रिम्स की एक करोड़ से अधिक निविदाओं की उच्च स्तरीय जांच होगी: अजय सिंह

रांची : रांची स्थित रिम्स में एक करोड़ रुपये से अधिक की उन निविदाओं की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी, जिन्हें स्थायी वित्त समिति (एसएफसी) की अनिवार्य स्वीकृति के बिना जारी किया गया था। यह निर्णय रिम्स में वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मंगलवार को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्थायी वित्त एवं लेखा समिति (एसएफसी) की 14वीं बैठक आयोजित हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बिना मंजूरी जारी निविदाओं पर सख्ती

बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि जिन निविदाओं को एसएफसी की अनिवार्य स्वीकृति के बिना जारी किया गया, उनकी विस्तृत जांच की जाएगी। विशेष रूप से एक करोड़ रुपये से अधिक की निविदाओं के लिए जवाबदेही तय की जाएगी। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में किसी भी महत्वपूर्ण निविदा प्रक्रिया को निर्धारित नियमों और स्वीकृतियों के अनुसार ही आगे बढ़ाया जाएगा। वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

तीन महीने में कैशलेस और पेपरलेस बनेगा रिम्स

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने रिम्स को अगले तीन महीने के भीतर पूरी तरह से कैशलेस और पेपरलेस संस्थान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए आधुनिक आईटी सिस्टम के विकास के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल की प्रशासनिक, वित्तीय और चिकित्सा सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है। इससे मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी, कार्यों में तेजी आएगी और कागजी कार्यवाही में कमी आएगी। साथ ही, वित्तीय लेन-देन अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगा।

नए हॉस्टल होंगे 12 मंजिला

बैठक में रिम्स के अधोसंरचना विकास के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सभी नए हॉस्टलों को 12 मंजिला बनाने पर सहमति बनी, जिसका उद्देश्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अधिक क्षमता विकसित करना है, ताकि छात्रों और चिकित्सकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकें।

पीजी हॉस्टल पीपीपी मोड पर बनेगा

समिति ने पीजी हॉस्टल को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर विकसित करने का निर्णय लिया। इससे बेहतर संसाधनों, आधुनिक सुविधाओं और त्वरित निर्माण कार्य की संभावनाएं बढ़ेंगी।

रिम्स में शुरू हो सकती है रोबोटिक सर्जरी

आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकास के तहत रिम्स में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। इसके लिए तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। यदि यह योजना कार्यान्वित होती है, तो मरीजों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।

सुरक्षा व्यवस्था भी होगी मजबूत

अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक (एसपी) या लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर के अनुभवी सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति पर सहमति बनी। इससे संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की उम्मीद है।

15 एजेंडों पर हुई चर्चा

बैठक में कुल 15 एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें वित्तीय पारदर्शिता, अधोसंरचना विकास, चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और प्रशासनिक सुधार शामिल थे। इस अवसर पर रिम्स निदेशक सह सदस्य सचिव डॉ. राजकुमार, अपर निदेशक प्रशासन कृष्ण प्रसाद बाघमरे, संयुक्त सचिव छवि रंजन और कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। रिम्स में लिए गए ये निर्णय संस्थान को आधुनिक, पारदर्शी और बेहतर स्वास्थ्य सेवा केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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