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  • लातेहार में डैम में डूबकर दो युवक नहाते समय हुए घायल

    लातेहार में डैम में डूबकर दो युवक नहाते समय हुए घायल

    झारखंड के लातेहार में डैम में डूबने से दो युवकों की मौत

    लातेहार: झारखंड के लातेहार जिले के छिपादोहर थाना क्षेत्र में स्थित गम्हरिया डैम में रविवार को एक दुखद घटना घटी। नहाने के दौरान आदिम जनजाति समुदाय के दो युवकों की डूबने से मृत्यु हो गई। मृतकों की पहचान विशाल परहिया और मनोज परहिया के रूप में हुई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है।

    एक युवक को बचाने में हुई दोनों की जान की हानि

    रिपोर्ट के अनुसार, दोनों युवक डैम में नहाने गए थे। अचानक, एक युवक गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए दूसरा युवक भी पानी में कूद गया, लेकिन दोनों गहराई में समा गए।

    ग्रामीणों ने किया बचाव का प्रयास, लेकिन असफल रहे

    दोनों को डूबते देख आसपास के लोगों ने शोर मचाया और उन्हें बचाने की कोशिश की। काफी प्रयासों के बाद दोनों युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी।

    पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

    घटना की सूचना मिलते ही छिपादोहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य में जुट गई। थाना प्रभारी यकीन अंसारी ने बताया कि नहाने के दौरान डूबने से दोनों युवकों की मृत्यु हुई है। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेजा गया है।

    एक युवक अपने ससुराल में रह रहा था

    जानकारी के अनुसार, मनोज परहिया मूल रूप से बरवाडीह का निवासी था, लेकिन वह छिपादोहर में अपने ससुराल में रह रहा था।

    परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा

    बताया जा रहा है कि दोनों युवक अपने-अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मृत्यु ने उनके परिवारों पर गहरा दुख छा दिया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

  • उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उलिहातू दौरा, बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देंगे।

    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उलिहातू दौरा, बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देंगे।

    उपराष्ट्रपति का विशेष दौरा

    उपराष्ट्रपति का यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहला उलिहातू दौरा होगा। इससे पहले, वे झारखंड के राज्यपाल के रूप में भी इस क्षेत्र में आ चुके हैं, जिससे इस दौरे को प्रतीकात्मक रूप से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रशासन की तैयारियाँ

    उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उलिहातू के कंट्रापीढ़ी क्षेत्र और खूंटी में अस्थायी हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

    हेलीपैड का इतिहास

    यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान भी इसी क्षेत्र में अस्थायी हेलीपैड बनाए गए थे। इस बार भी उसी तर्ज पर तेजी से तैयारियाँ चल रही हैं, ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    स्थल निरीक्षण

    अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि उलिहातू में उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम लगभग एक घंटे का निर्धारित है। बुधवार को एसडीओ दीपेश कुमारी, डीएसपी वरुण रजक और खूंटी थाना पुलिस ने हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया।

    सुरक्षा व्यवस्था

    कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि दौरा पूरी तरह से सुरक्षित, व्यवस्थित और गरिमामय तरीके से संपन्न हो।

    स्थानीय लोगों का उत्साह

    उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पर देश के उपराष्ट्रपति का आना इस क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।

  • संदिग्ध परिस्थितियों में जवान की मौत, गन साफ करते समय गोली चली

    संदिग्ध परिस्थितियों में जवान की मौत, गन साफ करते समय गोली चली

    झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में जवान की संदिग्ध मौत

    चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोन्टो थाना क्षेत्र में तैनात एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। मृतक का नाम अजय किशोर खाका है। रविवार रात को उन्हें अपनी ही सर्विस इंसास राइफल से गोली लगने के बाद पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।

    नक्सल विरोधी अभियान में तैनात

    जानकारी के अनुसार, अजय किशोर खाका गुमला जिले के रायडीह क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में टोन्टो थाना में कार्यरत थे। वे सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल थे। वह सीआरपीएफ की 174वीं बटालियन के पालीसाई कैंप में तैनात थे और अपनी ड्यूटी पर पूरी गंभीरता से लगे हुए थे।

    गोली लगने के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचाया गया

    घटना के बाद, साथी जवानों ने उन्हें तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उनकी जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि गोली उनके गले के आस-पास लगी थी, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी।

    हादसा या आत्महत्या? विभिन्न मत

    इस घटना के बारे में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जवान पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थे और उन्होंने आत्महत्या की। वहीं, अन्य लोगों का मानना है कि वे अपनी राइफल की सफाई कर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई और यह एक हादसा हो गया।

    हर पहलू से जांच की जा रही है

    घटना की जानकारी मिलते ही किरीबुरू के एसडीपीओ अजीत केरकेट्टा मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने बताया कि जवान की मौत के कारणों की जांच हर पहलू से की जा रही है।

    परिजनों को सूचित किया गया

    मृतक के परिजनों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है और उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर सतर्क हैं।

  • सरहुल में राजधानी रांची का झूमना, पाहन की भविष्यवाणी से बारिश की उम्मीद में वृद्धि

    सरहुल में राजधानी रांची का झूमना, पाहन की भविष्यवाणी से बारिश की उम्मीद में वृद्धि

    झारखंड में सरहुल पर्व का धूमधाम

    रांची: झारखंड के प्रमुख प्राकृतिक उत्सव सरहुल के अवसर पर राजधानी रांची पूरी तरह से उत्सव के रंगों में रंगी नजर आई। चारों ओर पारंपरिक वेशभूषा, मांदर की थाप और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह मानव और प्रकृति के बीच के गहरे संबंधों की पहचान है।

    हातमा सरना स्थल पर विशेष पूजा

    सरहुल शोभा यात्रा की शुरुआत हातमा (सरना टोली) स्थित सरना स्थल से हुई, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा की गई। मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने सरई (सखुआ) के पेड़ों के नीचे देवी-देवताओं का आह्वान किया। इस दौरान विभिन्न देवताओं को विशेष अर्पण किए गए, जिसमें इष्ट देवता के लिए सफेद मुर्गा, ग्राम देवता के लिए रंगवा मुर्गा, जल देवता के लिए लाल मुर्गा, पूर्वजों की स्मृति में रंगीली मुर्गा और बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए काली मुर्गी चढ़ाई गई। इसके साथ ही, चावल से बनी हड़िया (तपान) अर्पित कर सुख-शांति और संतुलन बनाए रखने की प्रार्थना की गई।

    पाहन की भविष्यवाणी: फसल की लहराने की खुशी

    सरहुल पर्व पर सबसे महत्वपूर्ण पहलू पाहन की भविष्यवाणी होती है। इस वर्ष भी जगलाल पाहन ने किसानों के लिए अच्छी खबर दी। उन्होंने बताया कि पूजा में रखे गए घड़े का पानी पूरी तरह भरा हुआ पाया गया है। उनका मानना है कि यह संकेत है कि इस वर्ष अच्छी बारिश होगी, जिससे खेतों में धान की फसल लहलहाएगी और किसानों के भंडार भरे रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश शुभ दिशा से होगी, जो पूरे वर्ष के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।

    पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की उपस्थिति

    इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी सरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सरना मां से राज्य की खुशहाली और लोगों की समृद्धि की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की पहचान उसकी संस्कृति से है और इसे हमेशा संजोकर रखना चाहिए।

    खिचड़ी प्रसाद और पारंपरिक नृत्य का आयोजन

    पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी का महाप्रसाद बांटा गया। इसके बाद सरना टोली से शोभा यात्रा निकली, जिसमें लोग मांदर, नगाड़ा और ढाक की थाप पर नाचते नजर आए। पुरुष और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। पूरे माहौल में उत्साह, आस्था और अपनापन साफ झलक रहा था।

    सरहुल: प्रकृति से जुड़ने का पर्व

    सरहुल केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि मानव और प्रकृति का रिश्ता कितना गहरा है। पेड़-पौधों, जल और धरती के प्रति सम्मान जताने वाला यह पर्व झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।

  • चांडिल में हाथी के आतंक से ग्रामीण भयभीत, वन विभाग पर आरोप लगाए गए

    चांडिल में हाथी के आतंक से ग्रामीण भयभीत, वन विभाग पर आरोप लगाए गए

    सरायकेला-खरसावां में हाथी का उत्पात

    सरायकेला: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र के कांगलाटांड़, सालडीह और भालूककोचा गांव में शुक्रवार रात को एक जंगली हाथी ने जमकर तबाही मचाई। यह हाथी अपने झुंड से बिछड़कर अचानक गांव में घुस आया और कई घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान हाथी ने घरों में रखा धान और चावल भी खा लिया, जिससे ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

    रातभर दहशत में रहे ग्रामीण

    हाथी के गांव में प्रवेश करते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। भय के कारण लोग अपने घरों में ही कैद रहे। बच्चे और बुजुर्ग पूरी रात सहमे रहे और किसी अनहोनी का डर उन्हें जगाए रखा। इस प्रकार पूरा गांव रातभर दहशत के माहौल में गुजरा।

    ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा

    इस घटना के दौरान वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों को स्थिति को संभालने के लिए खुद आगे आना पड़ा। लोगों ने शोर मचाकर किसी तरह हाथी को गांव से बाहर खदेड़कर जंगल की ओर भेजा। हालांकि, इस दौरान उनकी जान को खतरा बना रहा।

    वन विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों का आक्रोश

    ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद कोई भी टीम समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंची, जबकि प्रभावित गांव वन विभाग कार्यालय से कुछ ही किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय पर कार्रवाई की गई होती, तो नुकसान कम किया जा सकता था।

    जरूरी संसाधनों की कमी

    ग्रामीणों ने बताया कि हाथी को भगाने के लिए आवश्यक संसाधनों जैसे पटाखे, टॉर्च और मोबिल आदि की उपलब्धता नहीं थी। मजबूर होकर ग्रामीणों को खुद ही जोखिम उठाकर हाथी को भगाना पड़ा।

    मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने नुकसान का आकलन करते हुए मुआवजे की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इलाके में हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

    बढ़ता मानव-वन्यजीव टकराव

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच टकराव बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग को मिलकर ठोस रणनीति बनाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और नुकसान को रोका जा सके।

  • पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस से 3 साल के लिए निकाला, सीएम पर टिप्पणी पर कार्रवाई।

    पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस से 3 साल के लिए निकाला, सीएम पर टिप्पणी पर कार्रवाई।

    रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की अनुशासन समिति ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संगठन के अनुशासन को बनाए रखने के लिए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से तीन वर्षों के लिए निकाला गया है। इस फैसले की जानकारी प्रदेश मीडिया विभाग के सतीश पॉल मुंजानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से साझा की।

    सोशल मीडिया पर दिए गए विवादास्पद बयान

    अनुशासन समिति के अनुसार, योगेंद्र साव बार-बार सोशल मीडिया पर गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने फेसबुक लाइव पर सरकार को लेकर कई विवादित बयान दिए, जिसे पार्टी ने गंभीरता से लिया।

    पार्टी की छवि पर प्रभाव

    कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती है। विशेष रूप से ऐसे समय में, जब कांग्रेस खुद राज्य की गठबंधन सरकार का हिस्सा है। इस तरह के बयानों को संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ माना गया है।

    नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

    अनुशासन समिति ने इसे पार्टी के नियमों का उल्लंघन माना है। खासकर अनुशासनात्मक नियमों की धारा 04 (क), (ख) और (ड़) के तहत यह कदम उठाया गया है। इसी कारण योगेंद्र साव की प्राथमिक सदस्यता को तीन वर्षों के लिए समाप्त कर दिया गया है।

    अनुशासन पर कड़ा संदेश

    कांग्रेस का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि पार्टी अनुशासन के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगी। इस कार्रवाई से झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, और अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि योगेंद्र साव आगे क्या कदम उठाते हैं।

  • झारखंड विधानसभा में ‘टाइगर’ का हमला, भाजपा की योजना हुई कमजोर

    झारखंड विधानसभा में ‘टाइगर’ का हमला, भाजपा की योजना हुई कमजोर

    रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र ने इस बार राजनीतिक गतिविधियों में नयापन दिखाया है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के एकमात्र विधायक जयराम महतो, जिन्हें ‘टाइगर’ के नाम से जाना जाता है, सदन में व्यापक ध्यान आकर्षित करने में सफल रहे। उनके एकल होने के बावजूद, उन्होंने सात कटौती प्रस्ताव पेश कर सरकार को घेरे में लिया और विपक्ष की भूमिका पर सवाल खड़े किए।

    सात कटौती प्रस्ताव से सरकार पर दबाव

    बजट सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तुत बजट पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान, जयराम महतो ने बहुतेरे कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत किए, जिनमें से छह पर उन्होंने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार की नीतियों, योजनाओं और व्यय पर गंभीर सवाल उठाए।

    15-15 मिनट के समय का पूरा इस्तेमाल

    नियमों के अनुसार, हर कटौती प्रस्ताव पर 15 मिनट का समय निर्धारित है। जयराम महतो ने इस समय का कुशलता से उपयोग करते हुए अपनी बात रखी। उनके भाषणों में सरकार की कार्यशैली पर सीधा हमला और जनहित से जुड़े मुद्दों की दमदार पैरवी देखने को मिली।

    भाजपा की भूमिका पर उठे सवाल

    इस सत्र के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि 21 विधायकों वाली भाजपा कटौती प्रस्ताव और बहस में सक्रिय नहीं नजर आई। यहां तक कि राज्यपाल के अभिभाषण पर भी पार्टी की ओर से कोई संशोधन प्रस्ताव नहीं प्रस्तुत किया गया, जिससे विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

    पार्टी के अंदर भी असंतोष

    सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने विधायकों की निष्क्रियता पर असंतोष का इजहार किया है। वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट कहा है कि सदन के भीतर विपक्ष को और अधिक आक्रामक होना चाहिए। इसे पार्टी के भीतर आत्ममंथन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    सिर्फ सरकार ही नहीं, विपक्ष पर भी हमला

    जयराम महतो ने अपने भाषणों में सरकार के साथ-साथ विपक्ष की चुप्पी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने यह कहा कि एक सशक्त विपक्ष लोकतंत्र के लिए आवश्यक है, लेकिन यहां विपक्ष अपनी जिम्मेदारी को निभाने में विफल दिखाई दे रहा है।

    अकेले विधायक, लेकिन असर बड़ा

    हालांकि वे सदन में अकेले विधायक हैं, उनकी सक्रियता ने उन्हें चर्चा का केंद्र बना दिया है। बड़ी राजनीतिक पार्टियों के लिए यह संदेश हैं कि संख्या की ताकत के साथ-साथ सदन में सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

    राजनीतिक संकेत साफ

    इस घटनाक्रम ने झारखंड की राजनीति में स्पष्ट संकेत दिया है कि विधानसभा में प्रभावी आवाज और तैयारी ही असली ताकत होती है। जयराम महतो की सक्रियता ने उन्हें सुर्खियों में तो ला दिया, साथ ही भाजपा के लिए यह स्थिति आत्म-विश्लेषण का विषय बनी है।

  • बाइक की टक्कर से पेशाब के लिए रुके युवक की मौत

    बाइक की टक्कर से पेशाब के लिए रुके युवक की मौत

    पलामू जिले में सड़क हादसा: एक युवक की जीवन लीला समाप्त

    पलामू: झारखंड के पलामू जिले में एक मर्मस्पर्शी हादसा हुआ है जिसमें एक युवक की जान चली गई। यह घटना लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में हुई, जब युवक ससुराल में था। सड़क किनारे पेशाब करने के दौरान उसे पीछे से तेज रफ्तार बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी।

    सड़क पर पेशाब करने के दौरान हुआ हादसा

    जानकारी के अनुसार, मोहम्मदगंज के निवासी 26 वर्षीय सूरज सोनी अपनी ससुराल लेस्लीगंज आए हुए थे। बुधवार को पांकी-मेदिनीनगर मार्ग पर प्रखंड कार्यालय के समीप वह अपनी कार खड़ी कर सड़क किनारे गए। इसी दौरान, एक तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    बाइक सवार भी घायल, तीन लोग अस्पताल में भर्ती

    इस दुर्घटना में बाइक पर सवार तीन युवक भी घायल हुए। घायल व्यक्तियों में 19 वर्षीय आकाश कुमार, 16 वर्षीय राहुल कुमार और राहुल भुईयां शामिल हैं। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

    इलाज के दौरान सूरज सोनी का निधन

    सभी घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नीलांबर-पीतांबरपुर में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने सूरज सोनी की स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें मेदिनीनगर एमएमसीएच रेफर किया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हालाँकि, बाइक सवार युवकों का उपचार अभी भी जारी है।

    एक साल पहले हुई थी शादी

    परिवार के मुताबिक, सूरज सोनी की शादी लगभग एक साल पहले लेस्लीगंज निवासी नंदकिशोर सोनी की बेटी से हुई थी। वह एक दिन पहले ही अपने ससुराल आए थे और परिवार के साथ समय बिता रहे थे, लेकिन यह अप्रत्याशित हादसा सब कुछ बदल गया।

    परिवार में मचा कोहराम, गांव में शोक का माहौल

    जैसे ही सूरज की मौत की सूचना परिवार और रिश्तेदारों को मिली, दोनों स्थानों पर कोहराम मच गया। उनकी पत्नी और परिजन बेसुध हो गए और पूरे इलाके में शोक का माहौल है, लोग इसे अत्यंत दुखद घटना मान रहे हैं।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    इस मामले में पुलिस ने जांच आरंभ कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, तेज गति और लापरवाही को इस दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।