श्रेणी: Jharkhand

  • रांची आरपीएफ समाचार: हटिया स्टेशन पर 16.9 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार, जानें कीमत।

    रांची आरपीएफ समाचार: हटिया स्टेशन पर 16.9 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार, जानें कीमत।

    रेलवे सुरक्षा बल की बड़ी कार्रवाई: हटिया स्टेशन पर 16.9 किलो गांजा बरामद

    रांची: रेलवे सुरक्षा बल ने ‘ऑपरेशन नार्कोस’ के अंतर्गत हटिया रेलवे स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 16.9 किलो गांजा बरामद किया गया है और एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। यह अभियान कमांडेट पवन कुमार के नेतृत्व में रांची रेल मंडल में चलाया जा रहा है।

    चेकिंग अभियान की जानकारी

    8 अप्रैल को, आरपीएफ पोस्ट हटिया और सीआईबी रांची की संयुक्त टीम ने स्टेशन पर चेकिंग अभियान का आयोजन किया। इस दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-2 के फुट ओवरब्रिज के नीचे एक युवक संदिग्ध स्थिति में ट्रॉली बैग के साथ बैठा मिला। उसकी पहचान विशाल पुरकायत के रूप में हुई, जिसका पता जगन्नाथपुर, रांची है।

    गांजे की बरामदगी

    तलाशी के दौरान विशाल के पास मौजूद दो ट्रॉली बैग से कुल तीन पैकेट गांजा बरामद हुए, जिनका कुल वजन 16.900 किलोग्राम था। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 8.45 लाख रुपये आंकी जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अंगुल से गांजा लेकर ट्रेन संख्या 18403 एक्सप्रेस से हटिया पहुंचा था।

    कानूनी कार्रवाई

    विशाल पुरकायत को कानूनी प्रक्रिया के पश्चात जीआरपीएस हटिया को सौंप दिया गया है। वहां एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई से रेलवे सुरक्षा बल की सक्रियता और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  • चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त यात्री फिसला, आरपीएफ ने बचाई जान… देखें वीडियो

    चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त यात्री फिसला, आरपीएफ ने बचाई जान… देखें वीडियो

    रांची रेलवे स्टेशन पर हुआ बड़ा हादसा टल

    रांची: रांची रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को एक गंभीर दुर्घटना होते-होते रह गई। थोड़ी सी लापरवाही एक यात्री के जीवन को संकट में डाल सकती थी, लेकिन आरपीएफ जवानों की तत्परता और साहस ने उस यात्री की जान बचा ली।

    घटना का विवरण

    जानकारी के अनुसार, ओम प्रकाश अग्रवाल, जो कि धनबाद के टुंडी के निवासी हैं, भुवनेश्वर से धनबाद जा रहे थे। जब उनकी ट्रेन रांची स्टेशन पर रुकी, तो वह पानी पीने के लिए बाहर निकल गए। इसी बीच, ट्रेन संख्या 18403 एक्सप्रेस चल पड़ी। उन्होंने जल्दबाजी में चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, लेकिन उनका संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच की जगह में गिर पड़े। देखते ही देखते, वह ट्रेन के साथ घसीटने लगे, जिससे प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

    आरपीएफ जवानों की तत्परता

    इस नाजुक स्थिति को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के एएसआई विजय कुमार भारती और हेड कांस्टेबल नितेश कुमार ने तुरंत कार्रवाई की। दोनों जवान बिना समय गंवाए दौड़े और पूरी ताकत से उस यात्री को प्लेटफॉर्म की गैप से बाहर खींच लिया। उनकी सूझबूझ की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया, और यदि थोड़ी भी देरी होती, तो स्थिति काफी गंभीर हो सकती थी।

    यात्री का अनुभव

    इस घटना के बाद, ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि वह केवल पानी पीने के लिए उतरे थे, लेकिन जब ट्रेन चलने लगी, तो घबराकर चढ़ने का प्रयास किया। इसी जल्दबाजी में उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह दुर्घटना हुई।

    ऑपरेशन जीवन रक्षा का प्रभाव

    ज्ञात हो कि रांची रेल मंडल में कमांडेंट पवन कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ द्वारा “ऑपरेशन जीवन रक्षा” योजना संचालित की जा रही है। इस अभियान के तहत जवान हमेशा सतर्क रहते हैं और यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हैं।

  • हजारीबाग में बहा बीयर का ‘समंदर’, 3600 पेटियां Bulldozer से की गईं नष्ट; जानें पूरा मामला »

    हजारीबाग में बहा बीयर का ‘समंदर’, 3600 पेटियां Bulldozer से की गईं नष्ट; जानें पूरा मामला »

    हजारीबाग में बीयर का ‘समंदर’, 3600 पेटियां नष्ट

    हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है, जहां सड़कों पर पानी के बजाय हजारों लीटर बीयर बह रही थी। उत्पाद विभाग ने चान्हो क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक्सपायरी बीयर के एक बड़े स्टॉक को नष्ट कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है।

    बोतलों को कुचलने की प्रक्रिया

    जानकारी के अनुसार, उत्पाद विभाग की टीम ने लगभग 3,600 पेटियों में रखी एक्सपायरी बीयर को नष्ट करने का निर्णय लिया। विभाग के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में इन पेटियों पर रोलर और बुलडोजर चलाए गए। जैसे ही कांच की बोतलें और कैन टूटे, उनमें भरी बीयर सड़कों पर फैल गई और धीरे-धीरे मिट्टी में समाहित हो गई।

    स्थिति का कारण

    कई बार कंपनियां बाजार में मांग का अनुमान लगाकर अधिक उत्पादन कर लेती हैं। हजारीबाग के मामले में भी ऐसा ही हुआ, जहां फैक्ट्री में तैयार की गई बीयर उतनी नहीं बिक सकी जितनी अपेक्षित थी।
    समय सीमा: बीयर का स्टॉक छह महीने से अधिक समय तक गोदाम में रखा गया था।
    नियम: शराब या बीयर की एक्सपायरी तिथि निकलने के बाद उसे बेचना अवैध और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, इसलिए इसे नष्ट करना अनिवार्य है।

    अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि कई बार कंपनियां अधिक उत्पादन कर लेती हैं, लेकिन बाजार में मांग कम होने के कारण स्टॉक एक्सपायर हो जाता है। नियमों के अनुसार, ऐसे स्टॉक को विभाग की निगरानी में नष्ट करना आवश्यक है ताकि इसका दुरुपयोग न हो सके।

    बाजार में असंतुलन की समस्या

    यह घटना न केवल संसाधनों की बर्बादी को दर्शाती है, बल्कि उत्पादन और बाजार की मांग के बीच बड़े असंतुलन को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में स्टॉक का खराब होना कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय नुकसान है।

  • महिला बोगी में चढ़ने पर धनबाद सांसद ढुलू महतो विवादों में, सोशल मीडिया पर हलचल

    महिला बोगी में चढ़ने पर धनबाद सांसद ढुलू महतो विवादों में, सोशल मीडिया पर हलचल

    धनबाद सांसद ढुलू महतो का नया विवाद

    धनबाद : धनबाद के भाजपा सांसद ढुलू महतो के साथ विवादों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर बार एक मामला खत्म होता है, तभी दूसरा विवाद उठ खड़ा होता है। हालिया विवाद धनबाद-मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस की महिला बोगी से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर सांसद की एक तस्वीर वायरल होने के बाद विपक्ष ने उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।

    धनबाद स्टेशन पर हरी झंडी दिखाने का मामला

    जानकारी के अनुसार, 6 अप्रैल की रात करीब 11 बजे, सांसद ढुलू महतो ने धनबाद से मुंबई के बीच चलने वाली धनबाद-एलटीटी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान के बाद, सांसद अपने समर्थकों और अंगरक्षकों के साथ उसी ट्रेन से कतरास स्टेशन तक गए। बताया जा रहा है कि ट्रेन के इंजन के पीछे स्थित पहला कोच महिला बोगी था, जिसमें सांसद चढ़ गए और मीडिया से बातचीत भी की।

    विपक्ष ने उठाए सवाल

    महिला बोगी में सांसद के चढ़ने की तस्वीर सामने आने के बाद विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा कर सांसद पर आलोचना की जा रही है। कांग्रेस नेता ओपी लाल के पुत्र अशोक प्रकाश लाल ने इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि सांसद ने फोटो खिंचवाने की होड़ में यह भूल गए कि वह महिलाओं के लिए आरक्षित डब्बे में हैं। उन्होंने रेल मंत्री से पूछा कि क्या सांसद पर भारतीय रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 162 के तहत कोई कानूनी कार्रवाई होगी?

    आरपीएफ की प्रतिक्रिया

    इस पोस्ट के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। आरपीएफ ने कहा कि यह जांच की जा रही है कि सांसद किस परिस्थिति में महिला कोच में चढ़े। आरपीएफ ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद धनबाद आरपीएफ पोस्ट द्वारा मामले की जांच की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि सांसद ढुलू महतो ने धनबाद स्टेशन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद कतरास स्टेशन पर भी यही किया। आरपीएफ के अनुसार, जिस कोच में सांसद चढ़े, वह इंजन के निकट था।

    महिला बोगी के नियमों पर चर्चा

    इस घटना के बाद रेलवे नियमों पर बहस भी तेज हो गई है। महिला बोगी सामान्यतः महिलाओं के लिए आरक्षित होती है और पुरुष यात्रियों को इसमें यात्रा करने की अनुमति नहीं होती है। इस प्रकार, सांसद का महिला बोगी में चढ़ना नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आरपीएफ ने कहा है कि मामले की जांच चल रही है और परिस्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    राजनीतिक बयानबाजी

    इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष इसे महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन मान रहा है, जबकि सांसद के समर्थक का कहना है कि सांसद केवल कतरास स्टेशन तक हरी झंडी दिखाने के लिए ट्रेन में चढ़े थे, इसलिए इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

    जांच रिपोर्ट पर नजरें

    वर्तमान में यह मामला सोशल मीडिया से बढ़कर प्रशासनिक जांच तक पहुँच गया है। अब सभी की नजर आरपीएफ की अंतिम रिपोर्ट और रेलवे प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • मैक्लुस्कीगंज में सुबह के समय अपराधियों ने घर पर की फायरिंग, धमकी देकर भागे।

    मैक्लुस्कीगंज में सुबह के समय अपराधियों ने घर पर की फायरिंग, धमकी देकर भागे।

    रांची: मुंडाधौड़ा गांव में फायरिंग से मचा हड़कंप

    रांची: झारखंड के मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के मुंडाधौड़ा गांव में गुरुवार की सुबह एक गंभीर घटना घटित हुई। अज्ञात अपराधियों ने एक ग्रामीण के घर के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह घटना सुबह लगभग 6:05 बजे के आसपास हुई। अचानक हुए इस हमले ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी, जिसके चलते लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए।

    फायरिंग के समय अपराधी दो बाइक पर थे

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए अपराधियों ने मुंडाधौड़ा गांव में नसीम खान के घर के बाहर रुककर अंधाधुंध फायरिंग की। उन्होंने बिना किसी चेतावनी के लगातार चार राउंड गोली चलाई और उसके बाद फरार हो गए। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घबरा गए, जिससे कुछ समय के लिए पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

    धमकी देने का आरोप

    प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के अनुसार, फायरिंग के दौरान अपराधियों ने धमकी दी कि “पैसा नहीं दोगे तो इसी तरह होता रहेगा।” इस बयान के बाद घटना को रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि इस प्रकार की धमकी का उद्देश्य डर पैदा करना और पैसे की मांग करना हो सकता है।

    पीड़ित का बयान

    घटना के बाद नसीम खान, जो कि पेशे से ड्राइवर हैं, ने बताया कि उन्हें किसी से किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि इस अचानक हुई घटना से पूरा परिवार डर गया है। उन्होंने पुलिस से अपराधियों की पहचान कर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।

    पुलिस की जांच कार्यवाही

    घटना की सूचना मिलते ही मैक्लुस्कीगंज थाना प्रभारी धनंजय बैठा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। पुलिस संभावित सीसीटीवी कैमरों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है। इसके साथ ही अपराधियों के भागने की दिशा और इस्तेमाल की गई बाइक के बारे में जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    गांव में भय का माहौल

    इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन फायरिंग के कारण पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। लोग अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

    पुलिस की गंभीरता से जांच

    पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रंगदारी और व्यक्तिगत दुश्मनी दोनों पहलुओं पर जांच शुरू की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।

  • झारखंड साइबर अपराध: विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को बंधक बनाने वाला सरगना गिरफ्तार

    झारखंड साइबर अपराध: विदेश में नौकरी का झांसा देकर युवाओं को बंधक बनाने वाला सरगना गिरफ्तार

    झारखंड में साइबर क्राइम का नया मामला

    झारखंड में एक नया साइबर क्राइम का मामला सामने आया है, जहां युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर ठगी की जा रही थी। इस मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसका नाम दाऊद अहमद बताया जा रहा है।

    युवाओं को ठगी का शिकार बनाया गया

    पुलिस के अनुसार, यह गिरोह युवाओं को आकर्षक नौकरी के प्रस्ताव देकर उन्हें विदेश भेजने का झांसा देता था। इसके बाद उन्हें बंधक बना लिया जाता था और उनसे पैसे की मांग की जाती थी। यह पूरी प्रक्रिया काफी संगठित तरीके से की जा रही थी, जिससे कई लोग ठगी का शिकार बने।

    गिरफ्तारी की जानकारी

    पुलिस ने सूचना मिलने के बाद दाऊद अहमद को गिरफ्तार किया। उसे मुंबई से पकड़ा गया, जहां वह अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उसके पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने इस मामले में जांच को आगे बढ़ाते हुए अन्य संभावित आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों से बचा जा सके।

    जागरूकता की आवश्यकता

    यह घटना इस बात का संकेत है कि युवाओं को नौकरी के झांसे में आने से पहले सतर्क रहना चाहिए। पुलिस ने सभी से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के संदेहास्पद प्रस्ताव को नजरअंदाज करें और किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

  • हजारीबाग में बीयर की 3600 पेटियां नष्ट, उत्पाद विभाग ने चलाया बुलडोजर

    हजारीबाग में बीयर की 3600 पेटियां नष्ट, उत्पाद विभाग ने चलाया बुलडोजर

    हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले में उत्पाद विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए हजारों लीटर बीयर को नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई चान्हो स्थित एक गोदाम में की गई, जहां काफी समय से रखी गई बीयर एक्सपायर हो चुकी थी। विभाग ने नियमों के अनुरूप करीब 3,600 पेटियों को बुलडोजर और रोलर का उपयोग करके समाप्त किया।

    इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी मात्रा में बीयर सड़क और जमीन पर बह गई, जिससे हजारों लीटर बीयर मिट्टी में मिल गई। मौके पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे और उनकी निगरानी में यह कार्य सम्पन्न हुआ।

    छह महीने से अधिक समय तक नहीं बिकी बीयर

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीयर फैक्ट्री ने मांग के अनुसार उत्पादन किया था, लेकिन कम खपत के कारण इसे गोदाम में रखा गया। यह स्टॉक छह महीने से अधिक समय तक नहीं बिक सका, जिसके कारण बीयर एक्सपायर हो गई। नियमों के अनुसार, एक्सपायर हो चुकी शराब का बाजार में बेचना अवैध है। इसी कारण विभाग ने इसे नष्ट करने का निर्णय लिया।

    लाखों रुपये की बीयर हुई बर्बाद

    इस कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये की बीयर नष्ट की गई। अधिकारियों के अनुसार, कई बार कंपनियां आवश्यकता से अधिक उत्पादन कर लेती हैं, जिसके परिणामस्वरूप बिक्री नहीं हो पाती और स्टॉक खराब हो जाता है। ऐसे मामलों में, एक्सपायर होने के बाद बीयर को समाप्त करना आवश्यक हो जाता है।

    नियमों के अनुसार की गई पूरी कार्रवाई

    हजारीबाग के सहायक उत्पाद आयुक्त सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने कहा कि चान्हो के गोदाम में रखी बीयर एक्सपायर हो चुकी थी, इसलिए विभाग के आदेश पर इसे नष्ट किया गया।

    इस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि उत्पाद विभाग एक्सपायर शराब के मामले में सख्त है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • मिहिजाम में युवक को अवैध पिस्तौल और 8 जिंदा गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया।

    मिहिजाम में युवक को अवैध पिस्तौल और 8 जिंदा गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया।

    जामताड़ा में अवैध हथियार के साथ युवक गिरफ्तार

    जामताड़ा: जामताड़ा के मिहिजाम थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को अवैध हथियार के साथ पकड़ा है। गिरफ्तार युवक की पहचान 19 वर्षीय राहुल राज के रूप में हुई है, जो मिहिजाम के कानगोई इलाके का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल, एक खाली मैगजीन, 8 जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।

    गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस को मिली गुप्त सूचना के अनुसार, हासीपहाड़ी स्थित पहाड़ी शिव मंदिर के पास एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त था। सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक छापामारी टीम का गठन किया गया और तत्काल कार्रवाई की गई।

    पुलिस को देखकर युवक ने भागने का प्रयास किया

    अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विकास आनंद लागोरी ने बताया कि पुलिस टीम ने पूरे पहाड़ी क्षेत्र को घेर लिया। जैसे ही युवक ने पुलिस को अपनी ओर आते देखा, वह भागने लगा। लेकिन पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे दौड़ाकर पकड़ लिया।

    तलाशी में बरामद हुए हथियार और कारतूस

    पकड़े गए युवक की तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध देसी पिस्तौल, एक खाली मैगजीन, 8 जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन प्राप्त हुआ। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

    आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मिहिजाम थाना में कांड संख्या 17/26 के तहत आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि राहुल राज का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हैं।

    छापामारी दल में शामिल अधिकारी

    इस कार्रवाई में मिहिजाम थाना प्रभारी बिवेकानंद दुबे, एसआई किशन कुमार, गुलशन कुमार सिंह, एएसआई सुबेदार प्रसाद, आरक्षी दीपक कुमार साह, निरोज मुर्मू, मनबोध कुमार सिंह, रजनीश कुमार और राजीव आनंद शामिल थे।

  • रांची में चोरी और चैन छिनतई का पर्दाफाश, दो आरोपी पकड़े गए, सामान बरामद

    रांची में चोरी और चैन छिनतई का पर्दाफाश, दो आरोपी पकड़े गए, सामान बरामद

    रांची में बाइक चोरी और चेन छिनतई की घटनाओं का खुलासा

    रांची: झारखंड की राजधानी रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग अपराधों का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस ने इस संदर्भ में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से चोरी की गई बाइक और छिनी गई चेन बरामद की है। इस मामले की जानकारी रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने दी।

    बाइक चोरी का मामला

    पहला मामला लोअर बाजार थाना कांड संख्या 58/2026 से संबंधित है, जिसमें वादी स्वेद अब्दुल साकिल ने अपनी बाइक (BR01BW-2855) चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आस-पास के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की और जिशान कुरैशी नामक संदिग्ध को पहचान लिया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने चोरी की घटना को स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी की गई बाइक को बरामद किया गया, इसके साथ ही बुढ़मु ओवरब्रिज के समीप एक अन्य चोरी की बाइक भी मिली।

    चेन छिनतई का मामला

    दूसरा मामला कांड संख्या 60/2026 का है, जिसमें 7 अप्रैल को कांटाटोली चौक से बहुबाजार जाने वाले रास्ते पर एक महिला से चेन छिनतई की गई थी। सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस सक्रिय हुई और स्थानीय लोगों तथा पीसीआर की सहायता से आरोपी जावेद अंसारी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से छिनी गई सोने की चेन, एक बाइक (JH01FL-2613) और मोबाइल फोन बरामद किया गया।

    आरोपियों की पहचान और आपराधिक इतिहास

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जिशान कुरैशी (25 वर्ष) कांटाटोली का निवासी है, जबकि जावेद अंसारी (24 वर्ष) ईटकी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। जावेद अंसारी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें पहले से रातु थाना और सुखदेव नगर थाना में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।

    पुलिस की कार्रवाई और जनता से अपील

    इन दोनों मामलों में पुलिस ने कुल दो बाइक, एक सोने की चेन और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी लव कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई, जिसमें अन्य पुलिस अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।

  • प्रीति ज्वेलर्स लूट का पर्दाफाश, डिलीवरी बॉय बने लुटेरे

    प्रीति ज्वेलर्स लूट का पर्दाफाश, डिलीवरी बॉय बने लुटेरे

    रांची: राजधानी रांची के बरियातू थाना क्षेत्र में हरिहर सिंह रोड पर स्थित प्रीति ज्वेलर्स में हाल ही में हुई लूट का पुलिस ने शीघ्र ही खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। उल्लेखनीय है कि ये आरोपी पूर्व में डिलीवरी बॉय के रूप में कार्यरत थे और इसी बहाने इलाके की निगरानी कर लूट की योजना बनाई थी। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में आशुतोष कुमार (गिरीडीह), महेश कुमार वर्मा (गिरीडीह) और मो. सिराज अंसारी उर्फ शेरू (जमुई, बिहार) शामिल हैं। यह घटना 7 अप्रैल 2026 की शाम लगभग 6:45 बजे हुई। लूट की जानकारी मिलने पर रांची के एसएसपी राकेश रंजन को सूचित किया गया, जिसके बाद सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया और त्वरित कार्रवाई शुरू की गई।

    त्वरित कार्रवाई, तीनों आरोपी गिरफ्तार

    सदर डीएसपी संजीव कुमार बेसरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता से लगातार छापेमारी की। इसी प्रक्रिया में तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस ने उनके पास से लूट का सारा सामान, घटना में प्रयुक्त दो बाइक और हथियार भी बरामद किए। आरोपियों से TVS राइडर और पल्सर बाइक, पांच मोबाइल फोन, ज्वेलरी की दुकान से लूटा गया सोना-चांदी, एक देशी पिस्टल, दो मैगजीन और चार जिंदा गोलियां जप्त की गई हैं।

    पूर्व में भी कर चुके हैं अपराध

    पुलिस की जांच में पता चला है कि तीनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रह चुके हैं। आशुतोष कुमार के खिलाफ गिरीडीह में कई मामले दर्ज हैं। सिराज अंसारी को 2023 में जेल भेजा गया था, जबकि महेश वर्मा 2021 में चोरी के मामले में छह महीने तक जेल में रहा था।

    बरियातू थाना में मामला दर्ज

    इस मामले में बरियातू थाना में कांड संख्या 66/26 दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश कर रही है। इस कार्रवाई में सदर डीएसपी संजीव बेसरा, बरियातू थानेदार मनोज कुमार, सदर थानेदार कुलदीप कुमार सहित कई पुलिस अधिकारियों और तकनीकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

  • सीएम हेमंत सोरेन ने दिवंगत जेएन सिंह के संस्कार भोज में लिया हिस्सा

    सीएम हेमंत सोरेन ने दिवंगत जेएन सिंह के संस्कार भोज में लिया हिस्सा

    सीएम हेमंत सोरेन ने स्वर्गीय जेएन सिंह को दी श्रद्धांजलि

    रांची: झारखंड राज्य सरकार के सेवानिवृत्त अधिकारी, स्वर्गीय जेएन सिंह के निधन पर आयोजित संस्कार भोज में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने आज रांची के पिस्का मोड़ स्थित स्वर्गीय जेएन सिंह के आवास पर पहुंचकर उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

    परिजनों से मुलाकात और संवेदना व्यक्त की

    इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय जेएन सिंह के पुत्र विनोद कुमार सिंह और अन्य शोकाकुल परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार उनके साथ है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और शोक संतप्त परिवार को इस दुखद घड़ी में सहन करने की शक्ति प्राप्त हो। संस्कार भोज में कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए और स्वर्गीय जेएन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • धनबाद रेल मंडल में सियासी टकराव: MP ढुल्लू महतो और मेयर संजीव सिंह की लड़ाई में अधिकारी फंसे

    धनबाद रेल मंडल में सियासी टकराव: MP ढुल्लू महतो और मेयर संजीव सिंह की लड़ाई में अधिकारी फंसे

    धनबाद रेल मंडल में सियासी घमासान: मेयर संजीव सिंह और विधायक ढुल्लू महतो के बीच टकराव

    धनबाद: कोयलांचल की राजनीति में मेयर संजीव सिंह और भाजपा विधायक ढुल्लू महतो के बीच चल रही अदावत अब रेलवे के दफ्तरों तक पहुँच गई है। इस समय धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों के लिए स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बन गई है। हाल ही में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह का कथित अपमान एक बड़े राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है, जिसकी गूंज केंद्रीय रेल मंत्री तक पहुँच चुकी है।

    विवाद का प्रारंभ

    यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक आधिकारिक कार्यक्रम में मेयर संजीव सिंह को आमंत्रित किया गया। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने के कुछ घंटे पहले उनके आमंत्रण को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर लगे बैनरों से भी उनके और विधायक रागिनी सिंह के नाम हटा दिए गए।

    ढुल्लू महतो का दबाव

    इस घटना के पीछे कहा जा रहा है कि यह सब ढुल्लू महतो के दबाव में किया गया, जो ‘चिल्लाने वाले नेता’ के रूप में जाने जाते हैं। इस मामले को लेकर रेल अधिकारियों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया और जनप्रतिनिधियों का अपमान किया।

    संजीव सिंह का कड़ा बयान

    इस विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार को रेल अधिकारियों की एक टीम ‘सिंह मेंशन’ पहुँची और मेयर तथा विधायक से माफी मांगी। लेकिन संजीव सिंह ने अधिकारियों से कहा, “शायद मेरे कार्यक्रम में आने से किसी का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, इसलिए मेरा नाम हटाया गया।”

    समर्थकों की नाराजगी

    इस घटना के बाद भाजपा समर्थकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। संजीव सिंह के समर्थकों ने रेल मंडल के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए DRM का पुतला दहन किया। उनका कहना है कि यदि आज एक मेयर और विधायक के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है, तो भविष्य में अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमा का क्या होगा?

    अधिकारियों पर गाज गिरने की संभावना

    सूत्रों के अनुसार, रेल मंत्रालय इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। चूंकि रेल मंत्री और विधायक दोनों एक ही राजनीतिक दल (भाजपा) से हैं, ऐसे में रेल अधिकारियों की स्थिति कठिन हो सकती है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि प्रोटोकॉल की इस बड़ी चूक के लिए कुछ छोटे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जबकि जांच की आंच उच्च अधिकारियों तक भी पहुँच सकती है।

    मुख्य बिंदु

    • प्रोटोकॉल का उल्लंघन: आमंत्रण देकर अंत में नाम हटाना।
    • सियासी दबाव: ढुल्लू महतो और संजीव सिंह की अदावत का सरकारी कार्यक्रमों पर असर।
    • माफी का प्रयास: रेलवे अधिकारियों ने लिखित या मौखिक माफी मांगी।
    • मंत्री का हस्तक्षेप: विधायक रागिनी सिंह ने मामले को दिल्ली तक पहुँचाया।
  • जमशेदपुर में बड़ी घटना टली, डकैती और हत्या की योजना बनाते तीन अपराधी पकड़े गए।

    जमशेदपुर में बड़ी घटना टली, डकैती और हत्या की योजना बनाते तीन अपराधी पकड़े गए।

    जमशेदपुर: जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक घटना को टालने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास हथियार और जिंदा गोलियां थीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये अपराधी एक व्यापारी के घर में डकैती डालने और हत्या करने की योजना बना रहे थे। यह कार्रवाई बुधवार, 8 अप्रैल की सुबह लगभग 6 बजे की गई, जब पुलिस को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और तीन अपराधियों को पकड़ लिया।

    तीन अपराधियों की गिरफ्तारी, हथियार बरामद

    गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान रोशन सिंह उर्फ पाका, रोशन कुमार उर्फ गोलू बंगाली और आजाद पाल उर्फ बॉबी के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से एक पिस्टल और तीन जिंदा गोलियां मिलीं। पुलिस के अनुसार, इन तीनों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे कई मामलों में शामिल रहे हैं।

    छह आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश

    छापेमारी के दौरान गिरोह के छह अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए। फरार आरोपियों में शिवनारायण रजक, कौशल श्रीवास्तव, सौरभ सिंह, करण सिंह, अनूप बंगाली और राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा शामिल हैं। पुलिस इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

    व्यापारी की हत्या और डकैती की योजना

    पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी गोविंदपुर क्षेत्र के एक व्यापारी को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। योजना के अनुसार, पहले व्यापारी की हत्या करनी थी और फिर उसके घर में डकैती डालनी थी। सभी अपराधी एकत्र होकर इस साजिश को अंतिम रूप देने में लगे थे।

    पूछताछ से खुल सकते हैं अन्य तथ्य

    गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ के दौरान गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक योजनाओं का भी खुलासा होगा। साथ ही, इससे फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में भी सहायता मिल सकती है।

  • असम चुनाव से पहले सीएम हिमंता देवघर पहुंचे, बाबा बैद्यनाथ धाम में किए पूजा-अर्चना।

    असम चुनाव से पहले सीएम हिमंता देवघर पहुंचे, बाबा बैद्यनाथ धाम में किए पूजा-अर्चना।

    देवघर : असम विधानसभा चुनाव से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को झारखंड के देवघर का दौरा किया। उनके आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं भी तेज हो गईं।

    सत्संग आश्रम और बैद्यनाथ धाम में पूजा

    देवघर पहुंचने के बाद, मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सत्संग आश्रम का दौरा किया, जहां उन्होंने शांति के माहौल में पूजा-अर्चना की। इसके बाद, वह बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे और विधिपूर्वक पूजा की। पूजा के दौरान मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी और कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया था, लेकिन पूजा समाप्त होते ही मंदिर को फिर से खोल दिया गया।

    निशिकांत दुबे दंपती की उपस्थिति

    पूजा के समय भाजपा के वरिष्ठ सांसद निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी भी मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे। पूजा के बाद, मुख्यमंत्री कुछ समय के लिए उनके निवास पर रुके, जहां उन्होंने विश्राम और भोजन किया।

    मीडिया से दूरी और आचार संहिता का पालन

    देवघर के दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत नहीं की। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण वह कोई बयान नहीं देंगे और चुनाव परिणाम आने के बाद ही वह खुलकर बात करेंगे।

    राजनीतिक चर्चाओं का बढ़ना

    असम चुनाव से पूर्व देवघर में पूजा को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह माना जा रहा है कि नेताओं के बीच भगवान का आशीर्वाद लेने की यह परंपरा चुनावी माहौल में सामान्य हो चुकी है। इसके अलावा, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का हालिया कामाख्या मंदिर दौरा भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे दोनों राज्यों के नेताओं के मंदिर दर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी में वृद्धि हो सकती है।

    नतीजों पर नजरें

    पूजा के बाद, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सांसद निशिकांत दुबे के साथ देवघर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जहां से वह असम लौट गए। अब सभी की नजरें असम विधानसभा चुनाव के परिणामों पर हैं कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।

  • धनबाद: झरिया में भू-धंसान से एक घर ढहा, कई मकानों में दरारें, लोग भयभीत।

    धनबाद: झरिया में भू-धंसान से एक घर ढहा, कई मकानों में दरारें, लोग भयभीत।

    झरिया में भू-धंसान से हड़कंप

    धनबाद: झारखंड के झरिया थाना क्षेत्र स्थित चौथाई कुल्ली इलाके में अचानक भू-धंसान की घटना ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी है। इस घटना के चलते एक घर पूरी तरह से जमीन में समा गया, जबकि आस-पास के कई मकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। भू-धंसान के कारण दर्जनों घरों की दीवारों और जमीन पर बड़े-बड़े दरारें पड़ गई हैं। कुछ मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे वहां के निवासियों में भय का माहौल है।

    स्थानीय निवासियों की चिंता

    घटना के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं। खतरे को देखते हुए कई परिवारों ने तुरंत अपने घरों से आवश्यक सामान बाहर निकाल लिया और सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। कई लोग खुले में रहने को मजबूर हैं और हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका से डरे हुए हैं।

    पूर्व में हुए भू-धंसान की घटनाएं

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार का नुकसान कहीं अधिक गंभीर है। लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत, सुरक्षा और पुनर्वास की मांग की है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

  • ईस्ट सिंहभूम समाचार: जादूगोड़ा के कांस्टेबल प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु जवान की मृत्यु, जानें हंगामे का कारण।

    ईस्ट सिंहभूम समाचार: जादूगोड़ा के कांस्टेबल प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षु जवान की मृत्यु, जानें हंगामे का कारण।

    पूर्वी सिंहभूम: कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में जवान की मौत से मचा हंगामा

    झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा स्थित कांस्टेबल ट्रेनिंग सेंटर में एक प्रशिक्षु जवान की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। यह घटना प्रशिक्षण के दौरान हुई, जिससे अन्य प्रशिक्षुओं में आक्रोश फैल गया। मृतक जवान की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन घटना के बाद परिवार और अन्य जवानों ने न्याय की मांग की है।

    मृतक जवान के परिजनों का विरोध

    मृतक जवान के परिजनों ने आरोप लगाया कि उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण जवान की जान चली गई। उनकी मांग है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

    प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारियों की प्रतिक्रिया

    इस घटना के बाद, प्रशिक्षण केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। अधिकारियों का कहना है कि वे मृतक जवान के परिजनों के साथ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए तत्पर हैं।

    स्थानीय लोगों की चिंता

    स्थानीय समुदाय में भी इस घटना को लेकर निराशा है। लोगों का कहना है कि सरकारी संस्थानों में सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। वे यह मांग कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं से सबक लिया जाए और सुधारात्मक उपाय किए जाएं।

    कानूनी कार्रवाई की संभावना

    इस मामले में कानूनी कार्रवाई की संभावना को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यदि जांच में लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को किस दिशा में ले जाता है।

  • झारखंड: गिरिडीह में ‘सफेद सोना (लिथियम)’ का पता, GSI ने असुरहड्डी जंगलों में सर्वे पूरा किया

    झारखंड: गिरिडीह में ‘सफेद सोना (लिथियम)’ का पता, GSI ने असुरहड्डी जंगलों में सर्वे पूरा किया

    झारखंड: गिरिडीह में लिथियम के भंडार की संभावना

    गिरिडीह (तिसरी): झारखंड की खनिज संपदा में एक और महत्वपूर्ण तत्व जुड़ने की संभावना सामने आई है। तिसरी प्रखंड के असुरहड्डी और डूबा जंगलों में ‘सफेद सोना’ यानी लिथियम के बड़े भंडार के संकेत मिले हैं। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने इस क्षेत्र में अपने सर्वेक्षण और ड्रिलिंग कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

    सघन सर्वेक्षण का कार्य

    जानकारी के अनुसार, GSI की टीम पिछले लगभग एक वर्ष से इस क्षेत्र में लिथियम की खोज में लगी हुई थी। टीम ने विभिन्न जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में आधुनिक मशीनों के माध्यम से ड्रिलिंग कर मिट्टी और पत्थरों के नमूने एकत्रित किए। सर्वेक्षण पूर्ण होने के बाद, GSI ने उन सभी स्थलों को चिन्हित करके सील कर दिया है जहां ड्रिलिंग की गई थी।

    लिथियम भंडार की संभावनाएँ

    ड्रिलिंग पॉइंट्स की मार्किंग और सीलिंग के बाद अब स्थानीय विशेषज्ञों और समुदाय के बीच लिथियम भंडार मिलने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इसकी मात्रा और गुणवत्ता के संबंध में GSI द्वारा कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। विभाग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस क्षेत्र में व्यावसायिक स्तर पर खनन कार्य कब शुरू होगा।

    खनिज माफियाओं की गतिविधियाँ

    असुरहड्डी की पहाड़ियों में पहले भी अवैध खनन की गतिविधियाँ सामने आई हैं। लगभग एक वर्ष पूर्व, यहाँ पत्थर माफियाओं द्वारा अवैध उत्खनन की खबरें आई थीं। कहा जाता है कि इस क्षेत्र से पुखराज, गोमेद और त्रिमुल्ली जैसे कीमती पत्थरों की तस्करी की जा रही थी। अब लिथियम की संभावनाओं ने इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी की आवश्यकता को और बढ़ा दिया है।

    भारत के लिए लिथियम का महत्व

    लिथियम को भविष्य का ईंधन माना जाता है। इसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी, स्मार्टफोन और सौर ऊर्जा संग्रहण बैटरियों में अनिवार्य है। यदि गिरिडीह में लिथियम के भंडार की पुष्टि होती है, तो यह झारखंड और भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

    मुख्य बिंदु

    • क्षेत्र: तिसरी प्रखंड, गिरिडीह (असुरहड्डी और डूबा जंगल)
    • एजेंसी: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा ड्रिलिंग कार्य संपन्न
    • वर्तमान स्थिति: ड्रिलिंग पॉइंट्स सील किए गए, रिपोर्ट का इंतज़ार
    • महत्व: EV उद्योग और बैटरी निर्माण के लिए लिथियम की आवश्यकता
  • यात्रियों को गर्मी में राहत, पटना-चर्लपल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन रांची से होकर चलेगी।

    यात्रियों को गर्मी में राहत, पटना-चर्लपल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन रांची से होकर चलेगी।

    रांची : गर्मी के मौसम में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए, रेलवे मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा के लिए पटना–चर्लपल्ली–पटना स्पेशल ट्रेन (रांची के रास्ते) चलाने का निर्णय लिया है। इस विशेष ट्रेन के संचालन से बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन रांची और हटिया सहित झारखंड के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे यात्रियों को सीधी यात्रा का लाभ मिलेगा और भीड़ को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

    8 अप्रैल से शुरू होगी पटना–चर्लपल्ली स्पेशल ट्रेन

    रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 03253 पटना–चर्लपल्ली स्पेशल का संचालन 8 अप्रैल से 27 मई तक किया जाएगा। यह ट्रेन इस अवधि में हर सोमवार और बुधवार को पटना से प्रस्थान करेगी। कुल 15 ट्रिप संचालित किए जाएंगे।

    पटना से चलने वाली ट्रेन का मार्ग

    यह ट्रेन पटना से दोपहर 3:00 बजे रवाना होगी और गया, कोडरमा, गोमो, बोकारो स्टील सिटी, रांची तथा हटिया होते हुए आगे राउरकेला, दुर्ग, नागपुर, बेल्लमपल्ली के रास्ते चर्लपल्ली तक पहुंचेगी। वापसी के लिए रेलवे ने दो ट्रेनों का प्रबंध किया है।

    ट्रेन संख्या 03254 चर्लपल्ली–पटना स्पेशल

    यह ट्रेन 15 अप्रैल से 27 मई तक चलेगी और हर बुधवार को संचालित होगी। इस ट्रेन में कुल 7 ट्रिप निर्धारित किए गए हैं।

    ट्रेन संख्या 03255 चर्लपल्ली–पटना स्पेशल

    यह ट्रेन 10 अप्रैल से 29 मई तक चलेगी और हर शुक्रवार को संचालित होगी। इसमें कुल 8 ट्रिप निर्धारित हैं।

    वापसी के दौरान मार्ग

    दोनों वापसी ट्रेनें चर्लपल्ली से निकलकर नागपुर, दुर्ग, राउरकेला, हटिया, रांची, बोकारो, गोमो, कोडरमा और गया होते हुए पटना पहुंचेंगी।

    रांची और हटिया स्टेशन पर ठहराव

    रेलवे ने जानकारी दी है कि इस स्पेशल ट्रेन का रांची और हटिया स्टेशन पर ठहराव रहेगा। पटना से चलने वाली ट्रेन रात 11:25 बजे रांची पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन देर रात और तड़के रांची से गुजरेगी।

    22 कोच की होगी ट्रेन

    रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—

    • जनरेटर यान का 01 कोच
    • एसएलआरडी का 01 कोच
    • सामान्य श्रेणी के 02 कोच
    • द्वितीय श्रेणी स्लीपर के 04 कोच
    • वातानुकूलित 3-टियर के 07 कोच
    • वातानुकूलित 3-टियर (इकोनॉमी) के 07 कोच

    यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

    रेल मंत्रालय के इस निर्णय से गर्मी के मौसम में यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से बिहार, झारखंड और दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेन उपलब्ध होने से टिकट की उपलब्धता में वृद्धि होगी और ट्रेनों में भीड़ कम होने की संभावना है।

  • झारखंड समाचार: गर्मी की छुट्टियों में राजस्थान की यात्रा का आनंद; रांची से अजमेर के लिए विशेष ट्रेनें शुरू।

    झारखंड समाचार: गर्मी की छुट्टियों में राजस्थान की यात्रा का आनंद; रांची से अजमेर के लिए विशेष ट्रेनें शुरू।

    गर्मी की छुट्टियों में यात्रा का सुनहरा मौका

    रांची: गर्मी की छुट्टियों में लंबी दूरी की यात्रा करने के इच्छुक यात्रियों के लिए एक सुखद खबर है। भारतीय रेलवे ने रांची से अजमेर के बीच एक साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह ट्रेन यात्रियों को राजस्थान की अद्भुत सुंदरता का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगी।

    रांची से अजमेर तक की विशेष ट्रेन का विवरण

    यह विशेष ट्रेन रांची से प्रत्येक शनिवार को प्रस्थान करेगी और अजमेर पहुंचने में मदद करेगी। इसके अलावा, भारतीय रेलवे ने अन्य मार्गों पर भी कुछ नई ट्रेनों की शुरुआत की है, जिससे यात्रियों की यात्रा को और भी सुगम बनाया जा सके।

    यात्रियों के लिए सुविधाएं

    इस विशेष ट्रेन में यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यात्रियों को आरामदायक सीटें, साफ-सुथरे शौचालय और खानपान की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

    अन्य नई ट्रेनों की घोषणा

    भारतीय रेलवे ने केवल रांची से अजमेर तक ही नहीं, बल्कि अन्य कई मार्गों पर भी विशेष ट्रेनों की घोषणा की है। यह निर्णय यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

    यात्रा की योजना बनाना

    जो लोग गर्मियों की छुट्टियों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपनी टिकट जल्दी बुक करवा लें, क्योंकि ये विशेष ट्रेनें जल्दी ही भर सकती हैं। यात्रा की योजना बनाते समय यात्रियों को अपने समय और सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए।

  • झारखंड समाचार: रेल नेटवर्क वाले क्षेत्रों में बस यात्रियों की संख्या में कमी

    झारखंड समाचार: रेल नेटवर्क वाले क्षेत्रों में बस यात्रियों की संख्या में कमी

    रांची : झारखंड में उन ग्रामीण मार्गों पर, जहाँ अब रेल सेवा शुरू हो चुकी है, मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत चलने वाली बसों में यात्रियों की संख्या में कमी देखी जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए, परिवहन विभाग ने ऐसे मार्गों का नया आकलन आरंभ किया है, ताकि आवश्यकतानुसार बसों के संचालन का निर्धारण किया जा सके। विभाग को विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिली है कि कई ऐसे रूट हैं, जहाँ पहले ग्राम गाड़ी योजना की बसें नियमित रूप से संचालित होती थीं, लेकिन रेल संपर्क आरंभ होने के बाद यात्रियों की संख्या में कमी आई है। यात्रियों की कमी के कारण बसों की सीटें अक्सर खाली रहती हैं।

    बस संचालकों को लगातार आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में, अब इन मार्गों पर वर्तमान बस संचालन की उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों और जिला परिवहन अधिकारियों से ऐसे रूटों पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी जाएगी, जहाँ वाहनों का संचालन तो हो रहा है, लेकिन यात्रियों की संख्या बहुत कम है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में संसाधनों का पुनः उपयोग करना है, जहाँ मांग में कमी आई है, और उन ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा को मजबूती प्रदान करना है, जहाँ सार्वजनिक परिवहन की अधिक आवश्यकता है।

    601 मार्गों पर 172 बसों का परिचालन

    राज्य में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत 601 से अधिक मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन पर वर्तमान में 172 बसों का संचालन हो रहा है। यह संख्या निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम है। इस योजना के अंतर्गत छात्र-छात्राओं, झारखंड आंदोलनकारियों, दिव्यांगजनों और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का प्रावधान है। लाभार्थियों की पहचान कर स्मार्ट कार्ड का वितरण किया जाना है। वहीं, सामान्य यात्रियों से निर्धारित टिकट शुल्क लिया जाता है।

    परिवहन सचिव ने 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट

    परिवहन सचिव राजीव रंजन ने सभी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों को निर्देशित किया है कि वे अपने क्षेत्रों में नए ग्रामीण मार्गों की पहचान कर सेवा का विस्तार सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने रेल संपर्क वाले क्षेत्रों के रूट का आकलन करने का भी निर्देश दिया है। सभी जानकारी 15 दिनों के भीतर विभाग को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

  • रांची समाचार: बीजेपी ने झारखंड के वित्तीय कुप्रबंधन पर उठाए सवाल, 15% बजट खर्च न होने पर किया हमला।

    रांची समाचार: बीजेपी ने झारखंड के वित्तीय कुप्रबंधन पर उठाए सवाल, 15% बजट खर्च न होने पर किया हमला।

    झारखंड में वित्तीय कुप्रबंधन पर बीजेपी ने उठाए सवाल

    झारखंड में बजट के केवल 85% खर्च होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी के नेता प्रतुल शाह देव ने इस मुद्दे को लेकर सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शेष 15% बजट का खर्च न होना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

    प्रतुल शाह देव का बयान

    प्रतुल शाह देव ने कहा कि राज्य के विकास के लिए आवंटित धन का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च नहीं होता है, तो यह दर्शाता है कि सरकार अपने दायित्वों को निभाने में असमर्थ है। उन्होंने इस स्थिति को चिंताजनक बताया और सरकार से इस विषय पर स्पष्टता की मांग की।

    राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

    हालांकि, राज्य सरकार ने इस आरोप का खंडन किया है। सरकार का कहना है कि बजट का खर्च समय-समय पर किया जाता है और कुछ योजनाओं के लिए धन की आवश्यकता के अनुसार खर्च किया जाना आवश्यक होता है। सरकार ने दावे किए हैं कि कई योजनाओं के लिए धन आवंटित किया गया है, जो भविष्य में खर्च किया जाएगा।

    भविष्य की योजनाएँ

    राज्य सरकार ने यह भी बताया कि वे विभिन्न विकास योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया में हैं, जिसमें आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाएँ और शिक्षा शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार का लक्ष्य राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।