बिजनेस डेस्क: भारत में डिजिटल भुगतान और क्रेडिट कार्ड के उपयोग में तेज वृद्धि के साथ ही बैंकों द्वारा समय-समय पर अपने कार्ड नियमों में बदलाव किया जा रहा है। इसी संदर्भ में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने लोकप्रिय कैशबैक क्रेडिट कार्ड के नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे, जिसका सीधा प्रभाव कार्डधारकों को मिलने वाले कैशबैक और रिवॉर्ड्स पर पड़ेगा।
एसबीआई द्वारा किए गए बदलावों में सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तन कैशबैक की अधिकतम सीमा से संबंधित है। पहले कार्डधारक एक स्टेटमेंट साइकिल में अधिकतम 5,000 रुपये तक कैशबैक प्राप्त कर सकते थे, लेकिन नए नियमों के अनुसार यह सीमा घटाकर 4,000 रुपये कर दी गई है। इस संशोधन के परिणामस्वरूप ग्राहकों को पहले के मुकाबले कम लाभ मिलेगा, जिससे कुल कैशबैक में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन खर्च पर नया कैशबैक ढांचा
नए नियमों के अंतर्गत कैशबैक की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अधिकतम सीमा को तय कर दिया गया है। ऑनलाइन लेनदेन पर 5% कैशबैक दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 2,000 रुपये प्रति माह होगी। वहीं, ऑफलाइन लेनदेन (दुकानों पर कार्ड से भुगतान) पर 1% कैशबैक मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा भी 2,000 रुपये प्रति माह निर्धारित की गई है। इस प्रकार, अब कोई भी उपयोगकर्ता एक महीने में 4,000 रुपये से अधिक कैशबैक नहीं प्राप्त कर सकेगा।
रिवॉर्ड प्वाइंट्स रिडेम्प्शन नियमों में बदलाव
कैशबैक के अलावा, SBI ने रिवॉर्ड प्वाइंट्स के रिडेम्प्शन प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। 1 अप्रैल 2026 से कार्डधारक केवल 4,000 प्वाइंट्स के गुणांक में ही अपने प्वाइंट्स का उपयोग कर सकेंगे। इसके साथ ही, एक महीने में अधिकतम 60,000 रिवॉर्ड प्वाइंट्स ही रिडीम किए जा सकेंगे। यह बदलाव उन उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर सकता है, जो बड़े पैमाने पर प्वाइंट्स का उपयोग करते हैं।
किन उपयोगकर्ताओं पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
यह बदलाव विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो ऑनलाइन खरीदारी और बड़े खर्च के लिए इस कार्ड का उपयोग करते हैं। पहले जहां उच्च खर्च पर अधिक कैशबैक संभव था, अब सीमा तय होने से लाभ सीमित हो जाएगा। कार्ड का उपयोग करने वाले ग्राहकों को अब अपने खर्च की योजना नए नियमों के अनुसार बनानी होगी, ताकि अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके।
क्या करें कार्डधारक
नए नियम लागू होने से पहले कार्डधारकों को अपने खर्च और रिवॉर्ड रणनीति की समीक्षा करने की सलाह दी जा रही है। ऑनलाइन और ऑफलाइन खर्च के बीच संतुलन बनाकर अधिकतम कैशबैक प्राप्त किया जा सकता है।