झारखंड विधानसभा सत्र का तीसरा दिन: आज तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

झारखंड विधानसभा का शुक्रवार का सत्र तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। आज वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर तृतीय अनुपूरक बजट पेश करने वाले हैं। सुबह राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद हुआ जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने मुद्दे प्रस्तुत किए। इसके पश्चात, सरकार का उत्तर सदन में पेश किया जाएगा।

जेपीएससी में उम्र सीमा में बदलाव संभव

गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने घोषणा की कि झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कैबिनेट की पिछली बैठक में चर्चा हुई थी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इसे गंभीरता से देख रहे हैं।

यह प्रयास किया जा रहा है कि वे अभ्यर्थी जो हाईकोर्ट नहीं गए थे, उन्हें भी इस छूट के दायरे में लाया जाए। यह जानकारी कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई। प्रदीप यादव ने शून्यकाल में कहा कि जेपीएससी की वर्तमान विज्ञापन तिथि के अनुसार कटऑफ 2026 है, जबकि 2021 में यह 2016 और 2023 में 2017 था।

विधायक अमित कुमार महतो और जयराम महतो ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि झारखंड में अब तक केवल नौ बार ही जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया गया है। जयराम ने यह भी कहा कि पिछली बार कटऑफ 1 अगस्त 2017 था, इसलिए इस बार इसे 2018 के अनुसार होना चाहिए।

भ्रष्टाचार के आरोप और विपक्ष का हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही है, लेकिन एसीबी हाई प्रोफाइल मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पा रही। उन्होंने शराब घोटाले का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके आरोपियों की गिरफ्तारी 2025 में हुई जबकि घोटाले का खुलासा 2022 में हुआ था। चार्जशीट के अभाव में आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।

उन्होंने कहा कि सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के पद वर्षों से रिक्त हैं, कोयला और बालू तस्करी जारी है, और धान की खरीद लक्ष्य के मात्र 40% तक ही पहुंच सकी है।

केंद्र सरकार पर झामुमो का निशाना

सत्ता पक्ष के विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद देते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र में ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य बनाने और मनरेगा का नाम बदलने जैसी समस्याएं उत्पन्न कर रहा है।

हेमलाल ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने हर साल करोड़ों युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ, जबकि राज्य सरकार इस दिशा में प्रयासरत है।

डीजीपी नियुक्ति और आदिवासी मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष में टकराव

विपक्ष ने डीजीपी नियुक्ति के मामले पर चर्चा की। मरांडी ने कहा कि अनुराग गुप्ता और अब तदाशा मिश्रा की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की गई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही UPSC को पैनल भेजने का आदेश दिया था।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसीलिए इसे सदन में चर्चा के लिए उचित नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने आदिवासी मुद्दों की बात करते हुए कहा कि जसीडीह में निवास करने वालों की चिंता भी एक अहम विषय है।

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