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  • चाईबासा समाचार: गुवा में एक दर्जन लोगों ने झामुमो की सदस्यता ली; सांसद जोबा मांझी ने किया स्वागत

    चाईबासा समाचार: गुवा में एक दर्जन लोगों ने झामुमो की सदस्यता ली; सांसद जोबा मांझी ने किया स्वागत

    चाईबासा में सांसद जोबा मांझी का स्वागत और सभा का आयोजन

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा में विस्थापितों के समर्थन में पहुंची सांसद जोबा मांझी का कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। स्वागत समारोह के बाद, गुवा रामनगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के पीछे वर्कर्स सामुदायिक भवन में एक सभा का आयोजन किया गया, जहाँ जोबा मांझी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस सभा में नोवामुंड़ी प्रखंड के एक दर्जन से अधिक व्यक्तियों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की सदस्यता ग्रहण की।

    नए सदस्यों का स्वागत

    इस अवसर पर सांसद जोबा मांझी और झामुमो के जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने सभी नए सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया। नए सदस्यों ने बताया कि वे झामुमो की नीतियों और स्थानीय मुद्दों पर पार्टी के संघर्ष से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं।

    समस्याओं के समाधान का आश्वासन

    अपने संबोधन में, सांसद जोबा मांझी ने कहा कि जनता के विश्वास के कारण ही वे संसद तक पहुँची हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि गुवा क्षेत्र की किसी भी समस्या के लिए लोग सीधे संपर्क कर सकते हैं।

    जोबा मांझी ने कहा, “आप मुझे फोन पर सूचना दें, मैं हर संभव प्रयास करूंगी कि समस्या का समाधान हो सके।” इस मौके पर राहुल आदित्य, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरेन, जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी समेत कई अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी उपस्थित थे।

    संगठन को मजबूत करने का संकल्प

    कार्यक्रम के अंत में, पार्टी नेताओं ने संगठन को और मजबूत करने तथा विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया।

  • पश्चिम सिंहभूम समाचार: डेरोवां के निकट सैकड़ों गोवंशीय पशु जब्त, गोइलकेरा पुलिस की कार्रवाई

    पश्चिम सिंहभूम समाचार: डेरोवां के निकट सैकड़ों गोवंशीय पशु जब्त, गोइलकेरा पुलिस की कार्रवाई

    गोइलकेरा में गोवंशीय पशुओं की तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा पुलिस ने डेरोवां के पास एक महत्वपूर्ण छापेमारी की, जिसमें सैकड़ों गोवंशीय पशुओं को बरामद किया गया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें तस्करों द्वारा ले जाए जा रहे गोवंशीय पशुओं को मुक्त कराया गया। जानकारी के अनुसार, ओडिशा से इन मवेशियों को जंगल के रास्ते लाने का प्रयास किया जा रहा था।

    पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया

    गोइलकेरा के थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा ने अपने दल के साथ मिलकर डेरोवां के इलाके में छापेमारी की। इस दौरान गोवंशीय पशुओं को सफलतापूर्वक बरामद किया गया। हालांकि, इस कार्रवाई में किसी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है। ज्ञात रहे कि ओडिशा के खटकुलबहार और राजगांगपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं की झारखंड में तस्करी का सिलसिला कई वर्षों से जारी है।

    तस्करी का विस्तृत नेटवर्क

    सूत्रों के अनुसार, ओडिशा के मनोहरपुर, आनंदपुर और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के गांवों से लगभग 400 गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से झारखंड से पश्चिम बंगाल ले जाकर बेचने की योजना बनाई गई थी। पुलिस ने इस योजना को विफल कर दिया और पशुओं को बरामद कर लिया। थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा का कहना है कि बरामद पशुओं की संख्या लगभग सौ के करीब थी, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि पकड़े गए मवेशियों की संख्या काफी अधिक थी।

    पशुओं की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई

    पशुओं की तस्करी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, लेकिन पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती रहती है। इस प्रकार की छापेमारी से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन तस्करी के खिलाफ सख्त है और इस पर नजर बनाए हुए है।

  • पश्चिम सिंहभूम: ई-श्रम कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई, डीसी से की गई शिकायत

    पश्चिम सिंहभूम: ई-श्रम कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई, डीसी से की गई शिकायत

    पश्चिमी सिंहभूम में लेबर कार्ड के नाम पर अवैध वसूली का मामला

    चाइबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में लेबर कार्ड (ई-श्रम कार्ड) के माध्यम से लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत सामने आई है। एक पीड़िता, सुप्रिया निषाद, जो बड़ा नीमडीह की निवासी हैं, ने उपायुक्त चंदन कुमार को इस संबंध में शिकायत दी है।

    पीड़िता ने बताया कि 30 मार्च को उन्हें लेबर कार्ड के तहत सिलाई मशीन खरीदने के लिए 7000 रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद, शोभा देवी नामक एक बिचौलिए ने उन्हें फोन करके परेशान करना शुरू कर दिया और 1500 रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो उन्हें धमकी दी गई कि वह अधिकारियों से कहकर उनका लेबर कार्ड बंद करवा देगी। साथ ही, पीड़िता पर सरकारी पैसे के गबन का आरोप लगाकर जेल भेजने की भी धमकी दी गई। बिचौलिए ने कहा कि इस पैसे का कुछ हिस्सा अधिकारियों को भी देना होगा। इस प्रकार, कार्ड बनाते समय भी अवैध वसूली की गई थी।

    उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा है कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली है और इसकी जांच की जा रही है। यदि जांच में इस तरह की वसूली की पुष्टि होती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

    डालसा की सहायता से 40 साल बाद मिला बिछड़ा परिवार

    चाइबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के सदर अस्पताल में सोमवार को एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब 40 वर्षों के बाद एक पिता को उनका बेटा मिला। यह सफलता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में अधिकार मित्रों द्वारा संभव हुई।

    2 अप्रैल को मदन साहू नामक एक वृद्ध को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) से जुड़े पीएलवी प्रमिला पात्रो, रेणु देवी और सूरज कुमार ठाकुर ने न केवल उनका इलाज करवाया, बल्कि उनके परिवार को खोजने का भी प्रयास किया। वृद्ध की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वे स्वयं की देखभाल भी नहीं कर पा रहे थे, लेकिन डालसा की टीम ने हर संभव प्रयास किया।

    जांच के दौरान यह पता चला कि मदन साहू का मूल निवास ओडिशा है। 40 वर्ष पहले, उन्होंने अपनी पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी कर ली थी। जब उनकी पहली पत्नी का बेटा, कुनू साहू, चाइबासा पहुंचा, तो उसने अपने पिता को देखकर भावुक होकर लिपट गया। अपने पिता को देखकर उसने उन्हें भगवान मानते हुए अपने साथ घर ले जाने का निर्णय लिया।

    इस प्रयास में विनीता सांडिल, उमर सिद्दीकी, रविकांत ठाकुर और संजय निषाद का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

  • सारंडा जंगल में IED विस्फोट, जवान घायल, एयरलिफ्ट की व्यवस्था की गई।

    सारंडा जंगल में IED विस्फोट, जवान घायल, एयरलिफ्ट की व्यवस्था की गई।

    चाईबासा में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान धमाका

    चाईबासा: चाईबासा जिले के सारंडा जंगल से एक महत्वपूर्ण खबर आई है। नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान एक आईईडी में विस्फोट हुआ, जिससे सीआरपीएफ का एक जवान घायल हो गया। घायल जवान को उपचार के लिए रांची एयरलिफ्ट किया जा रहा है।

    सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका

    इलाके में लगातार चल रहा ऑपरेशन

    सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। यहां सुरक्षाबलों द्वारा निरंतर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हाल के दिनों में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों में सुरक्षाबलों को कई सफलताएँ मिली हैं, जिससे नक्सली बैकफुट पर हैं।

    IED बिछाकर कर रहे हमले की कोशिश

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नक्सली सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर आईईडी लगा रहे हैं। इसी संदर्भ में यह विस्फोट हुआ। फिलहाल, पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन को और तेज किया गया है।

    घायल जवान का इलाज जारी

    घायल जवान को प्राथमिक उपचार के बाद रांची के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा है, जहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। अधिकारियों का कहना है कि जवान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • चाईबासा: मानसिक रूप से बीमार महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

    चाईबासा: मानसिक रूप से बीमार महिला ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

    चाईबासा में विक्षिप्त महिला की आत्महत्या

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के मुख्यालय चाईबासा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बड़ालगिया गांव में एक विक्षिप्त महिला ने आत्महत्या की। मृतका का नाम मुक्ता करवा था, जिसकी उम्र 20 वर्ष थी।

    मामले की जानकारी

    परिजनों के अनुसार, मुक्ता करवा की शादी अक्तूबर 2025 में हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी थी, और वह अक्सर घर से बाहर निकल जाती थी। शुक्रवार को भी वह बिना किसी सूचना के घर से निकल गई और वापस नहीं लौटी।

    घटनास्थल का विवरण

    दोपहर के समय कुछ बच्चे जब जंगल में खेलने गए, तो उन्होंने एक महिला का शव पेड़ से लटका हुआ देखा। बच्चों ने तुरंत गांव में जाकर इस घटना की सूचना दी। जब ग्रामीण वहां पहुंचे, तो पता चला कि शव मुक्ता करवा का है। उसने अपने दुपट्टे से एक पेड़ पर फांसी का फंदा बांधकर आत्महत्या की थी। इस घटना के कारण उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

    पुलिस की कार्रवाई

    शनिवार को मुक्ता का शव पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस घटना ने गांव में शोक की लहर फैला दी है।

  • पश्चिमी सिंहभूम में श्रद्धा और आस्था के साथ गुड फ्राइडे का उत्सव मनाया गया

    पश्चिमी सिंहभूम में श्रद्धा और आस्था के साथ गुड फ्राइडे का उत्सव मनाया गया

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में शुक्रवार को गुडफ्राइडे का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चाईबासा, जगन्नाथपुर और चक्रधरपुर अनुमंडल के चर्चों में सामुदायिक प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। चक्रधरपुर के ख्रीस्त राजा चर्च पोटका, लाल गिरजाघर, जीईएल चर्च समेत ग्रामीण इलाकों में भी प्रार्थना सभाएं हुईं। दोपहर 3 बजे सेंट जेवियर्स इंग्लिश स्कूल परिसर में प्रभु यीशु के क्रूस पर मृत्यु और पवित्र क्रूस की विशेष उपासना की गई। इस दौरान आकर्षक झांकी निकाली गई, जिसमें प्रभु यीशु के क्रूस के मार्ग की 14 अवस्थाओं का जीवंत प्रदर्शन किया गया।

    नाटक में दर्शाया गया कि किस प्रकार प्रभु यीशु को प्राणदंड के लिए क्रूस उठाकर ले जाया गया और अंततः उन्हें सूली पर चढ़ाया गया। इस मंचन में दिखाया गया कि यीशु मसीह तीन बार गिरते हैं, बेरोनिका उनके चेहरे को पोंछती है, वे अपनी दुखी माता से मिलते हैं और अंततः क्रूस पर अपने प्राण त्याग देते हैं। सिपाहियों द्वारा उनके वस्त्र उतारने समेत सभी घटनाक्रम को भावनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहराई से छू लिया।

    कार्यक्रम के दौरान बाइबल पाठ और स्तुति-गान भी किया गया। इसके बाद अतिथि पुरोहित फादर जेरी, फादर हेनरी, चक्रधरपुर के पल्ली पुरोहित फादर पौलुस बोदरा और फादर एस. पुथुमय राज द्वारा पुण्य शुक्रवार का विशेष मिस्सा संपन्न कराया गया। इस अवसर पर सैकड़ों कैथोलिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, साथ ही सेंट एंजेला अस्पताल, कारमेल स्कूल और ज़ेवियर भवन की सिस्टर्स सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

    गुड फ्राइडे क्यों मनाया जाता है

    ईसाई धर्म के अनुयायियों के अनुसार, गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु मसीह ने मानवता के उद्धार के लिए क्रूस पर अपने प्राण त्यागे थे। इसके दो दिन बाद रविवार को उनके पुनर्जीवित होने की घटना को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाता है। ईसाई समुदाय का विश्वास है कि यीशु मसीह की तरह ही एक दिन सभी को नया जीवन प्राप्त होगा और वे कष्टों से मुक्ति पाएंगे।

  • चाईबासा हाथी की मौत: वन विभाग जांच में जुटा, करंट लगने की आशंका

    चाईबासा हाथी की मौत: वन विभाग जांच में जुटा, करंट लगने की आशंका

    चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर अनुमंडल क्षेत्र में स्थित जैतगढ़ थाना क्षेत्र में एक नर दंतैल हाथी की मृत्यु की घटना सामने आई है। कोल्हान वन क्षेत्र के मानिकपुर में हाथी का शव पाया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में वन विभाग के अधिकारियों ने हाथी की मौत का कारण करंट लगने की संभावना जताई है। इस मामले की गहन जांच की जा रही है।

    वन विभाग की सक्रियता

    यह घटना कोल्हान वन क्षेत्र के मानिकपुर गांव में घटित हुई, जहां ग्रामीणों ने सुबह एक नर दंतैल हाथी को मृत अवस्था में देखा। हाथी के शव की सूचना पूरे गांव में फैल गई, जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित किया गया। इसके बाद, डॉक्टरों की टीम भी स्थिति का निरीक्षण करने आई। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हाथी की मौत किस परिस्थिति में हुई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

    करंट लगने की आशंका

    वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर मृत हाथी का पोस्टमार्टम कराने की योजना बनाई है और नियमानुसार शव को दफनाने की तैयारी कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया जा रहा है कि हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। यह जानकारी मिली है कि कई बार फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों के आसपास अवैध रूप से करंट प्रवाहित किया जाता है, जिसके कारण ऐसे हादसे होते हैं।

    हाथी की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच आरंभ कर दी है। फिलहाल, करंट से मौत की आशंका पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हाथी की मृत्यु का सही कारण क्या था। वन विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है ताकि यदि करंट लगने के कारण मौत हुई है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।

  • पश्चिम सिंहभूम समाचार: पत्नी की हत्या के आरोपी को उम्रकैद, अदालत ने दिया कड़ा फैसला

    पश्चिम सिंहभूम समाचार: पत्नी की हत्या के आरोपी को उम्रकैद, अदालत ने दिया कड़ा फैसला

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझगांव थाना में एक प्रमुख हत्या मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। सोमवार को चाईबासा की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त गलाये तिरिया उर्फ डुगरू तिरिया को दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही, आरोपी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

    2023 में हुआ था हत्या का मामला

    यह मामला 10 दिसंबर 2023 को घटित हुआ था। इसमें हल्दिया (मुंडासाई) निवासी गलाये तिरिया पर अपनी पत्नी सुनिका तिरिया की गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया गया था। घटना के बाद, मंझगांव थाना में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

    पत्नी की हत्या के आरोप में आरोपी को जेल भेजा गया

    मामले की जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। इस आधार पर, सत्रवाद संख्या-152/2024 के तहत सुनवाई हुई। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस निर्णय को क्षेत्र में न्याय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।

  • ईद-उल-फितर 2026: नमाज के बाद अल्लाह से अमन-चैन की दुआ और मुबारकबाद।

    ईद-उल-फितर 2026: नमाज के बाद अल्लाह से अमन-चैन की दुआ और मुबारकबाद।

    चक्रधरपुर : झारखंड में शनिवार को ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट अनुमंडल की विभिन्न मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई। इस अवसर पर नमाजियों ने देश में अमन-चैन, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की दुआ मांगी। पूरा अनुमंडल ईद-उल-फितर के त्योहार की खुशियों से भरा रहा। सुबह से ही मुस्लिम मोहल्लों में चहल-पहल देखने को मिली, जहां मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। नमाजियों ने अच्छे जीवन जीने और अपने आचरण में सुधार पर जोर दिया। नमाज के बाद, लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी। बच्चों में भी ईद को लेकर विशेष उत्साह था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कड़े इंतजाम किए गए थे।

    चक्रधरपुर की 13 मस्जिदों में अदा की गई नमाज

    चक्रधरपुर की 13 मस्जिदों में नमाजियों ने ईद की नमाज पढ़ी। सभी मुसलमान नए वस्त्र पहनकर नमाज अदा करने मस्जिदों में पहुंचे। चक्रधरपुर, सोनुवा, गोइलकेरा और मनोहरपुर में नमाज का आयोजन किया गया।

    एसडीओ ने की निगरानी

    ईद की नमाज के दौरान एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, प्रखंड विकास पदाधिकारी कांचन मुखर्जी और अंचल अधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा ने निगरानी रखी। शहर की जामा मस्जिद में सुबह 9 बजे नमाज अदा की गई, जहां सबसे अधिक भीड़ थी। सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने राजबाड़ी रास्ते पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी, साथ ही शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध था। महात्मा गांधी हाई स्कूल के पास वाहनों को रोका गया था, और चक्रधरपुर थाना द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जा रही थी।

  • पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो चालगी में हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया गया, विवाद था खाने-पीने को लेकर।

    पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो चालगी में हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया गया, विवाद था खाने-पीने को लेकर।

    पश्चिमी सिंहभूम में हत्या का मामला: आरोपी गिरफ्तार

    WEST SINGHBHUM : पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में चालगी के स्थान पर एक हत्या का मामला सामने आया है। 2 मार्च को खाने-पीने को लेकर हुए विवाद के बाद श्रीधर बारी की हत्या कर शव को एक कुंए में फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपी, लक्ष्मण हेस्सा (24), को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी जगन्नाथपुर के एसडीपीओ राफायल मुर्मू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की।

    एक आरोपी फरार

    इस मामले में दूसरा आरोपी, गणेश पूर्ति, अभी तक फरार है। गणेश लक्ष्मण का जीजा है और वह पंड्राशाली गांव का निवासी है। घटना के बाद से पुलिस आरोपी के निवास पर छापेमारी कर रही है।

    ग्रामीणों से मिली सूचना

    पुलिस को ग्रामीण मुंडा के माध्यम से सूचना मिली कि गांव के कुंए में एक शव पड़ा हुआ है और आसपास खून के निशान दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

    मागे पर्व के अवसर पर आया था श्रीधर

    श्रीधर, जो अपने चाचा के घर मागे पर्व मनाने आया था, आरोपी के घर पर गया था जहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोपियों ने जलावन की लकड़ी से श्रीधर के कान के पास हमला कर दिया। उसकी मौत के बाद उसका शव कुंए में डाल दिया गया।

    छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी

    एसडीपीओ के साथ इस मामले में टोंटो थाना के एसआई सुकुमार हेंब्रम, संजीव कुमार, रणधीर कुमार, हवलदार दिलीप सोरेन, छोटे टुडू, आरक्षी गणेश प्रसाद और चुंबरू हेंब्रम शामिल थे।

  • सारंडा में सुरक्षा बलों के दबाव से नक्सलियों में फूट, आधा दर्जन उग्रवादी आत्मसमर्पण की ओर बढ़े।

    सारंडा में सुरक्षा बलों के दबाव से नक्सलियों में फूट, आधा दर्जन उग्रवादी आत्मसमर्पण की ओर बढ़े।

    सारंडा में सुरक्षा बलों का दबाव, नक्सलियों में आई दरार

    पश्चिम सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा बढ़ते दबाव के कारण नक्सली संगठन में दरार देखने को मिल रही है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई और लगातार निगरानी के चलते नक्सलियों के बीच आत्मसमर्पण की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

    नक्सलियों का आत्मसमर्पण

    सूत्रों के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक नक्सलियों के आत्मसमर्पण करने की उम्मीद जताई जा रही है। सुरक्षा बलों की रणनीतियों और सकारात्मक संवाद के जरिए उन्हें वापस सामान्य जीवन में लाने का प्रयास किया जा रहा है। यह स्थिति स्थानीय समुदाय में एक उम्मीद की किरण के रूप में देखी जा रही है।

    सुरक्षा उपायों में वृद्धि

    स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया गया है। क्षेत्र में विशेष अभियान चलाए गए हैं, जिससे नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण रखने में मदद मिल रही है। इस अभियान के तहत खुफिया जानकारी को प्राथमिकता दी जा रही है जिससे नक्सलियों की गतिविधियों की सही जानकारी हासिल की जा सके।

    स्थानीय समुदाय की भूमिका

    स्थानीय समुदाय का भी इस प्रक्रिया में योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें सुरक्षा बलों के प्रति अपने सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता है। इससे न केवल नक्सलियों के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को तेज़ किया जा सकेगा, बल्कि क्षेत्र के विकास में भी मदद मिलेगी।

    नवीनतम सुरक्षा उपायों की समीक्षा

    प्रशासन ने सुरक्षा बलों के नवीनतम उपायों की समीक्षा की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका प्रभाव क्षेत्र में बेहतर हो। इस दिशा में कार्य योजना बनाकर सुरक्षा बलों को आवश्यक संसाधनों का आवंटन भी किया जा रहा है।

  • पश्चिम सिंहभूम: जगन्नाथपुर विधायक और पुलिस ने तमिलनाडु से नोवामुंडी की चार बच्चियों को रेस्क्यू किया।

    पश्चिम सिंहभूम: जगन्नाथपुर विधायक और पुलिस ने तमिलनाडु से नोवामुंडी की चार बच्चियों को रेस्क्यू किया।

    जगन्नाथपुर विधायक और पुलिस का समर्पण: नोवामुंडी की बच्चियों का रेस्क्यू

    झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के नोवामुंडी क्षेत्र में चार बच्चियों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। यह प्रयास जगन्नाथपुर के विधायक और स्थानीय पुलिस के समर्पित काम का परिणाम है। उन्होंने मिलकर इन बच्चों को तमिलनाडु के एक स्थान से सुरक्षित रूप से लौटाया।

    आवश्यक कदम उठाए गए

    जगन्नाथपुर विधायक ने स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के साथ मिलकर इस मामले में तेजी से कार्रवाई की। पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच की और बच्चियों की स्थिति को प्राथमिकता दी। उनके प्रयासों से सभी बच्चियाँ सही सलामत अपने घर लौट पाईं। यह घटना बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करती है।

    समुदाय की भूमिका

    स्थानीय समुदाय ने भी इस रेस्क्यू प्रयास में सक्रिय भागीदारी निभाई। लोगों ने सूचना साझा की और बच्चियों का पता लगाने में प्रशासन का सहयोग किया। इस प्रकार का सामूहिक प्रयास बच्चों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने में बेहद महत्वपूर्ण है।

    भविष्य के लिए सुरक्षा के उपाय

    इस रेस्क्यू ने बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे को फिर से सामने ला दिया है। विधायक और पुलिस प्रशासन ने आगे की योजनाएँ बनाई हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम और सामुदायिक सहयोग पर ध्यान दिया जाएगा।

  • पश्चिम सिंहभूम: सोनुआ में अवैध बालू कारोबार पर कार्रवाई ने बढ़ाई तनाव, सीओ और कंप्यूटर ऑपरेटर में झड़प।

    पश्चिम सिंहभूम: सोनुआ में अवैध बालू कारोबार पर कार्रवाई ने बढ़ाई तनाव, सीओ और कंप्यूटर ऑपरेटर में झड़प।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    सोनुआ में अवैध बालू कारोबार पर हंगामा, सीओ और कंप्यूटर ऑपरेटर से भिड़े ट्रैक्टर चालक 🚜

    पश्चिम सिंहभूम के सोनुआ अंचल कार्यालय में हाल ही में अवैध बालू ढुलाई को लेकर एक बड़ा हंगामा देखने को मिला। इस घटना में स्थानीय ट्रैक्टर चालकों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर चालकों ने जब अधिकारियों द्वारा बालू ढुलाई को रोकने की कोशिश की, तो स्थिति बेकाबू हो गई।

    वीडियो हुआ वायरल 📹

    इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रैक्टर चालक सीओ और कंप्यूटर ऑपरेटर से धक्का-मुक्की करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्थिति कितनी तनावपूर्ण थी और किस तरह से स्थानीय लोग अवैध बालू कारोबार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया ⚖️

    स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गंभीरता से संज्ञान लिया है और अवैध बालू कारोबार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की योजना बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है।

    इस मामले में और जानकारी आने की संभावना है, जिससे स्पष्ट होगा कि प्रशासन इस स्थिति को कैसे संभालेगा। हालांकि, यह घटना अवैध बालू कारोबार की जड़ें गहरा होने का संकेत देती है।

    इस प्रकार के हिंसक प्रदर्शन प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच में एक बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं, जिससे समाज में अस्थिरता और अराजकता का वातावरण बन सकता है।

  • जगन्नाथपुर उलीहातु में हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    जगन्नाथपुर उलीहातु में हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जगन्नाथपुर में हत्या का आरोपी गिरफ्तार 🔍

    पश्चिमी सिंहभूम: जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के टोला उलीहातु में 12 जनवरी को हुई जोगना हेंब्रम (27) की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पुलिस ने आरोपी, जो कि पड़ोसी है, सुरेश सिंकू (20) को पकड़ लिया है। गिरफ्तारी के बाद सुरेश ने अपने अपराध को स्वीकार किया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    घटना का विवरण

    पुलिस के अनुसार, यह मामला घटना के दूसरे दिन थाने में दर्ज किया गया था। सुरेश घटना के तुरंत बाद फरार हो गया था, लेकिन गुप्त सूचना मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया।

    छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों के नाम

    इस छापेमारी की टीम में कई प्रमुख पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनमें एसडीपीओ रफाएल मुर्मू, नोवामुंडी इंसपेक्टर बासुदेव मुंडा, जगन्नाथपुर थाना प्रभारी टिन्कू कुमार दास, और कई अन्य शामिल हैं।

    स्थानीय समाचार

    इस घटना के आलावा, सीतारामडेरा में नानी घर गई मेघा अचानक लापता हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की और थाने में शिकायत दर्ज की गई।

    इस तरह की घटनाएं स्थानीय समुदाय में चिंता बढ़ा रही हैं, और पुलिस द्वारा तेजी से कार्रवाई से लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है।

  • पश्चिमी सिंहभूम के डीसी ने स्ट्रांग रूम का दौरा किया।

    पश्चिमी सिंहभूम के डीसी ने स्ट्रांग रूम का दौरा किया।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पश्चिमी सिंहभूम में डीसी ने किया स्ट्रांग रूम का निरीक्षण

    चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त चंदन कुमार ने गुरुवार को स्ट्रांग रूम और मतदान स्थलों का निरीक्षण किया। मतदान दल चाईबासा और चक्रधरपुर नगर परिषद क्षेत्र के लिए रवानगी स्थल पर पहुंचे। मतदान पार्टियों को टाटा कॉलेज-चाईबासा से भेजा जाना है। उपायुक्त ने टाटा कॉलेज परिसर, स्ट्रांग रूम और मतगणना हेतु चिन्हित महिला कॉलेज-चाईबासा का निरीक्षण किया।

    व्यवस्थाओं का अवलोकन 🗂️

    उपायुक्त ने टाटा कॉलेज परिसर और स्ट्रांग रूम में दोनों नगर परिषद क्षेत्रों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने सभी डिस्पैच केंद्रों पर बैरिकेडिंग, मतदान सामग्री के वितरण और वाहनों के क्रमवार संयोजन सहित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    निरीक्षण में शामिल लोग 🔍

    उपायुक्त के साथ इस निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी संदीप अनुराग, भूमि सुधार उपसमाहर्ता चक्रधरपुर केके मुंडू, और अन्य कई अधिकारी उपस्थित थे। ये सभी मतदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रबंधों की जानकारी लेने आए थे।

  • चाईबासा समाचार: जगन्नाथपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल, घायल बच्चे को नहीं मिला तुरंत इलाज।

    चाईबासा समाचार: जगन्नाथपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल, घायल बच्चे को नहीं मिला तुरंत इलाज।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    गंभीर स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही का मामला

    पश्चिमी सिंहभूम जिले में स्थित जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में यहां डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण कई मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ा।

    मरीज का संकट 🚑

    जगन्नाथपुर के निवासी श्याम करुवा का 10 वर्षीय बेटा सम्राट करुवा, सोमवार की सुबह छत पर खेलते समय गिरकर चोटिल हो गया। परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण वह काफी समय तक वहां पड़ा रहा। मजबूर होकर, परिजनों ने उसे 18 किलोमीटर दूर नोवामुंडी निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

    इसी प्रकार, एक अन्य मरीज, जो कोचड़ा गांव से आई थी, मोटरसाइकिल से गिरकर घायल हो गई। उसे भी जगन्नाथपुर केंद्र पर लाया गया, लेकिन इलाज के लिए डॉक्टर न होने के कारण वह तड़पती रही।

    डॉक्टरों की अनुपस्थिति

    इस घटना के बारे में जानकारी मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी महेंद्र छोटन ने अस्पताल का दौरा किया। वहां जाकर उन्होंने पाया कि सभी डॉक्टर अनुपस्थित थे। चिकित्सा प्रभारी जयंत कुमार ने बताया कि वह छुट्टी पर हैं और अन्य डॉक्टरों के स्थानांतरण की सूचना दी गई थी। हालात यह थे कि अस्पताल परिसर में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था।

    प्रशासन को उठाए सवाल ❓

    इस स्थिति ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया है। सवाल उठ रहा है कि यदि चिकित्सा प्रभारी छुट्टी पर थे, तो क्या कोई अन्य डॉक्टर उनकी जगह नियुक्त किया गया था? यदि नहीं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

    स्थानीय निवासियों की मांग

    स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए ताकि आम जनता को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

    डीसी के आदेशों की अनदेखी

    जिला उपायुक्त चंदन कुमार ने नगर परिषद चुनाव और स्कूल परीक्षाओं को देखते हुए सभी सरकारी छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसके बावजूद, जगन्नाथपुर स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए हैं।

    उचित कदम उठाए जाएंगे

    जिला के सिविल सर्जन डॉ. भारती गोरेती मिंज ने कहा कि इस मामले में संबंधित डॉक्टर को कारण बताने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस तरह की घटनाएं स्वास्थ्य सेवा में गहरी चिंता पैदा करती हैं। लोगों की उम्मीद है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा।

  • चाईबासा नगर परिषद को नियुक्त हुआ नया प्रशासक: IAS सिद्धांत कुमार ने साझा की प्राथमिकताएं

    चाईबासा नगर परिषद को नियुक्त हुआ नया प्रशासक: IAS सिद्धांत कुमार ने साझा की प्राथमिकताएं

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    चाईबासा नगर परिषद को नया प्रशासक मिल गया 🏢

    चाईबासा में प्रशासनिक बदलाव की सौगात के रूप में आईएएस अधिकारियों में से एक, सिद्धांत कुमार ने चाईबासा नगर परिषद के नए प्रशासक के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाली है।

    प्राथमिकताएँ और अपेक्षाएँ 🌟

    सिद्धांत कुमार ने अपने पहले संवाद में नगर परिषद की प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता, सड़क व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था को सुधारने का आश्वासन दिया।

    सटीक योजनाएँ और कार्यवाही 🚧

    उनका कहना है कि शहर की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ठोस योजनाएँ बनाई جائیںगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि नगर परिषद के कार्यों में तेजी लाई जा सके।

    कुमार का मानना है कि विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उनकी योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए पारदर्शिता और समाज के हर वर्ग के समर्थन की आवश्यकता होगी।

    इस बदलाव को लेकर स्थानीय नागरिकों में उत्सुकता है। उन्हें उम्मीद है कि नया प्रशासन उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

    निष्कर्ष ✍️

    चाईबासा के लिए नए प्रशासक का यह कार्यभार उठाना न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह नगर परिषद की जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने का एक अवसर भी है। स्थानीय नागरिकों की आकांक्षाओं के प्रति सजग रहकर ही सिद्धांत कुमार इस कार्य में सफल हो सकते हैं।

    इस नये अध्याय की शुरुआत को लेकर सभी की नजरें हैं कि किस प्रकार से यह प्रशासन नगर की समस्याओं का समाधान करेगा।