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  • झारखंड पुलिस: बोकारो और हजारीबाग के बाद पलामू में वेतन घोटाला, वित्त मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

    झारखंड पुलिस: बोकारो और हजारीबाग के बाद पलामू में वेतन घोटाला, वित्त मंत्री ने मांगी रिपोर्ट

    झारखंड में पुलिस वेतन घोटाला: पलामू में नई जांच शुरू

    झारखंड के पलामू जिले में पुलिस वेतन घोटाले का मामला सामने आया है, जो पहले बोकारो और हजारीबाग में भी उजागर हो चुका है। इस घोटाले में अवैध निकासी की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राज्य के वित्त मंत्री ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है। यह निर्णय राज्य में वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

    पलामू में घोटाले की जानकारी

    पलामू में पुलिस वेतन से संबंधित अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद, राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक व्यापक जांच की प्रक्रिया शुरू की है। जांच के आदेश सभी जिलों के लिए दिए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।

    बोकारो और हजारीबाग में पहले ही हो चुकी है कार्रवाई

    इससे पहले बोकारो और हजारीबाग में भी इसी तरह के घोटाले की सूचना मिली थी, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू की थी। इन मामलों में भी अवैध तरीके से पुलिस वेतन से राशि की निकासी की गई थी। अब पलामू में हुआ नया खुलासा इस मुद्दे की गंभीरता को और बढ़ा देता है।

    राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

    राज्य सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। वित्त मंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाए रखा जाए और किसी भी प्रकार की धांधली को रोका जा सके।

  • रांची समाचार: पंडरा बाजार समिति में वित्तीय अनियमितता, बाजार पर्यवेक्षक किया गया निलंबित

    रांची समाचार: पंडरा बाजार समिति में वित्तीय अनियमितता, बाजार पर्यवेक्षक किया गया निलंबित

    रांची में बड़ा वित्तीय घोटाला, बाजार पर्यवेक्षक निलंबित

    रांची के पंडरा बाजार समिति में एक गंभीर वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है, जिससे विभाग में हलचल मच गई है। कृषि विपणन परिषद को प्राप्त शिकायत के बाद बाजार पर्यवेक्षक साधन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार, साधन कुमार को केवल 10,000 रुपये तक के चेक जारी करने का अधिकार था, लेकिन उन्होंने कथित रूप से 4 करोड़ रुपये का चेक जारी कर दिया, जिसे बैंक के माध्यम से भुनाया गया।

    जांच के आदेश और बैंक की भूमिका पर सवाल

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए परिषद के अध्यक्ष रबीन्द्र सिंह ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और बैंक की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है। उच्चस्तरीय जांच के लिए इस पूरे प्रकरण की जानकारी महालेखाकार (एजी) को भी दी गई है। पंडरा बाजार समिति में पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं, और यहां प्रशासनिक अव्यवस्था लगातार देखने को मिलती रही है।

    अनुशासनहीनता के आरोप

    आरोपी अधिकारी पर अनुशासनहीनता, उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना के आरोप भी लगाए गए हैं। मामले की जांच के लिए साधन कुमार को चाईबासा स्थानांतरित कर दिया गया है। इस मामले की गहन जांच के बाद ही सच्चाई का पता चल सकेगा।

  • झारखंड विधानसभा सत्र का तीसरा दिन: आज तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।

    झारखंड विधानसभा सत्र का तीसरा दिन: आज तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड विधानसभा का शुक्रवार का सत्र तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। आज वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर तृतीय अनुपूरक बजट पेश करने वाले हैं। सुबह राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद हुआ जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने मुद्दे प्रस्तुत किए। इसके पश्चात, सरकार का उत्तर सदन में पेश किया जाएगा।

    जेपीएससी में उम्र सीमा में बदलाव संभव

    गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने घोषणा की कि झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कैबिनेट की पिछली बैठक में चर्चा हुई थी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इसे गंभीरता से देख रहे हैं।

    यह प्रयास किया जा रहा है कि वे अभ्यर्थी जो हाईकोर्ट नहीं गए थे, उन्हें भी इस छूट के दायरे में लाया जाए। यह जानकारी कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई। प्रदीप यादव ने शून्यकाल में कहा कि जेपीएससी की वर्तमान विज्ञापन तिथि के अनुसार कटऑफ 2026 है, जबकि 2021 में यह 2016 और 2023 में 2017 था।

    विधायक अमित कुमार महतो और जयराम महतो ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि झारखंड में अब तक केवल नौ बार ही जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया गया है। जयराम ने यह भी कहा कि पिछली बार कटऑफ 1 अगस्त 2017 था, इसलिए इस बार इसे 2018 के अनुसार होना चाहिए।

    भ्रष्टाचार के आरोप और विपक्ष का हमला

    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही है, लेकिन एसीबी हाई प्रोफाइल मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पा रही। उन्होंने शराब घोटाले का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके आरोपियों की गिरफ्तारी 2025 में हुई जबकि घोटाले का खुलासा 2022 में हुआ था। चार्जशीट के अभाव में आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।

    उन्होंने कहा कि सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के पद वर्षों से रिक्त हैं, कोयला और बालू तस्करी जारी है, और धान की खरीद लक्ष्य के मात्र 40% तक ही पहुंच सकी है।

    केंद्र सरकार पर झामुमो का निशाना

    सत्ता पक्ष के विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद देते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र में ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य बनाने और मनरेगा का नाम बदलने जैसी समस्याएं उत्पन्न कर रहा है।

    हेमलाल ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने हर साल करोड़ों युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ, जबकि राज्य सरकार इस दिशा में प्रयासरत है।

    डीजीपी नियुक्ति और आदिवासी मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष में टकराव

    विपक्ष ने डीजीपी नियुक्ति के मामले पर चर्चा की। मरांडी ने कहा कि अनुराग गुप्ता और अब तदाशा मिश्रा की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की गई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही UPSC को पैनल भेजने का आदेश दिया था।

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसीलिए इसे सदन में चर्चा के लिए उचित नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने आदिवासी मुद्दों की बात करते हुए कहा कि जसीडीह में निवास करने वालों की चिंता भी एक अहम विषय है।

  • झारखंड में भ्रष्टाचार के आरोप, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा

    झारखंड में भ्रष्टाचार के आरोप, बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में घूसखोरी के गंभीर आरोप

    नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर घूसखोरी के मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए बताया कि राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों—मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय, जिले, अनुमंडल और प्रखंड कार्यालयों—में घूसखोरी का चलन बढ़ रहा है।

    बोकारो जिले का चंदनक्यारी प्रखंड

    बाबूलाल मरांडी ने विशेष रूप से बोकारो जिले के चंदनक्यारी प्रखंड का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, यहां एक नवजात बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए सरकारी कर्मचारियों ने अवैध राशि की मांग की। उन्होंने बताया कि सभी दस्तावेज और प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद भी कर्मचारियों ने बार-बार फाइल खोजना और साइन कराने के नाम पर घूस मांगी।

    सरकारी कर्मचारियों की नैतिकता पर सवाल

    उन्होंने यह भी पूछा कि क्या पंजीकरण कार्यालय के कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन इतना कम है कि वे अपने वैधानिक कर्तव्यों को सही तरीके से निभा नहीं सकते। मरांडी ने बोकारो के जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जन्म प्रमाण पत्र शीघ्र जारी किया जाए।

    सार्वजनिक रूप से घूस की दरें घोषित करने की मांग

    उन्होंने प्रशासन से यह भी सुझाव दिया कि अगर अधिकारी इतने निर्लज्ज हैं, तो घूस की दरें सार्वजनिक कर दी जाएं, ताकि आम नागरिकों को बार-बार अपमानित न होना पड़े।

    झारखंड में इस तरह के आरोपों से न केवल प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल उठते हैं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।

  • बुंडू में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई।

    बुंडू में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने की कार्रवाई।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला: ACB ने किया गिरफ्तारी

    रांची: झारखंड के रांची जिले के बुंडू प्रखंड में **भ्रष्टाचार** से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगन्नाथ गोप को **एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB)** ने 25,000 रुपये की **रिश्वत** लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया है।

    खुफिया योजना के तहत गिरफ्तारी

    ACB को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें बताया गया था कि जगन्नाथ गोप एक नागरिक से रिश्वत की मांग कर रहा है। इस शिकायत के आधार पर एसीबी ने पूरी योजना बनाने का निर्णय लिया और एक जाल बिछाया। जैसे ही जगन्नाथ ने तय राशि स्वीकार की, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर रोक लिया।

    पूछताछ जारी, विभाग में हड़कंप

    गिरफ्तारी के बाद व्यक्ति को ACB कार्यालय में ले जाया गया, जहां उसके साथ पूछताछ की जा रही है और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ACB मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए गहन जांच कर रही है। इस घटना ने विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

  • कुआं का पैसा खा जाने वालों पर होगा एफआईआर

    कुआं का पैसा खा जाने वालों पर होगा एफआईआर

    राशि गबन करने वालों के खिलाफ एसीबी जांच को सीएम की मिली स्वीकृति

    चार अभियंता, मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक, लाभुक एवं अन्य पर गबन का आरोप


    रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जांच संख्या-01/2017 दिनांक 25.01.2017 (हजारीबाग प्रमण्डल) में मनरेगा योजनान्तर्गत कूप निर्माण में सरकारी राशि का दुरूपयोग करने संबंधी 10 आरोपियों के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-1623 दिनांक 07.08.2015 की कंडिका-22 के प्रावधान एवं Prevention of Corruption (Amendment) Act, 2018 के Sec 17A (1)(b) में वर्णित प्रावधानानुसार प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान करने की अनुमति भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया है।

    नल कूप का निर्माण किए बिना राशि निकासी का आरोप

    जाँचकर्त्ता द्वारा जाँचोपरान्त उल्लेख किया गया है कि चतरा निवासी बसंत सिंह एवं नरेश सिंह के नाम से दो कूप निर्माण की योजना थी, परन्तु एक ही कूप निर्माण कर दोनों कूप की राशि निकासी कर सरकारी राशि का गबन किया गया है तथा यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि नरेश सिंह के नाम से कूप निर्माण के नाम पर मुखिया, पंचायत सेवक एवं कनीय अभियंता मिलीभगत कर 58,280 रूपये की सरकारी राशि की निकासी कर गबन कर लिया गया। उक्त योजनाओं की जांच से स्पष्ट है कि स्थल पर बिना कार्य कराये ही 2,65,299 रूपये सरकारी राशि का निकासी कर बन्दरबांट कर गबन किया गया है, जिसके लिये प्रेमचन्द्र पाण्डेय, लाभुक, विशुन उराँव, रोजगार सेवक, नरेश हजाम, पंचायत सेवक, विवेक कुमार, पंचायत सेवक, संजु देवी, मुखिया, मिथिलेश सिंह उर्फ राकेश सिंह, सामग्री आपूर्तिकर्त्ता (वर्तमान मुखिया, सीमा पंचायत, चतरा), केदार सिंह, कनीय अभियंता, राजेश कुमार, कनीय अभियंता, संजय सिंह, सहायक अभियंता, तारणी मंडल, कार्यपालक अभियंता, एन.आर.ई.पी. एवं अन्य के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का साक्ष्य पाया गया।