जामताड़ा में मोबाइल दुकान में चोरी की घटना
जामताड़ा (राजीव झा): जामताड़ा शहर के सरखेलड़ीह मोहल्ले में सोमवार सुबह एक मोबाइल दुकान “मोबाइल सेवा” में चोरी की बड़ी घटना हुई। चोरों ने दुकान की दीवार में छेद कर लाखों रुपये के मोबाइल फोन और नकद राशि चुरा ली। घटना से स्थानीय दुकानदारों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
सुबह दुकान में हुई चोरी का पता चला
दुकान के मालिक आलोक जैन ने बताया कि जब वह सुबह दुकान खोलने पहुंचे, तो अंदर का दृश्य देखकर आश्चर्यचकित रह गए। कई मोबाइल फोन के रैक खाली थे। शुरुआत में उन्हें लगा कि सामान बिखरा हुआ है, लेकिन जब उन्होंने अच्छी तरह से जांच की, तो उन्हें पता चला कि चोरी हो चुकी है। आलोक जैन ने स्पष्ट किया कि दुकान की पूर्वी दीवार में एक छोटा छेद था, जिसके माध्यम से चोर अंदर घुसे और महंगे मोबाइल फोन चुरा ले गए। चोरों ने कैश काउंटर को भी निशाना बनाया और वहां से लगभग 55,000 रुपये नकद ले गए।
छोटे बच्चे के उपयोग की संभावना
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुकान का गहन निरीक्षण किया। दीवार में बने छेद को देखकर थाना प्रभारी ने अंदाजा लगाया कि चोरी में छोटे बच्चे का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
उन्होंने बताया कि दीवार में बनाया गया छेद इतना छोटा है कि केवल 10 साल तक का बच्चा ही वहां से गुजर सकता है। पुलिस अब इस पहलू से भी जांच कर रही है कि क्या किसी गिरोह ने बच्चों का इस्तेमाल चोरी के लिए किया है।
सीसीटीवी कैमरा की कमी से बढ़ी चुनौती
दुकान के अंदर सीसीटीवी कैमरा न होने के कारण पुलिस को जांच में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। थाना प्रभारी ने दुकानदार को सलाह दी कि वह जल्द से जल्द दुकान में सीसीटीवी कैमरा लगवाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं का पता लगाना आसान हो सके।
झाड़ियों में मिले दो मोबाइल फोन
दुकानदार ने बताया कि आसपास की खोजबीन के दौरान रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में दो मोबाइल फोन पाए गए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ये मोबाइल चोरों के हाथ से भागते समय गिर गए होंगे। फिलहाल, चोरी हुए मोबाइल की सही संख्या और कुल नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
चोरी की घटनाओं से दुकानदारों में चिंता
घटना के समय वहां मौजूद मकान मालिक और समाजसेवी देवाशीष सरखेल ने कहा कि शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं से लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि भले ही गश्ती दल की संख्या अधिक हो, लेकिन इस तरह की घटनाओं का होना चिंता का विषय है। पुलिस को रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।