“3 करोड़ लेकर वोट बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार नजर आता है,” प्रतुल का JMM पर आरोप

झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गर्माहट

रांची: झारखंड में अगले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। झामुमो द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झामुमो पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को हर जगह भ्रष्टाचार ही दिखाई देता है, जबकि उसका अपना इतिहास वोटों की बिक्री और सौदेबाजी से भरा रहा है।

भ्रष्टाचार के आरोप

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के दौरान झामुमो सांसदों पर रिश्वत लेने के आरोप लगे थे, जिसे संसदीय इतिहास का काला अध्याय माना जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय वोट के बदले पैसे लिए गए थे, और अब वही पार्टी लोकतंत्र और खरीद-फरोख्त की बात कर रही है।

पत्र का उद्देश्य

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि झामुमो का चुनाव आयोग को लिखा गया पत्र लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक असुरक्षा और अपने विधायकों पर अविश्वास का संकेत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गठबंधन के नेता खुद पूर्ण बहुमत का दावा करते हैं, तो भाजपा के उम्मीदवारों का सामना करने में उन्हें डर क्यों लग रहा है।

राजनीतिक अधिकार और लोकतंत्र

प्रतुल शाहदेव ने आगे कहा कि राज्यसभा चुनाव लड़ना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी भी पार्टी को चुनावी मैदान में उतरने से रोकना तानाशाही की सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, न कि डर और बहानों का।

झामुमो की स्थिति

प्रतुल ने झामुमो के पत्र को भय, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और आंतरिक कलह से जूझ रही है और अब अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों का सहारा ले रही है। उनका कहना था कि झामुमो को असल खतरा भाजपा से नहीं, बल्कि अपने ही असंतुष्ट विधायकों से है। यदि गठबंधन वास्तव में मजबूत है, तो उसे किसी भी राजनीतिक मुकाबले से डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

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