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  • बांग्लादेश ने दिल्ली से शेख हसीना को लाने के लिए तीन मोर्चे खोले

    बांग्लादेश ने दिल्ली से शेख हसीना को लाने के लिए तीन मोर्चे खोले

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    हाल ही में, बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाई है। वर्तमान में हसीना दिल्ली में हैं। अंतरिम सरकार ने उनके प्रत्यर्पण के लिए तीन अलग-अलग मोर्चों पर सक्रियता दिखाई है।

    भारत को भेजा गया पत्र

    इसके तुरंत बाद, बांग्लादेश के कानूनी सलाहकार प्रोफेसर आसिफ नज़रुल ने संकेत दिया कि वह फिर से भारत को हसीना के प्रत्यर्पण के लिए पत्र लिखेंगे। इस पर, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी भारत को एक पत्र भेजा, जिसमें हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की गई है।

    प्रोफेसर नज़रुल का बयान

    प्रोफेसर नज़रुल ने कहा कि यदि भारत इस ‘सामूहिक हत्यारे’ को पनाह देना जारी रखता है, तो यह बांग्लादेश और उसके लोगों के खिलाफ एक नकारात्मक और अत्यंत निंदनीय व्यवहार होगा। वह ढाका में कानून, न्याय और संसदीय मामलों के सलाहकार के रूप में अगस्त 2024 में नियुक्त किए गए थे।

    इंटरपोल की प्रक्रिया

    इंटरपोल, जो कि एक अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन है, अपराधियों के बारे में जानकारी और गिरफ्तारी के लिए सहयोग करता है। यदि बांग्लादेश हसीना को इंटरपोल के माध्यम से गिरफ्तार कराना चाहता है, तो उसे रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का कदम उठाना होगा।

    भारत का कानूनी ढांचा

    हालांकि, भारत में किसी भी गिरफ्तारी के लिए भारतीय कानून और संविधान की प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। भारत सरकार तय करेगी कि क्या हसीना को गिरफ्तार किया जाए और बांग्लादेश को प्रत्यर्पित किया जाए या नहीं। इसके लिए न्यायिक अनुमति भी आवश्यक है, और उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बिना भारत किसी को सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकता।

    आगामी बैठक

    नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल अगली सप्ताह बांग्लादेशी समकक्ष खलीलुर रहमान से दिल्ली में मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रहमान भारत में कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के दौरान बांग्लादेशी डेलिगेशन का नेतृत्व करेंगे, जो कि 19-20 नवंबर को आयोजित होगा।

  • शेख हसीना के वकील ने किया बड़ा खुलासा; विदेशी ताकतों का हाथ तख्तापलट में, जानें विस्तार से

    शेख हसीना के वकील ने किया बड़ा खुलासा; विदेशी ताकतों का हाथ तख्तापलट में, जानें विस्तार से

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बांग्लादेश में तख्तापलट की घटनाओं पर नई जानकारी

    बांग्लादेश में पिछले वर्ष हुए तख्तापलट और शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर वकील ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में केवल घरेलू बल नहीं, बल्कि विदेशी शक्तियों का भी हाथ था।

    शेख हसीना का इस्तीफा: एक नई व्याख्या

    इस सिलसिले में, सरकारी वकील मोहम्मद आमिर हुसैन ने स्पष्ट रूप से कहा कि शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि उन पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते उन्हें भारत भागना पड़ा। उन्होंने यह बात नेशनल सिटिजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम के गवाही के संदर्भ में कही, जो इस मामले में 47वें गवाह के रूप में पेश हुए थे।

    गवाहों के बयान और तर्क

    हुसैन ने कहा कि वे बिना कारण मोहम्मद यूनुस का नाम नहीं लेना चाहते थे, लेकिन गवाहों के बयान के आधार पर ऐसा करना पड़ा। उन्होंने कहा कि शेख हसीना ने आंदोलन को दबाने के लिए कोई खतरनाक हथियारों का उपयोग नहीं किया। उनकी प्राथमिकता हमेशा से कानून और व्यवस्था को बनाए रखना रही है।

    नए चुनावों के समीप स्थिति

    हाल ही में बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने शेख हसीना को आगामी चुनाव में भाग लेने से रोक दिया है। फरवरी 2025 में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें कई अन्य राजनीतिक हस्तियों को भी मतदान से वंचित किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हसीना के परिवार के लोग और सुरक्षा सलाहकारों को भी वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई है। चुनाव आयोग का कहना है कि जिन्होंने विदेश में अपना निवास बनाया है, उनके एनआईडी कार्ड लॉक होने के कारण उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है।

    यह घटनाक्रम बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल में एक नया मोड़ ला सकता है, और इससे आगामी चुनावों पर प्रभाव पड़ने की संभावनाएं हैं।