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  • नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तारीख तय की, सम्राट चौधरी की स्थिति मजबूत

    नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की तारीख तय की, सम्राट चौधरी की स्थिति मजबूत

    नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ने का कार्यक्रम निर्धारित

    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की तारीख अब तय हो गई है। वह गुरुवार को दिल्ली पहुंचेंगे, जहां वह राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेंगे। इसके बाद, शुक्रवार को वह पटना लौटते ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। यह पहली बार है जब बिहार में बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रही है, और इस पद के लिए सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है।

    नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर

    नीतीश कुमार, जिन्होंने बिहार में लगभग दो दशकों तक मुख्यमंत्री का पद संभाला, अब दिल्ली की राजनीति में अपनी किस्‍मत आजमाने के लिए तैयार हैं। वह 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्यता की शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। उसी दिन पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें वह अपने इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं।

    बिहार में सत्ता परिवर्तन की कहानी

    बिहार में 2005 के बाद से सत्ता परिवर्तन का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। नीतीश कुमार के राज्यसभा में चुने जाने के बाद, जेडीयू के नेता विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आगामी समय में बिहार की सत्ता बीजेपी के नेतृत्व में होगी।

    बीजेपी की अहम बैठक

    नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के दिन, 10 अप्रैल को दिल्ली में बिहार बीजेपी नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। यह बैठक सरकार गठन की प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई है।

    14 अप्रैल को इस्तीफे की संभावना

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली से लौटने के बाद 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा देने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सम्राट चौधरी के नाम पर नई सरकार के गठन में मुहर लगने की संभावना है।

    शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी की उपस्थिति

    दिल्ली में 10 अप्रैल को होने वाली बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 14 या 15 अप्रैल को हो सकता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हो सकते हैं।

  • नीतीश कुमार दस अप्रैल को राज्यसभा में लेंगे शपथ, बिहार में नई सरकार गठन की कोशिशें

    नीतीश कुमार दस अप्रैल को राज्यसभा में लेंगे शपथ, बिहार में नई सरकार गठन की कोशिशें

    नीतीश कुमार 10 अप्रैल को लेंगे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ

    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं। जदयू के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 9 अप्रैल की दोपहर दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे और शपथ लेने के बाद 11 अप्रैल को पटना लौटेंगे। इस दौरान, उनकी प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात भी संभावित है।

    भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनाने की तैयारी

    नीतीश कुमार के पटना लौटने के साथ ही बिहार में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। किसी भी समय नीतीश मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की संभावना है। एनडीए के दलों के बीच यह सहमति बन चुकी है कि अगला मुख्यमंत्री भाजपा का होगा, जबकि जदयू की सरकार में मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रहेगी। यह पहली बार होगा जब जदयू से राज्य को उप मुख्यमंत्री मिलेगा।

    सीएम पद छोड़ने से पहले महत्वपूर्ण बैठकें

    नीतीश कुमार, राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद, एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं जिसमें वे विधायकों को मुख्यमंत्री पद छोड़ने की जानकारी देंगे। इसके बाद वे राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। नई सरकार के गठन की प्रक्रिया एनडीए के सभी घटक दलों की अलग-अलग बैठकें करके नेताओं के चुनाव से शुरू होगी। एनडीए विधानमंडल दल के नेता की घोषणा संयुक्त बैठक में की जाएगी, जिसके बाद नए नेता सरकार गठन का प्रस्ताव राज्यपाल को प्रस्तुत करेंगे। चर्चा के अनुसार, नई सरकार 15 अप्रैल के बाद अस्तित्व में आएगी।

    बिहार के अगले मुख्यमंत्री की दौड़

    कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री?
    हालांकि बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। सम्राट चौधरी का नाम इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। वर्तमान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हाल ही में यह स्पष्ट किया कि वह सीएम की दौड़ में नहीं हैं, बल्कि सेवक की भूमिका में हैं। भाजपा ने अभी तक इस मामले में चुप्पी साध रखी है, जबकि पार्टी के नेता लगातार यह कह रहे हैं कि एनडीए की बैठक में नए सीएम का नाम तय किया जाएगा। वहीं, डिप्टी सीएम की दौड़ में नीतीश कुमार के बेटे निशांत का नाम भी लिया जा रहा है। हालांकि, इन नामों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है और यह सब मात्र कयासबाजी है।

  • नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया

    नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया

    नीतीश कुमार का सीएम पद से इस्तीफा, नया राजनीतिक युग शुरू

    पटना। बिहार में लगभग दो दशकों तक चली नीतीश कुमार की सरकार समाप्त होने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 30 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का निर्णय ले चुके हैं। उन्हें 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित किया गया था और अब वे बिहार विधान परिषद की सदस्यता से भी त्यागपत्र देंगे। गौरतलब है कि बिहार विधान सभा और विधान परिषद की छुट्टियां 29 मार्च तक हैं। इसी प्रकार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे, क्योंकि वे भी राज्यसभा के लिए चुने जा चुके हैं।

    नीतीश कुमार की राज्यसभा में रुचि

    नीतीश कुमार ने 5 मार्च को सोशल मीडिया पर अपनी राज्यसभा में जाने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसके बाद से इस पर चर्चा का आगाज हो गया था। उनके इस निर्णय ने बिहार की राजनीतिक स्थिति में हलचल मचा दी है। विपक्ष ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं नीतीश की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) में भी असंतोष की आवाजें उठने लगी हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि बिहार की जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चुना है, न कि राज्यसभा के लिए।

    नीतीश कुमार बने रहेंगे जेडीयू के अध्यक्ष

    नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद उनकी पार्टी के अध्यक्ष पद को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, हाल ही में यह स्पष्ट हो गया है कि नीतीश कुमार ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था और उनके खिलाफ कोई अन्य उम्मीदवार नहीं है। इससे यह सुनिश्चित हो गया है कि नीतीश कुमार निर्विरोध तरीके से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे। वे दिल्ली से ही बिहार में पार्टी का नेतृत्व जारी रखेंगे।

  • मायावती ने मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के लिए रणनीति बनाई

    मायावती ने मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के लिए रणनीति बनाई

    मायावती का विधानसभा चुनावों के लिए स्पष्ट संदेश

    नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की रणनीति को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि बसपा केवल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए नहीं, बल्कि सत्ता में आने के लक्ष्य के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। हाल ही में मध्य प्रदेश, बिहार, और छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ आयोजित एक विस्तृत बैठक में उन्होंने अपनी जीत की योजना साझा की। इस बैठक में पिछले समय की रणनीतियों की समीक्षा भी की गई और मायावती ने पार्टी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया।

    सत्ता की मास्टर चाबी पर जोर

    मायावती ने आगामी राजनीतिक परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने लखनऊ में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में मध्य प्रदेश, बिहार, और छत्तीसगढ़ की पार्टी समितियों के साथ अपने विचार साझा किए। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जातिवादी शोषण और गरीब विरोधी शासन से छुटकारा पाने का एकमात्र उपाय ‘सत्ता की मास्टर चाबी’ अपने हाथ में लेना है। उन्होंने इन राज्यों के पदाधिकारियों को मिशनरी भावना के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।

    भावनात्मक अपील

    बैठक के दौरान मायावती ने भावुकता के साथ कहा कि मान्यवर कांशीराम जी के मिशन को पूरा करने के लिए वह पूरी मेहनत से जुटी हैं। उन्होंने बताया कि जब-जब BSP मजबूत हुई है, तब-तब दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, और अल्पसंख्यकों का वास्तविक विकास हुआ है। चुनावी सफलता अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए मायावती ने कहा कि केवल अंबेडकरवादी आंदोलन को आगे बढ़ाकर ही बहुजन समाज अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है।

  • बिहार राज्यसभा चुनाव में चार विधायक गायब, चुनाव पर सवाल उठे

    बिहार राज्यसभा चुनाव में चार विधायक गायब, चुनाव पर सवाल उठे

    बिहार में राज्यसभा चुनाव: सियासी गतिविधियों का बढ़ता दौर

    पटना: बिहार में राज्यसभा चुनाव के बीच सियासी गतिविधियों में तेजी आई है। चुनाव प्रक्रिया में रुझान और गतिविधियों का सिलसिला लगातार जारी है। अब तक 239 विधायकों ने मतदान में भाग लिया है। नरेन्द्र मोदी सरकार के समर्थन में शामिल एनडीए के सभी विधायक अपने अधिकार का प्रयोग कर चुके हैं।

    विपक्ष में चुनौती

    हालांकि, विपक्षी खेमे से अभी तक चार विधायक मतदान में शामिल नहीं हो पाए हैं। इन विधायकों की अनुपस्थिति ने चुनाव प्रक्रिया में कुछ अस्थिरता पैदा की है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह स्थिति चुनावी दांव-पेच को और भी रोचक बना सकती है।

    चुनाव की पृष्ठभूमि

    बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में राज्यसभा चुनाव एक महत्वपूर्ण घटना है, जहां विभिन्न दल अपनी ताकत को प्रदर्शित करने के लिए कृतसंकल्पित हैं। मतदान की प्रक्रिया में भाग लेना विधायकों के लिए एक संवैधानिक कर्तव्य है, और इस समय चुनावी माहौल में जोश-खरोश देखने को मिल रहा है।

  • बिहार में बड़ा परिवर्तन, नीतिश कुमार आज JDU में शामिल होंगे

    बिहार में बड़ा परिवर्तन, नीतिश कुमार आज JDU में शामिल होंगे

    बिहार में राजनीतिक बदलाव: नीतीश कुमार के निर्णय के बाद नई दिशा

    पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में जाने के निर्णय के कारण राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री की नई नियुक्ति के संबंध में निर्णय होना बाकी है। इसी बीच, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सम्राट चौधरी को बागडोगरा बुलाया है। दूसरी ओर, निशांत कुमार जदयू में सक्रियता बढ़ाते हुए पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। वे रविवार को पार्टी कार्यालय में एक समारोह के दौरान औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण करेंगे।

    निशान्त की राजनीति में एंट्री

    निशांत कुमार की राजनीतिक यात्रा चम्पारण से शुरू होगी, जो कि नीतीश कुमार की शुरूआती यात्राओं का भी गवाह रही है। जदयू के संगठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होने की उम्मीद है, साथ ही उन्हें सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाने की चर्चा चल रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। वर्तमान में सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा इस पद पर कार्यरत हैं।

    पार्टी में सक्रियता और भविष्य की योजनाएँ

    शनिवार को, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर निशांत ने पार्टी के लगभग डेढ़ दर्जन युवा विधायकों के साथ बैठक की, जिसमें वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति भी रही। बैठक के दौरान जिलाध्यक्षों के साथ भी लंबी चर्चा हुई। पार्टी में शामिल होने से पहले ही, निशांत कुमार ने अपने इरादे स्पष्ट किए हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    पार्टी सदस्यता समारोह

    शुक्रवार को, नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पार्टी सांसदों, विधायकों और विधान पार्षदों की बैठक में निशांत के जदयू में शामिल होने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। संजय झा ने इस प्रस्ताव को प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने समर्थन दिया। रविवार को उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष औपचारिक रूप से सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे पहले, निशांत महावीर मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करेंगे।

  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने पर महत्वपूर्ण बयान दिया

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने पर महत्वपूर्ण बयान दिया

    नीतीश कुमार का राज्यसभा जाने का निर्णय

    पटना. जनता दल यूनाईटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने यह घोषणा की है कि वह अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है। इस ऐलान ने पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों को समाप्त कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान में कहा है कि पिछले दो दशकों से अधिक समय तक उन्होंने बिहार और उसके लोगों की सेवा की है और अब वह दिल्ली की राजनीति में प्रवेश करने का इच्छुक हैं।

    संसदीय जीवन की नई शुरुआत

    नीतीश कुमार ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका राज्यसभा का सदस्य बनने का सपना लंबे समय से था। उन्होंने कहा कि वह चाहते थे कि वह दोनों विधान मंडलों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के सदस्य भी बनें। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि उनका संबंध भविष्य में भी मजबूत बना रहेगा और बेरूखी के बावजूद, बिहार के विकास का उनका संकल्प अटल रहेगा।

    जदयू कार्यकर्ताओं की नाराजगी

    नीतीश कुमार के इस फैसले पर जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताया था। कार्यकर्ताओं ने सीएम हाउस के बाहर नारेबाज़ी करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को बिहार की जनता की आवाज़ सुननी होगी। बिहार की राजनीति में उनका स्थान महत्वपूर्ण है, और कार्यकर्ताओं ने ज़ोर देकर कहा कि उन्हें दिल्ली नहीं जाना चाहिए।

    ललन सिंह की संभावित डिप्टी सीएम पर चर्चा

    सीएम नीतीश कुमार के फैसले के तुरंत बाद, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने आगे की योजनाओं पर चर्चा की और निशांत कुमार की भूमिका के बारे में विचार-विमर्श किया। चर्चा के दौरान यह जानकारी मिली है कि निशांत कुमार को डिप्टी सीएम के पद पर नियुक्त किया जा सकता है।

  • पहली बार गंगा नदी के पानी में बिहार को हिस्सेदारी देने की तैयारी शुरू

    पहली बार गंगा नदी के पानी में बिहार को हिस्सेदारी देने की तैयारी शुरू

    गंगा जल में बिहार को मिलेगा हिस्सा

    पटना। बिहार को पहली बार गंगा के पानी का एक निर्धारित हिस्सा मिलने की संभावना है। केंद्र सरकार द्वारा 900 क्यूसेक गंगाजल के उपयोग की अनुमति दी जा सकती है। यह ऐतिहासिक क्षण होगा, क्योंकि पहले बिहार के लिए गंगा नदी के पानी का कोई तय खाता नहीं था। राज्य ने पहले 2000 क्यूसेक पानी की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने 900 क्यूसेक की अनुशंसा की है।

    केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की समिति की अनुशंसा

    केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की एक आंतरिक समिति ने बिहार को पानी देने के लिए अनुशंसा की है, जिसमें कहा गया है कि शुष्क मौसम के दौरान, विशेषकर मानसून से पहले के पांच महीने में, बिहार को यह पानी दिया जाएगा। यह अवधि जनवरी से मई के बीच की मानी जाती है, जब गंगा का जलस्तर काफी कम होता है। हालांकि, इस अनुशंसा पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है।

    बिहार की आपत्ति और केंद्रीय बैठक

    हाल ही में, बिहार ने बांग्लादेश को पानी की आपूर्ति के मुद्दे पर आपत्ति जताई थी। जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी और प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। राज्य ने इस वार्ता के दौरान संधि में एक पक्ष बनने की इच्छा भी प्रकट की थी।

  • केसी त्यागी की जेडीयू से विदाई, पार्टी ने कहा- अब कोई संबंध नहीं

    केसी त्यागी की जेडीयू से विदाई, पार्टी ने कहा- अब कोई संबंध नहीं

    जेडीयू में के.सी. त्यागी का अध्याय समाप्त

    नई दिल्ली. जेडीयू (जदयू) के सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी का पार्टी में योगदान अब समाप्त हो चुका है। हाल ही में उनके बयानों और गतिविधियों पर उठे सवालों के मद्देनजर, पार्टी नेतृत्व ने उनसे दूरी बनाने का निर्णय लिया। जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने स्पष्ट किया है कि अब के.सी. त्यागी का पार्टी के साथ कोई औपचारिक संबंध नहीं रहा है।

    नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग

    के.सी. त्यागी ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर इस संबंध में अपने विचार प्रस्तुत किए थे। पत्र में, त्यागी ने कहा था कि जैसे चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को यह उपाधि दी गई थी, नीतीश कुमार भी इसके हकदार हैं। परंतु, जेडीयू ने इस मांग से दूर रहने का फैसला लिया। प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि त्यागी का यह बयान पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से अलग है और इसे उनकी व्यक्तिगत राय के रूप में देखा जाना चाहिए।

    सम्मानजनक अलगाव की ओर कदम

    सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है, हालांकि पार्टी ने त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। यह कदम उनके लंबे समय के संबंध को देखते हुए लिया गया है। पार्टी के अंदरूनी हलकों में इसे एक युग का अंत माना जा रहा है, जबकि जेडीयू नेतृत्व अपनी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

    मुस्तफिजुर रहमान पर विवादास्पद बयान

    के.सी. त्यागी ने हाल ही में क्रिकेट खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था, जो जेडीयू नेतृत्व को अनुचित लगा। उन्होंने कहा था कि खेल में राजनीति नहीं लानी चाहिए और भारत को भी उन्हें खेलने की अनुमति देनी चाहिए। लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बाद इस बयान का विरोध हुआ। पार्टी के अनुसार, त्यागी को ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करना चाहिए था।

    जेडीयू की नीति पर असहमति

    जेडीयू नेतृत्व का मानना है कि जब मामला दो देशों के बीच का हो, तो त्यागी को पार्टी के साथ चर्चा करनी चाहिए थी। पहले भी वे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी की नीति से अलग बयान दे चुके हैं, जिससे पार्टी को मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा। अंततः, उनकी इस स्थिति के कारण उन्हें जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा।

  • बिहार में नई सरकार के गठन के बाद NDA को उपेंद्र कुशवाहा के कई नेताओं का इस्तीफा

    बिहार में नई सरकार के गठन के बाद NDA को उपेंद्र कुशवाहा के कई नेताओं का इस्तीफा

    बिहार में आरएलएम के प्रमुख नेताओं का अचानक इस्तीफा

    नई दिल्ली: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद एनडीए के सहयोगी उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) में अचानक बदलाव देखने को मिला है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ सहित कई प्रमुख नेताओं ने इस्तीफे दे दिए हैं, जो राजनीतिक हलचल का कारण बन रहा है।

    कई महत्वपूर्ण नेताओं ने दिया इस्तीफा

    पार्टी में बढ़ती नाराजगी के संकेत

    सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को बिना चुनाव लाए मंत्री बनाए जाने के बाद पार्टी में अंदरखाते नाराजगी बढ़ने लगी थी। इस निर्णय को लेकर उपेंद्र कुशवाहा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस फैसले से असंतुष्ट रहे हैं।

    जितेंद्र नाथ का इस्तीफा पत्र

    जितेंद्र नाथ ने अपने इस्तीफे के पत्र में लिखा है कि वे लगभग 9 वर्षों से उपेंद्र कुशवाहा के साथ काम कर रहे हैं, लेकिन अब वे कई राजनीतिक और सांगठनिक निर्णयों से असहमत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति में उनके लिए पार्टी के साथ काम करना संभव नहीं है और इसलिए उन्होंने त्यागपत्र देना उचित समझा।

  • नीतीश कुमार NDA विधायक दल के नेता बनेंगे, विभागों का आवंटन होगा

    नीतीश कुमार NDA विधायक दल के नेता बनेंगे, विभागों का आवंटन होगा

    नीतीश कुमार की 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की तैयारी

    पटना। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के रूप में 10वीं बार अपने शपथ ग्रहण की प्रक्रिया को शुरू करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। बुधवार को जदयू विधायक दल के नेता के रूप में उनका चुनाव होगा। उसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में राजग विधायक दल के नेता का चुनाव भी किया जाएगा। मंगलवार को जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह की गृह मंत्री अमित शाह के साथ तीन घंटे तक चली बैठक में मंत्रालयों के बंटवारे पर सहमति बन गई है।

    भाजपा का विधानसभा अध्यक्ष पद पर कायम होना

    बिहार विधानसभा का अध्यक्ष का पद भाजपा के पास बना रहेगा, जिसमें प्रेम कुमार के नाम पर चर्चा हो रही है। नीतीश कुमार का चुनाव तय करने के लिए बुलाए जाने वाली राजग विधायक दल की बैठक में गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह बृहस्पतिवार दोपहर को गांधी मैदान में आयोजित होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, राजग के सहयोगी दलों के नेता, राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।

    शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का निरीक्षण

    नीतीश कुमार ने राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। 20 नवंबर को होने वाला यह समारोह नई सरकार के गठन और एनडीए की मज़बूत स्थिति के चलते विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री ने मंच निर्माण, वीवीआईपी बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा के प्रबंध, अतिथियों के मार्ग और भीड़ प्रबंधन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    मंत्रिमंडल में बराबर भागीदारी की योजना

    जदयू के सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में भाजपा और जदयू को समान भागीदारी दी जाएगी। प्रत्येक दल को सम्भवतः 14-14 सीटें मिलेंगी, जबकि लोजपा को तीन और एलजेपीआर तथा आरएलएम को एक-एक सीट मिलेगी। भाजपा सरकार में पहले की तरह दो डिप्टी सीएम रहेंगे और मंत्रिमंडल में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक होने की संभावना है।

    केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति

    भाजपा संसदीय बोर्ड ने विधायक दल के नेता के चुनाव में मदद के लिए यूपी सरकार के डिप्टी सीएम केशव मौर्य को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को सह पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है।

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को दिया इस्तीफा, 19 को होगी विधानसभा भंग

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को दिया इस्तीफा, 19 को होगी विधानसभा भंग

    नीतीश कुमार का महत्वपूर्ण दिन: विधानसभा भंग और नई सरकार का गठन

    पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए आज एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पहली कैबिनेट बैठक में 17वीं विधानसभा को भंग करने की सिफारिश की। यह बैठक इस सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक साबित हुई। सभी मंत्रियों ने अपने इस्तीफे दे दिए, और 19 नवंबर को मौजूदा विधानसभा भंग हो जाएगी। इसके बाद नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की और विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव उनके सामने रखा।

    कैबिनेट बैठक की तैयारियाँ और विधायक दल की बैठक

    कैबिनेट की बैठक शुरू होने से पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कुछ अन्य मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री हाउस पहुंचे। इसके बाद सभी मंत्री सचिवालय पहुँचे, जहां बैठक शुरू हुई। बैठक के दौरान सचिवालय के अंदर किसी को प्रवेश नहीं दिया गया। राजभवन के बाहर भी सुरक्षा कड़ी थी। नीतीश कुमार के राजभवन से निकलने के बाद, वह अपनी पार्टी के नेताओं के साथ विधायक दल की बैठक करेंगे, जहां जदयू के नेता उन्हें विधायक दल का नेता चुनेंगे।

    नवीनतम सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी

    नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में 20 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अन्य वीआईपी अतिथि शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए लगभग 5000 विशेष अतिथियों के लिए एक सेक्शन तैयार किया जा रहा है। वहीं, आम लोगों के लिए समारोह के दौरान 17 से 20 नवंबर तक प्रवेश पर पाबंदी रहेगी।

    भाजपा की विधायकों की बैठक

    भाजपा के विधायकों की बैठक मंगलवार को निर्धारित की गई है, जहां नई सरकार के गठन की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद, नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, जो एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना होगी।

  • अमित शाह ने कहा, बिहार में बीजेपी बनाएगी इन दो नेताओं को प्रमुख

    अमित शाह ने कहा, बिहार में बीजेपी बनाएगी इन दो नेताओं को प्रमुख

    भाजपा की चुनावी रणनीति: अमित शाह का बिहार दौरा

    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार भाजपा के दो प्रमुख नेताओं के लिए चुनाव प्रचार किया। उन्होंने इन नेताओं के लिए जनता से प्रचंड बहुमत से समर्थन मांगते हुए वादा किया कि वे उन्हें ‘बड़ा आदमी’ बना देंगे। इनमें से एक नेता बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं, और दूसरे नेता सीतामढ़ी से चुनाव लड़ रहे सुनील कुमार पिंटू हैं।

    सम्राट चौधरी के लिए मतदाता से अपील

    तारापुर क्षेत्र में अपने चुनावी प्रचार के दौरान, अमित शाह ने मुंगेर जिले में उपस्थित लोगों से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, “आप भरोसा रखिए। सम्राट चौधरी को प्रचंड बहुमत से जिताइए। मोदी जी सम्राट चौधरी को बड़ा आदमी बनाएं।” इसके साथ ही, उन्होंने मुंगेर में विकास कार्यों का हवाला देते हुए डबल इंजन सरकार के लाभों की जानकारी भी साझा की।

    सीतामढ़ी में सुनील कुमार पिंटू का समर्थन

    सीतामढ़ी में चुनावी प्रचार करने के दौरान अमित शाह ने सुनील कुमार पिंटू को अपना मित्र बताया। उन्होंने जनता से कहा, “आप सुनील कुमार पिंटू को प्रचंड बहुमत से जिताएं। हम उसे बड़ा आदमी बनाएंगे।” इस प्रकार, उन्होंने पिंटू के पक्ष में लोगों को उत्साहित किया।

    चुनावी परिणाम का विश्लेषण

    तारापुर में, सम्राट चौधरी ने आरजेडी के अरुण कुमार को 45843 मतों से हराते हुए भाजपा को 122480 वोट दिलाए। वहीं, अरुण कुमार को 76637 वोट मिले। दूसरी ओर, सीतामढ़ी की विधानसभा में सुनील कुमार पिंटू ने 104226 वोट प्राप्त किए और आरजेडी के प्रत्याशी सुनील कुमार को 5562 मत से हराया।

  • बिहार: विवादित वीडियो के बावजूद BJP उम्मीदवार ने सीतामढ़ी सीट जीती

    बिहार: विवादित वीडियो के बावजूद BJP उम्मीदवार ने सीतामढ़ी सीट जीती

    बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुनील कुमार पिंटू की जीत

    नई दिल्ली। भाजपा के उम्मीदवार सुनील कुमार पिंटू ने बिहार विधानसभा चुनाव में सीतामढ़ी सीट पर विजय प्राप्त की है। हालांकि, उनकी इस जीत के साथ कुछ विवाद भी जुड़े हुए हैं। मतदान से पहले उनका एक अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके चलते उन्होंने साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई। पिंटू का कहना है कि यह वीडियो फर्जी है और उनके राजनीतिक विरोधियों द्वारा उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से फैलाया गया है।

    प्रतिक्रिया और एफआईआर का विवरण

    एफआईआर में सुनील कुमार पिंटू ने इस बात का उल्लेख किया है कि उनके खिलाफ यह एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने बताया कि पहले भी 2023 में इसी प्रकार के अश्लील वीडियो वायरल हुए थे, जिससे उनकी छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा था। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति किसी महिला के साथ अनुचित व्यवहार करते हुए देखा गया था, जबकि दूसरे वीडियो में फोन पर गलत संवाद प्रस्तुत किया गया था।

    आरजेडी के उम्मीदवार को मिली हार

    सीतामढ़ी विधानसभा क्षेत्र में, सुनील कुमार पिंटू ने आरजेडी के सुनील कुमार कुशवाहा को भारी अंतर से हराया। पिंटू को 1,04,226 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 98,243 वोट प्राप्त हुए। सीतामढ़ी का क्षेत्र भगवान राम की जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है और यह राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पिंटू ने इस सीट पर पहले भी 2010 में जीत हासिल की थी, लेकिन 2015 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार की विजय उनकी राजनीतिक वापसी की ओर संकेत करती है।

    समर्थकों का उत्साह

    सुनील कुमार पिंटू की जीत से उनके समर्थकों में खुसी का माहौल है। विजय के बाद, उन्हें देखने के लिए समर्थक जुटे और जोरदार नारेबाज़ी की। यह परिणाम न केवल पिंटू के लिए, बल्कि उनके समर्थकों के लिए भी एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

  • बिहार में एनडीए की शानदार जीत पर रक्षा राज्य मंत्री का आभार

    बिहार में एनडीए की शानदार जीत पर रक्षा राज्य मंत्री का आभार

    रांची: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बेजोड़ जीत पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता विकास, सुशासन और डबल इंजन सरकार पर जनता के विश्वास की जीत है।

    संजय सेठ ने कहा, “यह चुनाव परिणाम निश्चित रूप से हमें यह संदेश देता है कि जनता ने हमारी नीतियों और योजनाओं को सराहा है। यह जीत उन लोगों की भी है जो विकास के पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रयासरत हैं।”

    विकास और सुशासन की ओर आगे बढ़ते कदम 🌟

    राज्य मंत्री ने आगे कहा कि एनडीए की सरकार प्रदेश में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा, “हमारे प्रयासों का मुख्य उद्देश्य बिहार को एक मजबूत और समृद्ध राज्य बनाना है। इस जीत ने हमारी जिम्मेदारियों को और बढ़ा दिया है।”

    सेठ ने सभी जिलों में विकास कार्यों की गति को तेज करने का आश्वासन दिया और कहा कि किसानों, बेरोजगारों और युवाओं की भलाई के लिए अनेक योजनाएँ लाई जाएँगी।

    इस अवसर पर उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे विकास की इस यात्रा में साथ दें और अपने सुझाव साझा करें ताकि बिहार को आगे बढ़ाया जा सके।

  • बिहार में महागठबंधन को झटका, झामुमो अकेले लड़ेगी चुनाव

    बिहार में महागठबंधन को झटका, झामुमो अकेले लड़ेगी चुनाव

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बिहार चुनाव में महागठबंधन से अपना नाता तोड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और छह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी।

    झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “पार्टी ने बिहार चुनाव अपने दम पर लडऩे का फैसला किया है। हम चकाई, धमदाहा, कटोरिया (एसटी), मनिहारी (एसटी), जमुई और पीरपैंती सीटों पर चुनाव में भाग लेंगे।” इन सीटों पर दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा।

    चुनाव प्रचार के लिए तैयारियां 💪

    झामुमो ने बिहार चुनाव को लेकर 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल होंगे। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि महागठबंधन से सीटों की मांग की गई थी, लेकिन महागठबंधन ने इसे अनसुना कर दिया, इसलिए पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।

    भट्टाचार्य ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा, “हम महागठबंधन के साथ हैं और उससे यह उम्मीद रखते हैं कि जेएमएम की हिस्सेदारी की घोषणा शीघ्र की जाए, क्योंकि नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।”

    पूर्व अनुभवों का संदर्भ 🔍

    भट्टाचार्य ने 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को सात सीटें दी गई थीं, लेकिन वे केवल एक सीट पर जीत हासिल कर सके थे। उन्होंने कहा, “हमने झारखंड में सरकार में राजद को एक विधायक को मंत्री बनाया था। आगामी चुनाव में, हमने राजद को झारखंड की छह सीटों का आवंटन किया।”

    जुझारूपन का संकल्प ⚔️

    भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि झामुमो अच्छे से जानता है कि चुनाव कैसे लडऩा है, विशेषकर भाजपा के खिलाफ। उन्होंने कहा, “हम गठबंधन सहयोगियों के बीच किसी भी भ्रम से बचना चाहते हैं, जिससे अन्य पार्टियों को फायदा मिल सकता है। इसलिए, हम चाहेंगे कि हमारी केंद्रीय समिति की बैठक तक सभी मुद्दों का समाधान हो जाए। बिहार में कई सीटें ऐसी हैं जहां हम मदद नहीं करेंगे तो महागठबंधन को भारी नुकसान हो सकता है।”

  • बिहार: चुनाव से पहले नीतीश कुमार को झटका, जेडीयू विधायक संजीव कुमार आज राजद में होंगे शामिल

    बिहार: चुनाव से पहले नीतीश कुमार को झटका, जेडीयू विधायक संजीव कुमार आज राजद में होंगे शामिल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    खगड़िया जिले से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक खबर सामने आई है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों में जुटे राजनीतिक दलों के बीच पाला बदलने का सिलसिला तेजी पकड़ रहा है। इस क्रम में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को एक और झटका लगा है।

    संजीव कुमार ने जदयू को छोड़ा, आरजेडी का हाथ थामा

    जदयू के विधायक संजीव कुमार ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि वह अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का हिस्सा बन गए हैं। चर्चा है कि वे आरजेडी के चुनावी प्रतीक, लालटेन, के साथ आगामी चुनावों में उतरेंगे। संजीव कुमार आज दोपहर एक बजे आरजेडी की सदस्यता ग्रहण करेंगे, जिसमें तेजस्वी यादव भी मौजूद रहेंगे।

    राजनीतिक समीकरण और उम्मीदवार की तैयारी

    संजीव कुमार के जदयू से पाला बदलने की अटकलें कुछ समय से चल रही थीं। उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत में यह भी बताया था कि चाहे उन्हें टिकट मिले या नहीं, वे हमेशा जनता के हितों के लिए काम करते रहेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी ही सरकार के कुछ नेताओं पर आरोप लगाया कि वे परबत्ता क्षेत्र में विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं।

    संजीव कुमार को 2020 के विधानसभा चुनाव में परबत्ता से जदयू की तरफ से टिकट दिया गया था। उन्होंने आरजेडी के दिगंबर प्रसाद तिवारी को केवल 951 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। संजीव के पिता, आरएन सिंह, जदयू के एक प्रमुख नेता थे, जो चार बार विधायक और नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके थे। उन्हें खगड़िया क्षेत्र के विकास पुरुष के रूप में जाना जाता था, और उनका इस वर्ष मई में निधन हो गया था।

  • सांसद आदित्य साहू बने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष

    सांसद आदित्य साहू बने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व ने आदित्य प्रसाद साहू को झारखंड प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और साहू की नियुक्ति रवींद्र राय के स्थान पर की गई है, जिन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

    आदित्य साहू की राजनीतिक पृष्ठभूमि

    सांसद आदित्य साहू पहले प्रदेश भाजपा में महामंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे। रांची के ओरमांझी क्षेत्र से ताल्लुक रखते हुए, साहू कोल्हान प्रमंडल के प्रभारी रहे हैं। उन्हें पार्टी में पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए जाने तक, कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरूण सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया है।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्‌डा ने घोषणा की है कि आदित्य साहू को झारखंड भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह निर्णय राजनीति में स्थिरता बनाए रखने के लिए किया गया है।

  • पटना रूट पर दो ट्रेनों का विस्तार

    पटना रूट पर दो ट्रेनों का विस्तार

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जमशेदपुर: रेल यात्रा करने वालों के लिए एक अच्छी खबर आई है। रेलवे बोर्ड ने दो प्रमुख ट्रेनों के विस्तार को हरी झंडी दे दी है। अब बिलासपुर–पटना एक्सप्रेस बक्सर तक और सगौली–दानापुर एक्सप्रेस नरकटियागंज तक चलेगी।रेल मंत्रालय के कोचिंग निदेशक संजय आर. नीलम ने इस संदर्भ में एक अधिसूचना जारी की है। अब ट्रेन संख्या 22843/22844 बिलासपुर–पटना एक्सप्रेस (साप्ताहिक) बक्सर तक जाएगी। वहीं, ट्रेन संख्या 15515/15516 सगौली–दानापुर एक्सप्रेस (दैनिक) को अब नरकटियागंज तक बढ़ा दिया गया है।

  • टाटानगर स्टेशन पर विदेशी शराब तस्करी, एक युवक पकड़ा गया

    टाटानगर स्टेशन पर विदेशी शराब तस्करी, एक युवक पकड़ा गया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में एक युवक को विदेशी शराब के साथ पकड़ा है। आरोपी, जो बिहार के लखीसराय जिले का निवासी है, को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया। उसकी सूटकेस से लगभग 20 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई है।

    आपरेशन की विस्तृत जानकारी

    आरपीएफ ने बताया कि यह कार्रवाई मंगलवार की रात को हुई जब खुफिया जानकारी के तहत संदिग्ध युवक को रोका गया। गिरफ्तार किए गए युवक का नाम मनोहर कुमार है, जिसके पास 25 से अधिक शराब की बोतलें थीं। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि वह पहले भी कई बार टाटानगर से शराब लेकर बिहार पहुंचा है।

    बिहार में शराबबंदी का बढ़ता उल्लंघन

    बिहार में शराबबंदी लागू है, और वर्तमान में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। त्योहरों का समय भी नजदीक है, जिसके कारण राज्य में विदेशी शराब की मांग में इजाफा हुआ है। ऐसे में शराब की तस्करी के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। RPF ने जब्त की गई शराब को आबकारी विभाग के हवाले कर दिया है और आरोपी को अब न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

    निगरानी और गश्ती बढ़ाई गई

    आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि चुनाव और दुर्गा पूजा की तैयारियों को देखते हुए स्टेशन परिसर में निगरानी और गश्ती के अभियान को तेज कर दिया गया है। इसका उद्देश्य ऐसी अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रूप से नियंत्रण पाना है।

    टाटानगर में इस तरह की कार्रवाई यह दर्शाती है कि संबंधित प्राधिकरण अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं।

  • सोनिया गांधी की अनुपस्थिति में CWC बैठक में खरगे ने कहा- पीएम मोदी हुए असफल

    सोनिया गांधी की अनुपस्थिति में CWC बैठक में खरगे ने कहा- पीएम मोदी हुए असफल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कांग्रेस की महत्वपूर्ण CWC बैठक पटना में आयोजित

    पटना में आज कांग्रेस पार्टी के लिए एक विशेष दिन है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक शुरू हुई है। यह बैठक सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक चलने वाली है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य 150 से अधिक वरिष्ठ नेता इस अहम बैठक में शामिल हो रहे हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि इस बैठक से पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है, और तैयारी पूरी तरह से की गई है।

    CWC बैठक की शुरुआत

    CWC की बैठक का औपचारिक शुभारंभ कांग्रेस अध्यक्ष ने सदाकत आश्रम में झंडा फहराकर किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

    खंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश

    बैठक में प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर चर्चा करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत इस समय दोनों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की कूटनीति में विफलता की वजह से देश को काफी मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है।

    राहुल गांधी का पटना आगमन

    राहुल गांधी पटना पहुँच चुके हैं, जहाँ उनका स्वागत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा किया गया। वह सीधे सदाकत आश्रम पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता उनका जोरदार स्वागत कर रहे हैं।

    सोनिया गांधी की अनुपस्थिति के कारण

    सोनिया गांधी के न आने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, जिससे वह बैठक में भाग नहीं ले पाईं। उन्होंने यह भी ज़ाहिर किया कि मुख्यमंत्री पद पर बात तभी की जाएगी जब इंडिया गठबंधन की बैठक होगी।

    कांग्रेस का नया लड़ाई का आह्वान

    कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि पार्टी बिहार में एक तरह का ‘स्वतंत्रता संग्राम’ लड़ रही है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह बैठक पार्टी के लिए चुनावी योज़नाओं को मजबूत बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर है।

    सदाकत आश्रम के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़

    सदाकत आश्रम में सभी व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद हैं। यहां बिना पास किसी को भी प्रवेश नहीं मिल रहा है। आश्रम के भीतर और बाहर पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है।

    पवन खेड़ा का गंभीर आरोप

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने NDA सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार वोट चुराने के लिए षड्यंत्र कर रही है और चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है।

    सचिन पायलट की टिप्पणी

    सचिन पायलट ने कहा कि यह बैठक ऐतिहासिक है और इससे राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग बदलाव की चाहत रखते हैं और सीट शेयरिंग पर विस्तार से चर्चा उत्सव के बाद होगी।

    पप्पू यादव का जिक्र

    खुद को कांग्रेसी कहने वाले पप्पू यादव ने राहुल गांधी का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक वोट चोरों से देश को आजाद कराने के लिए महत्वपूर्ण है।

    भूपेश बघेल का बयान

    CWC की बैठक के बीच भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कई मोर्चों पर असफल हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश की स्थिति बिगड़ चुकी है।

    कांग्रेस की यह बैठक न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले चुनावों में राजनीतिक रणनीतियों को भी नया मोड़ दे सकती है।