खूंटी की आदिवासी युवती का 17 साल का बंधक जीवन
झारखंड के खूंटी जिले से एक आदिवासी युवती के साथ हुए अत्याचार की च shocking कहानी सामने आई है, जिसमें उसे 17 साल तक दिल्ली में बंधक रखा गया। इस दौरान उसे घरेलू मजदूरी करने के साथ-साथ यौन शोषण का भी शिकार होना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। युवती ने बताया कि साल 2009 में एक व्यक्ति, जिसका नाम जेटा मुंडा है, उसे काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गया। उस समय उसकी उम्र केवल 14 वर्ष थी। युवती को कोहाट एन्क्लेव में मधु अग्रवाल के घर पर काम के लिए सौंपा गया।
परिवार से संपर्क न करने देना
युवती ने आरोप लगाया है कि उसे अपने परिवार से बात करने की अनुमति नहीं दी गई। सबसे दर्दनाक बात यह है कि उसके पिता की मृत्यु की सूचना भी उसे नहीं दी गई, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और भी बिगड़ गई। यह स्थिति 17 वर्षों तक जारी रही, जिसमें युवती ने न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक पीड़ा भी सहनी पड़ी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
हाल ही में, 9 अप्रैल 2026 को जब युवती के परिवार वाले दोबारा दिल्ली पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि मालिक ने 17 साल की मजदूरी का केवल 1.40 लाख रुपये का डीडी और 15,000 रुपये नकद देकर मामला समाप्त करने का दबाव बनाया। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना में मामला दर्ज होने की सूचना मिलते ही खूंटी पुलिस सक्रिय हो गई है। महिला थाना सह एएचटीयू थाना प्रभारी फुलमनी टोप्पो ने बताया कि दिल्ली में दर्ज शिकायत के आधार पर खूंटी पुलिस भी इस मामले की गहन जांच कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक पुराना मामला है और खूंटी जिले में पहले कभी इसकी शिकायत नहीं की गई थी।