महिला के ढाबे को जलाया गया, ऑमलेट बनाने से किया गया इनकार

कोडरमा जिले में गरीब महिला का ढाबा आग में जलकर हुआ खाक

कोडरमा: कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र में एक गरीब महिला का ढाबा आग लगने से पूरी तरह जल गया। इस घटना में न केवल ढाबा तबाह हुआ, बल्कि अंदर बंधी दो बकरियों की भी दुखद मृत्यु हो गई। पीड़िता ने आग लगाने का आरोप गांव के एक युवक पर लगाया है, जिससे उनके परिवार पर अब आर्थिक संकट गहरा गया है। घटना तिलैया बस्ती वार्ड नंबर-2 के बिरहोर टोला के पास की है। पीड़िता पिंकी देवी ने बताया कि रविवार रात लगभग 10 बजे बिरहोर बस्ती निवासी रवि बिरहोर उनके ढाबा पर पहुंचा और ऑमलेट बनाने की मांग करने लगा। उस समय ढाबा बंद करने की तैयारी चल रही थी, जिस कारण पिंकी देवी ने उसे मना कर दिया।

नाराज होकर युवक चला गया

पिंकी देवी के अनुसार, जब उन्होंने ऑमलेट बनाने से इनकार किया, तो रवि बिरहोर नाराज होकर वहां से चला गया। इसके बाद, पिंकी देवी ढाबा बंद कर घर चली गईं। सोमवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि उनके ढाबे में आग लग गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पिंकी देवी अपनी सास शोभा देवी के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि ढाबा पूरी तरह जल चुका था और अंदर रखा सामान राख में तब्दील हो चुका था।

स्थानीय लोगों ने जताई चिंता

पिंकी देवी ने बताया कि जब उन्होंने आसपास के लोगों से बात की, तो उन्हें पता चला कि रवि बिरहोर उनके जाने के बाद फिर से ढाबा के पास देखा गया था। लोगों ने आशंका जताई कि आग लगाना उसी ने किया है, हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने पर तिलैया थाना के एएसआई अनुरंजन कुमार मौके पर पहुंचे और जांच प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने बताया कि पीड़िता की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की है।

पति की मृत्यु के बाद ढाबा ही था सहारा

जानकारी के अनुसार, पिंकी देवी के पति मुकेश की कुछ वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से वह अपनी सास के साथ मिलकर ढाबा चलाती थीं, जिससे उनके बच्चों और परिवार का पालन-पोषण होता था। अब ढाबा जल जाने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।

पीड़िता ने प्रशासन से मांगी मदद

पिंकी देवी ने प्रशासन से मुआवजे और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि ढाबा ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा था और अब सबकुछ जल जाने के बाद उनके परिवार के सामने गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं।

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