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  • कांग्रेस ने विदिशा में अनोखे प्रदर्शन में गैस सिलेंडर का मजाकिया अंतिम संस्कार किया

    कांग्रेस ने विदिशा में अनोखे प्रदर्शन में गैस सिलेंडर का मजाकिया अंतिम संस्कार किया

    कांग्रेस का विदिशा में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन

    विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में कांग्रेस पार्टी ने बढ़ती महंगाई और स्थानीय समस्याओं के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गैस टंकी की अर्थी निकालकर अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

    महंगाई के खिलाफ विशाल रैली

    सोमवार को विदिशा के लटेरी क्षेत्र में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर और बिजली बिलों की बेतहाशा बढ़ोतरी, साथ ही डीजल-पेट्रोल की कमी के विरोध में सिरोंज चौराहे से जय स्तंभ चौराहे तक एक विशाल रैली निकाली। इस रैली का प्रमुख आकर्षण गैस की टंकी और बिजली बिलों की ‘अर्थी’ का प्रदर्शन था, जो महंगाई के खिलाफ उनकी चिंता को व्यक्त करता था।

    शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ता गैस सिलेंडर पर माथा पटककर जनता पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को दर्शाते हुए विलाप करते नजर आए। रैली के बाद कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर धरना दिया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही, कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

    सांदीपनि विद्यालय के खराब परीक्षा परिणाम पर नाराजगी

    ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष यदवीर सिंह बघेल और अन्य कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सांदीपनि विद्यालय के खराब परीक्षा परिणाम पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षकों के तत्काल स्थानांतरण की मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आम आदमी की जिंदगी कठिन होती जा रही है।

  • मध्य प्रदेश BJP राज्य अध्यक्ष ने जल्द नियुक्तियों के संकेत दिए

    मध्य प्रदेश BJP राज्य अध्यक्ष ने जल्द नियुक्तियों के संकेत दिए

    मध्य प्रदेश में निगम मंडलों की नियुक्तियों का बेताबी इंतजार

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के निगम-मंडलों में नियुक्तियों का बड़े समय से इंतजार किया जा रहा है। इस बीच, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। उनके अनुसार, जल्द ही नामों की लिस्ट जारी की जाएगी, जिससे पद की आस लगाए नेताओं में फिर से उम्मीद जग गई है।

    संठन को प्राथमिकता देने की आवश्यकता

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ‘संगठन के पदों को भरना प्राथमिकता है। हाल में जिला प्रभारी घोषित किए गए हैं, प्रकोष्ठ, कार्यसमिति, और मोर्चों का गठन आदि जैसे कई कार्य हैं। हमारा संगठन जितना मजबूत रहेगा, उतनी ही भाजपा की राह आसान होगी। निगम मंडल की नियुक्तियों के लिए पूरी तैयारी हो चुकी है, और इसकी घोषणा जल्द की जाएगी।’

    भाजपा महिला मोर्चा का संकेत

    भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष, अश्वनी परांजपे, ने नियुक्तियों में महिलाओ की भागीदारी के बारे में टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में महिला शक्ति को हमेशा स्थान दिया गया है, और इसबार भी उनके समायोजन की संभावना है।

    महिला शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका

    अश्वनी परांजपे ने कहा, ‘पहले भी निगम मंडलों में महिला शक्ति का योगदान रहा है, और भविष्य में भी फैसले पार्टी और समाज के हित में लिए जाएंगे।’ उन्होंने राहुल गांधी के सिंगरौली दौरे को लेकर कहा कि राहुल गांधी ऐसे प्रवास करते रहते हैं, जो उनका कार्य है, और हम अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने प्रतिभा खोज के आधार पर 11 सदस्यीय समिति बनाई

    मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने प्रतिभा खोज के आधार पर 11 सदस्यीय समिति बनाई

    मध्यप्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ता पद के लिए टैलेंट हंट की शुरुआत

    भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए एक नई पहल की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस संबंध में जानकारी दी है कि प्रवक्ता चयन के लिए एक 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति के माध्यम से टैलेंट हंट का आयोजन किया जाएगा। हाल ही में मीडिया कमेटी का गठन समाप्त कर दिया गया था।

    समिति की संरचना

    इस 11 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष मुकेश नायक को नियुक्त किया गया है। समिति में कई प्रमुख नेता शामिल हैं, जिनमें विधायक जयवर्धन सिंह, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक आरिफ मसूद, विधायक विक्रांत भूरिया, विधायक महेश परमार, महेंद्र जोशी, शैलेंद्र पटेल, भूपेंद्र गुप्ता, मृणाल पंत, अपूर्व भारद्वाज तथा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी शामिल हैं। यह समिति प्रवक्ताओं के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया समिति के सभी प्रवक्ताओं से जिम्मेदारियां हटाई गईं

    मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया समिति के सभी प्रवक्ताओं से जिम्मेदारियां हटाई गईं

    मध्यप्रदेश कांग्रेस में बड़ा बदलाव

    भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। प्रदेश कांग्रेस की मीडिया कमेटी को भंग करने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत सभी प्रवक्ताओं को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। यह निर्णय एक आधिकारिक आदेश के रूप में जारी किया गया है।

    नए प्रवक्ताओं की चयन प्रक्रिया

    अब मध्य प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं का चुनाव एक टैलेंट हंट के माध्यम से किया जाएगा। जिन प्रवक्ताओं को कार्यमुक्त किया गया है, यदि वे फिर से प्रवक्ता बनना चाहते हैं, तो उन्हें इंटरव्यू देना होगा। इस प्रक्रिया की शुरुआत 5 फरवरी से की जाएगी। तब तक, मीडिया विभाग के द्वारा नेताओं को डिबेट में भेजा जाएगा।

    ममता बनर्जी का चुनावी रुख

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव 2026 में उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से अकेले चुनाव में भाग लेगी।

  • मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा का विदाई समारोह

    मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा का विदाई समारोह

    मध्यप्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव: हितानंद शर्मा का विदाई और संघ में वापसी

    इंदौर। मध्यप्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की विदाई के साथ-साथ उनकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है। भाजपा में ‘पर्दे के पीछे के चाणक्य’ के रूप में जाने जाने वाले हितानंद शर्मा को उनके संगठन महामंत्री के पद से हटाया गया है, जिसके बाद उन्हें संघ में नई जिम्मेदारी दी जा रही है।

    एक युग का अंत

    हितानंद शर्मा ने मध्यप्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में एक दीर्घकालिक और सफल कार्यकाल पूरा किया है। उनकी विदाई को सामान्य रूप से संगठन के रोटेशन प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ काफी गहरे हैं।

    चुनावी सफलता का श्रेय

    उनके कार्यकाल की सबसे प्रमुख उपलब्धि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त जीत और 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की सभी 29 सीटों पर ‘क्लीन स्वीप’ रहना था। उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अनुशासन और समन्वय का उदाहरण

    हितानंद शर्मा को संघ और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु माना जाता था। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मिलकर अंतर्कलह को रोकने में अहम योगदान दिया।

    विदाई के कारण

    संघ की कार्यप्रणाली के अनुसार, प्रचारकों को एक निश्चित समय अवधि के बाद नई जिम्मेदारियां दी जाती हैं। चूंकि मध्यप्रदेश में निकट भविष्य में कोई प्रमुख चुनाव नहीं है, इसलिए संगठन का नया सत्र शुरू होने से पहले यह समय बदलाव के लिए उपयुक्त समझा गया है। उनके स्थान पर नए चेहरे को लाने की तैयारी चल रही है, जो ‘मिशन 2028’ (अगले विधानसभा चुनाव) की नींव रख सके।

    कार्यकाल की उपलब्धियां

    • बूथ विजय संकल्प: ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ के मंत्र को उन्होंने असलियत में उतारा।
    • संगठन का विस्तार: कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के बीच संवादहीनता को कम किया।
    • डिजिटल संगठन: मध्यप्रदेश भाजपा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा।

    आज 31 जनवरी को क्षेत्र संघचालक ने इंदौर में एक बैठक में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें सुरेंद्र मिश्रा, मुकेश त्यागी, हितानंद शर्मा, और ब्रजकिशोर भार्गव जैसे प्रचारकों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं।

  • कांग्रस विधायक मध्यप्रदेश में RSS हिंदू कार्यक्रम में शामिल होने पर विवाद, AICC से स्पष्टीकरण मांगा

    कांग्रस विधायक मध्यप्रदेश में RSS हिंदू कार्यक्रम में शामिल होने पर विवाद, AICC से स्पष्टीकरण मांगा

    कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह के आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने पर विवाद

    भोपाल। मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह का आरएसएस के हिंदू कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए चिंता का विषय बन गया है। इस मामले की जानकारी अब आल-इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) तक पहुंच चुकी है, जहां उनसे इस संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को इस मामले की पूरी रिपोर्ट सौंप दी है।

    कार्यक्रम में शामिल होने पर आपत्ति

    अभिजीत शाह हरदा जिले के टिमरनी से विधायक हैं। हाल ही में टिमरनी विधानसभा के रहटगांव तहसील मुख्यालय पर एक आरएसएस कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें उन्होंने भाग लिया। उनके इस फैसले पर हरदा जिले के स्थानीय नेताओं ने अपनी आपत्ति व्यक्त की है, जिससे विवाद और बढ़ गया है।

  • मध्य प्रदेश ने राज्‍यसभा चुनावों में चुने तीन नेताओं की जानकारी

    मध्य प्रदेश ने राज्‍यसभा चुनावों में चुने तीन नेताओं की जानकारी

    मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में जल्द आयोजित होने वाले राज्यसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस साल अप्रैल से जून के बीच राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने वाली हैं, जिनमें भाजपा की दो और कांग्रेस की एक सीट शामिल है। इससे पहले दावेदारी और बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कौन से नेता राज्यसभा में पहुंचेंगे।

    राज्यसभा के लिए बीजेपी के दावेदार

    भारतीय जनता पार्टी में राज्यसभा के लिए कई प्रमुख दावेदार सामने आए हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य, और पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया शामिल हैं। इसके अलावा, कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए रामनिवास रावत भी इस रेस का हिस्सा हैं। ऐसे में भाजपा के लिए युवा चेहरों को मौका देने की बात भी चर्चित हो रही है। साधु-संतों को भी महत्व देने का विचार किया जा रहा है।

    कांग्रेस के दावेदार

    कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने अपनी सीट छोड़ने की घोषणा की है, जिससे उनकी स्थान पर नए दावेदारों की चर्चा बढ़ गई है। दौड़ में पूर्व सांसद नकुलनाथ, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा, सज्जन सिंह वर्मा और मीनाक्षी नटराजन भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं। युवा नेतृत्व को भी इस बार मौका मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    एमपी की राज्यसभा सीटों की स्थिति

    मध्य प्रदेश में कुल 11 राज्यसभा सीटें हैं, जिनमें से 8 भारतीय जनता पार्टी और 3 कांग्रेस के पास हैं। इस साल 9 अप्रैल को दिग्विजय सिंह और भाजपा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल जून 2026 तक जारी रहेगा। इस परिस्थिति ने राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है।

  • दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, अप्रैल में राजयसभा सीट खाली होगी

    दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, अप्रैल में राजयसभा सीट खाली होगी

    कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का राज्यसभा जाने से इंकार

    भोपाल। हाल ही में कांग्रेस के दलित एजेंडे और एससी/एसटी को मुख्यमंत्री बनाने के बयान पर मध्यप्रदेश में सियासी हलचल के बीच दिग्विजय सिंह ने अपना रुख बदल लिया है। राज्यसभा के आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने बड़ा बयान दिया है।

    राज्यसभा नहीं जाने का किया ऐलान

    भोपाल में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि वह राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं होंगे। इस बयान के चलते आगामी राज्यसभा चुनाव पर चर्चा को एक दिशा मिली है। गौरतलब है कि उनका राज्यसभा कार्यकाल 2026 में समाप्त हो रहा है और मध्यप्रदेश में 9 अप्रैल को एक सीट खाली हो रही है।

    कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की मांग

    दिग्विजय सिंह ने हाल ही में दलितों के एक कार्यक्रम में कहा था कि यदि एससी/एसटी से कोई मुख्यमंत्री बनता है, तो उन्हें खुशी होगी। उनके इस बयान पर सत्ताधारी बीजेपी ने उन्हें निशाना बनाया। इसके अलावा, उनकी ही पार्टी में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दिग्विजय सिंह को पत्र भेज कर अनुरोध किया है कि खाली हो रही राज्यसभा सीट पर दलित वर्ग का प्रतिनिधित्व होना चाहिए। पत्र में यह भी अपेक्षा जताई गई है कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रमुखता से रखा जाए।

  • बीजेपी नेताओं का बयान, मध्य प्रदेश में निगमों और बोर्डों की नियुक्तियाँ जल्द होंगी

    बीजेपी नेताओं का बयान, मध्य प्रदेश में निगमों और बोर्डों की नियुक्तियाँ जल्द होंगी

    रतलाम में भाजपा की एल्डरमैन नियुक्तियों का ऐलान

    रतलाम। मध्य प्रदेश भाजपा जल्द ही निगम मंडल आयोग और नगरीय निकाय में एल्डरमैनों की नियुक्तियां करने जा रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रतलाम पहुंचने पर यह जानकारी दी। उन्होंने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि नियुक्तियों की सूची जल्द ही जारी की जाएगी, जिसमें कुछ बदलाव भी हुए हैं।

    सरकार और संगठन का संबंध

    खंडेलवाल ने यह भी कहा कि सत्ता और संगठन के बीच गहरा नाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा पूरी तरह से एकजुट होकर काम कर रही है। उनकी बात के अनुसार, सरकार का कार्यकाल अब लगभग दो साल पूरा हो चुका है, और तीन साल से ज्यादा समय हो गया है नगरीय निकाय चुनावों को। ऐसे में भाजपा को अपने नेताओं को सम्मानित करने का अवसर मिल सकता है, हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई स्पष्ट लाभ उठाने का जिक्र नहीं किया।

  • MP: भाजपा नेता गिरफ्तार, शांति भंग के आरोप में JCB पर भाषण दिया

    MP: भाजपा नेता गिरफ्तार, शांति भंग के आरोप में JCB पर भाषण दिया

    सीहोर में तनावपूर्ण साम्प्रदायिक माहौल

    मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में शनिवार को साम्प्रदायिक माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया। यह घटना तब घटी जब पूर्व पार्षद और भाजपा नेता कालू भट्ट तथा उनके साथी अंकुश ठाकुर जेसीबी मशीन पर चढ़कर भाषण दे रहे थे। इस दौरान स्थिति बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया और बवाल को बढ़ने से रोकने के लिए भाजपा नेता को हिदायत दी। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए त्वरित कदम उठाए, जिससे किसी भी प्रकार की हिंसा से बचा जा सके।

    स्थानीय प्रतिक्रिया

    इस घटनाक्रम के चलते स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है। साम्प्रदायिक तनाव के ऐसे मामलों पर नजर रखना आवश्यक है, ताकि शांति और सौहार्द बना रहे। आयोजनों के दौरान इस प्रकार की स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से तैयार है।

  • महाराष्ट्र पुलिस ने पूर्व मंत्री के बेटे को गिरफ्तार किया

    महाराष्ट्र पुलिस ने पूर्व मंत्री के बेटे को गिरफ्तार किया

    खंडवा में कांग्रेस नेता यशवंत सिलावट की गिरफ्तारी

    मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में महाराष्ट्र पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कांग्रेस नेता यशवंत सिलावट को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी हत्या के प्रयास के मामले में की गई है, जो महाराष्ट्र के धुलिया के सिरपुर से संबंधित है। इस मामले पर यशवंत ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल प्रॉपर्टी से जुड़ा एक मामला है और इसमें कोई गंभीरता नहीं है।

    गिरफ्तारी की जानकारी

    रविवार को महाराष्ट्र पुलिस ने खंडवा में एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें कोतवाली पुलिस ने सहयोग प्रदान किया। गिरफ्तारी के समय खंडवा नगर निगम के सामने कांग्रेस द्वारा मनरेगा का नाम बदलने को लेकर एक प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान यशवंत सिलावट को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि वह प्रॉपर्टी के लेन-देन में हैं और इस मामले में कोई दिक्कत नहीं है।

    पारिवारिक पृष्ठभूमि

    यशवंत सिलावट, पूर्व मंत्री हीरालाल सिलावट के पुत्र हैं। हीरालाल सिलावट ने दिग्विजय सिंह की सरकार में मंत्री के पद पर कार्य किया है। यशवंत की गिरफ्तारी ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दिया है, खासकर उनके परिवार के राजनीतिक इतिहास को देखते हुए।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया

    मध्य प्रदेश कांग्रेस को बड़ा झटका, जिला अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया

    रतलाम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष का इस्तीफा

    रतलाम: मध्यप्रदेश के रतलाम ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजा है। ज्ञात हो कि कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान हाल ही में किया गया था।

    सियासी अटकलें शुरू

    हर्ष विजय गहलोत के इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में विभिन्न अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे का कारण पारिवारिक प्रतिबद्धता और विधानसभा क्षेत्र में व्यस्तता बताया है। इस स्थिति ने भोपाल से रतलाम तक राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है।

    पूर्व विधायक की पृष्ठभूमि

    गहलोत कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं, जो 2018 में रतलाम ग्रामीण सीट से विधायक बने थे, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अगस्त 2025 में उन्हें रतलाम ग्रामीण का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन अब उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया है। चर्चा है कि मनमुताबिक ब्लॉक अध्यक्ष न मिलने के कारण भी उनका इस्तीफा संभव है।

    ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा और प्रभाव

    पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 16 दिसंबर को मध्यप्रदेश कांग्रेस के 780 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की थी। यह घोषणा दो साल के कार्यकाल पूरा होने पर की गई। हर्ष विजय गहलोत का इस्तीफा इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है, जिस पर कांग्रेस का कहना है कि ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम है।

    व्यक्तिगत कारणों का प्रभाव

    गहलोत ने अपने इस्तीफे में उल्लेख किया है कि वे लगातार विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और पारिवारिक समस्याओं के कारण जिलाध्यक्ष के पद पर समय नहीं दे पा रहे हैं। उनके इस्तीफे ने मध्यप्रदेश की कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल को जन्म दिया है।

  • मध्य प्रदेश मंत्री प्रतिमा बागरी ने BJP कार्यालय को बुलाया, संगठन से मांगा स्पष्टीकरण

    मध्य प्रदेश मंत्री प्रतिमा बागरी ने BJP कार्यालय को बुलाया, संगठन से मांगा स्पष्टीकरण

    मध्य प्रदेश में मंत्री प्रतिमा बागरी की मुसीबतें बढ़ी

    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब उनके भाई अनिल बागरी को गांजे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उच्च पदाधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री बागरी को प्रदेश कार्यालय बुलाया। उन्होंने क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल के साथ लगभग आधे घंटे तक चर्चा की। इसके बाद प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा से भी बंद कमरे में बातचीत हुई।

    संगठन द्वारा सवाल उठाना

    सूत्रों के अनुसार, संगठन के सदस्यों ने मंत्री बागरी से पूछा, “आपके नाक के नीचे इतनी गतिविधियाँ होती रहीं, क्या आपको इसकी जानकारी नहीं थी?” भाई की गिरफ्तारी को लेकर भी स्पष्टता मांगी गई। मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपने आपको निर्दोष बताते हुए कहा कि “भाई के कार्यों से मेरा कोई संबंध नहीं है।” लेकिन संगठन ने सख्त निर्देश जारी किए। अजय जामवाल से मुलाकात के बाद मंत्री बागरी की मनस्थिति मायूस दिखी।

    पार्टी की छवि पर असर

    यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले भी मंत्री के परिवार से जुड़े कुछ लोग ऐसी विवादास्पद स्थितियों में पाए गए हैं, जिससे पार्टी की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। भाजपा नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

  • कांग्रेस पार्टी को झटका, 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाजपा जॉइन की

    कांग्रेस पार्टी को झटका, 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाजपा जॉइन की

    मध्य प्रदेश के बड़वानी में कांग्रेस को नया झटका

    बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी को महत्वपूर्ण नुकसान हुआ है। ताजा जानकारी के अनुसार, लगभग 100 परिवारों के 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल हुए इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने यह कदम अपने गांवों के विकास और स्थायी परिवर्तन की आकांक्षा के कारण उठाया है।

    भाजपा में शामिल होने का कारण

    नए भाजपा सदस्यों ने अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए बताया कि वे अपने इलाके में बेहतर विकास और अवसरों की तलाश में हैं। उनका मानना है कि भाजपा के नेतृत्व में क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। इस प्रकार, यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन गया है, जहां कांग्रेस की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।

    आगामी चुनौतियाँ

    पार्टी के भीतर इस बदलाव ने कांग्रेस के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं। अब देखना यह है कि कांग्रेस इस स्थिति का सामना कैसे करती है और क्या वे अपने कार्यकर्ताओं को वापस लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस में हड़बड़ाहट, जीतू पटवारी और हरिश चौधरी में टकराव

    मध्य प्रदेश कांग्रेस में हड़बड़ाहट, जीतू पटवारी और हरिश चौधरी में टकराव

    मध्य प्रदेश में कांग्रेस जिला प्रभारियों की नियुक्तियों में हलचल

    भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के जिला प्रभारियों की हालिया नियुक्तियों पर बवाल खड़ा हो गया है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने हाल ही में की गई जिला संगठन मंत्रियों की नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह नियुक्तियां पीसीसी चीफ जीतू पटवारी द्वारा की गई थीं, और अब बताया जा रहा है कि AICC के अनुमोदन के बाद ही नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    पार्टी के भीतर का विवाद

    कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के बीच निम्नलिखित नियुक्तियों को लेकर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हरीश चौधरी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य की नियुक्तियों के लिए पहले अनुमति प्राप्त की जाए। उन्होंने जिन नियुक्तियों को निरस्त किया है, वे उन नियुक्तियों के खिलाफ उठ रही आवाजों के बीच आई हैं, जिन्हें पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बिना किसी उचित संज्ञान के किया गया माना है।

    संगठनात्मक नियुक्तियों का विरोध

    यह फैसला पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक से पहले लिया गया है। हाल ही में, तीन से चार दिन के भीतर कई जिलों में जिला संगठन मंत्रियों की नियुक्तियां की गई थीं, जो लगातार विरोध का कारण बनीं। कार्यकर्ताओं का प्रश्न है कि जब जिला अध्यक्ष पहले से मौजूद हैं, तो जिला संगठन मंत्री की नई नियुक्ति क्यों की जा रही है? हरीश चौधरी को बिना पूर्व जानकारी दिए इन नियुक्तियों का निर्णय लिया गया था। एआईसीसी के हस्तक्षेप के बाद चौधरी ने आदेश जारी किया है।

    नियुक्तियों की सूची

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशन में हाल में संगठन कार्यों में सहयोग हेतु विभिन्न जिलों में नियुक्तियाँ की गई थीं। उमरिया में पुष्पराज सिंह, जबलपुर शहर में रितेष गुप्ता बंटी, राजगढ़ में राधेश्याम सोमतिया, धार में परितोष सिंह बंजी, और उज्जैन शहर में अजय राठौर को जिला संगठन मंत्री नियुक्त किया गया था।

  • रीना बौरासी सेतिया को महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया

    रीना बौरासी सेतिया को महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया

    रीना बौरासी सेतिया को मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया

    इंदौर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए रीना बौरासी सेतिया को मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एवं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें बधाई दी।

    नियुक्ति के पीछे का उद्देश्य

    रीना बौरासी सेतिया की नियुक्ति से कांग्रेस पार्टी मध्य प्रदेश में महिला संगठन को सशक्त बनाने के लिए एक नई दिशा में कदम बढ़ा रही है। पार्टी नेतृत्व ने उनकी क्षमता और अनुभव को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया है, जिससे महिला कार्यकर्ताओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके।

    भविष्य की चुनौतियाँ

    रीना बौरासी सेतिया के सामने कई चुनौतियाँ हैं, जिनमें महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय और पार्टी में महिलाओं की आवाज को प्रमुखता देना शामिल है। उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे इन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें और संगठित तरीके से कार्य करें।