पलामू में मॉडल स्कूल की स्थापना, वित्त मंत्री ने की आधारशिला रखी।

राधाकृष्ण किशोर

पलामू: जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छतरपुर के सिक्कीकला गांव और नौडीहा बाजार के नामुदाग उच्च विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इन दोनों विद्यालयों का चयन एचडीएफसी बैंक के CSR फंड के माध्यम से किया गया है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इन स्कूलों के जीर्णोद्धार का शिलान्यास किया।

2 करोड़ की लागत से बनेंगे स्मार्ट स्कूल

इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 2 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों ने बताया कि इन विद्यालयों को “स्मार्ट स्कूल” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण बच्चों को भी शहर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्कूल

मॉडल स्कूल बनने के बाद इन विद्यालयों में कई आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे पढ़ाई का माहौल पूरी तरह से बदल जाएगा। छात्रों को स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, आधुनिक प्रयोगशालाएं और समृद्ध पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा। स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाने के लिए बाउंड्री वॉल और नई इमारतों का निर्माण होगा। साथ ही, साफ पेयजल और बेहतर शौचालय की व्यवस्था भी की जाएगी। बिजली की समस्या को हल करने के लिए सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे, और विद्यालय तक पहुंच को आसान बनाने के लिए सड़क और जल निकासी की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

पिछड़े इलाकों के बच्चों को मिलेगा फायदा

सिक्कीकला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जबकि नामुदाग पहले उग्रवाद से प्रभावित था। ऐसे क्षेत्रों में अच्छी शिक्षा का पहुंचाना हमेशा से चुनौती रही है। इस पहल के माध्यम से इन क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा, जिससे वे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

बैंकों की भूमिका पर दिया जोर

वित्त मंत्री ने एचडीएफसी बैंक की सराहना करते हुए कहा कि बैंक केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और इस तरह की पहलों से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

कार्यक्रम में दिखा उत्साह

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिससे माहौल उत्साह से भर गया। इस अवसर पर कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास शिक्षा के बिना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शिक्षित प्रतिनिधियों का चुनाव करें और शिक्षा को प्राथमिकता दें।

ग्रामीण शिक्षा में बदलाव की उम्मीद

इस पहल से पलामू के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है। मॉडल स्कूल बनने के बाद छात्रों को बेहतर संसाधन मिलेंगे, जिससे उनका भविष्य मजबूत होगा।

Comments

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *