रांची। झारखंड 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में इस बार राज्य के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है। बजट ऐसा हो, जो इस युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके। बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं परिलक्षित हो और विकास को भी गति मिले। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जो हर वर्ग और क्षेत्र को पूरी मजबूती के साथ आगे ले जा सके।
बजटकीराशिमेंहोरहीहरवर्षवृद्धि, राजस्वबढ़ानेपरजोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में भी हमें ठोस तरीके से कार्य करना होगा ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी नहीं हो।
बजटसेआमलोगोंकोभीजोड़नाहोगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट बेहतर बने, इसके लिए आम लोगों को भी जिम्मेदारी देनी होगी। इस दिशा में हमारी सरकार आम लोगों से लगातार सुझाव ले रही है। मेरा मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही हम एक संतुलित और विकास आधारित बजट इस राज्य का बना सकते हैं।
विदेशदौरेमेंमिलेअनुभवसेराज्यकोदेंगेनईदिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे से लौटा हूं। वहां काफी करीब से उनकी नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवन और कार्य शैली तथा परंपरा- संस्कृति देखने – समझने का मौका मिला। विदेश दौरे में हमें जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उसके जरिए हम राज्य को नई दिशा देने देंगे का प्रयास करेंगे।
नईपीढ़ीनएतरीकेसेबढ़रहीहैआगे
मुख्यमंत्री ने कहा की नई पीढ़ी अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है। ये पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से अलग रास्ते तलाश रही है। ऐसे में नई पीढ़ी की जरूरतों तथा आवश्यकताओं के अनुरूप बजट को तैयार करना होगा ताकि उन्हें उन्हें हम बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकें। इसके लिए जरूरी है कि हम नवीनतम प्रयोग के साथ आगे बढ़ें।
संसाधनोंऔरक्षमताओंकीकोईकमीनहींहै
झारखंड में किसी भी क्षेत्र में संसाधन और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जल – जंगल जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं। प्रचुर खनिज संपदा है। उद्यमी हैं। मानव संसाधन है। मेहनतकश श्रम बल है। किसान हैं। खिलाड़ी हैं। इसके साथ अनेकों और क्षेत्र हैं, जहां काफी संभावनाएं हैं। हमें इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में कार्य करना है ।
हरक्षेत्रमेंलक्ष्यकेसाथबढ़रहेहैंआगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में प्राकृतिक, औद्योगिक और आर्थिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है । ऐसे में अपने इन संसाधनों के बलबूते शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खेल, प्राकृतिक, औद्योगिक, आर्थिक और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कृषि में निरंतर नए प्रयोग हो रहे हैं। खेतों में पानी पहुंच रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं – सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जल जंगल और जमीन के संरक्षण और सदुपयोग को लेकर मजबूत रूपरेखा के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का एक छोटा और पिछड़ा राज्य है। लेकिन, देश की अर्थव्यवस्था में यह राज्य अहम योगदान देता आ रहा है। ऐसे में अपने राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की नई नीति, कार्ययोजना एवं बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उत्पादोंकावैल्यूएडिशनहो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से झारखंड समृद्ध राज्य है। यहां देश का सबसे ज्यादा लाह उत्पादन होता है। तसर उत्पादन में भी झारखंड काफी आगे हैं । ऐसे और भी अनेकों संसाधन हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने इन संसाधनों का वैल्यू एडिशन करने की जरूरत है, ताकि इसका इस्तेमाल अपने राज्य के हिसाब से कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है । यहां की जनजातीय परंपरा काफी समृद्ध है। ऐसे में जनजातीय परंपराओं को आगे भी ले जाना है। इस दिशामे हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और सन्तुलित बजट को लेकर आम लोगों से विचार और सुझाव मांगे गए थे। इसके अलावा देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा भी लगातार हुई और उनके सुझाव लिए गए। उनके द्वारा मिले बेहतर सुझावों को बजट में भी जगह देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वाली स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
बारामती। NCP नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा एक विमान के साथ बड़ा हादसा हो गया है.। आज बुधवार सुबह महाराष्ट्र के बारामती में लैंड के वक्त प्लेन के क्रैश होने से अजीत पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई है। वह किसी कार्यक्रम के लिए बारामती जा रहे थे। अभी तक यहा साफ नहीं हो पाया है कि विमान ने क्रैश लैंडिंग की या कोई तकनीकी खराबी चलते ये हादसा हुआ है।घटना के बाद प्राइवेट चार्टर्ड विमान पूरी तरह से जल गया है।
हादसे को देखने वाले स्थानीय लोगों ने बताया कि 66 साल के नेता बुरी तरह से जल गए थे, जिनको अस्पताल ले जाया गया।जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लंदन। यूनाइटेड किंग्डम में स्थित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय विश्व के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसकी शिक्षा, शोध और सार्वजनिक विमर्श की परंपरा सदियों पुरानी है। इसका ब्लावातनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट – सार्वजनिक नीति, शासन और नेतृत्व के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान है, जो विश्वभर के नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं को जोड़ता है। प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर, ब्लावातनिक स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और उनका शोध तुलनात्मक राजनीति, राज्य क्षमता और विकास पर केंद्रित है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ब्लावातनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में प्रशन-उत्तर सत्र प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर के साथ –
1. मैं आपसे झारखंड राज्य के लिए आपकी विकास को लेकर सोच के बारे में जानना चाहती हूँ। यह राज्य अपने वनों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, लेकिन साथ ही यहाँ जन-आंदोलनों का इतिहास भी रहा है जहाँ लोगों ने स्वयं को विकास की प्रक्रिया से अलग महसूस किया है।
उत्तर: गुड ईवनिंग एव्रीवन! सभी को झारखंड से जोहार! झारखंड, इंडिया का एक छोटा सा नया राज्य है, जो वर्ष 2000 में अपने अस्तित्व में आया।25 साल का है हमारा युवा झारखंड। सिल्वर जुबली मना रहा है अपना राज्य। और यह संजोग है कि हम लोग आज ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हैं, और ये कहा जाये कि यह एक सेलिब्रेशन भी हमारे लिए 25 साल का।और जैसे कि आपका सवाल है कि हमारा क्या विज़न है? तो मैं कहूँगा की बहुत डाइवर्सिटी है हमारे राज्य में।
राज्य अलग होने के बाद ये पहला मौक़ा है, जब झारखंड मज़बूती के साथ निवेश के लिए इंडिया से बाहर आया। पहले यह युवा झारखंड दावोस गया और उसके बाद यूके, आप लोगों के बीच यहाँ आया है। और इसे इत्तेफ़ाक कहें या सुखद अनुभव, कि दोनों चीजें एक साथ हुई – एक ट्राइबल डोमिनेटेड राज्य से एक ट्राइबल लीडरशिप, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहली बार पहुंचा, साथ ही आप लोगों के बीच भी पहली बार आया। हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए साझा प्रयास को लेकर हम वैश्विक मंचों पर आए हैं।
बहुत बड़ी लेगेसी जुड़ी है हमारे झारखंड के साथ। आपके सेंट जॉन्स ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हमारे जयपाल सिंह मुंडा जी ने अपना ऐतिहासिक क्षण बिताया। हम उसी राज्य से आते हैं, और जिस तरीके से जयपाल सिंह मुंडा जी ने अपना एक इतिहास, अपनी एक छवि बनाई, आप लोगों के मार्गदर्शन में, तो हमने उस लेगेसी को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया। जयपाल सिंह मुंडा स्कालरशिप के साथ आने वाली पीढ़ी को हम तैयार कर रहे हैं।
हमारा स्टेट माइन्स एंड मिनरल्स से परिपूर्ण राज्य है। नेचुरल रिसोर्सेस तो हैं ही हमारे राज्य में, साथ में हमारे राज्य में नैसर्गिक सुंदरता भी है। हमारे झारखंड में बहुत ही शांत स्वभाव के लोग रहते हैं, और इसी वजह से हमारे राज्य में यही कहा जाता है कि – वहाँ का बोलना ही गाना है, चलना ही नृत्य है। ये हमारे राम दयाल सिंह मुंडा जी थे जिन्होंने इस बात को बहुत अच्छे ढंग से दुनिया के सामने रखा था।
हम लोगों ने माइन्स-मिनरल्स से हटकर – एक नया रास्ता ढूँढने का प्रयास किया है। हमारे राज्य ने नक्सल का भी बहुत बड़ा दंश झेला है। परंतु, उस पर मैं बहुत ज़्यादा चर्चा नहीं करूँगा, चूँकि उसका बहुत बड़ा इतिहास है।
हमारा फोकस माइन्स एवं मिनरल्स से हटकर, एक नयी सोच पर है, वह है टूरिज्म, स्पोर्ट्स, एजुकेशन। और एक जो पूरे विश्व में आदिवासी समुदायों में देखा जाता है कि कहीं ना कहीं विकास के जो पैमाने हैं, विकास के जो रास्ते हैं, उसमें हम पीछे रह जाते हैं। लेकिन हमारा यह प्रयास है कि हम उन्हें पीछे नहीं, आगे बढ़ाने का काम करें। और इसी की एक कड़ी है कि हम आज जयपाल सिंह मुंडा स्कालरशिप भी चला रहे हैं,बल्कि इसके अलावा हम स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा तक बड़े प्रोग्राम भी चला रहे हैं।
केंद्र में विरोधी सरकार है, राज्य को कैसे मिलेगी राहत।
2. सर, यह सवाल खास तौर पर छात्रों के लिए है। झारखंड ने अक्सर ऐसी सरकारें चुनी हैं जो केंद्र सरकार के विपक्ष में रही है, जिससे केंद्र–राज्य संबंध जटिल हो सकते हैं। विपक्ष के नेतृत्व वाले राज्य के रूप में,आप इस स्थिति को कैसे देखते हैं?
उत्तर: मैं आज देश से बाहर आया हूँ मलतब निवेश के लिए झारखण्ड बाहर आया है। और जिस राजनीतिक परिदृश्य की आप बात कह रहे है कि वह हमारी चुनौती है, मैं इसे बहुत ज्यादा उस नजर से नहीं देखता हूँ।इसे मैं फ़ेडरल स्ट्रक्चर का खूबसूरत मॉडल समझता हूँ कि हमारा देश एक लोकतान्त्रिक देश है और अलग-अलग विचार के लोग वहाँ रहते हैं। देश तो हमारा ही है। और जब तक राज्य मजबूत नहीं होगा तो देश भी मजबूत नहीं होगा। और मैं कहता हूँ की जब तक मेरा गांव मजबूत नहीं होगा तो मेरा राज्य भी मजबूत नहीं होगा। इसलिए मैं हमेसा फोकस करता हूँ कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत हो।
हम लोग केंद्र के साथ हो सकता कि राजनीतिक रूप से अलग-अलग हों, क्यूँकि हम एक पार्टी चला रहे हैं और वो एक पार्टी चला रहे हैं। हमारे देश में अलग-अलग पार्टियाँ हैं और कई सारे राज्य हैं जहां अलग-अलग रीजनल पार्टी और नेशनल पार्टी, सब अलग-अलग ताकत के साथ हैं। और मुझे नहीं लगता कि बहुत बड़ी चुनौती है, हम यही झगड़ा करेंगे तो, संघीय ढांचा और लोकतान्त्रिक व्यवस्था का कोई मतलब रहेगा नहीं।
जिनका विकास में होगा जितना योगदान, क्या उनको उतना लाभ मिलेगा
3. मुख्यमंत्री जी, आपने कहा कि जिन लोगों ने विकास में जितना योगदान दिया, उन्हें उतना लाभ नहीं मिल पाया। मेरा प्रश्न यह है कि क्या भारत की राजनीतिक व्यवस्था वास्तव में इसे संभव होने देगी? एक ओर केंद्र के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना होता है, वहीं दूसरी ओर उन राज्यों से प्रतिस्पर्धा भी करनी पड़ती है जहाँ आपके राजनीतिक दल के सहयोगी सत्ता में हैं। इस राजनीति की बारीक रेखा को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: देश में सबसे अधिक माइन्स एंड मिनरल्स झारखण्ड में है। तब तो मैं यह भी कह सकता हूँ कि अपने राज्य का माइन्स एंड मिनरल्स किसी को न दूँ। कल कोई और स्टेट ये सोच सकता है – जैसे महाराष्ट्र है, आँध्र प्रदेश है, जो विकसित राज्य है वो भी ये सोचेंगे की मैं अच्छा कर रहा हूँ तो दूसरे राज्यों में पैसा क्यू जाये? केंद्र सरकार एक ब्रिज का काम करता है। सभी को समान देखना और उसको समझना होता है। हम लोग अपनी बातें रखते हैं। इलेक्शन के टाइम अप एंड डाउन दिखता रहता है, नहीं तो सबको साथ में ही चलना है।
और कहते हैं न कि एक हल के दो बैल होते हैं। तो एक बैल स्टेट है, और दूसरा बैल सेंट्रल है। दोनों को साथ ही चलना होता है, नहीं तो खेत नहीं बनता है। इसलिए आज के दिनों मुझे लगता है कि यह कोई समस्या नहीं है।
जयपाल मुंडा स्कॉलरशिप में सामान्य वर्ग और स्नातक के विद्यार्थियों को शामिल क्यों नहीं किया गया है?
4. मैं जानना चाहता हूँ कि जयपाल मुंडा स्कॉलरशिप में सामान्य वर्ग और स्नातक के विद्यार्थियों को शामिल क्यों नहीं किया गया है?
उत्तर: कुछ अलग-अलग खबरों के माध्यम से और जैसे आपने कहा है कि जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप में जनरल वर्ग को क्यूँ नहीं जोड़ा गया है। हमारा पूरा प्रयास है कि हम दूर तक और अच्छी गति से जाएँ, इसके लिए हम स्टेप बाइ स्टेप आगे जा रहे हैं। आपको पता है कि आज बच्चों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में जो बच्चे हैं उनके बारे में भी सरकार सोच रही है। आज कॉम्पटिशन बहुत बढ़ गया है जिससे हमारे सरकारी स्कूल के बच्चे पीछे रह जाते हैं। आपको पता होगा कि इसलिए हमने सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस शुरू किया है। उसमें कोई बैरीअर नहीं है कि एससी,एसटी ही आएँगे, वह सभी के लिए है। और वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट।
ओवरसीज स्कालर्शिप में सिर्फ एसटी को जोड़ा गया जिसके बाद डिमांड बढ़ने पर उसमें एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक को भी जोड़ा गया। अभी सीमित संख्या हमने रखी है 25 बच्चों की। और अभी डिमांड 150बच्चों का है।
आने वाले समय में वो रास्ता भी बनाएँगे। सेंट जोंस के साथ वार्ता चल रही है पीएचडी स्कालर्स के लिए कि उनके यूनिवर्सिटी में अपने बच्चों को भेज सकूँ। आज हमने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड शुरू किया है। आपको पता है कि उसमें भी कोई बैरियर नहीं है। हायर एजुकेशन के लिए – टेक्निकल,मेडिकल, ज्यूडिशियल, आदि क्षेत्र में जो आपको अपना कोर्स सलेक्ट करना है, अगर उसमें वित्तीय परेशानी आती है तो उसके लिए सरकार आपको हैंड-होल्डिंग करती है। जिसमें बहुत कम रेट ऑफ इंटरेस्ट है और जब तक आपकी एजुकेशन पूरी नहीं हो जाती है, तब तक आपको कोई बैंक को रिटर्न देने की जरूरत नहीं होती है। उसके बाद आप धीरे-धीरे बैंक को पैसा वापस कर सकते हैं।
इसके साथ-साथ सरकार को अन्य क्षेत्रों में भी ध्यान देना होता है।सामाजिक क्षेत्र में। हमारा राज्य पिछड़ा भी है तो हमारी पहली प्राथमिकता कल्याणकारी योजनाओं पर भी रहती है। तो उनको भी लेकर हमें ज्यादा संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है। आने वाले समय में बहुत अच्छे और दरवाजे खोलने का काम करेगी सरकार, जहां हम सब के लिए एक कॉमन प्रोग्राम चला पाए। पहले जो कमजोर है, बिल्कुल जो पीछे है,उसे हम थोड़ा आगे लाने की कोशिश कर रहे हैं।
आप देखेंगे, हम मइयां सम्मान योजना चला रहे हैं। आज आबादी की 50प्रतिशत जो महिलाएं हैं – लगभग 56 लाख महिलाओं को हर महीने 2500रुपये की सहायता राशि हम देते हैं। बजट का बहुत बड़ा हिस्सा हम सिर्फ महिला सशक्तिकरण में खर्च कर रहे हैं। बहुत सारे लोग बोलते हैं यह पॉलिटिकल वोट बैंक का कॉन्सेप्ट है, लेकिन उसका इम्पैक्ट आप गांव जाओगे तो आप भी महसूस करोगे कि वो कैसे इस राशि का उपयोग अपने और अपने परिवार की भलाई और क्षमता वृद्धि के लिए कर रही हैं। बहुत सीधी बात है जैसे आपकी बाइक में जब तक बैटरी चार्ज नहीं होगी तो वह एक किलोमीटर भी नहीं चलेगी। ऐसे ही जब तक आपके जेब में पैसे नहीं होंगे तब तक आप कुछ और सोच भी नहीं पाएंगे आज के समय में।
क्या आपकी सरकार अतीत की ग़लतियाँ नहीं दोहराएगी?
5. जयपाल सिंह मुंडा और शिबू सोरेन की विरासत को सम्मान देते हुए, आपकी सरकार यह कैसे सुनिश्चित करेगी कि भूमि अधिग्रहण और शोषणकारी विकास की अतीत की गलतियाँ दोहराई नहीं जाएँगी?आगामी 25 वर्षों में झारखंड कौन-सा ऐसा विकास मॉडल अपनाएगा, जिसमें आदिवासी वर्ग वास्तविक भागीदार और लाभार्थी बनें, और असमानता न बढ़े?
उत्तर: मैं आपको बताना चाहूंगा कि आपकी जो चिंता है, यह बहुत वास्तविक चिंता है, क्योंकि इतिहास गवाह है कि झारखंड के आदिवासियों ने डेवलपमेंट के नाम पर बहुत कुछ खोया है। बड़े इंडस्ट्री आए, अनगिनत जमीनें ली गयीं। उस समय शायद हो सकता है कि जनसंख्या कम रही हो, लोगों ने दे दिया हो। लेकिन आज जनसंख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।
हां, जितना झारखंड के लोगों ने विकास में सहयोग किया उसका कहीं ना कहीं लाभ जो उनके पास आना चाहिए था वह नहीं आया। और यह वास्तव में लोगों की भी चिंता है| लेकिन आप को मैं यह विश्वास दिलाना चाहूंगा कि यह मेरा सेकंड टर्म है। वापस सरकार हमने बनाई है। हमारे देश में जो पॉलिटिकल परिदृश्य है, उसके विपरीत परिस्थिति में हम लोगों ने फिर से अपनी जगह बनाई है।
इसका मतलब यही समझा जा सकता है कि लोगों का विश्वास है। उम्मीद है हम पर। उन्हें पता है कि मैं शिबू सोरेन का बेटा हूँ| अपने लोगों के साथ धोखा नहीं कर सकता। तथा उन्हें और आज जो हमारी नई पीढ़ी है, नए पीढ़ी की जो डिमांड है, हम कोई भी आज प्लान बना रहे हैं तो हम अपने वहां की जो भावनाएं हैं उसको ध्यान में रखकर प्लान बना रहे हैं। आप देखेंगे कि वैश्विक स्तर में झारखंड के कई लोग हैं। मैं भी दावोस में था, वहां झारखंड के कई लोग थे। आज यूके में हूं, लंदन में हूं, यहां पर कई झारखंड के बच्चे और नौजवान हैं। पूरे देश-दुनिया में झारखंड के लोग पहुंच रहे हैं।
मैं जिस पीढ़ी का नेतृत्व कर रहा हूं। हमारी पुरानी लेगेसी हमारी लेफ्ट हैंड है, नई पीढ़ी हमारी राइट हैंड है, और मैं बीच में हूं। तो मैं चीजों को बैलेंस करते हुए आगे लेकर जा रहा हूं। और यह बात सही है कि कोई भी चीज डेवलपमेंट की है, अगर हम बात करते हैं तो हर एक चीजों में नेगेटिव-पॉजिटिव दोनों एक साथ चलता है। उसका बैलेंस कैसे बनाकर रखें, यही सबसे बड़ी चुनौती है। चीजों को नज़रंदाज़ करने की वजह से चीजें खराब होती हैं और ऐसा नहीं है कि हमारे स्टेट में इंडस्ट्री नहीं है।
एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट इंडस्ट्री हम लोगों के राज्य में है। एचईसी जैसी मदर इंडस्ट्री हमारे राज्य में है। बहुत सारे स्टील इंडस्ट्री हमारे राज्य में शुरू हुए। नई पीढ़ी को हम शिक्षित कर रहे हैं तो उसे रोजगार भी देना है और स्वरोजगार भी। माइंस, मिनरल्स के अलावा हमारे राज्य में नैसर्गिक सुंदरता भी है और जल, जंगल, जमीन को लेकर हमारी जो सोच है, वह भी कैसे संरक्षित रहे, हमारे लिए बहुत जरुरी है। इसे लेकर टूरिज्म पर भी हमारा बहुत ज़्यादा फोकस है।
हमारे गांव में जो बच्चे हैं, आज स्पोर्ट्स में काफी एग्रेसिव ढंग से आगे बढ़ रहे हैं। आपको बताना चाहूंगा कि हमारे खूंटी, सिमडेगा, गुमला से आज वूमेंस हॉकी टीम में लगभग 5 से 6 लड़कियाँ झारखंड से हैं। किसी समय उन्हें एक वक्त का खाना भी नहीं मिलता था| और आज ग्लोबल प्लाटफ़ॉर्ममें वह एक चैंपियन बनकर उभर रही हैं। और हमारे लोगों से जुड़े मामले जैसे ही हमारे संज्ञान में आते हैं, तो तुरंत ही उन सब चीजों पर काम किया जाता है।
अपने राज्य के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हम उन्हें पूरा सहयोग करते हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इसी का हम एक रास्ता तलाशने आए हैं कि किसके साथ हम जाएं, जो हमारे उद्देश्य और लक्ष्य के साथ – एक सतत विकास के तहत आगे बढ़ सके। हमारे राज्य में विभिन्न वर्ग में काम में विविधता है। लेकिन अभी आदिवासी समाज को नया उद्योग चलाने के लिए बहुत आगे आना है। उसके लिए जो संसाधन चाहिए, पैसे चाहिए, वह उनके पास नहीं हैं। इस दिशा में भी हम काम कर रहे हैं।
क्या सरकार प्रवासी/ओसीआई झारखंडियों के लिए एक समर्पित इकाई स्थापित करेगी
6. हेमंत जी, कल्पना जी और झारखंड के माननीय प्रतिनिधियों का यहाँ आना हम प्रवासी झारखंडियों के लिए गर्व की बात है, और हम चाहते हैं कि ऐसे मंच नियमित रूप से आयोजित हों ताकि विदेशों में रह रहे डॉक्टर, पेशेवर और युवा राज्य से जुड़े रह सकें। मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या सरकार प्रवासी/ओसीआई झारखंडियों के लिए एक समर्पित इकाई स्थापित करने पर विचार करेगी? उत्तर: झारखंड ऐतिहासिक रूप से वर्करर्स देने वाला राज्य रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान हमारे लोगों का रहता है। कोविड के दौरान हमें इसकी वास्तविक तस्वीर दिखी, हर साल 20 लाख से अधिक लोग आजीविका के लिए पलायन करते हैं। पलायन स्वयं समस्या नहीं है, समस्या अवसरों की कमी से मजबूरी में पलायन है। कोविड के समय हमने विशेष कदम उठाए। हवाई जहाज़, ट्रेन और बसों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया।
इसी दौरान हमने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों के लिए एक सशक्त प्रवासन नीति बनाई, जिसके बारे में आज राष्ट्रीय स्तर पर बताया भी जाता है। आज किसी भी संकट में, देश या विदेश में, रहने वाले झारखंडियों की सहायता की जाती है। प्रवासी झारखंडी समूहों को संगठित करने की दिशा में हम काम कर रहे हैं, और विदेशों में आप सभी की पहल का हम स्वागत करते हैं। सरकार आपको पूरा सहयोग देगी। झारखंड वैश्विक मंचों पर नया है, लेकिन हमारे लोग सक्षम, परिश्रमी और दृढ़ हैं। आप साथ दीजिए, आने वाले समय में हम जरुर इस दिशा में बढ़ेंगे और अवश्य सफल होंगे। जोहार!
गांडीव ब्रेकिंग: गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र ने दिया झारखंड को तोहफा
रांची। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है. हमारे दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिया जा रहा है।
भाजपा के कुछ नेताओं को भी सार्वजनिक जीवन में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पद्म सम्मान से नवाजा गया है. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन लेफ्ट पार्टी के बड़े नेता रहे हैं. जबकि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी को भी उनकी सेवाओं के लिए यह सम्मान दिया गया है.
पद्म विभूषण
केरल के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन केटी थॉमस -केरल
पद्म भूषण उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को भी मरणोपरांत
पद्म भूषण दिल्ली के पूर्व सांसद और बीजेपी नेता वीके मल्होत्रा को भी मरणोपरांत पद्म भूषण वेल्लापल्ली नतेशन का भी केरल से यह सम्मान मिला है।
दावोस में सीएम कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात
रांची/दावोस। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ शामिल होगा। इस मंच के जरिए झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा। वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।
प्रकृतिकेसाथसंतुलनमेंविकासहैमूलदृष्टि
झारखण्ड इस बैठक में “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखण्ड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।
वैश्विककंपनियोंऔरसंस्थानोंकेप्रमुखोंकेसाथसंवाद
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढाँचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।
झारखण्ड मंडप का उद्घाटन होना रहेगा महत्वपूर्ण
झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखण्ड पेवेलियन का उद्घाटन है। पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।
अरब सागर के आकाश में तीन हजार ड्रोन से दिखा बाबा सोमनाथ का अद्भुत नजारा …………. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में आयोजित ड्रोन शो को देखकर मंत्रमुग्ध हुए लोग …………. ड्रोन के जरिए आकाश में बनी त्रिशूल, ओम, वीर हमीरजी, अहिल्याबाई होल्कर, सरदार वल्लभभाई पटेल और नरेन्द्र मोदी की आकृतियां …………. ड्रोन शो के बाद सोमनाथ मंदिर के निकट स्थित समुद्र तट भव्य आतिशबाजी से जगमगा उठा …………. गांधीनगर, 10 जनवरी : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत शनिवार रात सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्य और आकर्षक ड्रोन शो का आयोजन किया गया। इस अनोखे आयोजन से पवित्र सोमनाथ धाम में उत्सवमय और हर्षोल्लास का माहौल बन गया था। ड्रोन शो में लगभग 3000 ड्रोन के जरिए अरब सागर के ऊपर आकाश में प्रकाश के अनूठे संयोजन के माध्यम से विभिन्न बिंदु चित्र-रंगीन आकृतियां सृजित की गईं। आकाश में उभरते प्रकाशमय दृश्य लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गए।
ड्रोन लाइट के माध्यम से त्रिशूल, ओम, तांडव नृत्य करते भगवान शंकर, वीर हमीरजी, अहिल्याबाई होल्कर, सोमनाथ पर आक्रमण, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वाभिमान पर्व का लोगो और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आकृतियां प्रदर्शित की गईं। इन सभी आकृतियों ने भारतीय संस्कृति, आत्मगौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतिबिंब प्रस्तुत किया।
इस भव्य ड्रोन शो का संचालन कुल 40 प्रशिक्षित ऑपरेटरों ने सुव्यवस्थित तरीके से किया। लगभग 15 मिनट तक चले इस शो ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पटेल ने सोमनाथ मंदिर प्रांगण में उपस्थित रहकर इस भव्य ड्रोन शो को निहारकर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी इन अद्भुत दृश्यों को अपलक देखकर गौरव और आनंद का अनुभव किया।
ड्रोन शो पूरा होने के बाद तुरंत ही निकट स्थित समुद्र तट पर भव्य आतिशबाजी की गई। विभिन्न प्रकार के क्रैकर्स से आकाश रोशनी से नहाया हुआ नजर आ रहा था।
धनबाद: कतरास बाजार स्थित राजस्थानी धर्मशाला में विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक का समापन विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री माननीय अम्बरीष जी के उद्बोधन के साथ समाप्त हुआ।समापन समारोह में उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के प्रांत, विभाग एवं जिला के पदाधिकारी को संबोधित करते हुए श्री अंबरीश सिंह ने कहा- स्वाधीन देश में स्व का अभिमान करने वालों की कमी के कारण हमारी संस्कृति को नष्ट करने का कुचक्र चलता रहा। सनातन मानबिंदु, आचार पद्धति, संस्कृति को सुरक्षित रखने के विचार से ही विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी। मंदिर सनातन परंपरा के श्रद्धा एवं भक्ति- शक्ति का केंद्र होता था जिसे आक्रांताओं ने निरंतर क्षति पहुंचाने पहुंचाने की चेष्टा की। परिवारों में परंपरागत संस्कार का अभाव देखने को मिल रहा है परिवार में संस्कारों का जिस तरह क्षरण हो रहा है उसके रक्षण की आवश्यकता है । गोरक्षा, सेवा, धर्म प्रसार, सामाजिक समरसता, जैसे आयामों पर विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया 12 से 18 जनवरी तक मकर संक्रांति उत्सव समरसता दिवस के रूप में, माघ पूर्णिमा के दिन श्री रविदास जयंती, वर्ष प्रतिपदा से हनुमान जन्मोत्सव तक सभी समितियों के माध्यम से श्री रामोत्सव, एवं 14 जनवरी को बाबा साहब अंबेडकर जयंती प्रत्येक प्रखंड केन्द्रों में मनाया जाएगा। इसके साथ ही समिति का दृढिकरण एवं आयामों के कार्यों का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने विभिन्न जिलों से आए समस्त प्रतिनिधियों एवं वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने हजारीबाग के डेमोटांड़ में परिषद द्वारा चल रहे आवासीय विद्यालय एवं अन्य सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए झारखंड के सभी जिलों में सेवा कार्य सुचारू रूप से चलाने का आग्रह किया।इस अवसर पर क्षेत्र मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू जी द्वारा प्रांत के नवीन दायित्व एवं प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र द्वारा जिलों के नवीन दायित्वों की घोषणा की गई। श्रीमती कीर्ति गौरव दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका, गंगा कच्छप प्रांत सहसंयोजिका, श्रीमती शशि शर्मा एवं श्रीमती अनिमा पांडे को प्रांत मातृशक्ति सहसंयोजिका, श्रीमती सविता सिंह संस्कार केंद्र प्रांत प्रमुख मातृशक्ति, एवं सुश्री कीर्ति सुमन मोदी को प्रांत साप्ताहिक मिलन केंद्र एवं संस्कार केंद्र प्रमुख दुर्गावाहिनी का दायित्व दिया गया। बैठक का समापन बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री रंगनाथ महतो ने पूर्णता मंत्र एवं जयघोष के साथ कराया।बैठक में क्षेत्र संगठन मंत्री माननीय आनंद पांडे, क्षेत्र गोरक्षा टोली के पालक त्रिलोकी नाथ बागी, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, देवी सिंह प्रांत सह मंत्री राम नरेश सिंह, मनोज पोद्दार, मार्गदर्शक मंडल के प्रांत संयोजक स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख जुगल किशोर प्रसाद, प्रांत सत्संग प्रमुख रंजन कुमार सिन्हा, विशेष संपर्क प्रांत प्रमुख अरविंद सिंह, गोरक्षा प्रांत प्रमुख कमलेश सिंह, प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन, सामाजिक समरसता प्रांत सह प्रमुख मनोज चंद्रवंशी, सेवा सहप्रमुख विनय कुमार, अमरेन्द्र विष्णुपुरी, धनबाद विभाग मंत्री राजेश दुबे, महानगर अध्यक्ष अशोक चौरसिया, महानगर मंत्री आनंद कुमार, बजरंग दल सहसंयोजक तापस कुमार डे सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रांची। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी ठंड एवं शीतलहरी की चेतावनी के मद्देनजर रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने जिला के सभी स्कूलों को कल 27.12.2025 से 31.12.2025 तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत् राँची जिला अंतर्गत संचालित सभी सरकारी / गैर-सरकारी / निजी विद्यालयों में वर्ग KG से वर्ग 12वीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य दिनांक 27.12.2025 से 31.12.2025 तक स्थगित किया जाता है। विद्यालय प्रबंधन को निदेश दिया गया है कि वे उल्लेखित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। यदि उक्त अवधि में किसी विद्यालय में परीक्षा आयोजित है तो अपने विवेकानुसार विद्यालय में परीक्षा का संचालन करेंगे।
युवक ने लड़की को मारकर स्वयं को मारी गोली, लड़के की मौत, लड़की रिम्स रेफर
खलारी। खलारी थानाक्षेत्र अंतर्गत केडीएच कॉलोनी मैदान गेट के निकट शुक्रवार सुबह युवक ने एक लड़की को गोली मार दी। इसके बाद कॉलोनी स्थित अपने घर आकर अपने सिर में गोली मार लिया। लड़के की वहीं मौत हो गई। लड़की को गंभीर हालत में रिम्स भेजा गया है। घटना सुबह करीब 8.30 बजे की है। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है। युवक करीब 33 वर्षीय सुनील केवट उर्फ छोटू का कॉलोनी की ही पायल कुमारी (29 साल) से प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है। पायल केडीएच स्थित ‘राज चिल्ड्रेन’ स्कूल में पढ़ाती है। शुक्रवार सुबह अपने घर से स्कूल जा रही थी। इसी क्रम में सुनील ने उसे गोली मार दी। गोली लड़की के गर्दन में लगी है। इसके बाद वह अपने घर आया और अपने सिर में गोली मार लिया। वहीं उसकी मौत हो गई। इधर गंभीर रूप से घायल लड़की को पहले सीसीएल सेंट्रल अस्पताल डकरा लाया गया, फिर तत्काल रिम्स रेफर कर दिया गया। लड़का बिलासपुर (छत्तीसगढ़) का रहने वाला था, खलारी में अपने रिश्तदार भाई के घर रहता था। लड़की का पिता सीसीएल कर्मी है। घटना को अंजाम देने से पहले युवक ने एक वीडियो बनाकर एक लोकल ग्रुप में डाला था, जिसमें बताया है कि क्यों गोली मारी। सूचना पाकर पहुंची खलारी थाना पुलिस घटना की जांच में जुटी है।
TEDxKanke का प्रमुख 2025 कार्यक्रम 14 दिसंबर 2025 को कांके रोड स्थित होटल हॉलिडे होम, रांची में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। सुबह 9:30 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में “एन एरा ऑफ एआई (An Era of AI)” विषय के अंतर्गत 14 दूरदर्शी वक्ता एक ही मंच पर एकत्रित हुए।
यह आयोजन इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आधिकारिक प्री-समिट इवेंट रहा, जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के अंतर्गत इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट की प्री-समिट इवेंट्स टीम से स्वीकृति प्राप्त हुई। यह कार्यक्रम CyberPeace, Tata Steel, Hotel Holiday Home, DigiCrow Consulting और Virtue Wealth Counsel के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
Core Theme & Vision (मुख्य विषय और दृष्टिकोण)
इस कार्यक्रम ने हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न को केंद्र में रखा—
“हम यह कैसे सुनिश्चित करें कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और मानवीय बुद्धिमत्ता (Human Intelligence) मिलकर हमारी साझा मानवता की सेवा करें?”
Curator’s Message: इस अवसर पर TEDxKanke के क्यूरेटर एवं लाइसेंसधारी राजीव गुप्ता ने कहा,
“एआई केवल एक उपकरण नहीं है; यह एक दर्पण है, जो यह दर्शाता है कि हम कौन हैं—हमारा साहस और हमारे डर, हमारी उदारता और हमारी सीमाएँ।”
Partners & Sponsors: यह आयोजन टाटा स्टील लिमिटेड और CyberPeace के सहयोग से किया गया, जिसमें होटल हॉलिडे होम हॉस्पिटैलिटी पार्टनर और DigiCrow डिजिटल पार्टनर रहे।
प्रमुख वक्ता और सत्र
कार्यक्रम में भारतीय नवाचार, प्रशासन और नेतृत्व का एक असाधारण संगम देखने को मिला।
डॉ. अमर कुमार पांडे (IPS), पूर्व डीजीपी, कर्नाटक
Topic: Intuition vs Intelligence in the AI Era
Insight: उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि मानवीय अंतर्ज्ञान और मशीनी बुद्धिमत्ता के बीच संतुलन बनाकर ही प्रभावी निर्णय प्रणाली विकसित की जा सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई का अंतिम उद्देश्य मानवीय निर्णय क्षमता को पूरक बनाना होना चाहिए, न कि उसका स्थान लेना।
डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल (IAS)
Topic: From Fragmented Care to Intelligent Health
Insight: उन्होंने भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र को एआई-सक्षम इंटेलिजेंट सिस्टम में रूपांतरित करने की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसे मजबूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की नींव बताते हुए 50 करोड़ से अधिक नागरिकों तक सटीक और समावेशी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
राखी प्रसाद, सह-संस्थापक, क्लैरिटीएक्स (ClarityX)
Topic: Data, AI & the Human Edge
Insight: उन्होंने कहा कि स्वयं की स्पष्टता के बिना डेटा का कोई वास्तविक मूल्य नहीं है। उन्होंने इस दौर को “ऑगमेंटेड इंटेलिजेंस” का युग बताते हुए कहा कि भविष्य उन्हीं नेताओं का है जो साहस और नैतिकता के साथ एआई का उपयोग करेंगे।
शौर्य गायकवाड़
Topic: The Age of Courage Begins with AI
Insight: उन्होंने यह विचार रखा कि एआई ने दुनिया को योग्यता के युग से साहस के युग में पहुंचा दिया है, जहां डिग्री से अधिक महत्व सीखने की गति, अनुकूलन क्षमता और जोखिम उठाने के साहस का है।
विशेषज्ञ सत्र
डॉ. देवाजी पाटिल
Topic: Skill First for Nutrition Impact
Insight: उन्होंने बच्चों में कुपोषण की चुनौती पर बात करते हुए ‘स्किल फर्स्ट’ मेंटरशिप मॉडल को समाधान के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि एआई और मशीन लर्निंग के माध्यम से बच्चों के विकास की निगरानी कर लाखों शिशुओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार संभव है।
डॉ. अनूप नंदी (NIT राउरकेला)
Topic: Redefining Modern Healthcare with Responsible AI
Insight: उन्होंने डॉक्टरों की कमी और निदान संबंधी त्रुटियों को कम करने के लिए जिम्मेदार एआई के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने ऑटिज़्म देखभाल के लिए CARAT रोबोट जैसे नवाचारों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवा का भविष्य मानव और एआई के सहयोग पर आधारित है।
Insight: उन्होंने प्रौद्योगिकी की दार्शनिक सीमाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एआई तार्किक कार्यों की नकल कर सकता है, लेकिन मानवीय चेतना, भावनाओं और आध्यात्मिक गहराई का स्थान नहीं ले सकता।
विकास हिरानी
Topic: AI Can Destroy the Earth — and Also Save It
Insight: उन्होंने एआई के दोहरे प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जहां एआई का पर्यावरण पर ऊर्जा और जल खपत के रूप में नकारात्मक प्रभाव है, वहीं स्मार्ट ग्रिड और संसाधन अनुकूलन के जरिए पृथ्वी को बचाने की क्षमता भी इसमें मौजूद है।
हरिहरन रघुनाथन (Microsoft AI)
Topic: The Hidden Skill That Will Matter Most in the AI Era
Insight: उन्होंने कहा कि इस युग में इंसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कौशल “विचारों की स्पष्टता” है। उन्होंने ‘पॉज़ ट्रायंगल’ फ्रेमवर्क के माध्यम से समझाया कि एआई मानवीय इरादों का प्रतिस्थापन नहीं, बल्कि उनका गुणक बनकर कार्य करता है।
श्याम कुमार एस.एस. (World’s youngest solo skydiver with artificial leg)
Topic: Becoming Cybroid, Becoming Myself
Insight: उन्होंने अपनी प्रेरक जीवन यात्रा साझा की। उन्होंने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस और डिजिटल ट्विन जैसी तकनीकों के माध्यम से न्यूरो-बायोनिक भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया, जो शारीरिक सीमाओं को पार कर मानवीय क्षमताओं को नया आयाम दे सकती हैं।
Event Highlights
Anchoring: कार्यक्रम का संचालन आईआईएम रांची के एमबीए छात्रों प्रीतिका पॉल और हरेकृष्ण ने किया।
Cultural Performance: कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण आईआईएम रांची की एकत्व (Ekātva) टीम द्वारा प्रस्तुत नाट्य प्रस्तुति “EKATVA – Becoming One” रही, जिसने एआई के विकास और मानव-मशीन संबंधों को भावनात्मक, नैतिक और दार्शनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया।
निष्कर्ष
इस आयोजन का उद्देश्य केवल तकनीक का उत्सव मनाना नहीं था, बल्कि जिम्मेदार एआई के प्रति एक सामूहिक आह्वान भी था। प्रतिभागियों ने एआई युग में प्रासंगिक बने रहने, डेटा और भावनात्मक बुद्धिमत्ता के संतुलन तथा एआई को प्रतिस्थापन नहीं बल्कि एक सहयोगी के रूप में अपनाने से जुड़े व्यावहारिक दृष्टिकोण प्राप्त किए।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को लेकर सोशल मीडिया पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने और निधन जैसी अफवाहें फैलने लगीं। इन खबरों ने उनके करोड़ों प्रशंसकों को हैरान कर दिया। हालांकि, बाद में उनकी बेटी ने सभी अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र पूरी तरह सुरक्षित हैं, स्थिर हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं।
परिवार के अनुसार, धर्मेंद्र पिछले कुछ दिनों से हल्की तबीयत खराब होने के चलते डॉक्टरी देखभाल में थे, लेकिन उनकी स्थिति को लेकर फैल रही गलत खबरें पूरी तरह निराधार हैं। डॉक्टरों ने भी बताया है कि चिंता की कोई बात नहीं है और वरिष्ठ अभिनेता की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है।
बेटी ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरों पर ध्यान न दें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें।
फैंस के लिए यह राहत की बात है कि बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र सुरक्षित हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रशंसक लगातार उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
अगर आपकी शादी की तैयारियाँ चल रहीं हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। हम आपको उन पांच प्रमुख मार्केट्स के बारे में बताएंगे जहाँ आप ब्राइडल लहंगों की शानदार रेंज देख सकते हैं।
शादी की तारीख तय होते ही दुल्हनों में अपने लहंगे को लेकर चिंताएँ बढ़ जाती हैं। हर लड़की का सपना होता है कि वह अपनी शादी के दिन सबसे आकर्षक दिखे। इसीलिए दुल्हनें चाहती हैं कि उनका लहंगा परंपरा, फैशन और बजट के हिसाब से हो। दिल्ली का चांदनी चौक मार्केट इस संदर्भ में सबसे प्रसिद्ध है, जहाँ देशभर से लोग शादी की खरीदारी करने आते हैं। पूरे देश में ऐसे पाँच शहर हैं जहाँ आप ब्राइडल लहंगों के हजारों डिज़ाइन देख सकते हैं और अपने लिए एक परफेक्ट लहंगा चुन सकते हैं।
दिल्ली का चांदनी चौक 💍
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम दिल्ली के चांदनी चौक का है। यह मार्केट शादी की खरीदारी के लिए बेहतरीन मानी जाती है। यहाँ आपको केवल ब्राइडल लहंगे ही नहीं, बल्कि दूल्हे की शेरवानी और घर सजाने का सामान भी मिल जाएगा। चांदनी चौक में कई ऐसी दुकानें हैं जो सेलिब्रिटीज से प्रेरित लहंगे बेचती हैं। यदि आप कटरीना, कियारा या दीपिका की तरह लहंगा पहनना चाहती हैं, तो चांदनी चौक एक बेहतरीन विकल्प है।
मुंबई का भुलेश्वर मार्केट 🥻
मुंबई का भुलेश्वर मार्केट भी शादी की खरीदारी के लिए बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ आपको ब्राइडल लहंगे से लेकर विवाह के सभी सामान मिलते हैं। सबसे खास बात यह है कि आप यहाँ कम कीमत पर अपनी पसंद का लहंगा खरीद सकते हैं। इस मार्केट में कई दुकानें सेलिब्रिटी स्टाइल लहंगे पेश करती हैं। दत्ताणी टेक्सटाइल्स पर आपको लहंगे और साड़ी के शानदार संग्रह मिलेंगे। इसके अलावा, आप भुलेश्वर मार्केट के निकट कालबादेवी मार्केट भी देख सकते हैं, जो कपड़ों के लिए एक अद्भुत स्थान है।
सूरत: लहंगों का हब 👗
गुजरात का सूरत भी लहंगों के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहाँ लहंगे का निर्माण होता है, जिसके कारण उनके दाम काफी कम होते हैं। सूरत के रिंग रोड क्षेत्र में ब्राइडल लहंगे के कई शोरूम हैं, जहाँ लहंगों का बेहतरीन संग्रह देखने को मिलता है। इसके अतिरिक्त, आप आर्दश मार्केट में भी जाकर अपनी पसंद का लहंगा खरीद सकते हैं, जो शादी की खरीदारी के लिए एक और बेहतरीन स्थान है।
इन प्रमुख मार्केट्स की जानकारी आपको अपनी शादी के लहंगे के चयन में मदद करेगी। अपने सपनों का लहंगा चुनने का सही समय आ गया है!
आज मराठी सिनेमा को एक बड़ा झटका लगा है। मशहूर अभिनेत्री दया डोंगरे का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनका जाना केवल मराठी फिल्म उद्योग के लिए नहीं, बल्कि पूरे सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। दया जी ने थिएटर के साथ-साथ छोटे और बड़े पर्दे पर अपनी अद्वितीय प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। विशेषकर, उनके नेगेटिव किरदारों ने दर्शकों के मन में एक खास स्थान बना लिया था।
उनकी छवि के विपरीत, दया ने सास और खलनायिका जैसे किरदारों को इतनी सहजता से निभाया कि दर्शकों का ध्यान उनके प्रभावशाली अभिनय पर टिक गया। दया डोंगरे का जन्म 11 मार्च 1940 को पुणे में हुआ था। उनके परिवार में कला का गहरा रिश्ता था; उनकी माँ यमुनाबाई मोडक नामी नाट्य अभिनेत्री थीं और नानी शांताबाई मोडक मुंबई की प्रसिद्ध गायक थीं।
दया डोंगरे का समृद्ध अभिनय सफर
दया जी के भीतर बचपन से ही संगीत और अभिनय का जुनून था। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग ली और प्रारंभ में गायिका बनने का सपना देखा। लेकिन किस्मत ने उन्हें अभिनय की ओर मोड़ दिया। स्कूल के दिनों में ही वह नाटकों में भाग लेने लगीं और धीरे-धीरे मराठी थिएटर में खुद को स्थापित किया। शादी के बाद भी, उनके पति शरद डोंगरे ने उनका पूरा समर्थन किया, जो 2014 में निधन हो गए।
नेगेटिव किरदारों की उत्कृष्टता
दया डोंगरे ने मराठी सिनेमा में कई सफल फिल्मों में प्रदर्शन किया। ‘खट्याळ सासू’, ‘नाठाळ सून’, ‘नवरी मिळे नवऱ्याला’ और ‘चार दिवस सासूचे’ जैसी हिट फिल्मों में उनके नेगेटिव किरदार आज भी दर्शकों के जेहन में ताजा हैं। इन भूमिकाओं में उनकी एक्टिंग इतनी प्रभावशाली थी कि दर्शक उन्हें भूल नहीं पाते। छोटे पर्दे पर भी, उनके अभिनय का जादू कमाल का था, चाहे वह सास-बहू का ड्रामा हो या पारिवारिक संघर्ष।
हिंदी सिनेमा में भी दया जी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। 1992 में आमिर खान और जूही चावला की सुपरहिट फिल्म ‘दौलत की जंग’ में उन्होंने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जो बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। उनके अभिनय की सराहना ने उन्हें दोनों भाषाओं में एक उत्कृष्ट कलाकार के रूप में स्थापित किया। दया डोंगरे की जिंदगी संघर्षों से भरी थी, लेकिन उन्होंने हमेशा सकारात्मकता और संघर्ष के साथ आगे बढ़ने की कोशिश की।
लोहरदगा: लोहरदगा प्रीमियर लीग (एलपीएल) 2025 का उद्घाटन सोमवार को नदिया हिंदू उच्च विद्यालय के मिनी स्टेडियम में हुआ। इस प्रतियोगिता ने ना केवल फुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून जगाया, बल्कि जिले की नई खेल पहचान की भी नींव रखी है।
फुटबॉल टूर्नामेंट का उद्देश्य
यह प्रतियोगिता फीफा नियमों के अनुरूप आयोजित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इसे जिला फुटबॉल संघ द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
रोमांच का पहला दिन 🎉
उद्घाटन मुकाबले में कैरो कैनेटिक्स और सेन्हा स्टैलियंस की टीमों के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा। पहले हाफ में सेन्हा ने बढ़त बनाई, लेकिन अंत में कैरो कैनेटिक्स ने गोल कर मैच को बराबर कर दिया। इस मैच के मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार विशाल तिग्गा को मिला।
सपनों की ऊँचाईबड़ी
सांसद सुखदेव भगत ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा, “हमारा जिला छोटा जरूर है, पर सपनों की ऊंचाई बड़ी है। फुटबॉल झारखंड की पहचान है और लोहरदगा इस पहचान को और मजबूत कर रहा है।”उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित होंगे और यह एलपीएल भविष्य में राज्य स्तर पर पहचान बनाएगा।पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने खेल को भाईचारे और एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को विदेशी खिलाड़ियों से सीखने का काफी अच्छा मौका मिलेगा।
विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी
एलपीएल 2025 में विदेशी खिलाड़ियों की उपस्थिति ने इसे और अधिक रोमांचक बना दिया। दर्शकों ने उनकी उत्कृष्टता की सराहना की, जिससे यह प्रतीत होता है कि लोहरदगा अब फुटबॉल का एक नया गढ़ बनता जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा के नेतृत्व में, एक उच्च स्तरीय समिति ने चाईबासा स्थित ब्लड बैंक की गंभीर लापरवाही की जांच शुरू की है। इस जांच में पांच व्यक्तियों के HIV पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
जांच का उद्देश्य
इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रक्तदाता और मरीजों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए। संक्रमण फैलने के खतरे को रोकना आवश्यक है। ब्लड बैंक में रक्त की गुणवत्ता और संक्रमण से बचाव के उपायों की दिशा में यह मामला बेहद महत्वपूर्ण है।
पारदर्शिता और नागरिकों की सुरक्षा
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यह जांच पारदर्शिता बनाए रखने के लिए की जा रही है। नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, विभाग ने रक्तदान प्रक्रियाओं को और अधिक सख्त बनाने का निर्णय लिया है।
आगे की प्रक्रिया
इस मामले में आगे की कार्रवाई के तहत, अन्य संभावित संक्रमित व्यक्तियों की जांच की जाएगी। साथ ही, ब्लड बैंक में कार्यरत कर्मचारियों की भी थैलसीमिया और अन्य संक्रमणों के संबंध में जांच की जाएगी। यह कदम स्वास्थ्य संकट के प्रभाव को कम करने के लिए उठाया जा रहा है।
समझा जा रहा है कि इस लापरवाही के पीछे कई प्रशासनिक खामियां हो सकती हैं, जिनकी जांच की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने कर्तव्यों को गंभीरता से निभाएं।
चाईबासा ब्लड बैंक मामले की जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि स्वास्थ्य सेवा में गुणवत्ता और सुरक्षा पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है।
नेटफ्लिक्स पर ‘डाइनिंग विद द कपूर्स’ का उत्सव: 21 नवंबर 2025 को होगा विमोचन ☕️🎉
कपूर खानदान की उनके अनोखे जीवन के क्षणों को दर्शाते हुए एक नई श्रृंखला जल्द ही देखने को मिलेगी। नेटफ्लिक्स ने अपने आगामी शो ‘डाइनिंग विद द कपूर्स’ की रिलीज डेट की घोषणा कर दी है, जो कि 21 नवंबर 2025 को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होगा।
यह शो राज कपूर के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पेश किया जा रहा है। इसमें परिवार के सदस्य खाने की मेज पर जुटकर पुरानी यादें ताजा करेंगे। हालांकि, शो के पोस्टर जारी होते ही कुछ प्रशंसकों ने निराशा व्यक्त की क्योंकि रणबीर कपूर की पत्नी आलिया भट्ट कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं, जिससे प्रशंकों में हलचल मच गई है।
कपूर परिवार की अनुदान यात्रा: ‘डाइनिंग विद द कपूर्स’
यह एक अनस्क्रिप्टेड डॉक्यूमेंट्री-शैली शो है, जो कपूर परिवार की सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है। प्रोड्यूसर अरमान जैन ने इसे अपने दादा राज कपूर को समर्पित किया है। अरमान ने कहा, ‘यह शो हमारी पारिवारिक एकता का प्रतीक है, और नेटफ्लिक्स के साथ मिलकर हम दर्शकों को अपने साथ खाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।’
इस शो की लेखक और निर्देशक स्मृति मुंध्रा हैं, जो ‘इंडियन मैचमेकिंग’ और ‘द रोमांटिक्स’ जैसी चर्चित श्रृंखलाओं के लिए जानी जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस आवश्यक मीडिया ने इसे वरुण अंबानी और नवल गमडिया के सहयोग से तैयार किया है। शो के पोस्टर में कपूर परिवार के कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं।
रणधीर कपूर, नीतू कपूर, रीमा जैन, रणबीर कपूर, करीना कपूर, करिश्मा कपूर, सैफ अली खान और रिद्धिमा कपूर साहनी जैसे सदस्य उल्लासित दिख रहे हैं, साथ ही अरमान जैन, आदर जैन और कई अन्य करीबी रिश्तेदार भी शामिल हैं।
यह शो खाने, फैमिली बॉंड्स और फिल्मों के इर्द-गिर्द घूमता रहेगा। आलिया भट्ट की अनुपस्थिति इस शो को लेकर चर्चाओं का विषय बनी हुई है, जहां प्रशंसक प्रश्न उठा रहे हैं कि ‘रणबीर के बिना आलिया का क्या?’ आलिया, जो अब कपूर परिवार का हिस्सा हैं, शेड्यूल के कारण शायद शामिल नहीं हो सकीं।
इस शो के माध्यम से कपूर परिवार की विरासत को नई पीढ़ी के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, जहां पुरानी फिल्मों की यादें, रेसिपीज़ का साझा करना, और कई अनदेखे पल दर्शकों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करेंगे। कपूर परिवार हमेशा से बॉलीवुड का केंद्र रहा है और उनकी कहानियाँ लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं।
बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेंद्र को हाल ही में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिसके बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर अफवाहों का दौर शुरू हो गया। परिवार के करीबी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि उनकी तबीयत स्थिर है और उन्हें केवल नियमित चेकअप के लिए क्रैंडी अस्पताल में भर्ती किया गया है।
धर्मेंद्र की स्वास्थ्य स्थिति
धर्मेंद्र की उम्र को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें एहतियाती जांच कराने के लिए अस्पताल आने की सलाह दी थी। सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत में कोई चिंताजनक बात नहीं है, जिससे फैंस को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
अस्पताल में भर्ती होने की वजह
31 अक्टूबर को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया। हालाँकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह भर्ती केवल रुटीन चेकअप के लिए थी। उनके करीबी लोगों ने मीडिया को बताया कि स्वास्थ्य में कोई गंभीर समस्या नहीं है और पूरी स्थिति नियंत्रण में है।
धर्मेंद्र की अपकमिंग फिल्म ‘इक्कीस’
धर्मेंद्र हाल ही में अपनी आने वाली फिल्म ‘इक्कीस’ के प्रचार में व्यस्त थे। इस फिल्म में वे अगस्त्य नंदा के दादा की भूमिका निभा रहे हैं, जो भारत-पाक युद्ध में बहादुरी के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित सैन्य अधिकारी अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है। इस फिल्म का प्रीमियर दिसंबर में होने वाला है।
धर्मेंद्र का फिल्मी करियर
70-80 के दशक में धर्मेंद्र भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक थे और आज भी वे फिल्मों में सक्रिय हैं। इसके अलावा, अभिनेता सोशल मीडिया पर भी अपने फैंस के साथ जुड़ते रहते हैं। उन्हें ‘ही-मैन’ के नाम से भी जाना जाता है, जो उनके फैंस द्वारा दिया गया एक उपनाम है।
धर्मेंद्र के स्वास्थ्य को लेकर अब तक की जानकारी संजीदा है और उनके चाहने वालों को इस समय चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
अनगड़ा:- बिहार विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस की तरफ से खिजरी विधायक सह कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का ऑब्जर्बर बनाया गया है। बिहार विधानसभा चुनाव में ऑब्जर्बर बनाये जाने पर खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया, महासचिव (संगठन) के.सी. बेणुगोपाल, झारखण्ड प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी डां सिरिबेला प्रसाद एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के प्रति हृदय से आभार प्रकट एवं धन्यवाद दिया। राजेश कच्छप ने कहा कि ये जिम्मेवारी मेरे लिए सौभाग्य की बात है। बिहार विधानसभा चुनाव में आदिवासी समाज का एक-एक वोट महा गठबंधन के पक्ष में जाए। इसके लिए मैं अपना हर संभव प्रयास करूंगा। एक बार फिर से कांग्रेस आलाकमान को मेरे ऊपर विश्वास जताने और मुझे इस योग्य समझने के लिए आभार।
मल्लिका शेरावत का जन्मदिन: संघर्ष और सफलता की कहानी
मल्लिका शेरावत आज अपने 49वें जन्मदिन पर हैं। हरियाणा के एक छोटे से गांव में 24 अक्टूबर 1976 को जन्मी मल्लिका का जीवन संघर्ष और जुनून से भरा रहा है। फिल्म ‘मर्डर’ के बाद उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई। हालांकि, इस यात्रा की शुरुआत सरल नहीं थी।
परिवार के विरोध के बावजूद बनाया करियर
मल्लिका ने खुलकर कहा कि जब उन्होंने अभिनय में करियर बनाने का निर्णय लिया, तब उनके परिवार ने इसका जोरदार विरोध किया। परिवार के असहयोग के बावजूद, उन्होंने अपने नियमों पर जीवन जीने की ठानी। यह दृढ़ संकल्प उन्हें हरियाणा से मुंबई तक ले गया।
पैसों की कमी का सामना
मल्लिका ने बताया कि जब उन्होंने अपना घर छोड़ा, तो उनके पास केवल कुछ रुपये थे। लेकिन उनके हौंसले में कमी नहीं थी। उन्होंने कहा, “मेरी जेब में पैसे थे या नहीं, यह किसी ने नहीं पूछा। मैंने मॉडलिंग से शुरुआत की और धीरे-धीरे विज्ञापनों में नाम कमाया।”
फिल्म ‘मर्डर’ ने दी नई पहचान
साल 2004 में, फिल्म ‘मर्डर’ ने मल्लिका के करियर में एक नया मोड़ लाया। इमरान हाशमी के साथ उनकी जोड़ी और उनकी बोल्ड अदाकारी ने देशव्यापी चर्चा छेड़ दी। मल्लिका ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि ‘मर्डर’ इतनी बड़ी हिट होगी। मुझे हमेशा सुरक्षित महसूस हुआ।”
स्वाभाविक सुंदरता का राज़
49 की उम्र में भी मल्लिका की खूबसूरती और फिटनेस चकित करने वाली है। उन्होंने बताया, “मैंने कभी प्लास्टिक सर्जरी नहीं करवाई। मेरे स्वस्थ जीवनशैली का राज़ योग, ध्यान और संतुलित आहार है।” यही वजह है कि लोग उन्हें आज भी युवा मानते हैं।
हॉलीवुड में भी पाया नाम
मल्लिका का करियर केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं रहा, उन्होंने हॉलीवुड फिल्म ‘The Myth’ में जैकी चैन के साथ काम किया, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। वह कई बार कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाई दीं और मशहूर हस्तियों से मिलीं।
उन्होंने कहा, “भले ही मुझे विदेशों में सम्मान मिला, लेकिन भारत में मेरा संबंध सिर्फ ‘बोल्ड’ छवि से बना रहा। मैं खुद को लकी मानती हूं कि मुझे अच्छी फिल्मों में काम करने का मौका मिला।”
खगड़िया जिले के परबत्ता से विधायक और राजद के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार के खिलाफ परबत्ता थाना में एक गंभीर मामला दर्ज किया गया है। थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार ने स्वयं इस मामले की सूचना दी, जिसमें विधायक द्वारा उन्हें वॉट्सऐप थाना अध्यक्ष ने कहा कि विधायक ने अपने मोबाइल नंबर से अरविंद कुमार के नंबर पर कॉल कर उन्हें धमकी दी। उन्होंने कहा, “आप मेरे आदमी मिथिलेश चौधरी के खिलाफ सीसीए-तीन का प्रस्ताव भेजने की बात क्यों कर रहे हैं। इससे आपको कठिनाई होगी।” इस धमकी में यह भी कहा गया कि इस प्रस्ताव के कारण उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।