नौकरी सुरक्षित करने के लिए सहायक पुलिसकर्मियों ने वित्त मंत्री से स्थायी समाधान की अपील की

झारखंड में सहायक पुलिसकर्मियों की नौकरी को लेकर चिंता बढ़ी

झारखंड राज्य के 12 अति नक्सल प्रभावित जिलों में, जिनमें पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, दुमका, सिमडेगा, गुमला, खूंटी, गिरिडीह, चतरा, लातेहार, गढ़वा, पलामू और लोहरदगा शामिल हैं, 2017 में संविदा के आधार पर सहायक पुलिसकर्मियों की नियुक्ति की गई थी। इन कर्मचारियों का सेवा विस्तार हर वर्ष होता आया है। वर्तमान में, इस संविदा का 9वां वर्ष अगस्त के पहले सप्ताह में समाप्त हो रहा है, जिससे सहायक पुलिसकर्मियों में नौकरी खोने का डर बढ़ गया है।

सरकार से स्थायी समाधान की मांग

इस स्थिति को लेकर सहायक पुलिसकर्मियों ने झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर से मुलाकात की। उन्होंने अपनी चिंताओं को साझा करते हुए सेवा विस्तार के साथ-साथ स्थायी समाधान की मांग की है। सहायक पुलिसकर्मियों की यह पहल दर्शाती है कि वे अपने भविष्य को लेकर कितने चिंतित हैं और स्थायी नौकरी की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं।

रक्षाबंधन पर विमुक्ति का लेटर

इस वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर सहायक पुलिसकर्मियों को रक्षा सूत्र के बजाय विमुक्ति का लेटर प्राप्त होने की संभावना है। यह स्थिति उनके लिए एक नई चुनौती प्रस्तुत कर रही है, क्योंकि नौकरी की अनिश्चितता उनके लिए चिंता का विषय बन चुकी है।

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