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  • दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, अप्रैल में राजयसभा सीट खाली होगी

    दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, अप्रैल में राजयसभा सीट खाली होगी

    कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का राज्यसभा जाने से इंकार

    भोपाल। हाल ही में कांग्रेस के दलित एजेंडे और एससी/एसटी को मुख्यमंत्री बनाने के बयान पर मध्यप्रदेश में सियासी हलचल के बीच दिग्विजय सिंह ने अपना रुख बदल लिया है। राज्यसभा के आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने बड़ा बयान दिया है।

    राज्यसभा नहीं जाने का किया ऐलान

    भोपाल में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि वह राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं होंगे। इस बयान के चलते आगामी राज्यसभा चुनाव पर चर्चा को एक दिशा मिली है। गौरतलब है कि उनका राज्यसभा कार्यकाल 2026 में समाप्त हो रहा है और मध्यप्रदेश में 9 अप्रैल को एक सीट खाली हो रही है।

    कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की मांग

    दिग्विजय सिंह ने हाल ही में दलितों के एक कार्यक्रम में कहा था कि यदि एससी/एसटी से कोई मुख्यमंत्री बनता है, तो उन्हें खुशी होगी। उनके इस बयान पर सत्ताधारी बीजेपी ने उन्हें निशाना बनाया। इसके अलावा, उनकी ही पार्टी में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को पत्र भेज कर अनुरोध किया है कि खाली हो रही राज्यसभा सीट पर दलित वर्ग का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। पत्र में यह भी अपेक्षा जताई गई है कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रमुखता से रखा जाए।

  • DMK के साथ विवाद और TVK के साथ समझौता, कांग्रेस 32 में असमर्थ

    DMK के साथ विवाद और TVK के साथ समझौता, कांग्रेस 32 में असमर्थ

    तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों की तैयारी

    चैन्‍नई। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस बार मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की अगुवाई में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने सहयोगी पार्टी कांग्रेस से केवल 32 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा है, जबकि विधानसभा में कुल 234 सदस्य हैं।

    डीएमके और कांग्रेस के बीच तकरार

    डीएमके ने कांग्रेस को कम सीटें देने का फैसला लिया है, जिसके कारण दोनों पार्टियों के बीच मतभेद उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। कांग्रेस पार्टी ने इस संख्या को अपर्याप्त मानते हुए इससे असहमति जताई है। पिछले चुनावों में इन दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग दिख रही है।

    टीवीके के साथ संभावित गठबंधन

    वहीं, डीएमके ने तामिलनाडु की एक अन्य पार्टी, टीवीके (तमिल मिल्ली काड़ी) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी बातचीत की है। इस नई सियासी दिशा के साथ, डीएमके वोटर आधार को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्य चुनावी सफलता के लिए एक व्यापक गठबंधन तैयार करना है।

  • कांग्रेस ने पीएम मोदी से ट्रंप को लेकर किया सवाल, भारत की छवि प्रभावित

    कांग्रेस ने पीएम मोदी से ट्रंप को लेकर किया सवाल, भारत की छवि प्रभावित

    भारत में रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप की टिप्पणी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकार ट्रंप को खुश करने में राष्ट्रीय हितों की अनदेखी कर रही है।

    कांग्रेस का आरोप

    कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि ट्रंप की टिप्पणी से भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ऐसे मुद्दों पर स्पष्टता प्रदान करने की आवश्यकता है। कांग्रेस ने सवाल किया है कि क्या देश की विदेश नीति को किसी अन्य देश के राजनीतिक समीकरणों के अनुसार ढाला जा रहा है।

    राजनीतिक चर्चा

    यह मामला अब दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच एक राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस का मानना है कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार स्वतंत्रता से निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए, और ऐसे टिप्पणियों से भारत का मजाक बन रहा है।

  • क्या Priyanka Gandhi एक दशक की राजनीतिक सूखा समाप्त कर सकती हैं?

    क्या Priyanka Gandhi एक दशक की राजनीतिक सूखा समाप्त कर सकती हैं?

    कांग्रेस की चुनावी तैयारी में नई रणनीतियाँ

    नई दिल्ली। हाल ही में विभिन्न चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी ने अपनी रणनीतियों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुच्चेरी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। प्रियंका गांधी को असम में स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस क्रम में, केरल में मधुसूदन मिस्त्री, तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के लिए टीएस सिंह देव, और पश्चिम बंगाल के लिए बीके हरिप्रसाद को चेयरमैन बनाया गया है।

    राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की स्थितियाँ

    पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच होने की संभावना है। वहीं, तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, जहाँ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही गठबंधनों में शामिल हैं। असम में कांग्रेस की मुख्य लड़ाई भाजपा के खिलाफ होगी, जिसके लिए प्रियंका गांधी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    असम में सत्ता का लक्ष्य

    कांग्रेस पार्टी असम में भाजपा से सत्ता छीनने की योजना बना रही है, जहां भाजपा 2016 से शासन कर रही है। पार्टी एंटी-इनकंबेंसी का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे, गौरव गोगोई, को आगे बढ़ाने की संभावना है। वर्तमान में वे लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हैं।

    प्रियंका गांधी का असम में विशेष दायित्व

    प्रियंका गांधी के लिए असम एक महत्वपूर्ण राज्य है, क्योंकि यह पहली बार है जब गांधी परिवार के किसी सदस्य को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। स्क्रीनिंग कमेटी की भूमिका उम्मीदवारों की संभावित सूची को पार्टी की केंद्रीय समिति के पास भेजना है, जहाँ उन पर मुहर लगाई जाती है। गांधी के करीबी माने जाने वाले इमरान मसूद और सप्तगिरि शंकर को भी इस समिति में शामिल किया गया है।

    हाल के चुनावी इतिहास

    असम के पिछले विधानसभा चुनाव में, एनडीए ने 126 में से 75 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस के गठबंधन ने 50 सीटें हासिल की थीं। दोनों के बीच सीटों का अंतर बहुत कम था, और वोट शेयर में केवल 1.6% का अंतर मौजूद था। यह सुरक्षा स्थिति कांग्रेस के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है।

  • कांग्रेस पार्टी का “गांवों की यात्रा” अभियान, 5 जनवरी से 20 फरवरी तक ग्राम पंचायत समितियों का गठन

    कांग्रेस पार्टी का “गांवों की यात्रा” अभियान, 5 जनवरी से 20 फरवरी तक ग्राम पंचायत समितियों का गठन

    कांग्रेस का ‘गांव चलो अभियान’ शुरू

    भोपाल में कांग्रेस पार्टी ने 5 जनवरी से ‘गांव चलो अभियान’ की घोषणा की है, जो कि 20 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान का नेतृत्व पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी करेंगे। कांग्रेस का लक्ष्य 26 हजार ग्राम पंचायतों में पहली बार पंचायत कांग्रेस कमेटियों का गठन करना है।

    कार्यकर्ताओं में उत्साह

    कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि भले ही पंचायत कमेटियों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन 5 हजार सिफारशी पत्रों का आना कांग्रेस के प्रति लोगों की रुचि का संकेत है। पिछले चुनावों में भी कुछ विधानसभा क्षेत्रों में ऐसा उत्साह नजर आया था।

    अमरवाड़ा और विजयपुर में प्रदर्शन

    मिश्रा ने उल्लेख किया कि अमरवाड़ा विधानसभा में कांग्रेस ने 20 राउंड जीत हासिल की थी, जबकि 21वें राउंड में भाजपा के खिलाफ मुकाबला हुआ था। बुधनी में डेढ़ लाख से अधिक वोट पाकर भी विजयपुर विधानसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान अब भाजपा सरकार से हट रहा है और वे कांग्रेस की ओर देख रहे हैं।

    बीजेपी का प्रतिक्रिया

    इस बीच, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस के इस अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी केवल प्रचार और इवेंट्स की राजनीति कर रही है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों की कमी रही है और कई जिला अध्यक्षों ने इस्तीफा दे दिया। यादव ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस अब दिशाहीन हो चुकी है और इस प्रकार के मंथन केवल दिखावा हैं।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गांव चलो बूथ चलो अभियान की शुरुआत की

    मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गांव चलो बूथ चलो अभियान की शुरुआत की

    मध्य प्रदेश कांग्रेस का ‘गांव चलो-बूथ चलो’ अभियान

    भोपाल। नए साल की शुरुआत में, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल के नजदीक कोड़िया देवका गांव में ‘गांव चलो-बूथ चलो’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने गांव की कमेटी का गठन भी किया और ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

    अभियान का उद्देश्य और विस्तार

    इस अभियान के तहत, पूरे प्रदेश में हर गांव और पंचायत स्तर पर कांग्रेस कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की मौजूदगी को बढ़ाना और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करना है। जीतू पटवारी ने बताया कि यह अभियान 1 जनवरी से शुरू होकर आगे के महीनों में पूरे प्रदेश में फैलेगा, जिससे हर बूथ और हर गांव में कांग्रेस की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

    ग्रामीणों से संवाद

    कोड़िया गांव में उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को सुना और पार्टी की नीतियों से उन्हें अवगत कराया। इसके बाद पटवारी ने कहा कि वे अन्य गांवों में भी जाएंगे। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस अभियान के माध्यम से पार्टी ग्रामीण इलाकों में एक नई ऊर्जा के साथ उभरेगी। प्रदेश कांग्रेस की हालिया बैठक में संगठन के पुनर्गठन का निर्णय भी लिया गया, जिसमें वार्ड, पंचायत और मंडल स्तर तक बदलाव किए जाएंगे। यह कदम पार्टी को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

  • चीन के सुलह दावे पर कांग्रेस: पीएम मोदी बयान दें

    चीन के सुलह दावे पर कांग्रेस: पीएम मोदी बयान दें

    कांग्रेस ने चीन के मध्यस्थता दावों पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली. कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के लिए चीन द्वारा किए गए दावों को चिंताजनक बताया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण की मांग की, यह कहते हुए कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

    कांग्रेस नेता का बयान

    जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दावा किया है कि उन्होंने 10 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था, जबकि प्रधानमंत्री ने कभी भी इसकी पुष्टि नहीं की। अब चीनी विदेश मंत्री ने भी इसी तरह का दावा किया है कि चीन ने मध्यस्थता की थी। यह सभी बातें संदिग्ध हैं, खासकर जब भारतीय सेना ने 4 जुलाई, 2025 को स्पष्ट रूप से कहा था कि वे चीन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे।”

    चीन के दावों पर सवाल उठाए गए

    रमेश ने आगे कहा कि चीन का पाकिस्तान के साथ होना भारत के लिए चिंताजनक है और यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जनता के विश्वास के खिलाफ है।

    ऑपरेशन सिंदूर में चीन की भूमिका पर स्पष्टीकरण की मांग

    रमेश ने चीन के साथ संबंधों पर ध्यान देते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दोषमुक्त किए जाने से भारत की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर है और हमारा निर्यात चीन पर निर्भर है। उन्होंने नागरिकों से पूछा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में चीन की भूमिका क्या थी।

    चीन का बयान

    गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को कहा था कि “भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना इस साल चीन की मध्यस्थता सफलताओं में से एक है।”

    भारत का आधिकारिक रुख

    वहीं, भारत सरकार ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि 7 से 10 मई के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच हुई घटनाएं सीधे बातचीत के माध्यम से हल की गईं। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस का दीक्षित मार्च, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले में 5 जनवरी को

    मध्य प्रदेश कांग्रेस का दीक्षित मार्च, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले में 5 जनवरी को

    केंद्र सरकार का मनरेगा योजना का नाम बदलाव: कांग्रेस का आंदोलन प्रारंभ

    भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G-RAM-G)” रखने के निर्णय ने मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को हिलाकर रख दिया है। इस निर्णय के विरोध में कांग्रेस अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने यह घोषणा की है कि वे 5 जनवरी से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर से पदयात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य केवल नाम परिवर्तन का विरोध नहीं है, बल्कि यह गांधी के विचारों और गरिमा की रक्षा के लिए एक आंदोलन होगा।

    गांधी की आत्मा की रक्षा का संकल्प

    दिग्विजय सिंह ने सीहोर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह संघर्ष किसी पार्टी का नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मा की रक्षा के लिए है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार योजनाओं से गांधी का नाम निकालने का प्रयास कर रही है, जो कि देश के इतिहास और आत्मा पर एक गंभीर आक्रमण है। इस पदयात्रा की शुरुआत सीहोर जिले की किसी ग्राम पंचायत से की जाएगी, ताकि ग्रामीण भारत की आवाज सीधे दिल्ली तक पहुंच सके।

    कांग्रेस का आरोप: वैचारिक हमला

    कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा का नाम बदलना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक हमला है। महात्मा गांधी का नाम हटाकर सरकार उस इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रही है जिसने देश को आज़ादी दिलाई और गरीबों को अधिकार प्रदान किए। लोकसभा में इस बदलाव से संबंधित बिल के पास होने के बाद कांग्रेस ने इसे गांधी-विरोधी कदम बताया है। दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब सरकार गांधी को साहित्य से बाहर करने का प्रयास कर रही है, तो यह देश को किस दिशा में ले जा रहा है?

    जनचेतना का जागरण

    पदयात्रा का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि ग्रामीणों में जागरूकता जगाना भी है। दिग्विजय सिंह श्रमिकों, किसानों, महिलाओं, और युवाओं के साथ संवाद करेंगे, ताकि उन्हें बताया जा सके कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों की जीवनरेखा है। यह यात्रा राजनीतिक कार्यक्रम न होकर जन-आंदोलन का प्रारंभ है, जो गांवों की गलियों से संसद की सीढ़ियों तक पहुंचेगी।

    2025 का राजनीतिक एजेंडा

    कांग्रेस इस विषय को 2025 के राजनीतिक एजेंडे का केंद्रीय मुद्दा बनाने की योजना बना रही है। पार्टी का मानना है कि मनरेगा से गांधी का नाम हटाना उस भारत की आत्मा को चोट पहुंचाना है, जो सत्य, श्रम और समानता पर आधारित है। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा तब तक नहीं रुकेगी जब तक सरकार गांधी के नाम को वापस नहीं लाती।

    सीहोर: आंदोलन का केंद्र

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला सीहोर इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बनने जा रहा है। यह केवल एक नाम बदलने का विरोध नहीं है, बल्कि यह यह तय करेगा कि भारत की आत्मा गांधी में सुरक्षित रहेगी या सत्ता की राजनीति में खो जाएगी। यह ध्यान देने योग्य है कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण कर दिया है। लोकसभा में भी इस योजना के बदलाव को लेकर बिल पास हो गया है, जिस पर कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति जताई है।

  • आडवाणी के बीच मतभेद, नई पार्टी गठन की योजना BJP छोड़ने की

    आडवाणी के बीच मतभेद, नई पार्टी गठन की योजना BJP छोड़ने की

    अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी: भारतीय राजनीति की दो महत्वपूर्ण शख्सियतें

    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख नेता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की जोड़ी को भारतीय राजनीति में वर्षों तक अटूट माना जाता रहा है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब वाजपेयी ने एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने पर गंभीरता से विचार किया। वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने यह जानकारी बुधवार को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में आयोजित एक व्याख्यान के दौरान साझा की। यह व्याख्यान अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया था, जिसका विषय “अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन और योगदान” था।

    1984 का लोकसभा चुनाव और वाजपेयी का संकट

    नीरजा चौधरी के अनुसार, 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को केवल दो सीटें मिली थीं और इस दौरान वाजपेयी ग्वालियर से चुनाव हार गए थे। इसी समय आडवाणी पार्टी में तेजी से उभर रहे थे, जिससे वाजपेयी निराश महसूस कर रहे थे। उन्होंने कुछ समय के लिए भाजपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने का मन बनाया, लेकिन यह विचार ज्यादा लंबे समय तक नहीं चला और अंततः उन्होंने भाजपा के साथ बने रहने का निर्णय लिया।

    पोखरण-2 और आडवाणी की पीड़ा

    अपने व्याख्यान में नीरजा चौधरी ने 1998 में हुए पोखरण-2 परमाणु परीक्षण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना पर भी प्रकाश डाला, जिसने दोनों नेताओं के बीच तनाव को उजागर किया। वाजपेयी ने परीक्षण की जानकारी अपने प्रधान सचिव और सेना प्रमुखों के साथ साझा की, लेकिन आडवाणी को इस निर्णय में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि अन्य मंत्रिमंडल सदस्यों को भी परीक्षण की सूचना केवल दो दिन पहले दी गई, वह भी बिना तारीख बताए।

    चौधरी ने याद करते हुए बताया कि 11 मई 1998 को जब वह आडवाणी से मिलने पहुंची, तो वे अकेले बैठे थे और उनकी आंखों में आंसू थे। उन्हें यह दुख था कि वर्षों की मित्रता और पार्टी की पुरानी प्रतिबद्धता के बावजूद उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया।

    1990 के दशक में वाजपेयी का प्रभाव

    नीरजा चौधरी ने यह भी बताया कि 1990 के दशक में अटल बिहारी वाजपेयी की छवि सर्वमान्य बन गई थी, जिससे वे भारतीय राजनीति में प्रभावशाली बन गए। उनके सभी दलों से अच्छे संबंध थे। वाजपेयी और पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव के बीच भी करीबी रिश्ता था, जो कि उनके ब्राह्मण होने या 1977 में विदेश मंत्री रहते हुए दोनों की पुरानी जान-पहचान का परिणाम था।

  • कांग्रेस पार्टी को झटका, 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाजपा जॉइन की

    कांग्रेस पार्टी को झटका, 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाजपा जॉइन की

    मध्य प्रदेश के बड़वानी में कांग्रेस को नया झटका

    बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी को महत्वपूर्ण नुकसान हुआ है। ताजा जानकारी के अनुसार, लगभग 100 परिवारों के 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल हुए इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने यह कदम अपने गांवों के विकास और स्थायी परिवर्तन की आकांक्षा के कारण उठाया है।

    भाजपा में शामिल होने का कारण

    नए भाजपा सदस्यों ने अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए बताया कि वे अपने इलाके में बेहतर विकास और अवसरों की तलाश में हैं। उनका मानना है कि भाजपा के नेतृत्व में क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। इस प्रकार, यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन गया है, जहां कांग्रेस की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।

    आगामी चुनौतियाँ

    पार्टी के भीतर इस बदलाव ने कांग्रेस के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं। अब देखना यह है कि कांग्रेस इस स्थिति का सामना कैसे करती है और क्या वे अपने कार्यकर्ताओं को वापस लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे।

  • कांग्रेस ने 500 करोड़ रुपए के बयान पर नवजोत कौर सिद्धू को निलंबित किया

    कांग्रेस ने 500 करोड़ रुपए के बयान पर नवजोत कौर सिद्धू को निलंबित किया

    पंजाब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को सस्पेंड किया

    नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है। नवजोत कौर, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित कई वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे, की इस कार्रवाई ने राजनीतिक गरमा-गर्मी बढ़ा दी है। उन्होंने टिकट बेचने और व्यक्तिगत इच्छाओं का हवाला देते हुए यह कहा कि ये फैसले पंजाब के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं।

    राज्यपाल से मुलाकात और शर्तें

    शनिवार को नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि यदि कांग्रेस ने सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तभी वह सक्रिय राजनीति में लौटेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में वह टीवी पर अच्छे पैसे कमा रही हैं। नवजोत ने यह जताया कि सिद्धू का कांग्रेस से जुड़ाव है, लेकिन विपक्ष में उनकी स्थिति को लेकर उन्हें चिंता है।

    आरोप और प्रतिक्रियाएँ

    नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी नेताओं के खिलाफ कई बार बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने 500 करोड़ रुपये में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी बेचने के आरोपों का भी उल्लेख किया, हालांकि बिना पार्टी का नाम लिए। हाल ही में, सिद्धू ने राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के नेताओं के साथ सांठ-गांठ का आरोप लगाया है, जिसमें अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा का जिक्र किया गया है। उन्होंने काउंसलर चुनाव में 5 करोड़ रुपये की लेन-देन का भी आरोप लगाया।

    सोशल मीडिया पर जानकारी साझा

    पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने नवजोत कौर के खिलाफ सस्पेंशन की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की। उन्होंने एक पत्र भी जारी किया जिसमें इस सस्पेंशन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।

  • कंगना रनौत ने राहुल गांधी को भाजपा में शामिल होकर नेतृत्व की सलाह दी

    कंगना रनौत ने राहुल गांधी को भाजपा में शामिल होकर नेतृत्व की सलाह दी

    राहुल गांधी का सरकार पर आरोप

    नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्ष के नेता से नहीं मिलने देती। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यह परंपरा रही थी कि विदेश से आने वाले अतिथि विपक्ष के नेता से मिलते थे।

    कंगना रनौत की प्रतिक्रिया

    भाजपा सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि उनके देश के प्रति भावनाएँ संदेहास्पद हैं। कंगना ने सुझाव दिया कि राहुल को भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए, यह कहते हुए कि वह भी अटल बिहारी वाजपेयी की तरह बन सकते हैं। उन्होंने राहुल की तुलना अटल जी से करते हुए यह कहा कि अगर वह भाजपा में शामिल होते हैं, तो उन्हें बेहतर पहचान मिलेगी।

    राहुल गांधी का बयान और पूर्व परंपराएं

    राहुल गांधी ने संसद भवन में संवाददाताओं से कहा कि विदेशी मेहमानों के स्वागत की परंपरा अब समाप्त हो गई है। उनका कहना है कि विपक्ष के नेता का एक अलग दृष्टिकोण होता है और उन्हें विदेशी अधिकारियों से मिलने की अनुमति मिलनी चाहिए। लेकिन वर्तमान में मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय इस परंपरा का पालन नहीं कर रहे हैं।

    पुतिन की भारत यात्रा पर टिप्पणी

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के संबंध में बात करते हुए राहुल ने कहा कि यह परंपरा रही है कि विदेश से आने वाला अतिथि विपक्ष के नेता से भी मिलता है। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा के दौरान भी सरकार उन्हें मिलने की अनुमति नहीं देती, जिससे आलोचना हो रही है।

    शशि थरूर की प्रतिक्रिया

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विदेशी अतिथियों से मिलने की इजाजत देना महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ऐसा होना आवश्यक है।

  • संजय राउत ने कहा, कांग्रेस के BMC चुनाव निर्णय पर MNS की भागीदारी जरूरी

    संजय राउत ने कहा, कांग्रेस के BMC चुनाव निर्णय पर MNS की भागीदारी जरूरी

    बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के फैसले पर संजय राउत की प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि वह बीएमसी चुनाव में कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले पर विचार करने के लिए पार्टी के आलाकमान से चर्चा करेंगे। राउत ने संवाददाताओं से बताया कि विपक्षी महा विकास आघाड़ी में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का शामिल होना आवश्यक है, ताकि भाजपा को हराने में मदद मिल सके।

    कांग्रेस का निर्णय और शिवसेना का रुख

    संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस के बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का निर्णय भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है। हाल ही में, कांग्रेस की मुंबई इकाई ने मनसे के साथ गठबंधन से इनकार किया था और स्वतंत्र रूप से नगर निकाय चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना का मानना है कि कांग्रेस को महा विकास आघाड़ी का हिस्सा बनना चाहिए।

    चुनाव के बाद का आत्मविश्वास

    राउत के अनुसार, यदि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई है और वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने को तैयार हैं, तो उन्हें इस पर विचार करना चाहिए। हाल ही में हुए बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 243 सदस्यीय सदन में 200 से अधिक सीटें जीतकर अपनी सत्ता बनाए रखी है, जबकि कांग्रेस केवल 6 सीटें ही जीत पाई।

    साथ बैठकों का आश्वासन

    संजय राउत ने कहा कि वह दिसंबर के दूसरे सप्ताह में दिल्ली जा रहे हैं और कांग्रेस आलाकमान से चर्चा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिवसेना और मनसे के बीच सकारात्मक चर्चा चल रही है और सीट बंटवारे पर बैठकें जारी हैं। राउत ने यह भी बताया कि उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे के बीच बातचीत का सिलसिला बेहद अच्छा है।

    भाजपा पर आरोप

    इस बीच, राउत ने भाजपा पर पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र में चुनावी संस्कृति को भ्रष्ट करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने यह दावा किया कि नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए इतनी बड़ी मात्रा में धन का उपयोग कभी नहीं किया गया।

    स्थानीय निकाय चुनाव का कार्यक्रम

    महाराष्ट्र में विभिन्न स्थानीय निकायों के चुनाव मंगलवार को होने जा रहे हैं। हालांकि, बीएमसी और अन्य नागरिक निकायों के चुनावों का कार्यक्रम अभी तक घोषित नहीं किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी, 2026 तक पूरे कर लिए जाएं।

  • कांग्रेस ने बिहार हार पर समीक्षा बैठक की, चेतावनी और अपमान के मामले उठे

    कांग्रेस ने बिहार हार पर समीक्षा बैठक की, चेतावनी और अपमान के मामले उठे

    बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार

    नई दिल्ली: हाल ही में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को गहरी हार का सामना करना पड़ा है। 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी मात्र 6 सीटों पर जीत हासिल कर सकी। इस नाकामी के बाद गुरुवार को एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और केसी वेणुगोपाल समेत अन्य नेता शामिल हुए। बैठक में विभिन्न प्रत्याशियों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार साझा किए, और इसमें कुछ हंगामे की भी स्थिति बनी।

    बैठक में हंगामा और आरोप

    बैठक से पहले जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का इंतजार हो रहा था, उसी समय वैशाली से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी संजीव सिंह ने अपने संबंधित मुद्दों को उठाना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रत्याशी बाहरी थे और उन पर फ्रेंडली फाइट्स में शामिल होने के संदर्भ में बात की गई। संजीव सिंह, जिनकी स्वयं की सीट भी फ्रेंडली फाइट की श्रेणी में थी, इस बात को लेकर काफी आक्रामक हो गए। उन्होंने अन्य प्रत्याशियों को धमकी दी और इस दौरान संवाद बिगड़ गया।

    अनुशासन की आवश्यकता

    इस घटना पर सीनियर नेताओं ने हस्तक्षेप किया। जब राहुल गांधी और खरगे को इस स्थिति के बारे में पता चला, तो उन्होंने इसका सख्ती से विरोध किया और कहा कि पार्टी में अनुशासन होना आवश्यक है। उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    आंतरिक मामलों पर चर्चा

    बैठक में टिकट बेचने के आरोप, फ्रेंडली फाइट्स से होने वाले नुकसान, और पप्पू यादव पर कुछ प्रत्याशियों को हराने का आरोप जैसे मुद्दे उठाए गए। इसके अतिरिक्त, आंतरिक झगड़ों को हार का मुख्य कारण माना गया। पार्टी में प्रभावशाली नेता की कमी और कन्हैया कुमार जैसे नेताओं का इस्तेमाल न करना भी चर्चा का हिस्सा रहा।

    भविष्य की रणनीतियाँ

    बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि पार्टी को नए नेताओं को आगे लाने की आवश्यकता है। यह भी कहा गया कि अगर आरजेडी के साथ गठबंधन नहीं होता, तो पार्टी की स्थिति इतनी खराब नहीं होती। गठबंधन के समय पर न होने और सीट बंटवारे में देरी ने भी समस्या को बढ़ाया। कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि पार्टी को वर्तमान में राजद के साथ गठबंधन खत्म कर स्वयं को सुदृढ़ करना चाहिए।

    आगे का रास्ता

    बैठक में यह चर्चा भी हुई कि अगले विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन के मुद्दे पर पुनर्विचार करना चाहिए। ओवैसी की मौजूदगी के कारण सीमांचल क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों के महागठबंधन में कमी आने का मुद्दा भी उठाया गया। राहुल गांधी ने सभी नेताओं से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय अपनी विधानसभा के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।

  • ट्रंप-ममदानी बैठक पर शशि थरूर ने कांग्रेस को दी सलाह

    ट्रंप-ममदानी बैठक पर शशि थरूर ने कांग्रेस को दी सलाह

    शशि थरूर की अमेरिका में ट्रंप और ममदानी की मुलाकात पर प्रतिक्रिया

    नई दिल्‍ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी के बीच हुई बैठक पर अपनी टिप्पणी दी। चुनावों से पहले दोनों नेताओं के बीच जो बयानबाजी चल रही थी, उसके विपरीत, शुक्रवार को व्हाइट हाउस में उनकी मुलाकात बहुत ही सौहार्दपूर्ण रही। थरूर ने एक वीडियो क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र को इसी तरह से काम करना चाहिए और वे भारत में भी ऐसा वातावरण देखना चाहते हैं।

    थरूर ने विचारों के लिए चुनावी उत्साह पर जोर दिया

    थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि चुनावों में अपने विचारों के लिए सभी को उत्साह से लड़ना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद लोगों को मिलकर राष्ट्र के हित में काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी माना कि दोनों नेताओं ने जनता की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है और इस तरह के समीकरण बनाने की कोशिश वे भारत में भी कर रहे हैं।

    ट्रंप का मेयर ममदानी पर संतोषजनक बयान

    ट्रंप ने मेयर ममदानी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी मुलाकात अत्यंत उत्पादक रही और न्यूयॉर्क को एक सक्षम मेयर की प्राप्ति होगी। ट्रंप ने ममदानी के प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि वे अच्छा काम करेंगे और कुछ रूढ़िवादी लोगों को आश्चर्यचकित करेंगे। एक रिपोर्टर के सवाल पर कि क्या ट्रंप फासीवादी हैं, उन्होंने मजाक में कहा कि मेयर इस पर सीधे “हां” कह सकते हैं।

    थरूर का पार्टी लाइन से हटकर बयान और प्रतिक्रिया

    शशि थरूर के ऐसे बयान उनके पार्टी में कई बार हलचल पैदा कर चुके हैं। उन्होंने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की थी, जब उन्होंने रामनाथ गोयनका व्याख्यान को आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया था। इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर कुछ आलोचनाएँ भी आई थीं। पार्टी के नेता संदीप दीक्षित ने उन्हें पाखंडी कहा, जबकि सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पीएम के भाषण में प्रशंसा के लिए कुछ भी उचित नहीं था।

  • BJP ने तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान’ बयान पर जिन्ना का अनुयायी बताया

    BJP ने तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान’ बयान पर जिन्ना का अनुयायी बताया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध जताया है। रेड्डी ने कहा कि “कांग्रेस का मतलब मुसलमान है,” जिससे भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी जिन्नावादी मानसिकता को स्वीकार कर चुके हैं। भाजपा का कहना है कि यह बयान शरिया को भारतीय संविधान से ऊपर रखने का संकेत है।

    उपचुनाव में विरोध का कारण

    जुबीली हिल्स विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में पार्टी द्वारा भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन को मंत्री पद देने के निर्णय का भाजपा ने विरोध किया। रेड्डी ने एक रैली में कहा, “कांग्रेस हमेशा अल्पसंख्यकों को महत्व देती रही है।” इसी संदर्भ में भाजपा ने उन्हें जवाब दिया कि यह कांग्रेस का असली चेहरा है।

    भाजपा का हमला

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने रेड्डी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “रेवंत रेड्डी खुलकर उन बातों को स्वीकार कर रहे हैं, जो हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं। यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नहीं, बल्कि जिन्नावादी कांग्रेस है।”

    पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रवैया दिखाता है कि वे मुसलमानों और उनके वोट बैंक को संविधान से ऊपर रखते हैं। उन्होंने कहा कि इसी मानसिकता के कारण कांग्रेस ने ओबीसी, एससी और एसटी के आरक्षण में कटौती की है, जिससे उनके पसंदीदा वोट बैंक को लाभ पहुंचाया जा सके।

    भविष्य की संभावनाएं

    यह बयान और उसके बाद का विवाद आने वाले उपचुनाव में दोनों पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। भाजपा को उम्मीद है कि इसका चुनावी फायदा मिलेगा, जबकि कांग्रेस को अपने समर्थन को बनाए रखने के लिए सशक्त रणनीतियों की आवश्यकता होगी।

  • कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने त्यागपत्र दिया, ये वजह सामने आई…

    कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने त्यागपत्र दिया, ये वजह सामने आई…

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पटना: बिहार चुनाव के मद्देनजर तैयारियां तेज हो गई हैं और सभी राजनीतिक पार्टियां जोरशोर से प्रचार में जुटी हैं। इस बीच, कांग्रेस पार्टी के अंदर से नेताओं के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं। छपरा में, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बच्चू प्रसाद बीरू ने टिकट वितरण से असंतोष जाहिर करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

    छपरा में राजनीतिक हलचल

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, बच्चू प्रसाद बीरू ने न केवल अपने पद से इस्तीफा दिया है, बल्कि पार्टी की सदस्यता भी त्याग दी है। उन्हें माना जा रहा है कि टिकट बंटवारे में उनकी उम्मीदवारी को नजरअंदाज किया गया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। चुनावी माहौल में जिलाध्यक्ष का इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

    पार्टी के भीतर जारी इन अंतर्विरोधों से आगामी चुनाव में उनकी स्थिति पर असर पड़ सकता है। पार्टी को इस समय एकजुट होकर अपने सदस्यों को बेहतर तरीके से समन्वयित करना आवश्यक होगा।

    वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में, यह स्पष्ट है कि बिहार में चुनावी परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और सभी पार्टियों को अपने-अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा।

  • सोनिया गांधी की अनुपस्थिति में CWC बैठक में खरगे ने कहा- पीएम मोदी हुए असफल

    सोनिया गांधी की अनुपस्थिति में CWC बैठक में खरगे ने कहा- पीएम मोदी हुए असफल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कांग्रेस की महत्वपूर्ण CWC बैठक पटना में आयोजित

    पटना में आज कांग्रेस पार्टी के लिए एक विशेष दिन है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक शुरू हुई है। यह बैठक सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक चलने वाली है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य 150 से अधिक वरिष्ठ नेता इस अहम बैठक में शामिल हो रहे हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि इस बैठक से पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है, और तैयारी पूरी तरह से की गई है।

    CWC बैठक की शुरुआत

    CWC की बैठक का औपचारिक शुभारंभ कांग्रेस अध्यक्ष ने सदाकत आश्रम में झंडा फहराकर किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

    खंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश

    बैठक में प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर चर्चा करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत इस समय दोनों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की कूटनीति में विफलता की वजह से देश को काफी मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है।

    राहुल गांधी का पटना आगमन

    राहुल गांधी पटना पहुँच चुके हैं, जहाँ उनका स्वागत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा किया गया। वह सीधे सदाकत आश्रम पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता उनका जोरदार स्वागत कर रहे हैं।

    सोनिया गांधी की अनुपस्थिति के कारण

    सोनिया गांधी के न आने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, जिससे वह बैठक में भाग नहीं ले पाईं। उन्होंने यह भी ज़ाहिर किया कि मुख्यमंत्री पद पर बात तभी की जाएगी जब इंडिया गठबंधन की बैठक होगी।

    कांग्रेस का नया लड़ाई का आह्वान

    कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि पार्टी बिहार में एक तरह का ‘स्वतंत्रता संग्राम’ लड़ रही है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह बैठक पार्टी के लिए चुनावी योज़नाओं को मजबूत बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर है।

    सदाकत आश्रम के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़

    सदाकत आश्रम में सभी व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद हैं। यहां बिना पास किसी को भी प्रवेश नहीं मिल रहा है। आश्रम के भीतर और बाहर पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है।

    पवन खेड़ा का गंभीर आरोप

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने NDA सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार वोट चुराने के लिए षड्यंत्र कर रही है और चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है।

    सचिन पायलट की टिप्पणी

    सचिन पायलट ने कहा कि यह बैठक ऐतिहासिक है और इससे राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग बदलाव की चाहत रखते हैं और सीट शेयरिंग पर विस्तार से चर्चा उत्सव के बाद होगी।

    पप्पू यादव का जिक्र

    खुद को कांग्रेसी कहने वाले पप्पू यादव ने राहुल गांधी का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक वोट चोरों से देश को आजाद कराने के लिए महत्वपूर्ण है।

    भूपेश बघेल का बयान

    CWC की बैठक के बीच भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कई मोर्चों पर असफल हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश की स्थिति बिगड़ चुकी है।

    कांग्रेस की यह बैठक न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले चुनावों में राजनीतिक रणनीतियों को भी नया मोड़ दे सकती है।

  • हरियाणा कांग्रेस बिहार चुनावों से पहले बड़े फेरबदल की तैयारी में, नए राज्य अध्यक्ष शीघ्र घोषित होंगे

    हरियाणा कांग्रेस बिहार चुनावों से पहले बड़े फेरबदल की तैयारी में, नए राज्य अध्यक्ष शीघ्र घोषित होंगे

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    हरियाणा में कांग्रेस की नए अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की नियुक्ति पर चर्चा

    हरियाणा में 2024 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस में बड़े बदलाव होने की संभावना है। पार्टी के भीतर जल्द ही विधायक दल के नेता और प्रदेश अध्यक्ष के नामों की घोषणा की जा सकती है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एक बार फिर विधायक दल का नेता बनाया जाएगा। इससे पूर्व, बीजेपी के नेताओं ने कांग्रेस पर विधायक दल के नेता का चयन न करने को लेकर लगातार हमले जारी रखे थे। जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अनौपचारिक रूप से इस भूमिका का निर्वहन किया है।

    राव नरेंद्र की अध्यक्ष पद पर दावेदारी

    हुड्डा खेमे के सक्रिय होने के साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष पद की दावेदारी से राव नरेंद्र ने पीछे हटने का निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए राव नरेंद्र का नाम सबसे आगे है, जो अहीरवाल की नारनौल विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद चर्चित हुए हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और उनसे पहले स्वास्थ्य मंत्री के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।

    सामुदायिक प्रतिनिधित्व का ध्यान

    सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अहीर समुदाय से किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर ध्यान दे रही है। पार्टी के प्रभारी ने आलाकमान को संभावित नामों की एक सूची प्रस्तुत की है, जिसमें राव नरेंद्र सिंह, राव दान सिंह और पूर्व अध्यक्ष कैप्टन अजय यादव के नाम शामिल हैं। इनमें राव नरेंद्र सिंह को सबसे ज्यादा समर्थन मिल रहा है, खासकर कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला द्वारा।

    गुटबाजी और खींचतान का अंत

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दोबारा विधायक दल के नेता बनने की संभावना से उनकी खेमे में खुशी का माहौल है। पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से चल रही खींचतान अब खत्म होती दिख रही है, और आलाकमान ने दोनों पदों के लिए नामों को स्वीकृति दे दी है। मुख्य अध्यक्ष चौधरी उदयभान की विदाई तय मानी जा रही है, जिन पर हार के बाद से इस्तीफे का दबाव है।

    राव नरेंद्र का राजनीति में पैठ बनाना उन्हें आगामी चुनावों में पार्टी के लिए एक मजबूती प्रदान कर सकता है। पार्टी के चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए, कई कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए जा सकते हैं।

    कांग्रेस की इस नई रणनीति से हरियाणा में राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन आने की संभावना है।

  • आजादी के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की CWC बैठक, तेलंगाना की सफलता की पुनरावृत्ति की तैयारी

    आजादी के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की CWC बैठक, तेलंगाना की सफलता की पुनरावृत्ति की तैयारी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कांग्रेस की ऐतिहासिक बैठक पटना में

    कांग्रेस पार्टी बिहार में स्वतंत्रता के बाद पहली बार केंद्रीय कार्यकारी समिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रही है। यह सभा बुधवार को पटना के सदाकत आश्रम में होने वाली है। पार्टी का उद्देश्य तेलंगाना विधानसभा चुनावों में मिली सफलता को बिहार में भी दोहराना है, जहां 2023 में CWC की बैठक का सकारात्मक परिणाम देखा गया था।

    बैठक में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा

    इस बैठक में कांग्रेस के प्रमुख नेता जैसे मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और लगभग 170 पार्टी सदस्य शामिल होंगे। मुख्य रूप से इस बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी, चुनाव में पारदर्शिता, वोटर रोल के जांच में अनियमितताएं और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

    इसके साथ ही, पार्टी महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और कूटनीतिक विफलताओं जैसे मुद्दों पर भी गौर करेगी।

    राहुल गांधी की यात्रा की सराहना

    सूत्रों के अनुसार, बैठक में राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा की प्रशंसा की जाएगी, जिसका उद्देश्य बिहार में वोट चोरी और वोटर लिस्ट की जांच करना था। राहुल ने बिहार में 16 दिनों में 1300 किमी की यात्रा करते हुए 25 जिलों का दौरा किया। कांग्रेस ‘घर-घर अधिकार अभियान’ की शुरुआत कर रही है, जिसका मकसद वोट चोरी को रोकना और लोगों को उनके मतदाता अधिकार के प्रति जागरूक करना है।

    ऐतिहासिक संदर्भ

    यह पहली बार है कि स्वतंत्रता के बाद इतनी बड़ी कांग्रेस बैठक बिहार में हो रही है; पिछली बार ऐसा 1940 में हुआ था। सदाकत आश्रम एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां महात्मा गांधी, राजेंद्र प्रसाद और नेहरू जैसे नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम की योजना बनाई थी।

    कांग्रेस इस बैठक के माध्यम से बिहार विधानसभा चुनावों में मजबूती से भाग लेने की तैयारी कर रही है। चुनाव आयोग की ओर से अक्टूबर में चुनाव की घोषणा किए जाने की संभावना है।

    भले ही कांग्रेस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, महागठबंधन के सदस्य राष्ट्रीय जनता दल ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की पेशकश की है। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव में उतरने का ऐलान करती है।

  • सुदिव्य को मिला नगर विकास तो इरफ़ान बनें स्वास्थ्य मंत्री

    सुदिव्य को मिला नगर विकास तो इरफ़ान बनें स्वास्थ्य मंत्री

    सीएम ने मंत्रियों के बीच किया विभागों का बँटवारा

    गांडीव रिपोर्टर

    रांची। मुख्यमंत्री और हेमंत सोरेन ने आज अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बँटवारा कर दिया है। इरफ़ान अंसारी को जहाँ स्वास्थ्य मंत्री बनाने के साथ खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग दिया गया है, वहीं दीपिका पांडेय सिंह को ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य, पंचायती राज विभाग का मंत्री बनाया गया है।

    मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने पास कार्मिक और गृह मंत्रालय के अलावा पथ निर्माण, भवन निर्माण, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अलावा अन्य वैसे विभागों को रखा है, जो दूसरे मंत्रियों को आवंटित नहीं है।

    मुख्यमंत्री के क़रीबी माने जाने वाले सुदिव्य सोनू को नगर विकास विभाग, उच्च शिक्षा और खेलकूद मंत्रालय का मंत्री बनाया गया है, जबकि चमड़ा लिंडा को SC/ST आदिवासी कल्याण मंत्रालय का ज़िम्मा सौंपा गया है।

    कांग्रेस कोटे के मंत्री राधाकृष्ण किशोर को वित् विभाग, वाणिज्य कर विभाग एवं संसदीय कार्य का ज़िम्मा सौंपा गया है, वहीं शिल्पी नेहा तिर्की को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग का ज़िम्मा दिया गया है। हफीजुल हसन अंसारी को जल संसाधन और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया है वहीं योगेन्द्र प्रसाद को पेयजल स्वच्छता एवं उत्पाद मद्य निषेध मंत्रालय मिला है।