बरामद रुपये का सोर्स असम नही कोलकाता था

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के पंचला में बीते 30 जुलाई की देर शाम पुलिस ने झारखंड कांग्रेस के तीन विधायकों राजेश कच्छप, इरफान अंसारी और नमन विक्सल कोंगारी को पैसे के साथ पकड़ा था. इस मामले में पश्चिम बंगाल के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने नया दावा किया है. दावा यह है कि कांग्रेस के तीनों विधायकों से जो रुपये बरामद हुए, उसका सोर्स असम नहीं बल्कि कोलकाता से था. सीआईडी के अनुसार, तीनों विधायक कुछ लोगों के इशारे पर एक बड़ी साजिश के तहत काम कर रहे थे. गौरतलब है कि मामले में बरामद धन का संबंध पहले असम से होने की बात कही गई थी.

सीआईडी के अधिकारी ने उस कथित बड़ी साजिश के बारे में कोई विस्तृत जानकारी तो नहीं दी है, पर यह जरूर बताया है कि बरामद धन किसी बड़ी साजिश के हिस्से का अंश मात्र है. इस अधिकारी ने कहा कि बरामद धन का संबंध कोलकाता से है. असम से इसका कोई संबंध नहीं है. तीनों विधायक कुछ लोगों के इशारों पर काम कर रहे थे. हमें लगता है कि कोई बड़ी योजना है.

कांग्रेस ने 31 जुलाई को आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी झारखंड में प्रत्येक विधायकों को 10-10 करोड़ रुपये देकर झारखंड मुक्ति मोर्चा नीत सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है. भाजपा ने हालांकि आरोपों से इनकार किया है. तृणमूल कांग्रेस ने भी भाजपा पर ऐसे ही आरोप लगाए हैं.

सीआईडी अधिकारी के अनुसार, तीनों विधायक एक बिचौलिए के साथ गुवाहाटी गए थे. जहां किसी प्रभावशाली व्यक्ति के साथ एक सौदा किया गया था. इसके बाद तीनों ने कोलकाता के लिए उड़ान भरी और सदर स्ट्रीट स्थित एक होटल में ठहरे. होटल में उनका एक और युवा कांग्रेस नेता इंतजार कर रहा था, जिसने यहां एक व्यापारी से मुलाकात की और उन्हें अपने कार्यालय से पैसे दिलवाए. विधायक बिना अपनी निजी जानकारी साझा किए बिना होटल में रुके थे. होटल के प्रबंधक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है. युवा कांग्रेस नेता का पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है. पुलिस ने होटल में लगे सीसीटीवी फुटेज भी हासिल कर ली है.

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