झारखंड में आयोगों और निगमों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज
रांची: झारखंड राज्य में लंबे समय से रिक्त पड़े बोर्ड, निगम और आयोगों के पदों को भरने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम दौरे के बाद सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के नामों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक बैठक में इन पदों के लिए नामों पर सहमति बनी है, और प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जा चुका है। अब उनकी मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
राज्य सूचना आयोग में लंबित अपीलें
राज्य सूचना आयोग में सुनवाई का कार्य 8 मई 2020 से ठप पड़ा हुआ है, जब तत्कालीन प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इस कारण आयोग में 5000 से अधिक अपीलें लंबित हैं, जो जल्द निपटने की आवश्यकता है।
लोकायुक्त का पद रिक्त
इसी तरह, लोकायुक्त का पद भी जून 2021 से खाली है, जब तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय का निधन हुआ। इन पदों की नियुक्ति के बाद इन संस्थानों में कार्य फिर से शुरू होने की उम्मीद है। राज्य में महिला आयोग, बाल संरक्षण आयोग सहित 40 से अधिक अन्य पद भी रिक्त पड़े हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस विषय पर भाजपा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार बिना हाईकोर्ट के निर्देश के कोई कदम नहीं उठाती। वहीं, कांग्रेस ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया है कि सभी आयोगों का गठन जल्द ही किया जाएगा।
झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आवास निर्माण को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस परियोजना को लेकर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि इस परियोजना पर खर्च किए जा रहे पैसे को गरीबों के कल्याण में लगाया जाना चाहिए।
भाजपा का विरोध प्रदर्शन
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाते हुए विरोध करने का ऐलान किया है। उनका तर्क है कि राज्य में गरीबों के लिए उचित आवास की कमी है, जबकि मुख्यमंत्री एक महंगा आवास बना रहे हैं। इससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।
सरकार का पक्ष
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस आवास का निर्माण मुख्यमंत्री की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना में पारदर्शिता और गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
स्थानीय जनमानस की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोग भी इस मुद्दे पर विभिन्न राय व्यक्त कर रहे हैं। कुछ लोग इसे एक महत्वपूर्ण विकास मानते हैं, जबकि अन्य इसे राज्य की प्राथमिकताओं से भटकाव के रूप में देख रहे हैं। यह मामला राजनीतिक रूप से भी गर्मा गया है, जिससे आगामी चुनावों पर असर पड़ सकता है।
बाबूलाल मरांडी का मुख्यमंत्री को पत्र: बुलेट प्रूफ वाहनों के उपयोग पर उठाए सवाल
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने वर्तमान मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने बुलेट प्रूफ वाहनों के दुरुपयोग के मुद्दे को उठाया है। मरांडी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि इन वाहनों का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा के उद्देश्य पर सवाल खड़े होते हैं।
पुराने वाहनों की स्थिति पर चिंता
पत्र में, मरांडी ने पुराने बुलेट प्रूफ वाहनों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इन वाहनों की देखभाल और रखरखाव की कमी के कारण उनकी सुरक्षा क्षमता में कमी आ सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि सरकार इन वाहनों का सही तरीके से उपयोग नहीं कर रही है, तो यह न केवल सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग का भी मामला है।
सरकारी नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता
बाबूलाल मरांडी का यह पत्र झारखंड की राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि बुलेट प्रूफ वाहनों के उपयोग की नीतियों की समीक्षा की जाए। उनका मानना है कि सुरक्षा के लिए निर्धारित मानदंडों का पालन होना चाहिए, ताकि जनहित में सही निर्णय लिए जा सकें।
चक्रधरपुर: चक्रधरपुर रेलवे अंडरपास से गुजरने वाले यात्रियों के लिए अंधेरे की समस्या का समाधान जल्दी ही होने वाला है। अंडरपास में उचित रोशनी की व्यवस्था के लिए कार्य तेजी से जारी है। उम्मीद की जा रही है कि ईद से पहले लाइटिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे नागरिकों को सुविधाएं प्राप्त होंगी।
अंडरपास में चल रहा तेज गति से लाइटिंग कार्य
वर्तमान में, रेलवे अंडरपास में लाइट लगाने का कार्य जोर-शोर से किया जा रहा है। कार्य के पूरा होने पर यहां रात के समय भी अच्छी रोशनी होगी। अब तक अंडरपास में अपर्याप्त रोशनी की समस्या के कारण लोगों को अंधेरे में यात्रा करने में काफी कठिनाई हो रही थी। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को पहले भी उठाया था, जिसके बाद यहां रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।
विधायक के प्रयासों से मिली सफलता
अंडरपास निर्माण से जुड़ी ठेका कंपनी के निदेशक शहजाद मंजर ने बताया कि इस कार्य को सफल बनाने में स्थानीय विधायक सुखराम उरांव का मुख्य योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में विधायक के साथ हुई चर्चा में इस मुद्दे पर बात हुई थी। विधायक ने कहा था कि अंडरपास से गुजरने वाले लोगों को अंधेरे की वजह से परेशानी हो रही है, इसलिए जल्द से जल्द रोशनी का प्रबंध होना आवश्यक है।
जिला फंड से मिली सहायता
शहजाद मंजर ने जानकारी दी कि विधायक सुखराम उरांव के प्रयासों के चलते जिला का फंड रेलवे को प्रदान किया गया है। इसी फंड के माध्यम से अंडरपास से जुड़ा कार्य और लाइटिंग का प्रबंध संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के पूरा होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे अंडरपास से यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बन जाएगी।
मुख्यमंत्री और विधायक के प्रति अभार व्यक्त किया
उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए चक्रधरपुर के लोग राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक सुखराम उरांव के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही उन्होंने आशा जताई कि ईद से पहले अंडरपास में संपूर्ण रोशनी की व्यवस्था कर दी जाएगी, ताकि लोगों को अंधेरे में यात्रा करने की कठिनाई से मुक्ति मिले और उनके दैनिक आवागमन में सरलता आए।
झारखंड सरकार की बड़ी घोषणा: धनबाद में नया बस टर्मिनल 🚍
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने धनबाद के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की घोषणा की है। सरकार ने 12 एकड़ भूमि पर एक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया है। यह परियोजना जो लंबे समय से लम्बित थी, अब सरकार द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही कार्यान्वित की जाएगी। इस नए टर्मिनल से धनबाद और आस-पास के जिलों की यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।
लिलोरी मंदिर के समीप बनेगा टर्मिनल 🛑
प्रस्तावित बस टर्मिनल का निर्माण कतरास के लिलोरी मंदिर के नजदीक किया जाएगा। यह 12 एकड़ की भूमि एनएच-32 के पास स्थित है, और इसे नगर निगम को पूर्व में ही स्थानांतरित किया जा चुका था। बजट में स्वीकृति मिलने के कारण अब योजना को गति मिलेगी और टेंडर प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ाव में सुधार 🔗
नया टर्मिनल राजगंज स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-2 से केवल चार किलोमीटर की दूरी पर होगा। यह मार्ग कोलकाता और नई दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों से सीधा जुड़ता है। वर्तमान बरटांड़ बस स्टैंड से प्रस्तावित टर्मिनल की दूरी लगभग 20 किलोमीटर होगी। नया टर्मिनल शहर के व्यस्त हिस्सों में लंबी दूरी की बसों के दबाव को कम करेगा और यातायात को सुगम बनाएगा।
आसपास के जिलों के लिए लाभकारी 🚦
इस आधुनिक अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के निर्माण से बोकारो, पुरुलिया और अन्य निकटवर्ती जिलों को सीधे धनबाद से जोड़ने में सहायता मिलेगी। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और अधिक व्यवस्थित बस संचालन का लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा और यात्रियों का समय भी बचेगा।
व्यावसायिक गतिविधियों और रोजगार में वृद्धि 📈
नए टर्मिनल के बनने से कतरास, श्यामडीह, काको और राजगंज क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। होटल, रेस्टोरेंट, दुकानें और अन्य सेवा संबंधित व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। इससे हजारों लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना न केवल धनबाद की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में 2026-27 के बजट को पेश करते हुए कहा कि इसमें विकास के प्रति पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने यह जानकारी मीडिया को दी और बजट के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट झारखंड के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बजट का उद्देश्य
सीएम सोरेन ने कहा, “यह बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि आने वाले समय में इसके लाभ सभी के लिए स्पष्ट हों।” उन्होंने यह भी कहा कि युवा वर्ग को ध्यान में रखते हुए कई प्रावधान किए गए हैं, जिससे झारखंड का भविष्य समृद्ध हो सकेगा।
महत्वपूर्ण घोषणाएं
बजट में शामिल नीतियों के अनुसार, वर्ष 2050 तक झारखंड को समृद्ध बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे, जिससे युवा वर्ग को फायदेमंद अवसर प्रदान होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों को इस बजट के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर जल्द दिखेंगे।
एयर एंबुलेंस हादसे पर प्रतिक्रिया
हाल ही में एयर एम्बुलेंस की एक दुखद घटना पर सीएम ने कहा कि बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस बुक की गई थी। हालांकि, दुर्भाग्यवश यह घटना हुई। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और मृतकों के शवों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे संवेदनशीलता के साथ घटना का समाधान किया गया।
झारखंड की जन-आकांक्षाओं को पूरा करने हेतु यह बजट एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हो सकता है।
झारखंड विधानसभा का शुक्रवार का सत्र तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। आज वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर तृतीय अनुपूरक बजट पेश करने वाले हैं। सुबह राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद हुआ जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने मुद्दे प्रस्तुत किए। इसके पश्चात, सरकार का उत्तर सदन में पेश किया जाएगा।
जेपीएससी में उम्र सीमा में बदलाव संभव
गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने घोषणा की कि झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कैबिनेट की पिछली बैठक में चर्चा हुई थी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी इसे गंभीरता से देख रहे हैं।
यह प्रयास किया जा रहा है कि वे अभ्यर्थी जो हाईकोर्ट नहीं गए थे, उन्हें भी इस छूट के दायरे में लाया जाए। यह जानकारी कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई। प्रदीप यादव ने शून्यकाल में कहा कि जेपीएससी की वर्तमान विज्ञापन तिथि के अनुसार कटऑफ 2026 है, जबकि 2021 में यह 2016 और 2023 में 2017 था।
विधायक अमित कुमार महतो और जयराम महतो ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि झारखंड में अब तक केवल नौ बार ही जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया गया है। जयराम ने यह भी कहा कि पिछली बार कटऑफ 1 अगस्त 2017 था, इसलिए इस बार इसे 2018 के अनुसार होना चाहिए।
भ्रष्टाचार के आरोप और विपक्ष का हमला
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही है, लेकिन एसीबी हाई प्रोफाइल मामलों में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पा रही। उन्होंने शराब घोटाले का उदाहरण देते हुए बताया कि इसके आरोपियों की गिरफ्तारी 2025 में हुई जबकि घोटाले का खुलासा 2022 में हुआ था। चार्जशीट के अभाव में आरोपियों को डिफॉल्ट बेल मिल गई।
उन्होंने कहा कि सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के पद वर्षों से रिक्त हैं, कोयला और बालू तस्करी जारी है, और धान की खरीद लक्ष्य के मात्र 40% तक ही पहुंच सकी है।
केंद्र सरकार पर झामुमो का निशाना
सत्ता पक्ष के विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद देते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र में ‘वंदे मातरम’ को अनिवार्य बनाने और मनरेगा का नाम बदलने जैसी समस्याएं उत्पन्न कर रहा है।
हेमलाल ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने हर साल करोड़ों युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ, जबकि राज्य सरकार इस दिशा में प्रयासरत है।
डीजीपी नियुक्ति और आदिवासी मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष में टकराव
विपक्ष ने डीजीपी नियुक्ति के मामले पर चर्चा की। मरांडी ने कहा कि अनुराग गुप्ता और अब तदाशा मिश्रा की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की गई। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही UPSC को पैनल भेजने का आदेश दिया था।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पर कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसीलिए इसे सदन में चर्चा के लिए उचित नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने आदिवासी मुद्दों की बात करते हुए कहा कि जसीडीह में निवास करने वालों की चिंता भी एक अहम विषय है।
झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी ने एक महिला की जान ली 🚑
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक साबित हुई है। यहां बरलंगा थाना क्षेत्र की 108 एंबुलेंस एक महीने से खराब पड़ी है, जिसके कारण इमरजेंसी में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में समस्याएँ आ रही हैं। हाल ही में एक सड़क दुर्घटना के दौरान एक महिला की जान एंबुलेंस की खराबी के कारण चली गई।
घटना का विवरण
रविवार को सुबह करीब 8 बजे, रजरप्पा मंदिर से लौटते समय एक अर्टिगा कार (JH 05EE–5630) गोला-मुरी रोड पर सिल्ली मोड़ के पास एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बरलंगा थाना को इस घटना की सूचना दी।
एंबुलेंस की देरी
स्थानीय निवासी रंजीत कुमार ने 108 नंबर पर एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया, लेकिन पता चला कि एंबुलेंस खराब होने के कारण खड़ी है। इसके बाद, 20 मिनट की मेहनत के बाद एंबुलेंस को धक्का देकर चालू किया गया। एंबुलेंस ने किसी तरह 4 किलोमीटर की दूरी तय की, लेकिन इस बीच, घायलों को लगभग 40 मिनट तक तड़पना पड़ा।
दुखद परिणाम
जब स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से चारों घायलों को एंबुलेंस में गोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने का प्रयास किया गया, तब रास्ते में ही घायल महिला की मृत्यु हो गई। यह घटना न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दर्शाती है, बल्कि इस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता भी है।
इस तरह की घटनाएँ हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हमारी स्वास्थ्य सेवाएँ वास्तव में मरीजों की आवश्यकताओं के अनुसार कार्य कर रही हैं।
झारखंड राज्य में 1.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, जो कि औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस प्रस्ताव के तहत राज्य में ग्रीन स्टील उद्योग की स्थापना की योजना है, जिससे न केवल हजारों रोजगार सृजित होंगे, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी।
निवेश के प्रमुख पहलू 🔍
इस प्रस्ताव का प्रमुख लक्ष्य पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का उपयोग करना है। ग्रीन स्टील उत्पादन प्रक्रिया में नवीनतम तकनीकी प्रक्रियाओं को अपनाया जाएगा, जिससे ऊर्जा की खपत में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन भी नियंत्रित रहेगा। इससे झारखंड में उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
रोजगार के अवसर और विकास 🌱
इस निवेश से रोजगार के कई अवसर निर्मित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को फायदा होगा। इसके अलावा, इससे संबंधित सप्लाई चेन और अन्य सहायक उद्योगों में भी विकास की संभावनाएँ बढ़ेंगी। इस प्रकार का औद्योगिक विस्तार राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
सरकार का समर्थन 🤝
राज्य सरकार इस निवेश प्रस्ताव का समर्थन कर रही है और इसे अपने विकासात्मक कार्यक्रमों में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के विकासात्मक कदम से झारखंड को औद्योगिक हब के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
अंततः, इस निवेश प्रस्ताव से न केवल झारखंड का औद्योगिक परिदृश्य बदलने की संभावना है, बल्कि यह राज्य के समग्र विकास में भी योगदान देगा।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर घूसखोरी के मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए बताया कि राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों—मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय, जिले, अनुमंडल और प्रखंड कार्यालयों—में घूसखोरी का चलन बढ़ रहा है।
बोकारो जिले का चंदनक्यारी प्रखंड
बाबूलाल मरांडी ने विशेष रूप से बोकारो जिले के चंदनक्यारी प्रखंड का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, यहां एक नवजात बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र के लिए सरकारी कर्मचारियों ने अवैध राशि की मांग की। उन्होंने बताया कि सभी दस्तावेज और प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद भी कर्मचारियों ने बार-बार फाइल खोजना और साइन कराने के नाम पर घूस मांगी।
सरकारी कर्मचारियों की नैतिकता पर सवाल
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या पंजीकरण कार्यालय के कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन इतना कम है कि वे अपने वैधानिक कर्तव्यों को सही तरीके से निभा नहीं सकते। मरांडी ने बोकारो के जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जन्म प्रमाण पत्र शीघ्र जारी किया जाए।
सार्वजनिक रूप से घूस की दरें घोषित करने की मांग
उन्होंने प्रशासन से यह भी सुझाव दिया कि अगर अधिकारी इतने निर्लज्ज हैं, तो घूस की दरें सार्वजनिक कर दी जाएं, ताकि आम नागरिकों को बार-बार अपमानित न होना पड़े।
झारखंड में इस तरह के आरोपों से न केवल प्रशासनिक प्रणाली पर सवाल उठते हैं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।
झारखंड सरकार पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को राज्य के पर्यटन क्षेत्र में ब्रांड एंबेसडर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राज्य के पर्यटन विभाग द्वारा इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और बहुत जल्द इसकी आधिकारिक सूचना जारी होने की संभावना है।
राज्य के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा ✈️
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय झारखंड के पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। धोनी के इस भूमिका में आ जाने से, उन्हें राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता फैलाते हुए देखा जा सकता है।
मुलाकात से शुरू हुआ चर्चा का दौर 🤝
पिछले वर्ष, पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार और धोनी के बीच हुई शिष्टाचार मुलाकात के बाद से, उन्हें ब्रांड एंबेसडर बनाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
मुख्यमंत्री के साथ हुआ अचानक वार्तालाप 📸
हाल में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और महेंद्र सिंह धोनी के बीच एक आकस्मिक मुलाकात हुई। सीएम सोरेन की मां, रूपी सोरेन, नियमित स्वास्थ्य जांच हेतु दिल्ली जा रही थीं, और विधायक कल्पना सोरेन भी उनके साथ थीं। एयरपोर्ट पर मौजूद सीएम ने धोनी से बातचीत की। इस मुलाकात की तस्वीर मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पर साझा की।
इस तरह, झारखंड सरकार धोनी की लोकप्रियता का भरपूर फायदा उठाने की योजना बना रही है, जिससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम मिल सकें।
रांची। झारखंड 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में इस बार राज्य के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है। बजट ऐसा हो, जो इस युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके। बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं परिलक्षित हो और विकास को भी गति मिले। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जो हर वर्ग और क्षेत्र को पूरी मजबूती के साथ आगे ले जा सके।
बजटकीराशिमेंहोरहीहरवर्षवृद्धि, राजस्वबढ़ानेपरजोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में भी हमें ठोस तरीके से कार्य करना होगा ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी नहीं हो।
बजटसेआमलोगोंकोभीजोड़नाहोगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट बेहतर बने, इसके लिए आम लोगों को भी जिम्मेदारी देनी होगी। इस दिशा में हमारी सरकार आम लोगों से लगातार सुझाव ले रही है। मेरा मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही हम एक संतुलित और विकास आधारित बजट इस राज्य का बना सकते हैं।
विदेशदौरेमेंमिलेअनुभवसेराज्यकोदेंगेनईदिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे से लौटा हूं। वहां काफी करीब से उनकी नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवन और कार्य शैली तथा परंपरा- संस्कृति देखने – समझने का मौका मिला। विदेश दौरे में हमें जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उसके जरिए हम राज्य को नई दिशा देने देंगे का प्रयास करेंगे।
नईपीढ़ीनएतरीकेसेबढ़रहीहैआगे
मुख्यमंत्री ने कहा की नई पीढ़ी अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है। ये पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से अलग रास्ते तलाश रही है। ऐसे में नई पीढ़ी की जरूरतों तथा आवश्यकताओं के अनुरूप बजट को तैयार करना होगा ताकि उन्हें उन्हें हम बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकें। इसके लिए जरूरी है कि हम नवीनतम प्रयोग के साथ आगे बढ़ें।
संसाधनोंऔरक्षमताओंकीकोईकमीनहींहै
झारखंड में किसी भी क्षेत्र में संसाधन और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जल – जंगल जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं। प्रचुर खनिज संपदा है। उद्यमी हैं। मानव संसाधन है। मेहनतकश श्रम बल है। किसान हैं। खिलाड़ी हैं। इसके साथ अनेकों और क्षेत्र हैं, जहां काफी संभावनाएं हैं। हमें इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में कार्य करना है ।
हरक्षेत्रमेंलक्ष्यकेसाथबढ़रहेहैंआगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में प्राकृतिक, औद्योगिक और आर्थिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है । ऐसे में अपने इन संसाधनों के बलबूते शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खेल, प्राकृतिक, औद्योगिक, आर्थिक और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कृषि में निरंतर नए प्रयोग हो रहे हैं। खेतों में पानी पहुंच रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं – सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जल जंगल और जमीन के संरक्षण और सदुपयोग को लेकर मजबूत रूपरेखा के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का एक छोटा और पिछड़ा राज्य है। लेकिन, देश की अर्थव्यवस्था में यह राज्य अहम योगदान देता आ रहा है। ऐसे में अपने राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की नई नीति, कार्ययोजना एवं बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उत्पादोंकावैल्यूएडिशनहो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से झारखंड समृद्ध राज्य है। यहां देश का सबसे ज्यादा लाह उत्पादन होता है। तसर उत्पादन में भी झारखंड काफी आगे हैं । ऐसे और भी अनेकों संसाधन हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने इन संसाधनों का वैल्यू एडिशन करने की जरूरत है, ताकि इसका इस्तेमाल अपने राज्य के हिसाब से कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है । यहां की जनजातीय परंपरा काफी समृद्ध है। ऐसे में जनजातीय परंपराओं को आगे भी ले जाना है। इस दिशामे हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और सन्तुलित बजट को लेकर आम लोगों से विचार और सुझाव मांगे गए थे। इसके अलावा देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा भी लगातार हुई और उनके सुझाव लिए गए। उनके द्वारा मिले बेहतर सुझावों को बजट में भी जगह देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वाली स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने लंदन में महात्मा गांधी को किया नमन 🕊️
गणतंत्र दिवस पर महत्वपूर्ण प्रदर्शन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गांधी जी के आदर्शों को भव्य श्रद्धांजलि अर्पित की।
गांधी जी का संदेश
महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चर्चा करते हुए सोरेन ने कहा कि उनके विचार आज भी सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि गांधी जी का मार्गदर्शन हमें अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने का सिखाता है, जो आज के समय में भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
भारतीय संस्कृति का जश्न 🎉
इस कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति की महत्ता को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से भारत और ब्रिटेन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को सशक्त किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों की भागीदारी
कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के कई सदस्य शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर महात्मा गांधी के योगदान की याद में अपने विचार साझा किए और उनकी सोच को आगे बढ़ाने के लिए संकल्प लिया।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया
लंदन में आयोजित इस समारोह को लेकर स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने विचार व्यक्त किए और मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की।
गणतंत्र दिवस पर इस तरह के आयोजनों से न केवल भारतीय संस्कृति की जड़ों की पहचान होती है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी एकता और शांति का संदेश फैलाने का कार्य करता है।
दावोस में सीएम कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात
रांची/दावोस। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ शामिल होगा। इस मंच के जरिए झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा। वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।
प्रकृतिकेसाथसंतुलनमेंविकासहैमूलदृष्टि
झारखण्ड इस बैठक में “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखण्ड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।
वैश्विककंपनियोंऔरसंस्थानोंकेप्रमुखोंकेसाथसंवाद
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढाँचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।
झारखण्ड मंडप का उद्घाटन होना रहेगा महत्वपूर्ण
झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखण्ड पेवेलियन का उद्घाटन है। पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।
झारखंड के तीन शहरों में मेट्रो रेल परियोजना की संभावनाएं 🌟
झारखंड के प्रमुख शहरों—रांची, जमशेदपुर और धनबाद—में मेट्रो रेल निर्माण को लेकर केंद्र सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। केंद्र ने राज्य सरकार से इन शहरों के लिए एक अद्यतन कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) तैयार करने का अनुरोध किया है। इस दिशा में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नगर विकास एवं आवास विभाग को जल्द से जल्द नया CMP तैयार करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) भी जारी किया है।
सीएम की केंद्र से मेट्रो रेल की मांग
10 जुलाई को, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से रांची में मेट्रो रेल की आवश्यकता के बारे में चर्चा की थी। इसके पश्चात, नगर विकास विभाग ने पहले से तैयार पुराना CMP केंद्र को प्रेषित किया। हालांकि, यह वर्तमान शहरी परिवहन आवश्यकताओं के अनुसार पर्याप्त नहीं माना गया। विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार के अनुसार, नया CMP अगले डेढ़ से दो महीने में केंद्र को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार को मेट्रो परियोजना की स्वीकृति और अन्य औपचारिकताओं में तेजी की उम्मीद है।
CMP का महत्व
CMP, यानी कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान, किसी भी बड़े सार्वजनिक परिवहन योजना की आधारशिला होती है। इसमें शहरों की वर्तमान और भविष्य की यातायात स्थिति, सड़क नेटवर्क, ट्रैफिक दबाव, सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता, निजी वाहनों की बढ़ती संख्या, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण एवं पर्यावरणीय प्रभाव का संपूर्ण विश्लेषण किया जाता है। इस प्लान के माध्यम से ही यह तय किया जाएगा कि मेट्रो किन रूटों पर संचालित होगी और परियोजना कितनी व्यावहारिक और आर्थिक रूप से टिकाऊ है।
शहरी आवागमन में सुधार की उम्मीद ✨
विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो रेल शहरी आवागमन का तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद साधन है। यह यात्रियों के समय की बचत करती है और हजारों लोगों को एक साथ यात्रा करने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होता है। इसके साथ ही, मेट्रो पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी एक संयमित विकल्प है।
नगर विकास विभाग का मानना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सक्रियता और राज्य सरकार की पहल के कारण रांची, जमशेदपुर और धनबाद में मेट्रो परियोजना की दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
आदरणीय बाबा दिशोम गुरुजी ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है, पार्टी के लाखों साथियों ने मुझ पर जो विश्वास जताया है उसे दिन-रात कड़ी मेहनत कर पूरा करने का काम करूंगा। आप सभी का यही साथ ही मेरी ताकत है।
आदरणीय बाबा के मार्गदर्शन में वीर पुरुखों के सपनों को साकार करने के लिए मैं दोगुनी ताकत के साथ राज्यवासियों की सेवा के लिए आगे बढूंगा। आप सभी के अपार स्नेह और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद, आभार।
रांची। मुख्यमंत्री और हेमंत सोरेन ने आज अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बँटवारा कर दिया है। इरफ़ान अंसारी को जहाँ स्वास्थ्य मंत्री बनाने के साथ खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग दिया गया है, वहीं दीपिका पांडेय सिंह को ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य, पंचायती राज विभाग का मंत्री बनाया गया है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने पास कार्मिक और गृह मंत्रालय के अलावा पथ निर्माण, भवन निर्माण, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अलावा अन्य वैसे विभागों को रखा है, जो दूसरे मंत्रियों को आवंटित नहीं है।
मुख्यमंत्री के क़रीबी माने जाने वाले सुदिव्य सोनू को नगर विकास विभाग, उच्च शिक्षा और खेलकूद मंत्रालय का मंत्री बनाया गया है, जबकि चमड़ा लिंडा को SC/ST आदिवासी कल्याण मंत्रालय का ज़िम्मा सौंपा गया है।
कांग्रेस कोटे के मंत्री राधाकृष्ण किशोर को वित् विभाग, वाणिज्य कर विभाग एवं संसदीय कार्य का ज़िम्मा सौंपा गया है, वहीं शिल्पी नेहा तिर्की को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग का ज़िम्मा दिया गया है। हफीजुल हसन अंसारी को जल संसाधन और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया है वहीं योगेन्द्र प्रसाद को पेयजल स्वच्छता एवं उत्पाद मद्य निषेध मंत्रालय मिला है।
Ranchi : साहिबगंज में अवैध खनन के जरिए मनी लॉउंड्रिंग के आरोपी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे सोमवार को अदालत ने सुनाई है।
पंकज को ईडी ने 18 जुलाई 2022 को पूछताछ के लिए बुलाया था, पूछताछ के दौरान ही उसे ईडी ने गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में ही था। उसकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज थी। उसने दूसरी बार ईडी कोर्ट के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जहां से उसे जेल में कटे अवधि को देखते हुए जमानत की सुविधा प्रदान की है।
कल मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन प्रोजेक्ट भवन में करेंगे ऑनलाइन शिलान्यास
गांडीव रिपोर्टर: रांची। मुख्यमंत्री हेमन्तसोरेनकल 14 अक्टूबरकोमुंबईमेंनिर्माणहोनेवालेझारखंडभवनकाप्रोजेक्टभवनसेऑनलाइनशिलान्यास करेंगे।इस तरह देश की राजधानी दिल्ली के बाद देश की आर्थिक राजधानी के रूप में मशहूर मुंबई में भी झारखंड का दूसरा झारखंड भवन होगा ।
नवी मुंबई में बनेगाझारखंडभवन
मुख्यमंत्री श्री सोरेन मुंबई में जिस नये झारखंड भवन की आधारशिला रखेंगे, वह मुंबई में सेक्टर 30A, वाशी, नवी मुंबई, महाराष्ट्र में बनेगा। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित इस शिलान्यास समारोह में मंत्री रामेश्वर उराँव एवं मंत्री सत्यानंद भोक्ता भी उपस्थित रहेंगे।
सरायकेला/खरसावां। राज्य का कोई ऐसा कोना नहीं मिलेगा, जहां सरकार नहीं पहुंचेगी। आज राज्य के गांव और पंचायत में शिविर के जरिए जरूरतमंद योजना का लाभ ले रहें हैं।सरायकेला- खरसावां के नौ प्रखंड के 132 पंचायत में भी तय समय अनुसार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। मुख्यमंत्री खरसावां के सिमला पंचायत स्थित गोंडपुर मैदान में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य भर में लग रहे शिविर के माध्यम से आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, महिला, युवा, किसान- मजदूर और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं पहुंच रही हैं।
15 हजार किमी ग्रामीण सड़क का निर्माण होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 15 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़क का निर्माण होगा। बिजली, पानी और सड़क गांव गांव पहुंचाने का कार्य होगा। वर्तमान में आपकी सरकार सौ यूनिट बिजली मुफ्त उपलब्ध करा रही है, इसका लाभ अबतक करीब 66 हजार लोगों को मिला है। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को मजबूती के उद्देश्य से शहर में निवास करने वाले लोगों को अपने घरों एवं कैम्पस पर पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त देने का निर्णय लिया है।
वनोपज के लिए एमएसपी तय होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह धान क्रय को लेकर सरकार ने मिनिमम सपोर्टिंग प्राइस तय किया है उसी तरह वनोपज को लेकर भी एमएसपी तय किया जाएगा। इसके लिए सिदो कान्हो वनोपज सहकारी संघ का गठन किया गया है, ताकि वनोपज का सही मूल्य किसानों को मिल सके। बाजार से अच्छे कीमत पर वनोपज क्रय किया जाएगा।
बकाया मिलता तो लाखों एकड़ भूमि सिंचित होती
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार की कोयला रॉयल्टी का बकाया राशि एक लाख 36 हजार करोड़ का भुगतान नहीं कर रही है। अगर यह राशि झारखण्ड को प्राप्त हो जाती, तो वृद्ध महिला- पुरुष को ढाई हजार रुपए प्रतिमाह देते, हजारों एकड़ भूमि में सिंचाई हेतु किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाते, युवाओं को स्वरोजगार हेतु 10 -10 लाख रुपए देते, 500 रूपए में गैस सिलेंडर देते। लेकिन वे इस बकाया राशि को नहीं दे रहें हैं।
अबुआ आवास योजना राज्य सरकार देगी
मुख्यमंत्री ने कहा रोटी, कपड़ा और मकान सभी की जरूरत हैं, इसके बिना जीवन यापन मुश्किल है, लेकिन झारखण्ड के जरूरतमंदों के लिए आठ लाख आवास की स्वीकृति केंद्र सरकार ने नहीं दी। अब राज्य सरकार राज्य संपोषित अबुआ आवास योजना के तहत अहर्ता प्राप्त जरूरतमंद को योजना से आच्छादित कर रही है। यह तीन कमरों का सुसज्जित आवास होगा। केंद्र सरकार की अनदेखी के बाद यहां के लोगों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार के लिए जरूरी था। पूर्व में 11 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिया गया। लेकिन आपकी सरकार ने 20 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड से आच्छादित किया। अब जनवितरण प्रणाली की दुकान में दाल भी उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष में दो बार सरकार वस्त्र भी जनवितरण प्रणाली की दुकान से जरुरतमंदों को प्राप्त हो रहा है।
विदेश में मिल रही है उच्च शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा बच्चियां पढ़ाई से जुड़ी रहे इसके लिए सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना लागू की गई है।प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी से लेकर विभिन्न कोर्सेस को करने के लिए सरकार मदद दे रही है। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देने का काम हो रहा है। इसकी गारंटर सरकार बनेगी। इसलिए माता -पिता अपनी बच्चियों को पढ़ाएं। मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश में उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है। वर्तमान में आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के 50 बच्चों को यह स्कॉलरशिप मिल रहा है। यह देश की पहली ऐसी योजना है।
#10 गायउपलब्धकरानेकाआदेश
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन संवाद के क्रम में ईचागढ़ की सविता देवी को 10 गाय उपलब्ध कराने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री को संवाद के क्रम में सविता ने बताया कि उसे एक गाय मिला है, लेकिन वह 10 गाय लेना चाहती है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, ईचागढ़ को 10 गाय उपलब्ध कराने हेतु प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
ये भी जानना जरूरी है…
#सरायकेला – खरसावां में वर्ष 2021-22 में आयोजित कार्यक्रम में 1,11, 355 आवेदन एवं वर्ष 2022-23 में 1, 56, 773 आवेदन का निष्पादन हुआ
#तीसरे चरण में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में अबतक आयोजित 48 शिविर के माध्यम से 63, 530 आवेदन प्राप्त हुए
#अबुआ आवास योजना के तहत अबतक कुल 33, 476 आवेदन आए
#गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए शिविर के माध्यम से अबतक 2, 509 स्टूडेंट्स ने एप्लीकेशन दिया
#सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से वर्ष 2023 में 21, 582 किशोरियों को जोड़ते हुए ₹10.93 करोड़ स्वीकृत किया गया
#बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना के 2, 758 कूप स्वीकृत हुए
#झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना के तहत अबतक 3, 307 किसानों का ₹11.87 करोड़ KCC ऋण माफ किया गया #किसान क्रेडिट कार्ड अंतर्गत वर्ष 2023 में कुल 10, 252 किसानों को कुल ₹60.28 करोड़ ऋण उपलब्ध कराया गया
#मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत अबतक 3,034 लाभुक आच्छादित हुए