इनकी पत्नियां भी कोलकाता में ही बेल के इंतजार में बैठी हैं। उम्मीद जतायी जा रही है कि सोमवार को बेलर मिल जाएगा, तब इनकी रिहाई हो सकेगी।

    रिहा होने के बाद इरफान अंसारी ने कहा-

    साजिश रचकर हमें फंसाया गया

    कोलकाता जेल से शनिवार शाम को रिहा हुए विधायक इरफान अंसारी कांग्रेस पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर खूब बिफरे। उन्होंने कहा कि तीनों विधायकों को राजनीतिक साजिश रचकर फंसाया गया है। इरफान ने कहा कि जिस बैकग्राउंड से वे तीनों आते हैं, उनका भाजपा के साथ जाने का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता, लेकिन एक साजिश के तहत उनको बदनाम किया गया है। ज्ञात हो कि जेल से रिहा होने के बाद इरफान अंसारी से झामुमो के एक वरिष्ठ नेता का दूत भी मिला, जो लगातार पार्टी हाईकमान से उनकी बात करवा रहा था।

  • गांडीव ब्रेकिंग : ईडी ने सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक पिंटू को किया सम्मन

    अवैध खनन और मनी लांड्रिंग में होगी पूछताछ

    एक अगस्त को होना होगा उपस्थित

    रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी और उनके प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू को ईडी ने सम्मन भेजा है। अवैध कमाई, टेंडर मैनेज करने और अवैध खनन से हुई मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी की टीम ने अभिषेक प्रसाद पिंटू को पूछताछ के लिए बुलाया है। 1 अगस्त को उनको ईडी ऑफिस में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

    पंकज मिश्रा हो चुके हैं गिरफ्तार

    गौरतलब हो कि इस मामले की जांच कर रही ईडी ने अभिषेक प्रसाद पिंटू से पूर्व मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को समन भेजकर बुलाया था। ईडी के बुलावे पर उसके कार्यालय पहुंचे पंकज मिश्रा को पूछताछ के बाद ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में पंकज मिश्रा कोई डी में रिमांड पर ले रखा है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

    सरयू राय दिन में कर चुके हैं ट्वीट

    राज्य के पूर्व मंत्री सरयू राय मैं आज सुबह 10:45 बजे ट्वीट कर यह सूचना सार्वजनिक की थी कि ईडी की टीम मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार को बुलाना चाहती है। सरयू राय की ट्वीट के बाद यह अंदेशा जताया जा रहा था कि अभिषेक प्रसाद पिंटू के खिलाफ कभी भी संबंध जारी हो सकता है और शाम होते होते यह आशंका सच साबित हो गया। हालांकि, सरयू राय ने अपने ट्वीट में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास की ओर भी इशारा किया था।

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    मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा समेत 12 व्यवसायियों के ठिकानों पर ईडी का छापा

    ईडी की गिरफ्त में मायूस दिखे सीएम के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा

    सीएम प्रतिनिधि के करीबी का क्रशर सील

  • डॉक्टर की लापरवाही ने ली एक की जान

    डॉक्टर की लापरवाही से इलाज के दौरान मरीज की मौत परिजनों ने लगाई न्याय की गुहार

    धनबाद के हाउसिंग कॉलोनी स्थित धन्वन्तरि क्लिनिक में इलाज के दौरान मरीज की मौत परिजनों ने कांटा जमकर बवाल इसी बीच सदर थाना पहुंच कर मामले को शांत कराने में सफल रहे आपको यह भी बताते चलें के परिजनों का कहना है कि मरीज खुद गाड़ी चला कर कुछ देर पहले रूटीन चेकअप और इंजेक्शन लेने के लिए खेलने के लिए आया था और डॉक्टर इंजेक्शन लगाते हैं मरीज की हालत बिगड़ने लगी इसे देख डॉक्टर मरीज का इलाज करने के वजह वहां से भाग गई इसी क्रम में डॉक्टर द्वारा मरीज को इंजेक्शन दी गई और कुछ क्षण में मरीज की मौत हो गई फिलहाल मौत कैसे हुई इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है यह जांच का विषय है जिला प्रशासन लगातार वहां कैंप कर रही है और किसी प्रकार की कोई घटना ना घटे इसके लिए जिला प्रशासन मुस्तैद हैं

  • ईडी ने जप्त किया नोटों का पहाड़

    पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी और परेश अधिकारी संग उनके सहयोग‍ियों के घरों पर छापेमारी

    ईडी के अफसरों की एक टीम ने आज शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों-पार्थ चटर्जी और परेश अधिकारी के अलावा उनके सहयोग‍ियों के घरों पर छापेमारी की। मंत्री पार्थ चटर्जी की एक करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के परिसरों पर छापेमारी में 20 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई है।

  • टेंडर गड़बड़ी में फंसे ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, केस दर्ज

    अवैध खनन और टेंडर गड़बड़ी का आरोप

    रांची। अवैध खनन और टेंडर गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी ने मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा और झारखंड के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर समेत 11 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की है। इससे आलमगीर आलम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पिछले दिनों ईडी के रांची जोनल आॅफिस के असिस्टेंट डायरेक्टर ने बड़हरवा में हाट बाजार की बंदोबस्ती के टेंडर में गड़बड़ी के मामले में ठेकेदार को नोटिस जारी कर जानकारी मांगी थी। जानकारी के अनुसार ईडी ने बुधवार को पंकज मिश्रा की कोर्ट में पेशी के साथ ही नया केस दर्ज किया है। यह केस प्रिवेंशन आॅफ मनी लाउंड्रिंग एक्ट की धारा 3 एवं 4 के तहत किया गया है। इसके बाद उक्त मामले में पंकज को रिमांड पर लिया गया। पंकज को रिमांड पर लेकर ईडी ने गुरुवार से पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस दौरान ईडी टेंडर गड़बड़ी मामले में भी पंकज से राज उगलवाएगी।
    ये भी बनाए गए आरोपी : ईडी ने जिन 11 पर केस दर्ज किया है उनमें तपन सिंह, दिलीप साह, इस्तेकार आलम, तेजस भगत, कुंदन गुप्ता, धनंजय घोष, राजीव रंजन शर्मा, संजय रमानी एवं टिंकू रज्जक अंसारी भी शामिल हैं।

  • ईडी की गिरफ्त में मायूस दिखे सीएम के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा

    ईडी के जोनल कार्यालय में पूछताछ होगी।

    रांची। सीएम हेमंत सोरेन के करीबी और उनके विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को ईडी ने गिरफ्तार करने के बाद बुधवार शाम को कोर्ट में पेश कर छह दिन के रिमांड पर ले लिया। आई एम वेटिंग कह कर ईडी को ललकारने वाले पंकज मिश्रा आज उसकी गिरफ्त में कोर्ट रूम से बाहर निकलने पर काफी मायूस दिख रहे थे। कोर्ट में पेश करने के बाद ईडी के अधिकारियों ने विशेष अदालत से अनुरोध किया कि पंकज मिश्रा से अभी कई मामलों में पूछताछ करना बाकी है, इसलिए 10 दिनों का रिमांड दिया जाए। हालांकि कोर्ट ने सिर्फ छह दिन का ही रिमांड मंजूर किया है। अब अगले छह दिनों तक पंकज मिश्रा से ईडी के हीनू स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ होगी।

    ज्ञात हो कि मंगलवार को ईडी की टीम ने 8 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद शाम 7:30 बजे गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार करने के बाद पंकज मिश्रा का मेडिकल चेकअप किया गया उसके बाद कोतवाली थाने के हाजत में रखा गया। गिरफ्तारी के बाद पंकज मिश्रा काफी मायूस दिख रहे थे और हाजत में रात भर छटपटाते रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोने से पहले पंकज मिश्रा ने पहले दवा खाई उसके बाद रात भर हाजत में छटपटाते दिखे।

  • पांच करोड़ दो, नहीं तो कुंडली खोल देंगे….

    न्यूज़ 11 के मालिक अरूप चटर्जी भेजे गए जेल,

    ब्लैक मेलिंग के आरोप पर निकला था गिरफ्तारी वारंट

    गांडीव एक्सक्लूसिव
    न्यूज़ 11 के मालिक अरूप चटर्जी की गिरफ्तारी के पीछे एक बड़ा कारण सत्ता की धुरी में बैठे एक पावरफुल व्यक्ति से पंगा लेना बताया जा रहा है। झारखंड में एक आईएएस के घर ईडी की रेड पड़ने के तत्काल बाद सत्ता की धुरी में बैठे पीपी नाम के उस शख्स को पता चला कि न्यूज़ 11 पर उसके खिलाफ खबर चलने जा रही है। पीपी ने अपने दोस्त न्यूज़ 11 के मालिक अरूप चटर्जी को फोन कर नाराजगी की वजह पूछी। अपनी टीम के साथ मीटिंग में बैठे अरूप चटर्जी ने मोबाइल को स्पीकर पर रखकर पीपी को जमकर गाली गलौज की और धमकाया। उसने खुलेआम पीपी को धमकाते हुए कहा कि पांच करोड़ भेज दो, नहीं तो कुंडली खोल दूंगा। सत्ता की धुरी में बैठे उस शख्स ने दोस्ती का वास्ता देते हुए मामले का पटाक्षेप करने का निवेदन करता रहा, लेकिन अरूप धमकाते रहे। इस घटना के बाद ही न्यूज़ 11 के मालिक अरूप चटर्जी के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज प्राथमिकी और गिरफ्तारी वारंट की प्रशासनिक स्तर पर खोज शुरू हो गई। इसका परिणाम कल रात 1:30 बजे रांची कांके रोड, चांदनी चौक स्थित उनके आवास से गिरफ्तारी के रूप में सामने आया।

  • रंगदारी मांगने के आरोप में न्यूज़ 11 का मालिक अरूप चटर्जी गिरफ्तार

    रांची। शनिवार देर रात 1:30 बजे इलेक्ट्रॉनिक चैनल न्यूज़ 11 के मालिक अरूप चटर्जी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    धनबाद पुलिस ने रांची गोंदा पुलिस के सहयोग से चांदनी चौक कांके रोड स्थित अरूप चटर्जी के आवास से उनकी गिरफ्तारी की।

    जानकारी के अनुसार अरुप चटर्जी के खिलाफ धनबाद के गोविंदपुर थाना में राकेश कुमार ने 11लाख रुपए रंगदारी मांगने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

  • पूजा सिंघल के मोबाइल में मिला मुख्यमंत्री के माइंस का ड्राफ्ट

    बीजेपी सांसद निशिकांत ने किया ईडी के हवाले से बड़ा खुलासा

    रांची। निलंबित आईएए पूजा सिंघल के मोबाइल से मुख्‍यमंत्री की माइनिंग लीज का ड्राफ्ट बरामद किया गया है। भाजपा के गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दूबे ने ट्व‍िट कर यह खुलासा किया है।

    भाजपा सांसद ने अपने ट्व‍िट में कहा है, ‘सूत्रों के अनुसार पूजा सिंघल के मोबाइल से मुख्यमंत्री जी के माइनिंग लीज का ड्राफ्ट बरामद हुआ। इसका मतलब यह कि पूजा सिंघल ने ही मुख्यमंत्री जी को माइन्स दिया। पोल खोल जारी।‘

    पिछले दिनों पूजा सिंघल और उनके करीबि‍यों के विभिन्‍न ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 19 करोड़ रुपये नकद बरामद किया गया। इसके बाद से उनसे, उनके पति अभिषेक झा, सीए सुमन कुमार से लगातार पूछताछ हो रही है। कई जिलों के खनन पदाधिकारी से भी पूछताछ की जा रही है।

  • अब जज करेंगे झारखंड हाईकोर्ट और विधानसभा के निर्माण में गड़बड़ी की जांच

    राम कृपाल कंस्ट्रक्शन की बढ़ी परेशानी, झारखंड सरकार ने दिया न्यायिक जांच का निर्देश

    रांची। घपले घोटाले के लिए देशभर में बदनामी कमा चुके झारखंड में अब एक नए घोटाले पर से भी जल्दी पर्दाफाश होने वाला है। झारखंड की नई विधानसभा भवन और हाई कोर्ट के निर्माण में बरती गई अनियमितता की जांच अब न्यायिक आयोग करेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस निर्णय को अपनी मंजूरी दे दी है। राजधानी की चर्चित कंस्ट्रक्शन कंपनी राम कृपाल कंस्ट्रक्शन ने इसका निर्माण किया है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के समय में टेंडर दिए जाने के समय से लेकर निर्माण के बीच में लगातार व्यापक अनियमितता को लेकर आवाज उठती रही थी। पूर्व में हेमंत सोरेन ने इन भवनों पर लगे अनियमितता के आरोपों की जांच एसीबी से कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक इसमें कुछ नहीं हो सका है। अब न्यायिक आयोग की जांच में दोषियों पर कार्रवाई की गुंजाइश बढ़ गई है।