जहीर खान को बेंगलुरु में उत्कृष्टता केंद्र में मिली नई जिम्मेदारी

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने तेज गेंदबाजी की मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बोर्ड ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान को बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विशेष फास्ट बॉलिंग कैम्प का आयोजन कराने का जिम्मा सौंपा है।

इस कैम्प का मुख्य उद्देश्य देशभर से चयनित युवा तेज गेंदबाजों को तकनीकी और मानसिक प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य में राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बन सकें। रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फास्ट बॉलिंग कोच का पद खाली है, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई कोच ट्रॉय कूली का कार्यकाल पिछले वर्ष दिसम्बर में समाप्त हो गया था और इस पद पर अभी तक स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है।

वीवीएस लक्ष्मण का समर्थन

इस पहल को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड ऑफ क्रिकेट वीवीएस लक्ष्मण से पूरा समर्थन प्राप्त है। उनका मानना है कि युवा तेज गेंदबाजों को एक व्यवस्थित और वैज्ञानिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है, ताकि भारतीय टीम की गेंदबाजी बेंच-स्ट्रेंथ को मज़बूती मिल सके। हाल के वर्षों में, विशेषकर टेस्ट क्रिकेट में, चोटों और वर्कलोड प्रबंधन के कारण तेज गेंदबाजों के विकल्प सीमित रहें हैं। बीसीसीआई की कोशिश है कि भविष्य में अधिक फिट और तैयार तेज गेंदबाज मौजूद रहें।

जहीर खान के 610 विकेट

47 वर्षीय जहीर खान भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में माने जाते हैं, जिन्होंने 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में मिलाकर कुल 610 विकेट लिए हैं। उनके पास विदेशी परिस्थितियों में लंबे स्पेल डालने, स्विंग गेंदबाजी में दक्षता और फिटनेस बनाए रखने का अनुभव है, जो युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद फ़ायदेमंद साबित हो सकता है।

कोचिंग और मेंटरिंग की विशेषज्ञता

जहीर खान के पास कोचिंग और मेंटरिंग का अच्छा अनुभव है। उन्होंने आईपीएल में मुंबई इंडियंस के साथ काम करते हुए कई तेज गेंदबाजों के विकास में मदद की, जिनमें जसप्रीत बुमराह जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल रहे हैं। ऐसे में, उनके मार्गदर्शन से युवा गेंदबाजों की तकनीक और मानसिकता में काफी सुधार होने की संभावना है।

युवाओं की मदद का अवसर

हालांकि, यह जिम्मेदारी अभी अस्थायी मानी जा रही है, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफल होती है, तो जहीर खान को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्थायी भूमिका भी मिल सकती है। हालांकि, पूर्णकालिक पद सँभालना एक बड़ा और समय लिया जाने वाला दायित्व होगा।

बीसीसीआई की यह पहल भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की अगली पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। युवा गेंदबाजों को अनुभवी मार्गदर्शक मिलने से भविष्य में टीम इंडिया की गेंदबाजी ताकत और भी मजबूत होने की उम्मीद है।

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