रांची में ट्रेजरी घोटाला, दो कर्मचारियों ने मिलकर 3 करोड़ का धोखा दिया

रांची में सरकारी धन के गबन का मामला

रांची में पशुपालन विभाग के अंतर्गत कांके स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन में सरकारी धन के गबन का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है। यहां ट्रेजरी से लगभग 3 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी की गई है। इस मामले में कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस ने दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेजरी से निकासी के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी की गई है।

मुख्य आरोपियों की पहचान

जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस घोटाले में दो कर्मचारियों की मुख्य भूमिका उजागर हुई है। इनमें से एक अकाउंटेंट मुनिन्द्र कुमार पर अपने दो बैंक खातों में लगभग 1.52 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का आरोप है। वहीं, दूसरे कर्मचारी संजीव कुमार के खाते में करीब 1.41 करोड़ रुपये की ट्रांसफर होने की जानकारी मिली है।

कुबेर पोर्टल में छेड़छाड़ का खुलासा

जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान ‘कुबेर पोर्टल’ पर वेतन बिल में छेड़छाड़ की। उन्होंने अपने वेतन को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और इस तरह से सरकारी खजाने से तय सीमा से अधिक राशि निकाल ली।

पुख्ता सबूतों के साथ जांच

रांची के उपायुक्त के निर्देश पर गठित जांच टीम ने 13 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें 67 पन्नों के दस्तावेजी साक्ष्य शामिल हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दोनों कर्मचारियों ने मिलकर नियमों का उल्लंघन करते हुए करोड़ों रुपये का गबन किया।

कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया

कार्यकारी मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने कोतवाली थाना प्रभारी को पत्र लिखकर दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। इसके साथ ही मामले से जुड़े दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि इस घोटाले में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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