बीसीसीआई के लिए खिलाड़ियों की चयन प्राथमिकता
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में मिली हार के बाद, बीसीसीआई ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने की सख्त सलाह दी है। इस बीच, विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी में भाग लेने से मना कर दिया है, जबकि रोहित शर्मा इस टूर्नामेंट के लिए पूरी तैयारी में हैं। यह स्थिति बोर्ड के भीतर असमंजस को जन्म दे रही है, क्योंकि वे किसी भी विशेष खिलाड़ी को छूट नहीं देना चाहते।
बीसीसीआई की योजना और खिलाड़ियों की जिम्मेदारी
बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इंटरनेशनल ब्रेक के दौरान सभी कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ी घरेलू टूर्नामेंट खेलें, ताकि उनकी फिटनेस और मैच रिद्म बनी रहे। इसी कारण बीसीसीआई ने उम्मीद जताई थी कि विराट कोहली और रोहित शर्मा विजय हजारे ट्रॉफी की टीम में शामिल होंगे। जबकि रोहित ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, कोहली का इनکار स्थिति को जटिल बना रहा है।
कोहली के इंकार से उठते सवाल
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, विराट कोहली ने विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया है। उनका कहना है कि वनडे खेलने के लिए विशेष तैयारियों की आवश्यकता नहीं होती। कोहली इस वर्ष ज्यादातर समय लंदन में परिवार के साथ बिताते रहे हैं, जिससे बोर्ड के लिए सवाल उठता है कि यदि रोहित खेलना चाहते हैं, तो कोहली क्यों नहीं?
एक ही नियम सभी के लिए
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल एक टूर्नामेंट का मामला नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों की समर्पण भावना का है। उनका यह भी कहना था कि यदि एक खिलाड़ी खेलने को तैयार है, जबकि दूसरा मना कर देता है, तो ऐसे में अन्य खिलाड़ियों को क्या संदेश जाएगा? बोर्ड फिलहाल किसी एक खिलाड़ी के लिए विशेष नियम बनाने के पक्ष में नहीं है।
वनडे में कोहली और रोहित का भविष्य
रोहित और कोहली के वनडे भविष्य पर बढ़ती चर्चाओं के बीच 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी भी जोर पकड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों दिग्गजों पर जल्दबाजी में सवाल उठाना उचित नहीं होगा। यदि वे अपनी उपलब्धता स्पष्ट करें और बोर्ड के निर्देशों का पालन करें, तो वे टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कोहली का फैसला और टीम पर प्रभाव
कोहली का विजय हजारे ट्रॉफी में न खेलने का निर्णय टीम प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहा है। जबकि रोहित सक्रिय रूप से अपनी मैच रिद्म बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं, कोहली का दृष्टिकोण बोर्ड के दीर्घकालिक लक्ष्यों के अनुरूप नहीं है। यह निर्णय भविष्य में उनके चयन और टीम में भूमिका को प्रभावित कर सकता है।

















