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  • रांची डीसी ने जनता दरबार में त्वरित कार्रवाई कर समस्याओं का किया समाधान

    रांची डीसी ने जनता दरबार में त्वरित कार्रवाई कर समस्याओं का किया समाधान

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं समस्याएं, तुरंत दिए समाधान के निर्देश

    रांची: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची, मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आयोजित जनता दरबार में काफी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं पेश कीं। उपायुक्त ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए।

    बीमार बच्ची का इलाज शुरू 🚑

    माण्डर प्रखंड की वीणा देवी अपनी बीमार बेटी के इलाज के लिए सहायता की गुहार लेकर आईं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी पिछले चार दिनों से कुछ नहीं खा रही थी। उपायुक्त ने सिविल सर्जन से संपर्क कर **आयुष्मान भारत योजना** के तहत तुरंत इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इसके तहत, बच्ची के लिए **आयुष्मान कार्ड** बना कर इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई।

    सेविका के खिलाफ कार्रवाई का आदेश 📋

    बंझिला टोला की महिलाओं ने शिकायत की कि सेविका ने सत्यापन में गड़बड़ी की और न शिकायत करने के बदले पैसे का ऑफर किया। इस पर उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को सेविका को शो-कॉज करने के निर्देश दिए और सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा को सभी मामलों की गहरी जांच का आदेश दिया।

    अनगड़ा में सीओ को निशाना बनाया गया ⚠️

    अनगड़ा प्रखण्ड की हेसल पंचायत की मुखिया ने खाता संख्या में सुधार न होने की शिकायत की। दस्तावेज़ों की जांच के बाद उपायुक्त ने संबंधित सीओ और कर्मचारियों को शो-कॉज करने के निर्देश दिए।

    घरेलू हिंसा से संबंधित मामला 🚨

    पिठोरिया थाना क्षेत्र की एक महिला ने बताया कि उसके पति ने दूसरी शादी कर उसे घर से निकाल दिया और झूठा मामला दर्ज कर दिया। उपायुक्त ने इस मामले में चौकीदार का वेतन रोकने का आदेश दिया।

    शैक्षणिक त्रुटि पर समाधान का निर्देश 📚

    बुण्डू प्रखंड के तैमारा निवासी छात्र अनुज कुमार रुण्डा ने 10वीं की परीक्षा फॉर्म में जन्म तिथि में त्रुटि का समाधान मांगा। उपायुक्त ने झारखंड अधिविद्य परिषद से अनुमति लेकर सही आयु सीमा सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

    मृत्यु प्रमाण पत्र का मामला 📝

    राहे प्रखंड के एक युवक ने अपने भाई का मृत्यु प्रमाण पत्र न बनने की समस्या उठाई। उपायुक्त ने जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को बुलाकर आवेदन की सही जानकारी देने और प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए।

    राजस्व मामलों में त्वरित कार्रवाई की अपील 💼

    जनता दरबार में भूमि विवाद, नामांतरण, रसीद निर्गमन, भू-राजस्व भुगतान और सीमांकन से संबंधित कई मुद्दे सामने आए। उपायुक्त ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित फाइलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए।

    उपायुक्त का संदेश 🗨️

    उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य हर नागरिक को समय पर न्याय और राहत प्रदान करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाने और भ्रष्टाचार पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
  • सीएम हेमंत सोरेन की BMW X7 कार लौटाई गई, दिल्ली ट्रिब्यूनल का आदेश

    सीएम हेमंत सोरेन की BMW X7 कार लौटाई गई, दिल्ली ट्रिब्यूनल का आदेश

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    दिल्ली ट्रिब्यूनल का बड़ा निर्णय: झारखंड के सीएम की जब्त कार लौटाने का आदेश 🚗

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की लग्जरी बीएमडब्ल्यू एक्स7 कार को दिल्ली के अपीलीय ट्रिब्यूनल ने वापस लौटाने का निर्देश दिया है। यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को 25 सितंबर 2025 को दिया गया, जब ट्रिब्यूनल ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामले की सुनवाई की।ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे कीमती संपत्तियों को केवल इस संदेह के आधार पर जब्त नहीं रखा जा सकता है कि ये अपराध की आय से जुड़ी हो सकती हैं।बीएमडब्ल्यू एक्स7, जो 2021 मॉडल की है, झारखंड भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान 29 जनवरी 2024 को हेमंत सोरेन के दिल्ली निवास से जब्त की गई थी। यह कार भगवानदास होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत है।भगवानदास होल्डिंग्स ने कार की जब्ती को ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी। कंपनी के वकीलों ने तर्क दिया कि जब्ती के 21 महीनों के बाद भी ईडी कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं कर पाई है, जिससे यह साबित हो सके कि कार को अपराध की आय से जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, कंपनी और उसके निदेशकों के नाम किसी अभियोजन शिकायत में शामिल नहीं हैं।

    शर्तों के साथ कार वापसी ⚖️

    हालाँकि, ट्रिब्यूनल ने कार लौटाने की अनुमति एक शर्त के साथ दी है। याचिकाकर्ता को एक वर्ष तक कार को न बेचना और न ही उसका उपयोग करना होगा, इसके साथ ही उसे चालू स्थिति में बनाए रखना होगा। ट्रिब्यूनल ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में कोई नया सबूत सामने आता है, तो ईडी को कार्रवाई करने की स्वतंत्रता होगी।

  • आदिवासी के बहाने झारखंड को बांटने की योजना: गीताश्री

    आदिवासी के बहाने झारखंड को बांटने की योजना: गीताश्री

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में आदिवासी पहचान को लेकर बढ़ा विवाद

    आज झारखंड की राजधानी रांची में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि आदिवासी पहचान के मुद्दे पर झारखंड को दो भागों में बांटने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल जानबूझकर कुर्मी समुदाय को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह बयान उन्होंने मोरहाबादी मैदान में आयोजित विरोध मार्च और सभा में दिया, जो कि आदिवासी बचाओ मोर्चा और अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा कुड़मी समाज को आदिवासी बनाने की मांग के विरोध में आयोजित किया गया था।

    कुड़मी समाज की स्थिति

    गीताश्री उरांव ने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय को आदिवासी राज्य में शामिल करने का निर्णय भारत सरकार के गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और 18 महत्वपूर्ण मानदंडों पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट (टीआरआई) की रिपोर्ट और रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की सलाह भी जरूरी होती है। उनका मानना है कि कुड़मी समुदाय इन मानदंडों में फिट नहीं बैठता, इसलिए उन्हें आदिवासी सूची में शामिल नहीं किया जा सकता।

    कुड़मी नेताओं की कार्रवाई पर सवाल

    इस मौके पर पूर्व मंत्री देव कुमार धान ने कहा कि कुड़मी समाज के कुछ नेता दबाव के चलते प्रधानमंत्री को गुमराह कर रहे हैं, जो कि पूरी तरह असंवैधानिक है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर स्पष्टता की मांग की, कि वे कुड़मी आंदोलन का समर्थन करते हैं या आदिवासी समाज के साथ हैं।

    आवश्यकता है ठोस कदमों की

    सभा में प्रेम शाही मुंडा ने कहा कि आज के आदिवासी पलायन और बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जबकि राज्य के आदिवासी मंत्री और विधायक इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं। वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों से स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया।

    आंदोलन की भविष्य की रणनीति

    सभा में आंदोलन की अगली रणनीति भी तय की गई। यह निर्णय लिया गया कि 26 सितंबर को सिरम टोली सरना स्थल में एक बैठक होगी, तथा कुड़मी समाज को एसटी सूची में शामिल करने के खिलाफ विरोध जारी रखने का संकल्प लिया गया।

    इस कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिसमें देव कुमार धान, प्रेम शाही मुंडा, दर्शन गझु और अन्य शामिल थे।