कॉमेडी के बादशाह गोप का अनोखा सफर
नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर में अपने अद्वितीय अभिनय से लाखों दर्शकों को हंसाने वाले कॉमेडी एक्टर गोप का जीवन एक दिलचस्प कहानी है। उनके अचानक निधन ने फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया, जबकि उनकी कॉमिक टाइमिंग और अनोखे किरदारों ने उन्हें दर्शकों के दिलों में खास जगह दिलाई।
कॉमेडी का जादूगर
गोप अपने समय के उन चंद कलाकारों में से थे जिनकी केवल स्क्रीन पर एंट्री करते ही दर्शक हंसने लगते थे। उनकी अदाकारी की खासियत थी उनकी कॉमिक टाइमिंग और अनोखे पात्र। फिल्म “पतंगा” में उनकी यादगार भूमिका और मशहूर गाना “मेरे पिया गए रंगून” ने उन्हें व्यापक पहचान दिलाई।
यादगार किरदारों का सफर
गोप के द्वारा निभाए गए किरदारों के नाम भी उतने ही मजेदार थे जितना कि उनका अभिनय। फिल्म “मक्खी चूस” में उन्होंने “मानिक लाल मक्खी चूस” का किरदार निभाया, वहीं “पाकेटमार” में उनका नाम “उधार चंद डब्बू” था। इसके साथ ही “तराना” में उनकी भूमिका ने भी दर्शकों को खूब हंसाया। उन्होंने कुछ फिल्मों में विलेन के रोल भी निभाए, लेकिन उनमें भी उनकी कॉमिक अदाएं छाई रहीं।
याकूब के साथ जोड़ी
गोप और अभिनेता याकूब की जोड़ी उस समय की चर्चित जोड़ों में से एक मानी जाती थी। दोनों ने मिलकर कई फिल्मों में काम किया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
निजी जिंदगी की झलक
गोप की निजी जिंदगी भी दिलचस्प थी। उन्होंने अभिनेत्री लतिका से विवाह किया, जो एंग्लो-नेपाली मूल की थीं। उनकी शादी के लिए उन्होंने धर्म परिवर्तन किया। कहा जाता है कि गोप के निधन के बाद उनकी पत्नी और बच्चे विदेश चले गए थे।
फिल्म ‘तीसरी आंख’ का दर्दनाक पल
गोप की अंतिम फिल्म “तीसरी आंख” की शूटिंग के दौरान एक चौंकाने वाला घटना घटी। एक सीन में उन्हें हार्ट अटैक का अभिनय करना था। उन्होंने इतना वास्तविकता से गिरने का अभिनय किया कि क्रू को लगा कि यह बेहतरीन परफॉर्मेंस है, लेकिन जब उन्होंने “कट” कहा, गोप नहीं उठे। बाद में पता चला कि उन्हें सच में दिल का दौरा पड़ा था।
दुखद अंत
सबसे दुखद यह था कि जिस सीन में उन्होंने मौत का अभिनय किया, उसी के बाद दर्शक उनकी परफॉर्मेंस की सराहना करते हुए तालियां बजाते रहे, जबकि वास्तविकता में वह इस दुनिया को छोड़ चुके थे।
एक युग का अंत
गोप का निधन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका था। दर्शक, जो उन्हें हमेशा हंसते हुए देखते थे, उनकी अचानक मृत्यु से गहरे सदमे में चले गए।