चतरा: चतरा जिले में हुए चर्चित विकास कुमार हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने महज 12 घंटों के भीतर कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की खोज लगातार जारी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह हत्या प्रेम-प्रसंग के विवाद के चलते हुई थी।
कोर्ट से लौटते समय मारी गई गोली
पुलिस के अनुसार, 13 मार्च की शाम लगभग 6 बजे केरेडारी थाना क्षेत्र के सलगा गांव निवासी विकास कुमार चतरा कोर्ट में हाजिर होने के बाद लौट रहे थे। इस दौरान, चतरा के जवाहर नवोदय विद्यालय के करीब अज्ञात अपराधियों ने उन पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल विकास कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई और उनके परिजनों में शोक का माहौल था।
एसपी के निर्देश पर बनी विशेष टीम
घटना की सूचना मिलते ही चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सदर एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया। इस टीम ने तेजी से जांच आरंभ की और तकनीकी साक्ष्यों एवं मानवीय सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते 12 घंटे के भीतर इस हत्या में संलिप्त दो आरोपियों को पकड़ लिया गया।
प्रेम-प्रसंग से जुड़ा निकला मामला
पुलिस जांच से पता चला है कि विकास कुमार की हत्या प्रेम-प्रसंग के विवाद का परिणाम थी। इसी विवाद की आड़ में एक संगठित साजिश के तहत उनकी हत्या की गई थी।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में एक महिला समेत दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में लीला देवी (38 वर्ष) और राजेश घांसी (36 वर्ष) शामिल हैं। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य संदिग्ध लोग भी शामिल हो सकते हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।
छापामारी दल में शामिल अधिकारी
इस घटना के खुलासे में सदर एसडीपीओ संदीप सुमन, सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह, एसआई कासिम अंसारी और एसआई मनीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत हैं।