अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी हलचल तेज
नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारियों के चलते राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। इस विषय पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बताया कि उनके साथ इस बारे में कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है, हालांकि उन्हें इस तरह की मंशा के बारे में जानकारी है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि जब तक औपचारिक नोटिस दाखिल नहीं किया जाता, इसे एक आधिकारिक खबर मानना उचित नहीं है।
शशि थरूर की प्रतिक्रिया
थरूर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “इस मुद्दे पर मेरे साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। मैं जानता हूं कि कुछ लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं, लेकिन यह अभी प्रक्रिया के चरण में है। जब तक कोई दस्तावेज़ दर्ज नहीं किया जाता, तब तक यह कुछ खास नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अगले कदम के लिए संसदीय प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है।
विपक्ष की कार्य योजना
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस प्रस्ताव को समाजवादी पार्टी (सपा) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का समर्थन मिल रहा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अभी तक अपना रुख नहीं स्पष्ट किया है। कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों के साथ समर्थन जुटाने के लिए लगातार विचारविमर्श कर रही है।
पर्याप्त संख्या का दावा
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पास अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने के लिए पर्याप्त सांसद हैं, और यदि एक या दो दल समर्थन नहीं भी करते, तो भी कांग्रेस प्रस्ताव लाने के लिए तैयार है।
बजट सत्र में तनाव
बजट सत्र के दौरान, सरकार और विपक्ष के बीच लगातार हंगामा देखा जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके परिणामस्वरूप सदन में तनाव का वातावरण बना हुआ है।
प्रियंका गांधी का आरोप
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि लोकसभा सही तरीके से कार्य नहीं कर पा रही है और विपक्ष के नेताओं को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में स्पीकर महिला सांसदों का अपमान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “स्पीकर को जिस तरह से सफाई देनी पड़ रही है, उससे स्पष्ट है कि उन पर दबाव है। सदन में कांग्रेस की 11 महिला सांसद हैं, जिनमें मैं भी शामिल हूं। सभी गंभीर राजनेता हैं और उनका अपमान स्वीकार्य नहीं है।” प्रियंका ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में नहीं आ रहे और स्पीकर पर प्रतिक्रिया देने का दबाव बनाया जा रहा है।