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  • हजारीबाग में बीयर की 3600 पेटियां नष्ट, उत्पाद विभाग ने चलाया बुलडोजर

    हजारीबाग में बीयर की 3600 पेटियां नष्ट, उत्पाद विभाग ने चलाया बुलडोजर

    हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले में उत्पाद विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए हजारों लीटर बीयर को नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई चान्हो स्थित एक गोदाम में की गई, जहां काफी समय से रखी गई बीयर एक्सपायर हो चुकी थी। विभाग ने नियमों के अनुरूप करीब 3,600 पेटियों को बुलडोजर और रोलर का उपयोग करके समाप्त किया।

    इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी मात्रा में बीयर सड़क और जमीन पर बह गई, जिससे हजारों लीटर बीयर मिट्टी में मिल गई। मौके पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे और उनकी निगरानी में यह कार्य सम्पन्न हुआ।

    छह महीने से अधिक समय तक नहीं बिकी बीयर

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीयर फैक्ट्री ने मांग के अनुसार उत्पादन किया था, लेकिन कम खपत के कारण इसे गोदाम में रखा गया। यह स्टॉक छह महीने से अधिक समय तक नहीं बिक सका, जिसके कारण बीयर एक्सपायर हो गई। नियमों के अनुसार, एक्सपायर हो चुकी शराब का बाजार में बेचना अवैध है। इसी कारण विभाग ने इसे नष्ट करने का निर्णय लिया।

    लाखों रुपये की बीयर हुई बर्बाद

    इस कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये की बीयर नष्ट की गई। अधिकारियों के अनुसार, कई बार कंपनियां आवश्यकता से अधिक उत्पादन कर लेती हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिक्री नहीं हो पाती और स्टॉक खराब हो जाता है। ऐसे मामलों में, एक्सपायर होने के बाद बीयर को समाप्त करना आवश्यक हो जाता है।

    नियमों के अनुसार की गई पूरी कार्रवाई

    हजारीबाग के सहायक उत्पाद आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि चान्हो के गोदाम में रखी बीयर एक्सपायर हो चुकी थी, इसलिए विभाग के आदेश पर इसे नष्ट किया गया।

    इस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि उत्पाद विभाग एक्सपायर शराब के मामले में सख्त है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • पोस्टमार्टम में देरी के चलते विधायक प्रदीप प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

    पोस्टमार्टम में देरी के चलते विधायक प्रदीप प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

    हजारीबाग अस्पताल में हंगामा, पोस्टमार्टम में देरी पर धरना

    हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी को लेकर शनिवार को बड़ा हंगामा हुआ। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने समर्थकों और मृतक के परिजनों के साथ अस्पताल के बाहर धरना दिया। इस दौरान सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।

    रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हत्या

    बीती रात रामनवमी के जुलूस के दौरान कटकमसांडी प्रखंड के गोदखर गांव के निवासी राम कुमार साव की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव को देर रात पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया।

    परिजनों का आरोप, डॉक्टर के आने में देरी

    परिजनों का कहना है कि सुबह 9 बजे डॉक्टर आने वाले थे, लेकिन दो घंटे तक कोई चिकित्सक नहीं आया। इसी कारण विधायक प्रदीप प्रसाद भड़क उठे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद पोस्टमार्टम में देरी हो रही है।

    पैसे मांगने का गंभीर आरोप

    धरने के दौरान विधायक ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के लिए मृतक के परिजनों से पैसे मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और गरीबों को हर कदम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

    अस्पताल की व्यवस्था पर विधायक की कड़ी आलोचना

    विधायक ने कहा कि बड़े अधिकारी केवल बयान देने के लिए आते हैं, लेकिन वास्तविकता में कोई सुधार नहीं होता। डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं होते और इलाज भी पैसे के आधार पर होता है। उन्होंने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की।

    अधीक्षक का जांच और कार्रवाई का आश्वासन

    मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकूलन पूर्ति मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के देर से आने की जांच की जाएगी और उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पैसे मांगने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।

    धरना खत्म, पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू

    अधीक्षक के आश्वासन के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आरंभ की गई। घटना के बाद गोदखर गांव में शोक और तनाव का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

  • हजारीबाग राम नवमी: संसद से विदेशों तक पहचान बना चुका है यह ऐतिहासिक जुलूस

    हजारीबाग राम नवमी: संसद से विदेशों तक पहचान बना चुका है यह ऐतिहासिक जुलूस

    हजारीबाग। झारखंड राज्य के हजारीबाग में मनाया जाने वाला ऐतिहासिक रामनवमी जुलूस अब केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं रह गया है, बल्कि यह आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक गर्व का एक अंतरराष्ट्रीय प्रतीक बन चुका है। इस परंपरा की शुरुआत 1918 में हुई थी, जब गुरु सहाय ठाकुर ने अपने पांच साथियों के साथ इसका आयोजन किया था।

    समय के साथ, यह छोटा सा आयोजन एक विशाल जन आंदोलन में परिवर्तित हो गया है। इसके अनुशासन और भव्यता ने इसे देश-विदेश में एक विशेष पहचान दिलाई है। इस जुलूस की चर्चा भारत की संसद तक हो चुकी है, जो इसकी महत्ता को स्पष्ट करती है। कई विदेशी मेहमान भी इस जुलूस में हिस्सा ले चुके हैं।

    1970 में ताशा पार्टी का शामिल होना

    यह जुलूस स्वतंत्रता से पहले शुरू हुआ और 1947 के बाद इसका स्वरूप बदल गया। इसे राम जन्मोत्सव के साथ विजय उत्सव के रूप में मनाया जाने लगा। 1960 में महासमिति का गठन किया गया, जिसने इस आयोजन को व्यवस्थित और विस्तारित किया। 1970 में पहली बार ताशा पार्टी को इस जुलूस में शामिल किया गया, जो अब इस आयोजन की एक प्रमुख पहचान बन चुकी है। कोलकाता और पश्चिम बंगाल से ताशा वादक इसमें भाग लेने आते हैं।

    150 से अधिक अखाड़ों की भागीदारी

    इस भव्य आयोजन में वर्तमान में 150 से अधिक अखाड़े भाग लेते हैं, जिनमें लगभग 100 अखाड़े हजारीबाग शहर से होते हैं। जुलूस लगभग 10 किलोमीटर लंबे मार्ग पर—झंडा चौक, बड़ा अखाड़ा, महावीर स्थान, ग्वाल टोली होते हुए जामा मस्जिद रोड तक निकलता है।

    इस परंपरा की एक विशेषता यह है कि जबकि देशभर में रामनवमी का जुलूस नवमी को होता है, हजारीबाग में इसे दशमी को मनाया जाता है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 4 से 5 लाख श्रद्धालु शामिल होते हैं।

    लगभग 48 घंटे तक चलने वाला यह जुलूस ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में डुबो देता है। युवा पारंपरिक हथियारों और लाठी-डंडों के साथ करतब और शक्ति प्रदर्शन करते हैं, जो इस ऐतिहासिक जुलूस की विशिष्ट पहचान बन चुका है।

  • झारखंड अपराध: गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर से 19.85 लाख की साइबर ठगी, तीन हिरासत में।

    झारखंड अपराध: गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर से 19.85 लाख की साइबर ठगी, तीन हिरासत में।

    झारखंड में साइबर अपराध: 19.85 लाख रुपये की ठगी के मामले में तीन गिरफ्तार

    रांची। झारखंड में एक और **साइबर अपराध** का मामला प्रकाश में आया है। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने **गूगल** पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर 19.85 लाख रुपये की ठगी करने वाले तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में हजारीबाग जिले के निवासी रवि कुमार साव, सूरज कुमार ठाकुर और सागर कुमार यादव शामिल हैं। इन्हें ठगी में उपयोग किए गए सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूतों के साथ पकड़ लिया गया है।

    फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिये ठगी का मामला

    सीआईडी की डीएसपी नेहा बाला ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर तीन नवंबर 2025 को साइबर क्राइम थाना, रांची में कांड संख्या 141/25 दर्ज किया गया था। शिकायत में उल्लेख है कि पीड़ित ने गूगल सर्च इंजन पर **गेल इंडिया कस्टमर केयर** का नंबर खोजा था, लेकिन उसमें साइबर अपराधियों ने एक फर्जी नंबर डाला हुआ था। पीड़ित इसके झांसे में आकर इस नंबर पर संपर्क किया, और गैस कनेक्शन दिलाने के नाम पर उससे 19 लाख 85 हजार 73 रुपये की ठगी कर ली गई।

    व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया फर्जी लिंक

    शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने पीड़ित को व्हाट्सएप पर एक **फर्जी लिंक** भेजा। जब पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक करके प्रक्रिया पूरी की, तो उसके बैंक खाते से बड़ी रकम अवैध रूप से ट्रांसफर कर दी गई। पुलिस का कहना है कि यह सभी घटनाएँ सुनियोजित तरीके से की गई थीं, जिसमें तकनीकी साधनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया गया।

    गिरफ्तारी और आगे की जांच

    इस मामले की जांच के दौरान साइबर क्राइम थाना, रांची की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपितों की पहचान की। इसके पश्चात, हजारीबाग पुलिस के सहयोग से तीनों को गिरफ्तार किया गया। सीआईडी अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इनका संबंध किसी अन्य **साइबर ठगी** के मामलों से भी है।

    लोगों से सावधानी बरतने की अपील

    सीआईडी ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी कंपनी के कस्टमर केयर नंबर को गूगल पर देखकर तुरंत भरोसा न करें। सुरक्षित रहने के लिए, संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित स्रोत से ही नंबर की जानकारी प्राप्त करें।

  • हजारीबाग हादसा: बेकाबू ट्रेलर ने ऑटो और बस को टक्कर मार, फल विक्रेता की मृत्यु

    हजारीबाग हादसा: बेकाबू ट्रेलर ने ऑटो और बस को टक्कर मार, फल विक्रेता की मृत्यु

    हजारीबाग में भयानक सड़क हादसा

    झारखंड के हजारीबाग जिले में एक भयानक सड़क हादसा हुआ है जिसमें एक बेकाबू ट्रेलर ने ऑटो और बस को टक्कर मार दी। यह घटना चरही क्षेत्र में घटित हुई और इसके परिणामस्वरूप अनेक दुकानों को भी गंभीर क्षति पहुंची।

    घटना का विवरण

    स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ट्रेलर ने यातायात के बीच अचानक ही नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते उसने ऑटो और एक बस को टकरा दिया। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेलर के ऊपर की ओर तेजी से दुकानों की ओर बढ़ा, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    फलों के दुकानदार की मृत्यु

    इस दुखद घटना में एक फल विक्रेता की मौत हो गई, जो कि हादसे के समय अपनी दुकान पर उपस्थित था। साथ ही, हादसे में पांच अन्य लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

    पुलिस की जांच शुरू

    हादसे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने घटना स्थल पर पहुंचकर जानकारी एकत्रित की और आवश्यक कार्रवाई की।

    स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया

    इस हादसे से इलाके के निवासियों में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

  • झारखंड में बेकाबू हाथियों पर लगेगा नियंत्रण, कर्नाटक के ‘कुनकी’ हाथी करेंगे सहयोग।

    झारखंड में बेकाबू हाथियों पर लगेगा नियंत्रण, कर्नाटक के ‘कुनकी’ हाथी करेंगे सहयोग।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में हाथियों का आतंक: राहत के लिए बुलाए गए ‘कुनकी’ हाथी

    झारखंड के चाईबासा और हजारीबाग में इन दिनों लोग हाथियों के आतंक से परेशान हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि ग्रामीण रात भर जागकर अपनी सुरक्षा में लगे रहते हैं। इसी बीच, कर्नाटक से छह खास प्रशिक्षित ‘कुनकी’ हाथियों को झारखंड लाने का निर्णय लिया गया है, जो बेलगाम हाथियों को काबू में रखने में सहायता करेंगे।

    बेकाबू हाथियों का कहर 😱

    अधिकांश रिपोर्ट्स के अनुसार, वयस्क नर हाथियों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की वृद्धि उनके आक्रामक व्यवहार का कारण बन रही है। यह हार्मोन बढ़ने से कई हाथी गांवों में घुसपैठ कर रहे हैं। पिछले एक महीने में, हाथियों ने 25 से ज्यादा लोगों की जान ली है। चाईबासा में एक हाथी ने अकेले ही 15 लोगों को मार दिया, वहीं हजारीबाग में एक रात में पांच हाथियों के समूह ने सात लोगों की जान ले ली। इन घटनाओं ने ग्रामीणों में भारी आतंक उत्पन्न कर दिया है।

    कुनकी हाथियों की भूमिका क्या है? 🐘

    इन परिस्थितियों का समाधान निकालने के लिए, कर्नाटक से छह प्रशिक्षित ‘कुनकी’ हाथियों को बुलाया जा रहा है। ये हाथी खास प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और अपने महावतों के निर्देशन में कार्य करते हैं। इनका उद्देश्य असामान्य हाथियों को शांत करना, उन्हें उनके समूह से अलग करना, और जंगल में वापस ले जाना है। उनकी विशेषता यह है कि ये अपनी उपस्थिति और व्यवहार से अन्य हाथियों को भी अपने साथ ले जाने में सक्षम होते हैं। इन्हें ‘रेस्क्यू टीम’ की तरह समझा जा सकता है।

    कुनकी हाथी क्या हैं? 🤔

    ‘कुनकी’ या ‘कुमकी’ का अर्थ फारसी में सहायक होता है। कर्नाटका वन विभाग वर्षों से हाथियों को प्रशिक्षित कर उन्हें नियंत्रित करने का काम कर रहा है। इन विशेष प्रशिक्षित हाथियों का उपयोग बिगड़ैल और आक्रामक हाथियों को काबू में करने के लिए किया जाता है। उनके साथ अनुभवी महावत होते हैं जो स्थिति के अनुसार रणनीति बनाते हैं।

    लोगों को राहत की उम्मीद 🌟

    झारखंड में कुनकी हाथियों की पहुंच से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि जल्द ही इन बेकाबू हाथियों को काबू में नहीं किया गया, तो स्थिति और खराब हो सकती है, जिससे अधिक जीवन का नुकसान हो सकता है।

  • झारखंड में हाथियों का आतंक, कर्नाटक से पहुंचेंगे ‘कुनकी’ हाथी

    झारखंड में हाथियों का आतंक, कर्नाटक से पहुंचेंगे ‘कुनकी’ हाथी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में हाथियों का आतंक, कुनकी हाथियों से मिलेगी राहत

    झारखंड के चाईबासा और हजारीबाग में इन दिनों लोग हाथियों के आतंक से काफी चिंता में हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि गांव के लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में राहत की एक नई खबर आई है, जिसमें कर्नाटक से छह विशेष रूप से प्रशिक्षित ‘कुनकी’ हाथियों को झारखंड लाया जा रहा है। ये हाथी बेलगाम हाथियों को काबू में करने में सहायक होंगे।

    हाथियों का आक्रामक व्यवहार

    जानकारी के अनुसार, जब व्यस्क नर हाथियों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, तो वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं। इसी कारण, हाल के दिनों में कई हाथी बेकाबू होकर गांवों में घुस रहे हैं। पिछले एक महीने में 25 से अधिक लोग इन हाथियों के हमले का शिकार हो चुके हैं। चाईबासा में एक ही हाथी ने 15 लोगों की जान ले ली, वहीं हजारीबाग में पांच हाथियों के झुंड ने एक रात में सात लोगों को मार डाला। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है।

    कुनकी हाथियों की भूमिका

    कर्नाटक से लाए जा रहे छह ‘कुनकी’ हाथी इन खतरनाक स्थितियों से निपटने के लिए अहम साबित होंगे। ये खास प्रशिक्षण प्राप्त हाथी अपने महावत के निर्देशानुसार कार्य करते हैं। इनका प्राथमिक उद्देश्य बेकाबू हाथियों को शांत करना, उन्हें झुंड से अलग करना और फिर वापस जंगल की ओर ले जाना है। इन कुनकी हाथियों की उपस्थिति और व्यवहार जंगली हाथियों को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं। सरल शब्दों में, ये ‘रेस्क्यू टीम’ की तरह कार्य करते हैं।

    कुनकी हाथियों की पहचान

    ‘कुनकी’ या ‘कुमकी’ शब्द फारसी भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ सहायक होता है। कर्नाटक वन विभाग ने वर्षों से हाथियों को प्रशिक्षित कर उन्हें अनुशासित किया है। इन प्रशिक्षित हाथियों का उपयोग बिगड़ैल या आक्रामक हाथियों को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। उनके साथ अनुभवी महावत भी होते हैं, जो स्थिति के अनुसार रणनीतियों का निर्धारण करते हैं।

    ग्रामीणों को राहत की उम्मीद

    झारखंड में कुनकी हाथियों के आगमन से स्थानीय नागरिकों में उम्मीद जगी है। गांव के लोग मानते हैं कि यदि जल्दी ही इन बेकाबू हाथियों को काबू नहीं किया गया, तो और भी जानें जा सकती हैं।

  • हजारीबाग समाचार: पूर्व DSO के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू होगी।

    हजारीबाग समाचार: पूर्व DSO के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू होगी।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पर कार्यवाही का आदेश

    रांची: झारखंड राज्य सरकार ने प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी, अरविंद कुमार, पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है। ये आदेश तब आया जब खाद्य आपूर्ति विभाग ने 2023 में उनकी गतिविधियों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश की थी। इस सिफारिश के आधार पर कार्मिक विभाग ने यह कदम उठाया।

    जांच की जिम्मेदारी पूर्व आईएएस अधिकारी को मिली

    विभागीय जांच का कार्य प्रकरण को संज्ञान में लेने के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुनील कुमार को सौंपा गया है। अरविंद कुमार को 15 दिनों के भीतर अपना लिखित बचाव प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

    आरोपों की सूची

    कुमार के खिलाफ मुख्यतः पांच गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

    • झारखंड जनवितरण प्रणाली के नियमों का उल्लंघन
    • मनमाने तरीकों से डीलरों का निलंबन
    • 10 दिन के अंदर अवैध वसूली की कार्रवाई और निलंबन से मुक्ति
    • गोदाम प्रबंधकों और डोर स्टेप डिलीवरी अभिकर्ताओं से अवैध वसूली करना
    • पैक्स के माध्यम से केवल 14 किसानों का भुगतान करना और चावल मिलों का सही टैगिंग न करना

    कार्मिक विभाग ने इस मामले से संबंधित सभी आवश्यक संकल्प जारी कर दिए हैं, जिससे उच्चस्तरीय जांच का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

    यह कार्रवाई प्रशासनिक प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • हजारीबाग पुलिस का बड़ा अभियान: 70 एकड़ अफीम की अवैध खेती नष्ट की गई।

    हजारीबाग पुलिस का बड़ा अभियान: 70 एकड़ अफीम की अवैध खेती नष्ट की गई।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    हजारीबाग में पुलिस का अफीम खेती के खिलाफ बड़ा अभियान 🌿

    हजारीबाग के चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। बुधवार को उन्हें गुप्त सूचना मिली कि सिकदा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अफीम की अवैध खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि होते ही, पुलिस और वन विभाग की एक संयुक्त टीम गठित की गई, जो तुरंत कार्रवाई के लिए मैदान में उतरी।

    बरामद की गई फसल और उपकरण 🛠️

    इस छापेमारी के दौरान लगभग 70 एकड़ में फैली अफीम की फसल को नष्ट किया गया। यह क्षेत्र बिहार से सटे फल्गु नदी के किनारे स्थित है। पुलिस ने मौके से अफीम की खेती में उपयोग होने वाले 15 डिलीवरी पाइप भी बरामद किए।

    दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ⚖️

    हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि अवैध खेती करने वालों के नाम और पते की पुष्टि की जा रही है। दोषियों की पहचान होते ही, उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई इंटेलिजेंस और तकनीकी सहायता से की गई है।

    सुदूरवर्ती और जंगली क्षेत्रों में ड्रोन की मदद से निगरानी की गई, जिससे अवैध अफीम की खेती की तस्वीरें भी प्राप्त हुईं। हाल ही में, पुलिस ने लगभग 100 एकड़ में फैली अवैध अफीम की और फसलें नष्ट की थीं, जो यह दर्शाता है कि हजारीबाग का ग्रामीण और जंगली क्षेत्र अवैध खेती के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

  • आग से जलकर तबाह हुआ कपड़े की दुकान और रेस्टोरेंट

    आग से जलकर तबाह हुआ कपड़े की दुकान और रेस्टोरेंट

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड के हजारीबाग जिले के दीपूगढ़ा क्षेत्र में बुधवार रात को एक भयंकर आग ने दो व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। आग की चपेट में आए प्रतिष्ठानों में एक कपड़े की दुकान और प्रसिद्ध पार्क व्यू रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट हॉल शामिल हैं, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई।

    आग का कारण और प्रारंभिक जांच

    रेस्टोरेंट के मालिक विकास यादव और कपड़ा दुकान के मालिक अजीत कुमार मेहता ने बताया कि इस हादसे में उन्हें लगभग 80 से 90 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग इतनी तीव्रता से फैली कि कुछ ही मिनटों में दोनों दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। आग की लपटें पास में स्थित मेडिकल दुकान तक पहुंच गईं, लेकिन स्थानीय निवासियों और दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा नुकसान रोकने में मदद मिली।

    चार घंटे की मेहनत के बाद बुझी आग

    घटना के समय विकास यादव नीचले हिस्से में सो रहे थे। जब उन्होंने धुआं देखा, तो बाहर आकर देखा कि पूरी दुकान आग की चपेट में है। उन्होंने तुरंत आस-पास के लोगों को आग की सूचना दी और हजारीबाग फायर ब्रिगेड को बुलाया।

    दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तीन से चार घंटे की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि उन्होंने रेस्टोरेंट में रखे गैस सिलेंडरों को समय रहते बाहर निकालकर संभावित दुर्भाग्य से बचाव किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।