टैग: gautam gambhir

  • 2 अप्रैल को धोनी के नेतृत्व में भारत ने 28 साल बाद ODI विश्व कप जीता

    2 अप्रैल को धोनी के नेतृत्व में भारत ने 28 साल बाद ODI विश्व कप जीता

    नई दिल्ली: आज से 15 वर्ष पूर्व, 2 अप्रैल 2011 को, भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय लिखा गया था। उस दिन भारत की क्रिकेट टीम ने 28 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, अपना दूसरा वनडे विश्व कप जीता, जिससे देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई।

    यह ऐतिहासिक मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया, जहां भारत का सामना श्रीलंका से हुआ। श्रीलंकाई टीम उस समय एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में जानी जाती थी।

    28 वर्षों का सपना पूरा हुआ

    भारत ने अपना पहला विश्व कप 1983 में पूर्व कप्तान कपिल देव की अगुवाई में जीता था। उसके बाद, भारतीय टीम ने कई बार प्रयास किए, लेकिन हर बार उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। हालांकि, लगभग 28 साल बाद, एक युवा भारतीय टीम ने ऐसा कारनामा किया, जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। इस टीम ने मेहनत के बाद एक बार फिर वनडे विश्व कप अपने नाम किया।

    धोनी बने वनडे विश्व कप ट्रॉफी उठाने वाले दूसरे कप्तान

    आपको जानकर खुशी होगी कि महेंद्र सिंह धोनी, कपिल देव के बाद, वनडे विश्व कप ट्रॉफी उठाने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बने। उस टूर्नामेंट के दौरान, धोनी पर अपनी टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी आई। उन्होंने उस समय बल्लेबाजी की शुरुआत की जब टीम को रनों की आवश्यकता थी और समय कम था।

    धोनी ने युवराज सिंह के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसमें युवराज ने 21 रनों का योगदान दिया। दोनों ने मिलकर मैच का रुख बदल दिया। धोनी ने संयमित और संतुलित खेल खेला, जरूरत पड़ने पर चौकों की बौछार की, लेकिन उन्होंने कोई जोखिम भरा शॉट नहीं खेला।

    गंभीर की 97 रनों की शानदार पारी

    इस ऐतिहासिक मुकाबले में, भारतीय टीम ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर अपना दूसरा आईसीसी विश्व कप जीता। श्रीलंकाई टीम ने भारत को जीत के लिए 275 रनों का लक्ष्य दिया था। लक्ष्य का पीछा करते हुए, भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज गौतम गंभीर ने 97 रनों की शानदार पारी खेली, जिसने जीत की राह को आसान बना दिया।

    गंभीर के बाद, धोनी ने 91* रन बनाकर भारत को जीत दिलाई, और इस प्रकार 1983 के बाद से चले आ रहे 28 वर्षों के सूखे को समाप्त किया।

  • टी20 विश्व कप जीतने के बाद सूर्या का महत्वपूर्ण खुलासा, कप्तानी की सलाह मिली चार लोगों से

    टी20 विश्व कप जीतने के बाद सूर्या का महत्वपूर्ण खुलासा, कप्तानी की सलाह मिली चार लोगों से

    नई दिल्ली: टी20 प्रारूप के वर्तमान कप्तान सूर्यकुमार यादव, महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के बाद टी20 विश्व कप जीतने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। सूर्या को रोहित शर्मा के संन्यास के बाद भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई थी। उनकी नियुक्ति कुछ हद तक अप्रत्याशित रही, क्योंकि रोहित की कप्तानी में वे उप-कप्तान नहीं थे।

    सूर्या की कप्तानी के पीछे का कारण

    भारतीय टी20 टीम के सफल कप्तान सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया है कि उनकी कप्तानी के निर्णय में केवल मुख्य कोच गौतम गंभीर का ही योगदान नहीं, बल्कि चार और प्रमुख व्यक्तियों का भी हाथ था। इनमें पूर्व बीसीसीआई सचिव जय शाह, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर, पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा शामिल हैं।

    जय शाह का फोन कॉल

    सूर्या ने बताया कि, ‘उस समय बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने मुझे श्रीलंका सीरीज से तीन-चार दिन पहले कॉल किया था। उन्होंने कहा कि वे मुझे टी20 टीम का कप्तान बना रहे हैं।’ सूर्या ने आगे कहा कि उन्हें यह विश्वास था कि रोहित और अजीत सभी योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे, और गौतम बाद में शामिल हुए। उन्होंने राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर जय शाह से इस पर बात की और यह तय किया कि आगे चलकर भारत की कप्तानी मुझे करनी चाहिए।

    सूर्या की कप्तानी में टीम की सफलता

    जानकारी के लिए बता दें कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने अभी तक एक भी सीरीज नहीं हारी है। सूर्या ने कुल 52 मैचों में भारत की कप्तानी की है, जिसमें से 42 मैचों में सफलता हासिल की है। इस दौरान उनका जीत प्रतिशत 80 से अधिक रहा है।

  • टी20 विश्व कप जीतने के बाद गौतम गंभीर ने कहा, ‘मुझे गलती करने का हक है’

    टी20 विश्व कप जीतने के बाद गौतम गंभीर ने कहा, ‘मुझे गलती करने का हक है’

    गौतम गंभीर ने टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद कहा, “गलती करने का हक सबको है”

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के पश्चात आलोचकों को स्पष्ट जवाब दिया। एक हालिया साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि हर किसी से गलतियाँ होती हैं और यह स्वीकार करने का हक सभी को है।

    ‘खेल में फैसले लेना आसान नहीं’

    गंभीर के अनुसार, खेल में निर्णय लेना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों से लेकर कोच तक सभी गलतियाँ करते हैं। यदि किसी निर्णय का इरादा सही हो, तो उसे सीख के रूप में लेना चाहिए। उनका मत था कि गलत इरादे से लिए गए निर्णयों की कोई जगह नहीं है।

    ‘खिलाड़ियों का पूरा समर्थन किया’

    गौताम गंभीर ने खिलाड़ियों को समर्थन देने की बात करते हुए कहा कि किसी खिलाड़ी की खराब फॉर्म के आधार पर विश्वास नहीं खोना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सूर्यकुमार यादव और अभिषेक शर्मा दोनों ही टूर्नामेंट से पहले अच्छी फॉर्म में नहीं थे, फिर भी उन्होंने इन पर भरोसा जताया। इसके साथ ही, उन्होंने संजू सैमसन को ईशान किशन की जगह ओपनिंग का मौका दिया, जहाँ उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    ‘पदक जीतना गर्व की बात’

    टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद गंभीर की नजर अब ओलंपिक पर है। उन्होंने कहा कि 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल किया गया है, और भारतीय टीम इसके लिए मजबूत दावेदार मानी जा रही है। गंभीर ने यह भी कहा कि देश के लिए ओलंपिक में खेलना और पदक जीतना किसी भी खिलाड़ी या कोच के लिए गर्व की बात होगी।

  • गांगुली ने गंभीर को 2027 ODI विश्व कप को असली परीक्षा बताया

    गांगुली ने गंभीर को 2027 ODI विश्व कप को असली परीक्षा बताया

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में T20 विश्व कप का खिताब जीतकर भारत को एक बार फिर से विश्व चैंपियन बनाया है। उनकी इस उपलब्धि के साथ ही, वह दो ICC ट्रॉफियां जीतने वाले पहले भारतीय कोच बन गए हैं। इससे पहले, उन्होंने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी दिलाया था।

    हालांकि, दो ICC ट्रॉफियों की जीत के बावजूद गौतम गंभीर के लिए असली चुनौती अभी बाकी है। इस संबंध में, भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी सौरव गांगुली ने गंभीर को सावधान किया है। गांगुली के अनुसार, गंभीर की असली परीक्षा अभी शुरू नहीं हुई है, और इसमें एक साल से अधिक का समय है।

    वनडे विश्व कप 2027 है असली परीक्षा

    पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि, ‘गंभीर की वास्तविक परीक्षा 2027 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप में होगी। वहां की परिस्थितियां और पिच भारतीय टीम तथा कोच की क्षमताओं का परीक्षण करेंगी, लेकिन मुझे विश्वास है कि उनके पास मौजूद टीम बेहतरीन प्रदर्शन करेगी।’

    2023 के घाव भरने उतरेंगे गंभीर की सेना

    यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले वनडे विश्व कप का आयोजन भारत में हुआ था, जिसमें भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी शानदार रहा था। लेकिन, इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में बहुत ही दर्दनाक हार का सामना करना पड़ा था। अब कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम 2027 विश्व कप में अपनी पुरानी चोट को भरने के उद्देश्य से तैयार हो रही है।

    2027 विश्व कप का रोडमैप तैयार करने में जुटी BCCI प्रबंधन

    बीसीसीआई और गौतम गंभीर अब से ही 2027 के वनडे विश्व कप की रणनीति तैयार करने में लगे हुए हैं। जब से गंभीर ने हेड कोच का पद संभाला है, उनकी नजरें इस महत्वपूर्ण खिताब पर टिकी हुई हैं, और वह लगातार इसकी योजना बना रहे हैं। आगामी वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई इससे पहले ही खिलाड़ियों का टेस्ट कर रही है। कोच गंभीर, वनडे टीम के खिलाड़ियों का चयन 2027 की महाकुंभ को ध्यान में रखकर कर रहे हैं। इसके आलावा, दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा और विराट कोहली भी आगामी वनडे विश्व कप की तैयारी में जुटे हुए हैं।

  • धोनी के पोस्ट पर कोच गंभीर की प्रतिक्रिया ने फैंस को किया प्रभावित

    धोनी के पोस्ट पर कोच गंभीर की प्रतिक्रिया ने फैंस को किया प्रभावित

    नई दिल्ली: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर चैंपियनशिप अपने नाम की। इस यादगार जीत के बाद एक और दिलचस्प पल सामने आया।

    धोनी का इंस्टाग्राम पोस्ट

    पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भारत की सफलता के उपलक्ष्य में इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, “अहमदाबाद में इतिहास बना, टीम, सपोर्ट स्टाफ और विश्वभर में भारतीय क्रिकेट के सभी प्रशंकों को ढेर सारी बधाइयाँ। आपको खेलता देखकर बहुत अच्छा लगा। कोच साहब की मुस्कान बेहद आकर्षक है, यह एक बेहतरीन संयोजन है। बहुत अच्छा काम किया। दोस्तों का आनंद लें (बुमराह के बारे में कुछ न लिखूं तो अच्छा है। वह एक चैंपियन गेंदबाज है)।”

    गौतम गंभीर का प्रतिक्रिया

    गौतम गंभीर ने भी धोनी के संदेश पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। टी20 विश्व कप जीतने की खुशी में उन्होंने कहा, “और मुस्कुराने का इससे बड़ा कारण क्या हो सकता है। आपको देखकर बहुत अच्छा लगा।” यह बातचीत सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गई और प्रशंसकों ने इसे भारतीय क्रिकेट के लिए एक सकारात्मक संकेत माना।

    स्टेडियम में धोनी की उपस्थिति

    फाइनल मुकाबले के दौरान महेंद्र सिंह धोनी स्टेडियम में मौजूद थे। वे मैदान पर 2024 टी20 विश्व कप विजेता कप्तान रोहित शर्मा के साथ ट्रॉफी के पास खड़े नजर आए। इस पल की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं।

    टॉस हारने के बाद भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी की और शानदार प्रदर्शन किया। सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने तेज अर्धशतकीय पारियां खेलीं। तीनों ने 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाये। आखिरी ओवर में शिवम दूबे ने आक्रामक खेल दिखाया। इन सभी के प्रयासों से भारत ने विशाल 255 रन का स्कोर बनाया।

    गेंदबाजों ने आसान किया काम

    लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत काफी खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और विरोधी टीम को संभलने का कोई अवसर नहीं दिया। लगातार गिरते विकेटों के चलते न्यूजीलैंड की टीम बिखर गई और भारत ने 96 रन के बड़े अंतर से इस मुकाबले को अपने नाम किया।

  • टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल से पहले चंद्र ग्रहण से निपटने के उपाय

    टी20 विश्व कप: सेमीफाइनल से पहले चंद्र ग्रहण से निपटने के उपाय

    नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण मुकाबले की तैयारियों में भारतीय टीम, जिसका नेतृत्व गौतम गंभीर कर रहे हैं, पूर्ण जोर लगा रही है। हालांकि, मंगलवार को टीम इंडिया के अभ्यास सेशन ने एक दिलचस्प मोड़ ले लिया जब चंद्र ग्रहण के कारण खिलाड़ियों ने एक घंटे की देरी से अभ्यास शुरू किया।

    भारतीय टीम का अभ्यास सत्र पहले शाम 6 बजे निर्धारित था, लेकिन इसे बढ़ाकर 7 बजे कर दिया गया। टीम के सूत्रों के अनुसार, खिलाड़ियों को लगा कि चंद्र ग्रहण के दौरान, जो शाम 6:47 बजे से शुरू होने वाला था, अभ्यास करना अशुभ साबित हो सकता है। भारतीय खिलाड़ियों ने इस वर्ल्ड कप में अपनी धार्मिक आस्था का ध्यान रखा है; कप्तान सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा और कोच गंभीर ने प्रमुख मंदिरों के दर्शन भी किए हैं।

    वानखेड़े में पुरानी प्रतिद्वंद्विता

    मुंबई का ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम एक बार फिर दो महान क्रिकेटिंग प्रतिद्वंद्वियों का गवाह बनेगा। यह लगातार तीसरा टी20 वर्ल्ड कप है जिसमें भारत और इंग्लैंड सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगे। पिछले दो संस्करणों में, 2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराया था, जबकि 2024 में भारत ने इंग्लैंड को मात दी। इस प्रतिद्वंद्विता ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह को बढ़ा दिया है।

    जीत का दिलचस्प संयोग

    इस सेमीफाइनल का एक सांख्यिकीय पहलू काफी रोचक है। पिछले दोनों संस्करणों में सेमीफाइनल जीतने वाली टीम ने अंततः वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता है। 2022 में इंग्लैंड ने भारत को हराकर खिताब जीता, जबकि 2024 में भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में इंग्लैंड को हराया। ऐसे में गुरुवार के मुकाबले से यह तय हो सकता है कि इस साल का विश्व विजेता कौन बनेगा।

    मैदान के आंकड़े और भारत का दबदबा

    वानखेड़े स्टेडियम में भारत का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। भारतीय टीम ने यहां खेले गए सात मैचों में से पांच में जीत हासिल की है। खास बात यह है कि दिसंबर 2017 के बाद से भारत यहां कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं हारा है। वहीं, इंग्लैंड का प्रदर्शन यहां औसत रहा है, जहां उन्होंने छह मैचों में से तीन जीते और तीन हारे हैं। घरेलू मैदान के अनुकूल माहौल और बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए भारत इस मुकाबले में आगे नजर आ रहा है।

    सेमीफाइनल की तैयारी के लिए टीम इंडिया के पास केवल दो दिन का समय बचा है। चंद्र ग्रहण के कारण अभ्यास में हुई देरी के बाद, खिलाड़ी अब मैदान पर पूरी मेहनत से तैयारी कर रहे हैं। गौतम गंभीर की रणनीति इंग्लैंड की आक्रामक चुनौती को टक्कर देने पर केंद्रित है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में युवा और अनुभवहीन खिलाड़ियों का संतुलन भारत को खिताब के करीब ले जाने में मदद कर सकता है। पूरे देश की नजरें अब गुरुवार के इस महामुकाबले पर हैं।

  • IND vs WI: शशि थरूर ने संजू सैमसन पर किया गंभीर का समर्थन

    IND vs WI: शशि थरूर ने संजू सैमसन पर किया गंभीर का समर्थन

    नई दिल्ली: भारत ने वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत का श्रेय संजू सैमसन को जाता है, जिन्होंने इस नॉकआउट मैच में नाबाद 97 रन बनाकर सभी का दिल जीत लिया। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी घोषित किया गया। इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरुर का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने टीम की सफलता के लिए कोच गौतम गंभीर को धन्यवाद दिया है।

    गौतम गंभीर को धन्यवाद

    भारतीय टीम द्वारा सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद, सांसद शशि थरुर ने टीम इंडिया को बधाई दी और कोच गौतम गंभीर का आभार जताया। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘संजू सैमसन पर विश्वास बनाए रखने के लिए धन्यवाद गौतम गंभीर।’ गौतम गंभीर ने संजू सैमसन पर लगातार भरोसा बनाए रखा है, जो कि पहले से ही ज्ञात है। इस समर्थन के कारण थरुर ने गंभीर का धन्यवाद किया।

    संजू सैमसन की चारों ओर चर्चा

    संजू सैमसन की शानदार पारी के बाद उनका नाम हर जगह सुर्खियों में है। देशभर में उनकी जमकर प्रशंसा की जा रही है। इस दौरान, कांग्रेस सांसद शशि थरुर ने भी संजू के प्रदर्शन की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए लिखा कि ‘आज वेस्ट इंडीज के विरुद्ध वर्चुअल क्वार्टरफाइनल में @IamSanjuSamson की असाधारण पारी ने मुझमें गर्व और राहत का अनुभव कराया।’

    5 मार्च को सेमीफाइनल

    आपको जानकारी के लिए बताना चाहते हैं कि वेस्टइंडीज को हराने के बाद भारत ने सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। सेमीफाइनल मुकाबला 5 मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ खेला जाएगा, जो मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित होगा।

  • गौतम गंभीर और अभिषेक शर्मा की बस में विवाद श्रंखला के चलते गरमाई टकरार

    गौतम गंभीर और अभिषेक शर्मा की बस में विवाद श्रंखला के चलते गरमाई टकरार

    नई दिल्ली: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका से मिली 76 रनों की हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम में हलचल शुरू हो गई है। सोमवार को जब टीम चेन्नई एयरपोर्ट पहुंची, तो सभी की निगाहें युवा ओपनर अभिषेक शर्मा पर थीं। लेकिन असली चर्चा उस समय शुरू हुई जब टीम की बस में एक वायरल वीडियो ने सबका ध्यान खींचा, जिसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर और अभिषेक शर्मा गंभीर मुद्रा में चर्चा करते नजर आ रहे हैं।

    इस वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि बस के चलते समय गौतम गंभीर और अभिषेक शर्मा, ड्राइवर के ठीक सामने वाली सीट पर बैठे हैं। गंभीर का बॉडी लैंग्वेज सख्त दिखाई दे रहा है और वे तकनीकी बदलावों या रणनीतिक सुधारों पर चर्चा कर रहे हैं। प्रशंसकों के लिए यह संवाद महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत इस समय सुपर-8 के सेमीफाइनल में पिछड़ गया है और सलामी बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर चिंता बनी हुई है।

    अभिषेक शर्मा का निराशाजनक प्रदर्शन

    भारतीय टीम के उभरते सितारे माने जाने वाले अभिषेक शर्मा के लिए यह टूर्नामेंट काफी निराशाजनक रहा है। उनके आंकड़े उनकी असफलता की कहानी बताते हैं। अमेरिका, पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ उन्होंने बिना रन बनाए वापसी की (0, 0, 0)। पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने एक चौका तो लगाया, लेकिन केवल 15 रन बना कर लौटने से टीम की स्थिति पर दबाव बढ़ गया है।

    जिम्बाब्वे के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबला

    अब भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में जिम्बाब्वे के खिलाफ है। सेमीफाइनल की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए इस मैच को जीतना बेहद जरूरी है। ऐसे में गौतम गंभीर और अभिषेक के बीच की चर्चा को एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। यदि अभिषेक इस मौके का सही फायदा नहीं उठाते हैं, तो टीम प्रबंधन को शीर्ष क्रम में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

  • अर्शदीप सिंह का रहमान डकैत गाने पर वायरल डांस, पाकिस्तान मैच से पहले कोलंबो में

    अर्शदीप सिंह का रहमान डकैत गाने पर वायरल डांस, पाकिस्तान मैच से पहले कोलंबो में

    नई दिल्ली: 15 फरवरी को पाकिस्तान के विरुद्ध होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच से पहले कोलंबो में भारतीय टीम का भव्य स्वागत किया गया। अर्शदीप सिंह उत्साह से भरे हुए नजर आए और उन्होंने अपने अंदर के अक्षय खन्ना के गुणों को प्रदर्शित किया। भारतीय टीम ने गुरुवार को नई दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद शुक्रवार देर रात श्रीलंका की राजधानी पहुंची।

    कोलंबो में भारतीय टीम का स्वागत बहुत धूमधाम से किया गया, जिसमें पारंपरिक संगीत और नृत्य ने उनके शानदार आगमन का माहौल बनाया। इस दौरान टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने नेतृत्व किया, जबकि स्टार ऑल-राउंडर हार्दिक पांड्या अपनी गर्लफ्रेंड के साथ नजर आए।

    अर्शदीप ने किस गाने पर किया डांस?

    भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा पेट के इन्फेक्शन से उबरकर अच्छे मूड में दिखे। टीम के अन्य सदस्यों और सपोर्ट स्टाफ ने पारंपरिक नृत्य का आनंद लिया, लेकिन अर्शदीप ने इसे और भी खास बना दिया। उन्होंने धुरंधर फिल्म के प्रसिद्ध गाने पर अक्षय खन्ना के किरदार की तरह डांस किया। उनके बगल में खड़े अक्षर पटेल अपने साथी के डांस स्टेप्स देखकर हंसने से खुद को रोक नहीं पाए।

    अर्शदीप का T20 वर्ल्ड कप में कैसा रहा प्रदर्शन?

    अर्शदीप T20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के प्रमुख गेंदबाजों में से एक रहे हैं, क्योंकि मेजबान टीम ने अब तक अपने सभी मैचों में जीत हासिल कर एक बेहतरीन रिकॉर्ड बनाया है। इस दौरान उन्होंने 18 की औसत और 7.71 की इकॉनमी-रेट से तीन विकेट लिए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ रविवार को होने वाले मैच में, अर्शदीप ने चार T20I मैचों में 17.57 की औसत से सात विकेट हासिल किए हैं। कोलंबो में होने वाला यह मुकाबला ग्रुप A में शीर्ष स्थान निर्धारित करने में मददगार साबित हो सकता है, हालाँकि बारिश का खतरा भी गंभीर बना हुआ है।

  • भाजपा ने कांग्रेस से पूछा, क्या थरूर को मिलेगा ‘फतवा’? गौतम गंभीर की प्रशंसा पर विवाद

    भाजपा ने कांग्रेस से पूछा, क्या थरूर को मिलेगा ‘फतवा’? गौतम गंभीर की प्रशंसा पर विवाद

    थरूर की प्रशंसा से भाजपा का सवाल

    नई दिल्ली। कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के साथ एक सेल्फी साझा की। थरूर ने गंभीर की आलोचनाओं के बावजूद उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि गंभीर का काम भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद सबसे चुनौतीपूर्ण है। इस मुलाकात पर भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

    भाजपा की प्रतिक्रिया

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि कांग्रेस शायद थरूर के खिलाफ एक और फतवा जारी कर सकती है। उन्होंने ट्वीट किया कि यह सवाल उठाना कि थरूर का नागपुर जाना, गंभीर से मिलना या फिर मोदी के बाद गंभीर के काम की मुश्किलता को मानना, कांग्रेस के लिए गुस्से का कारण बन सकता है।

    थरूर का गंभीर को समर्थन

    थरूर ने गंभीर की प्रशंसा करते हुए कहा कि लाखों लोग उनके निर्णयों पर सवाल उठाते हैं, लेकिन वह हमेशा शांत रहते हैं और निर्भीक होकर कार्य करते हैं। थरूर ने लिखा, “उनकी शांत दृढ़ता और नेतृत्व की प्रशंसा करनी चाहिए।” उन्होंने गंभीर को भविष्य में सभी सफलताओं के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

    गंभीर का जवाब

    इस पर गंभीर ने देर रात एक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने थरूर का धन्यवाद करते हुए लिखा कि जब हालात शांत हो जाएंगे, तब कोच के सीमित अधिकारों को लेकर सच्चाई सामने आएगी। गंभीर ने कहा कि इस स्थिति में खुद को खड़ा देखना उनके लिए हास्यास्पद है।

  • IND vs NZ: इंदौर में भारत की हार पर गौतम गंभीर के खिलाफ नारे लगाए गए

    IND vs NZ: इंदौर में भारत की हार पर गौतम गंभीर के खिलाफ नारे लगाए गए

    नई दिल्ली: हाल ही में 19 जनवरी को भारत और न्यूजीलैंड के बीच एकदिवसीय श्रृंखला का अंतिम मैच खेला गया, जिसमें भारतीय टीम को एक ठोस हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में भारत को 41 रनों से हार मिली, और इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने 37 वर्षों में पहली बार अपने घरेलू मैदान पर कीवी टीम के खिलाफ शिकस्त झेली।

    भारत की इस हार के तुरंत बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा, जिसमें दावा किया गया कि भारतीय प्रशंसकों ने हेड कोच गौतम गंभीर के खिलाफ ‘हाय-हाय’ के नारे लगाए। अब प्रश्न उठता है कि क्या यह वीडियो सच है या केवल सोशल मीडिया की एक शरारत? चलिए जानते हैं इसकी विस्तृत जानकारी।

    वायरल वीडियो की सामग्री

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो लगभग 19 सेकंड लंबा है, जिसमें विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, नितीश कुमार रेड्डी, केएल राहुल, हर्षित राणा और रविंद्र जडेजा एक साथ मैदान पर खड़े नजर आ रहे हैं। इसी दौरान हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पास खड़े दिखाई देते हैं। बैकग्राउंड में ‘गौतम गंभीर हाय-हाय’ के नारे सुनाई देते हैं, जो सभी खिलाड़ियों को चकित कर देते हैं। वीडियो में विराट कोहली भी प्रशंसकों की ओर देखकर हैरान नजर आते हैं। कई लोग मानते हैं कि यह इंदौर स्टेडियम का दृश्य है। अब प्रशंसकों के मन में यह संदेह है कि क्या यह वीडियो असली है या नकली।

    वीडियो की वास्तविकता

    वास्तव में, यह वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी है। इस वीडियो में जो नारे सुनाई दे रहे हैं, वे इंदौर वनडे मैच के नहीं हैं। यह दरअसल एक पुरानी आवाज का संपादित अंश है, जिसे इस वीडियो में जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। यह आवाज नवंबर के महीने में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए टेस्ट मैच की है, जहां गुवाहाटी में भारतीय टीम ने हार का सामना किया था। उस मैच में नाराज प्रशंसकों ने गौतम गंभीर के खिलाफ ‘हाय-हाय’ के नारे लगाए थे। इसी ऑडियो को लेकर यह नया वीडियो बनाया गया है।

    इंदौर वनडे मैच का विवरण

    इंदौर में हुए तीसरे वनडे मैच में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 337 रन बनाये, जिसमें डेरिल मिचेल ने 137 रन और ग्लेन फिलिप्स ने 106 रन का योगदान दिया।

    इसके प्रत्युत्तर में भारतीय टीम का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा, और एक के बाद एक विकेट खोते रहे। हालांकि, विराट कोहली ने 124 रनों की शानदार पारी खेली, साथ ही हर्षित राणा और नितीश कुमार रेड्डी ने भी अर्धशतक जमा कर भारत का स्कोर बढ़ाया। लेकिन इसके बावजूद, भारतीय टीम 46 ओवर में 296 रन बनाकर ऑल आउट हो गई और 41 रनों से हार गई।

  • IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद फैंस ने गौतम गंभीर को निशाना बनाया

    IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद फैंस ने गौतम गंभीर को निशाना बनाया

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम की टेस्ट सीरीज़ में हार के बाद वनडे फॉर्मेट में भी उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। हाल के दिनों में न्यूजीलैंड ने भारत को टेस्ट सीरीज़ में 3-0 से हराया था और अब तीन मैचों की वनडे सीरीज़ भी 2-1 से जीत ली है। यह ध्यान देने वाली बात है कि कीवी टीम के कई प्रमुख खिलाड़ी जैसे मैट हेनरी, केन विलियमसन और रचिन रविंद्र इस सीरीज़ में शामिल नहीं थे। फिर भी, टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे के बाद, भारत के हेड कोच गौतम गंभीर के प्रति फैंस की नाराजगी स्पष्ट दिखाई दी है।

    निर्णायक मुकाबले में भारत को दी मात

    इंदौर में खेले गए अंतिम मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से मात दी। वडोदरा में पहले मैच में हार के बाद मेहमान टीम ने जोरदार वापसी की और मजबूती से खेल का प्रदर्शन किया। यह जीत न्यूजीलैंड के संयम और बल्लेबाज़ों की स्थिरता को दर्शाती है। डेरिल मिचेल ने लगातार दो शतक लगाकर अपनी टीम को विजय दिलाई और उन्हें इस सीरीज़ का प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़ घोषित किया गया।

    फैंस की नाराजगी और गंभीर पर दबाव

    सोशल मीडिया पर भारतीय फैंस की नाराजगी स्पष्ट रूप से सामने आई। उन्होंने कई ट्वीट्स के माध्यम से गौतम गंभीर के कार्यकाल पर प्रश्न उठाए। घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ की हार ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चिंता का कारण उत्पन्न कर दिया है। कई फैंस ने हेड कोच को हटाने की मांग की।

    फैंस की प्रतिक्रियाएँ

    मैच का हाल

    टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी न्यूजीलैंड ने 50 ओवर में 337 रन बनाए। डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने शतकीय पारियां खेलकर भारत के गेंदबाज़ों को चुनौती दी। उनके आक्रामक शॉट्स और मैच की स्थिति को समझते हुए खेलना निर्णायक साबित हुआ। दूसरे तरफ, भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। शीर्ष-5 में से चार बल्लेबाज 100 रन से पहले आउट हो गए। विराट कोहली ने शानदार शतक बनाया, लेकिन उनके साथी बल्लेबाज़ों का योगदान सीमित रहा। अंत में नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा ने संघर्ष किया, लेकिन तब तक मैच भारत के हाथ से निकल चुका था।

  • गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया का निराशाजनक प्रदर्शन जारी

    गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया का निराशाजनक प्रदर्शन जारी

    नई दिल्ली: जब भारतीय क्रिकेट टीम ने गौतम गंभीर को नए मुख्य कोच के रूप में नियुक्त किया, तो लाखों प्रशंसकों को उम्मीद थी कि टीम एक नई आक्रामक मानसिकता और मजबूत रणनीति के साथ खेल खेलेगी। अपने खेलने के दिनों में गंभीर को उनके जुझारू स्वभाव और निडर निर्णय लेने के लिए जाना जाता था। लेकिन कोच बनने के बाद, टीम इंडिया का प्रदर्शन आशाओं के बिल्कुल विपरीत रहा।

    गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में भारतीय टीम की बागडोर संभाली। उनके मार्गदर्शन में भारत ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीते, जो अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। इन जीतों ने कुछ समय के लिए आलोचनाओं का सामना किया, लेकिन इसके बाद के घटनाक्रम ने प्रशंसकों को फिर से निराश कर दिया।

    टेस्ट क्रिकेट में कई पुराने रिकॉर्ड टूटे

    गंभीर की कोचिंग में भारतीय टेस्ट क्रिकेट को भारी झटके लगे। जहाँ टीम ने घरेलू धरती पर वर्षों से अपराजेय बनाए रखा था, वहीं हाल के समय में हार एक सामान्य बात बन गई।

    • भारत को 12 साल बाद पहली बार घरेलू टेस्ट श्रृंखला में हार झेलनी पड़ी।
    • 25 वर्षों में पहली बार घरेलू टेस्ट श्रृंखला में उन्हें क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा।
    • अक्टूबर 2024 में टेस्‍ट मैचों में भारत का अब तक का सबसे कम स्कोर बना।
    • नवंबर 2025 में रनों के अंतर से सबसे बड़ी टेस्ट हार दर्ज हुई।
    • भारत पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह नहीं बना सका।
    • ये सभी परिणाम भारतीय टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

    वनडे क्रिकेट में भी प्रदर्शन रहा निराशाजनक

    वनडे प्रारूप में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। अगस्त 2024 में भारत को श्रीलंका के खिलाफ वनडे श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, जो 1997 के बाद पहली बार हुआ। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे श्रृंखला भी भारत के हाथ से निकल गई।

    इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से हराकर श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की। यह भारत में न्यूजीलैंड की पहली वनडे श्रृंखला जीत थी, जिसने हार के दर्द को और बढ़ा दिया।

    बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर असर

    गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारत को 2015 के बाद पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी गंवानी पड़ी। घरेलू मैदान पर जो दबदबा वर्षों से बना था, वह अब धीरे-धीरे कमजोर होता दिख रहा है। विरोधी टीमें अब भारत को उसी के घर में चुनौती देने लगी हैं और कई बार जीत भी हासिल कर रही हैं।

  • भारत की घरेलू हार के पांच मुख्य कारण: रोहित, गिल और कोहली का असफल प्रदर्शन

    भारत की घरेलू हार के पांच मुख्य कारण: रोहित, गिल और कोहली का असफल प्रदर्शन

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के प्रशंसकों के लिए रविवार का दिन एक बड़े झटके के रूप में सामने आया। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में आयोजित वनडे मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रनों से मात देकर पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीतने का कारनामा किया।

    338 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने 124 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम के अन्य खिलाड़ियों ने निराश किया। इस हार के बाद फैंस सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। आइए इस हार के कारणों पर नजर डालते हैं।

    1. रोहित शर्मा: कप्तान की खामोशी

    कप्तान रोहित शर्मा से बड़े लक्ष्य के सामने बड़ी पारी की उम्मीद थी, किंतु वह महज 11 रन बनाकर आउट हो गए। पूरी सीरीज में उन्होंने केवल 61 रन बनाए, जो फैंस को निराश करने वाला रहा। अब वर्ल्ड कप में उनकी जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    2. शुभमन गिल: उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे

    घरेलू मैदान पर रनों की बौछार करने वाले शुभमन गिल इस निर्णायक मैच में केवल 23 रन बना सके। उन पर कप्तान के रूप में बड़ी पारी खेलने का दबाव था, लेकिन वह असफल रहे। गिल के विदाई के बाद फैंस ने kritik की कि वह अपनी गलती से आउट हुए।

    3. श्रेयस अय्यर: उप-कप्तान का प्रदर्शन निराशाजनक

    उप-कप्तान श्रेयस अय्यर से उम्मीद की गई थी कि वह मिडल ऑर्डर में पारी को संभालेंगे, लेकिन उन्होंने सिर्फ 3 रन बनाए। पिछले दो मैचों की निराशाजनक पारियों ने भारत की स्थिति को कमजोर किया। जब कोहली को समर्थन की आवश्यकता थी, अय्यर ने निराश किया।

    4. रवींद्र जडेजा: न बल्ला न गेंद

    ऑलराउंडर जडेजा ने इस सीरीज में सबसे बड़ी निराशा लोगों के लिए प्रदान की। निर्णायक मैच में वह केवल 12 रन बना सके और गेंदबाजी में 6 ओवर में 41 रन खर्च कर एक भी विकेट नहीं लिया। उनके प्रदर्शन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    5. कुलदीप यादव: मिडिल ओवर्स में बेअसर

    कुलदीप यादव की गेंदबाजी कीवी बल्लेबाजों के सामने प्रभावी साबित नहीं हुई। उन्होंने 6 ओवर में 48 रन खर्च किए और केवल एक विकेट लिया। टीम को जब विकेट की जरूरत थी, तब वह संघर्ष करते नजर आए।

    फैंस का गुस्सा

    हनसे लेकर सोशल मीडिया तक, फैंस इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं। एक प्रशंसक का कहना है, “विराट कोहली अकेले कब तक लड़ेगा? सीनियर खिलाड़ियों को अब रिटायरमेंट ले लेना चाहिए।” गौतम गंभीर और रोहित शर्मा की जोड़ी अब लोगों की आलोचना का शिकार बन गई है।

  • गौतम गंभीर की अगुवाई में टीम इंडिया ने बनाए 35 निराशाजनक रिकॉर्ड

    गौतम गंभीर की अगुवाई में टीम इंडिया ने बनाए 35 निराशाजनक रिकॉर्ड

    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के 92 साल के इतिहास में ऐसा अभूतपूर्व घटनाक्रम गौतम गंभीर के मुख्य कोच रहते देखने को मिला है। इंदौर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार केवल एक खेल की हार नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के गिरते स्तर की एक स्पष्ट पहचान है जिसने प्रशंसकों को परेशानी में डाल दिया है।

    गौतम गंभीर, जिन्होंने खुद को बेहतरीन बल्लेबाज और कप्तान कहा था, अब सबसे खराब कोच माने जा रहे हैं। आने वाले समय में उनकी कोचिंग की स्थिति चिंताजनक दिखाई दे रही है।

    इंदौर में भारतीय दृढ़ता का पतन

    इंदौर का होल्कर स्टेडियम भारत के लिए एक अभेद्य किला रहा है, जहां भारत ने कभी भी वनडे नहीं हारा था। लेकिन कीवी टीम ने न केवल भारत को 41 रनों से मात दी, बल्कि पहली बार भारत में वनडे श्रृंखला को 2-1 से अपने नाम किया, जिससे भारतीय क्रिकेट का मान झुक गया। विराट कोहली के 124 रन भी इस हार के पीछे की टीम की कमजोर गेंदबाजी और खराब योजना को छिपा नहीं सके।

    गौतम गंभीर के कार्यकाल के नकारात्मक रिकॉर्ड

    गौतम गंभीर के कोचिंग के दौरान टीम इंडिया को जीत की तुलना में अनचाहे रिकॉर्ड्स के लिए अधिक चर्चा का विषय बनते देखा गया है। प्रशंसक आश्चर्यचकित हैं कि क्या यह वही आक्रामक भारत है जिसे वे जानते हैं।

    घरेलू पिचों पर हार: 12 वर्षों में पहली बार घर में टेस्ट श्रृंखला हारना और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट एवं वनडे दोनों में हारना भारतीय क्रिकेट के लिए एक सबसे बड़ा कलंक है।

    इतिहास की सबसे बड़ी हार: 408 रनों की हार और 124 रनों का लक्ष्य हासिल न कर पाना अब इस टीम की नई पहचान बन गया है।

    असफलता का सिलसिला: घरेलू मैदान पर 50 रन के अंदर ऑल-आउट होना और वानखेड़े में 147 रन के लक्ष्य को न हासिल कर पाना प्रशंसकों के लिए एक बड़ा सदमा है।

    प्रशंसकों का आक्रोश

    सोशल मीडिया पर “Sack Gambhir” जैसे ट्रेंड चल रहे हैं। प्रशंसकों का गुस्सा बिल्कुल सही है, क्योंकि 36 वर्ष बाद न्यूजीलैंड से घर में टेस्ट हारना और 25 वर्ष बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में हारना सहन करने योग्य नहीं है। एक निराश प्रशंसक ने कहा, “हम रिकॉर्ड बनाने के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब हम रिकॉर्ड तोड़ने के लिए जाने जाते हैं। गंभीर के आगमन ने भारतीय क्रिकेट के आत्मविश्वास को नष्ट कर दिया है।”

    WTC फाइनल में असफलता

    भारत पहली बार WTC फाइनल की दौड़ से बाहर हो गया है। एडिलेड से लेकर मैनचेस्टर और लॉर्ड्स से इंदौर तक हार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 17 साल बाद एडिलेड में वनडे हारना और 45 साल बाद एक कैलेंडर वर्ष में एक भी वनडे न जीत पाना टीम की तैयारियों की पोल खोलता है।

  • IND vs NZ: अर्शदीप सिंह के विकेट पर फैंस ने गौतम गंभीर को किया आड़े हाथों

    IND vs NZ: अर्शदीप सिंह के विकेट पर फैंस ने गौतम गंभीर को किया आड़े हाथों

    भारत बनाम न्यूजीलैंड: अर्शदीप सिंह ने किया कमाल

    इंदौर: आज इंदौर में न्यूजीलैंड और भारत के बीच तीसरे वनडे का मैच चल रहा है, जिसमें अर्शदीप सिंह ने अपनी स्थान वापसी की। एकदिवसीय प्रारूप में टीम में लौटते ही उन्होंने अपनी गेंदबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। मैच के पहले ओवर की चौथी गेंद पर अर्शदीप ने कीवी ओपनर हेनरी निकोलस को आउट कर दिया।

    अर्शदीप का प्रभावशाली प्रदर्शन

    भारतीय तेज गेंदबाजी के भविष्य माने जाने वाले अर्शदीप सिंह ने एक बार फिर साबित किया कि वह किसी भी परिस्थिति में विकेट दिलाने की क्षमता रखते हैं। कप्तान शुभमन गिल ने उन्हें पहले ओवर में गेंद थमाई और बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। अर्शदीप का गेंदबाजी का जादू हेनरी निकोलस के स्टंप्स को उखाड़ने में सफल रहा।

    सोशल मीडिया पर मिल रही आलोचना

    अर्शदीप के विकेट मिलने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने कोच गौतम गंभीर की आलोचना शुरू कर दी है। जिन दोनों मैचों में अर्शदीप को प्लेइंग इलेवन में नहीं रखा गया था, उन पर अब गंभीर को ट्रोल किया जा रहा है। प्रशंसकों ने उन्हें याद दिलाया है कि अर्शदीप को पहले ही ओवर में विकेट दिलाने के बाद क्यों नहीं चुना गया।

    अर्शदीप सिंह का वनडे करियर

    अगर अर्शदीप के वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक भारत के लिए 14 एकदिवसीय मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 5.29 की इकॉनमी के साथ 22 विकेट लिए हैं, जिसमें एक फाइफर भी शामिल है।

  • पाकिस्तान के पूर्व कोच ने टीम इंडिया के कोच पर बड़ा बयान दिया

    पाकिस्तान के पूर्व कोच ने टीम इंडिया के कोच पर बड़ा बयान दिया

    नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व कोच जेसन गिलेस्पी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए भारतीय हेड कोच के तौर पर गौतम गंभीर को लेकर स्पष्ट शब्दों में ‘नहीं’ कह दिया। गिलेस्पी ने अपने जवाब में बताया कि उन्हें इस भूमिका में कोई दिलचस्पी नहीं है, जिसके बाद क्रिकेट जगत में उनके इस जवाब को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

    सात महीने में इस्तीफे का निर्णय

    गिलेस्पी का अंतरराष्ट्रीय कोचिंग अनुभव, जो उन्होंने ICC के पूर्ण सदस्य देश के साथ हासिल किया, दर्शाता है कि यह समय उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। उन्हें 2024 में पाकिस्तान पुरुष टीम का कोच नियुक्त किया गया था, लेकिन नवंबर 2024 में उनका इस्तीफा हो गया, जिसके बाद आकिब जावेद ने यह जिम्मेदारी संभाली। गिलेस्पी ने पाकिस्तान के साथ अपने अनुभव और इस्तीफे के कारणों पर भी प्रकाश डाला है।

    गौतम गंभीर पर बढ़ता दबाव

    हाल के समय में, भारत के टेस्ट कोच गौतम गंभीर पर लगातार दबाव बना हुआ है, खासकर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घर पर मिली हार के बाद। कुछ समय पहले, बीसीसीआई की ओर से वीवीएस लक्ष्मण को भी हेड कोच बनाने की बात चल रही थी, लेकिन लक्ष्मण ने भी इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।

    यूजर के सवाल का जवाब

    एक यूजर ने ‘X’ पर सीधे गिलेस्पी से पूछा कि क्या वह भारत को कोचिंग देने पर विचार करेंगे। यूजर ने लिखा, “जेसन, भारत को कोचिंग देने की आवश्यकता है, क्योंकि वे लगातार हार रहे हैं, कुछ घरेलू मुकाबलों में व्हाइट वॉश तक हो चुके हैं।” गिलेस्पी ने बिना देर किए दो शब्दों में जवाब दिया: “नहीं धन्यवाद।”

    रेड-बॉल कोच के रूप में प्रतिष्ठा

    पाकिस्तान में आई चुनौतियों के बावजूद, गिलेस्पी उपमहाद्वीप में एक और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका लेने के प्रति सतर्क हो सकते हैं। भारत की कोचिंग की जिम्मेदारी ठुकराने के बाद भी, गिलेस्पी को एक रेड-बॉल कोच के तौर पर काफी सम्मान प्राप्त है। काउंटी क्रिकेट में उनके यॉर्कशायर और ससेक्स के साथ अनुभव ने उन्हें लगातार मांग में बनाए रखा है।

  • बीसीसीआई ने गौतम गंभीर को लेकर चल रही अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी

    बीसीसीआई ने गौतम गंभीर को लेकर चल रही अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी

    गौतम गंभीर की कोचिंग पर बीसीसीआई का स्पष्टीकरण

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने मुख्य कोच गौतम गंभीर के संदर्भ में चल रही अटकलों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि गंभीर को कोच पद से हटाने की सभी चर्चाएं निराधार हैं। हाल ही में, खबरें आई थीं कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली हार के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण से नए कोच के रूप में बात की गई थी।

    गंभीर का रिकॉर्ड और कोचिंग की चुनौतियाँ

    गौतम गंभीर का सीमित ओवर क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड है, और उनकी अगुवाई में टीम ने एक बार आईसीसी तथा एक बार एसीसी ट्रॉफी जीती है। लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में सेना देशों के खिलाफ लगातार 10 टेस्ट मैचों में हार ने उनकी कोचिंग शैली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स में बताया गया था कि बीसीसीआई में किसी वरिष्ठ अधिकारी ने लक्ष्मण से अनौपचारिक चर्चा की थी, लेकिन यह जानना संभव नहीं था कि वह लाल गेंद की टीम का कोच बनने में रुचि रखते हैं। हालांकि, लक्ष्मण ने बंगलूरू के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपने वर्तमान पद पर संतोष प्रकट किया है।

    बीसीसीआई का स्पष्ट रुख

    सचिव देवजीत सैकिया ने इन अटकलों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि “यह खबर बिल्कुल गलत है। ये सभी बातें मात्र अटकलों पर आधारित हैं। कुछ प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियां भी इस तरह की खबरें फैला रही हैं, लेकिन इसमें कोई आधार नहीं है। बीसीसीआई ने किसी भी तरह का कदम नहीं उठाया है।” इस प्रकार, बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि गंभीर को पूर्ण समर्थन प्राप्त है।

    गंभीर का अनुबंध और आगामी सीरीज

    गंभीर का अनुबंध 2027 वनडे विश्व कप तक है। हालांकि, यह चर्चा चल रही है कि क्या वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र के लिए उपयुक्त हैं या नहीं। भारत ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर की थी। भारतीय टीम को 2026 में श्रीलंका के खिलाफ और अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने हैं, इसके बाद जनवरी-फरवरी 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक श्रृंखला खेली जाएगी।

  • गौतम गंभीर की कोचिंग नौकरी संकट में, BCCI ने की संपर्क दक्षिण अफ्रीका टेस्ट की हार के बाद

    गौतम गंभीर की कोचिंग नौकरी संकट में, BCCI ने की संपर्क दक्षिण अफ्रीका टेस्ट की हार के बाद

    गौतम गंभीर और भारतीय क्रिकेट: वर्तमान स्थिति की पड़ताल

    नई दिल्ली : क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह बातें नई नहीं हैं कि गौतम गंभीर और भारतीय क्रिकेट टीम के बीच कुछ समस्याएँ चल रही हैं। जबकि सफेद गेंद क्रिकेट में उनकी सराहना होती है, लाल गेंद क्रिकेट में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है।

    पिछले मैचों में निराशाजनक परिणाम

    हालिया मैचों में निरंतर हार, विशेषकर दक्षिण अफ्रीका से मिली हार के बाद, कई रिपोर्ट्स ने यह सुझाव दिया है कि गौतम गंभीर के भविष्य पर चर्चा चल रही है। एक उल्लेखनीय रिपोर्ट में कहा गया है कि BCCI में गंभीर के अनुबंध पर विचार किया जा रहा है। यह भी कहा गया है कि एक क्रिकेट ग्रेट ने अनौपचारिक रूप से कोचिंग की भूमिका के लिए संपर्क किया था।

    SENA के खिलाफ 10 टेस्ट हार: क्या होगा कारण?

    गौतम गंभीर के रिकॉर्ड में सफेद गेंद के दोनों प्रारूपों में ICC और ACC ट्रॉफियों का समावेश तो है, लेकिन SENA के खिलाफ 10 टेस्ट हार ने उनकी स्थिति को कमजोर किया है। यह माना जाता है कि पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में भारत की हार के बाद, क्रिकेट बोर्ड ने वीवीएस लक्ष्मण से चर्चा की कि क्या वह रेड गेंद टीम को कोचिंग देने में रुचि रखते हैं। हालांकि, लक्ष्मण ने पहले से ही बेंगलुरु में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में ‘हेड ऑफ़ क्रिकेट’ के रूप में काम करने का निर्णय लिया है।

    क्या होगा 2027 ODI वर्ल्ड कप के बाद?

    गौतम गंभीर का BCCI के साथ अनुबंध 2027 ODI वर्ल्ड कप तक है, लेकिन आगामी T20 वर्ल्ड कप में भारत के प्रदर्शन के आधार पर इस पर पुनर्विचार हो सकता है। BCCI में यह चर्चा जारी है कि क्या गंभीर को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 साइकिल में बाकी नौ टेस्ट मैचों के लिए कप्तान के रूप में सही माना जा सकता है।

    ड्रेसिंग रूम की स्थिति

    पोस्टर बॉय को किया बाहर
    आजकल, भारतीय ड्रेसिंग रूम एक संकट का सामना कर रहा है, जहां कई खिलाड़ियों को गंभीर के शासन में खुद को सुरक्षित नहीं महसूस हो रहा है। राहुल द्रविड़ के समय की तुलना में, जब भूमिकाएँ स्पष्ट थीं, अब स्थिति भिन्न है। द्रविड़ के तीन वर्षों में खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिला।

    प्रदर्शन पर गंभीर की छाप

    शुभमन गिल को T20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर करने के निर्णय ने स्पष्ट रूप से गंभीर की छाप को दर्शाया है। इससे खिलाड़ियों को इस बात की स्पष्टता मिली है कि यदि भारतीय क्रिकेट के अगले पोस्टर बॉय को किनारे किया जा सकता है, तो किसी भी खिलाड़ी की स्थिति भी सुरक्षित नहीं है।

  • कपिल देव ने कहा, गौतम गंभीर कोच नहीं, केवल प्रबंधक हैं

    कपिल देव ने कहा, गौतम गंभीर कोच नहीं, केवल प्रबंधक हैं

    नई दिल्ली: 1983 के विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव ने हाल ही में क्रिकेट की दुनिया में महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनका मानना है कि वर्तमान में भारतीय टीम के हेड कोच का प्राथमिक कार्य खिलाड़ियों को प्रबंधित करना है, न कि मात्र कोचिंग देना।

    यह बयान उन्होंने गौतम गंभीर की कोचिंग शैली पर हो रही चर्चा के संदर्भ में दिया। कपिल ने गंभीर के काम की सराहना की है, जो इस बात का संकेत है कि वे उनके प्रति समर्थन प्रदर्शित कर रहे हैं।

    कपिल देव का विचार

    एक कार्यक्रम के दौरान कपिल देव ने कहा कि आज ‘कोच’ शब्द पहले की तरह नहीं रह गया है और इसका महत्व बदल गया है। उनके अनुसार गौतम गंभीर जैसे अनुभवी खिलाड़ी कोच नहीं बल्कि टीम के प्रबंधक के रूप में काम कर सकते हैं।

    कपिल ने बताया कि स्कूल के समय में कोच खिलाड़ी को सिखाते थे, जबकि आज के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पहले से ही अपनी तकनीक में प्रवीण होते हैं।

    उदाहरण के माध्यम से अभिव्यक्ति

    कपिल ने कहा, ‘आप कैसे एक लेग स्पिनर या विकेटकीपर को कोचिंग दे सकते हैं? गौतम गंभीर उन्हें क्या सिखा पाएंगे?’ उनके अनुसार, उच्च स्तर पर कोचिंग का असली कार्य खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना और टीम को एकजुट रखना है।

    प्रबंधन की आवश्यकता

    कपिल देव के अनुसार, आज के कोच को खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना चाहिए। वे यह कहते हैं कि युवा खिलाड़ी अपनी उम्मीदें मैनेजर या कप्तान से रखते हैं, विशेषकर जब कोई खिलाड़ी खराब प्रदर्शन कर रहा हो। इस समय कोच या कप्तान का कार्य उसे आत्मविश्वास प्रदान करना है।

    कपिल देव की कप्तानी का अनुभव

    अपने कप्तानी के अनुभव को साझा करते हुए कपिल ने कहा कि वे केवल अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के साथ जश्न नहीं मनाते थे। अगर कोई खिलाड़ी सेंचुरी बनाता था, तो वे फॉर्म में नहीं रहने वाले खिलाड़ियों के साथ समय बिताते थे।

    कपिल के अनुसार, ऐसे खिलाड़ियों को अधिकतम समर्थन की आवश्यकता होती है और असली कप्तान का काम है कि वह टीम को मजबूती प्रदान करे और हर खिलाड़ी को विश्वास दिलाए।

  • IND बनाम SA 2025: अर्शदीप सिंह के 7 वाइड से गुस्साए गंभीर की प्रतिक्रिया

    IND बनाम SA 2025: अर्शदीप सिंह के 7 वाइड से गुस्साए गंभीर की प्रतिक्रिया

    भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी-20 सीरीज का मुकाबला

    स्पोर्ट्स: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 5 मैचों की टी-20 श्रृंखला जारी है, जिसमें दूसरा मैच न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्थित महाराज यदविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में सम्पन्न हुआ। इस मैच में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। अफ्रीकी बल्लेबाजों ने भारतीय कप्तान का यह निर्णय गलत साबित कर दिया, खासकर क्विंटन डी कॉक ने शानदार बल्लेबाजी की।

    एक ओवर में 13 गेंदे: अर्शदीप का प्रदर्शन

    इस मैच में भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन्हें पारी के 11वें ओवर में गेंदबाजी पर लगाया, लेकिन अर्शदीप ने लगातार वाइड गेंदें फेंकी। पहले ही गेंद पर डी कॉक ने लंबा छक्का मारा और फिर उनके खिसकते हुए लय के परिणामस्वरूप अर्शदीप ने ओवर में कुल 13 गेंदें फेंकी, जिसमें 18 रन दिए। उनकी इस प्रदर्शन पर डगआउट में बैठे हेड कोच गौतम गंभीर की नाराजी स्पष्ट थी।

    मोहम्मद शमी का रिकॉर्ड

    इससे पहले टी-20 इतिहास में कोई भी भारतीय गेंदबाज ऐसा नहीं कर पाया था। हालांकि, मोहम्मद शमी ने वनडे मुकाबले में एक ओवर में 17 गेंद फेंकी थीं, जिसमें 7 वाइड और 4 नो बॉल शामिल थीं।

    टी-20 में एक ओवर में सबसे ज्यादा गेंद फेंकने वाले खिलाड़ी

    13 गेंद: अर्शदीप सिंह बनाम साउथ अफ्रीका
    13 गेंद: नवीन-उल-हक बनाम जिम्बाब्वे
    12 गेंद: सिसंडा मगाला बनाम पाकिस्तान

    स्टेडियम की पिच की स्थिति

    मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच को बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए अनुकूल माना जाता है। मैच की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को कुछ लाभ मिलता है, जबकि समय के साथ पिच धीमी पड़ती जाती है और स्पिनरों का दबदबा बढ़ जाता है।

    भारत की प्लेइंग-11

    अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अर्शदीप सिंह।

    साउथ अफ्रीका की प्लेइंग-11

    क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रीजा हेंड्रिक्स, एडेन मार्करम, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, डोनोवन फरेरा, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, लुथो सिपाम्ला, ओटनील बार्टमैन और लुंगी एनगिडी।