फर्जी तरीके से इंदिरा आवास मामले में पंचायत सचिव एवं मुखिया सहित 6 लोगों को जेल

सिमडेगा। अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषियों को सजा सुनाया है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मनजीत साहू की कोर्ट ने फर्जी तरीके से इंदिरा आवास का लाभ देने के मामले में पंचायत सचिव सहित 6 लोगों को 3-3 साल कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर दो-दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में ठेठईटांगर प्रखंड के कोनमेंजरा पंचायत के इंदिरा आवास योजना संख्या 284/2012-13 में कोनमेंजरा गांव के जकी कुमार ने शंकर साव बनकर आवेदन किया। इसमें अपनी तस्वीर लगाई थी। रामकेश्वर और पच्चन टोप्पो ने फोटो की पहचान की थी। वार्ड सदस्य शोभा गुप्ता, कोनमेंजरा के तत्कालीन मुखिया बिरजीनिया सोरेंग और तत्कालीन पंचायत सचिव जगदीश साव ने आवेदन पर अनुशंसा की। इसके बाद फर्जी तरीके से दूसरे व्यक्ति का इंदिरा आवास किसी और को देने की सिफारिश प्रखंड कार्यालय से की थी। इस मामले में पीड़ित पक्षकार शंकर साव को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत प्रखंड कार्यालय में की। इतने गंभीर मामले में प्रखंड कार्यालय की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इसके बाद बीपीएल कार्डधारी शंकर साव ने अदालत में मामला दर्ज कराया। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी दस्तावेजों की जांच कराई। इसमें पीड़ित पक्ष का आरोप सही साबित हुआ। अदालत ने इस भ्रष्टाचार में शामिल रहे तत्कालीन पंचायत सचिव, मुखिया, वार्ड सदस्य, पहचान करने वाले लोगों तथा लाभ लेने वाले व्यक्ति को सजा सुनाई गई है।

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