श्रेणी: Jharkhand

  • बोकारो ट्रेजरी स्कैम: लेखापाल ने पत्नी के खाते में चुराए 4.29 करोड़, जांच में खुलासा

    बोकारो ट्रेजरी स्कैम: लेखापाल ने पत्नी के खाते में चुराए 4.29 करोड़, जांच में खुलासा

    बोकारो में ट्रेजरी घोटाले का बड़ा खुलासा

    बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसने सरकारी सिस्टम और ट्रेजरी की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। एक रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के नाम पर पिछले 25 महीनों में फर्जी तरीके से वेतन निकासी की जा रही थी। इस घोटाले के पीछे ट्रेजरी का लेखापाल निकला, जिसने सरकारी खजाने से 4 करोड़ 29 लाख 71 हजार 7 रुपये की अवैध निकासी की और यह राशि अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर की।

    रिटायरमेंट के बाद भी वेतन का जारी रहना

    जांच में यह बात सामने आई है कि उपेंद्र सिंह, जो कि एक हवलदार थे, वर्ष 2016 में ही पुलिस सेवा से रिटायर हो गए थे। हालांकि, आरोपी लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय ने डिजिटल पोर्टल में गड़बड़ी करते हुए रिटायर्ड कर्मी की जन्मतिथि और बैंक खाता संख्या को संशोधित कर अपनी पत्नी अनु पाण्डेय का बैंक खाता जोड़ दिया।

    25 महीनों में 63 बार निकासी

    बोकारो पुलिस के अनुसार, यह अवैध गतिविधि नवंबर 2023 से मार्च 2026 तक लगातार चलती रही। कुल 63 बार बिल पास किए गए, जिससे ₹4,29,71,007 की राशि की निकासी हुई।

    घोटाले की प्रक्रिया

    आरोपी लेखापाल खुद ही फाइल तैयार करता था और डी.डी.ओ. के फर्जी हस्ताक्षर करके या उन्हें अंधेरे में रखकर बिल पास करवा लेता था। यह प्रक्रिया इतनी सूक्ष्म थी कि किसी को भी इसकी भनक नहीं लगी।

    ऑडिट पर उठे सवाल

    चिंताजनक बात यह है कि एक महीने पहले ही ट्रेजरी का सरकारी ऑडिट हुआ था, लेकिन करोड़ों की इस अवैध निकासी का पता ऑडिट टीम को नहीं चला। जब मामला संदिग्ध बना, तब ‘ई-कुबेर’ पोर्टल के रिकॉर्ड की जांच से इस महाघोटाले का खुलासा हुआ। प्रारंभ में कौशल पाण्डेय ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन जब सबूत सामने आए, तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

    पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

    जिला कोषागार पदाधिकारी गुलाबचंद उरांव की शिकायत पर बी.एस. सिटी थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 316(2), 316(5), 318(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 7 अप्रैल 2026 को आरोपी कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

    जांच का दायरा बढ़ाने की योजना

    बोकारो एसपी ने स्पष्ट किया है कि आरोपी 2018 से जिले में तैनात है, इसलिए जांच केवल पिछले 25 महीनों तक सीमित नहीं रहेगी। यह संभावना जताई जा रही है कि घोटाला और पुराना हो सकता है। शासन ने अब एक विशेष समिति का गठन किया है, जो ट्रेजरी की कमियों की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि इस घोटाले में और कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे।

  • झारखंड समाचार: सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति शीघ्र, इस तारीख को होगी घोषणा

    झारखंड समाचार: सूचना आयुक्त और लोकायुक्त की नियुक्ति शीघ्र, इस तारीख को होगी घोषणा

    झारखंड में आयोगों और निगमों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज

    रांची: झारखंड राज्य में लंबे समय से रिक्त पड़े बोर्ड, निगम और आयोगों के पदों को भरने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम दौरे के बाद सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के नामों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक बैठक में इन पदों के लिए नामों पर सहमति बनी है, और प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जा चुका है। अब उनकी मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।

    राज्य सूचना आयोग में लंबित अपीलें

    राज्य सूचना आयोग में सुनवाई का कार्य 8 मई 2020 से ठप पड़ा हुआ है, जब तत्कालीन प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इस कारण आयोग में 5000 से अधिक अपीलें लंबित हैं, जो जल्द निपटने की आवश्यकता है।

    लोकायुक्त का पद रिक्त

    इसी तरह, लोकायुक्त का पद भी जून 2021 से खाली है, जब तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय का निधन हुआ। इन पदों की नियुक्ति के बाद इन संस्थानों में कार्य फिर से शुरू होने की उम्मीद है। राज्य में महिला आयोग, बाल संरक्षण आयोग सहित 40 से अधिक अन्य पद भी रिक्त पड़े हैं।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस विषय पर भाजपा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार बिना हाईकोर्ट के निर्देश के कोई कदम नहीं उठाती। वहीं, कांग्रेस ने जवाब देते हुए आश्वासन दिया है कि सभी आयोगों का गठन जल्द ही किया जाएगा।

  • झारखंड इस्पात प्लांट दुर्घटना पर कार्रवाई, श्रम मंत्री ने जांच के आदेश दिए

    झारखंड इस्पात प्लांट दुर्घटना पर कार्रवाई, श्रम मंत्री ने जांच के आदेश दिए

    रामगढ़ इस्पात प्लांट में हादसा: श्रम मंत्री का प्रबंधन पर आरोप

    रांची: झारखंड के रामगढ़ थाना क्षेत्र में स्थित इस्पात प्लांट में हाल ही में हुए हादसे को लेकर श्रम मंत्री संजय यादव ने प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मंत्री मंगलवार को रामगढ़ के हेसला बस्ती पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक मजदूरों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि प्लांट में मजदूरों का शोषण किया जा रहा है और फर्नेस में विस्फोट की घटना को बेहद गंभीर माना। इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संज्ञान लेते हुए जांच समिति का गठन किया है। श्रम विभाग इस मामले की गहन जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घायलों से मुलाकात और प्रबंधन की लापरवाही

    रांची के देव कमल अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से मिलने के दौरान, मजदूरों ने बताया कि प्रबंधन के दबाव में भट्टी को जरूरत से अधिक गर्म किया गया, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि भट्टी के पास बनी सीढ़ी अत्यधिक संकरी थी, जिससे आपात स्थिति में बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मजदूरों के अनुसार, उन्होंने पहले से ही भट्टी के अत्यधिक गर्म होने की सूचना दी थी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।

    मुआवजा और मंत्री की सहायता का आश्वासन

    मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, सभी स्तरों पर जांच जारी है। इस बीच, प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत, तीन मृतक मजदूरों के परिजनों को 21-21 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। मंत्री संजय यादव ने मृतक मजदूरों की पत्नियों, सावित्री देवी, सुषमा देवी, और सीमा देवी को चेक सौंपा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवारों के बच्चों की शिक्षा और भरण-पोषण में हर संभव मदद की जाएगी। इसके बाद, उन्होंने रांची रोड स्थित होप हॉस्पिटल जाकर इलाजरत मजदूरों का हालचाल लिया और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया।

  • झारखंड में वित्तीय अनियमितताओं पर बीजेपी की आलोचना, प्रतुल ने कहा- बजट का 15% खर्च नहीं हुआ

    झारखंड में वित्तीय अनियमितताओं पर बीजेपी की आलोचना, प्रतुल ने कहा- बजट का 15% खर्च नहीं हुआ

    झारखंड की वित्तीय स्थिति पर सियासी बहस तेज

    रांची : झारखंड की वित्तीय स्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ गर्म हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार एक ओर संसाधनों की कमी का हवाला देती है, जबकि दूसरी ओर उपलब्ध धन का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पा रही है।

    बजट का आकार बड़ा, लेकिन खर्च कम

    प्रतुल शाहदेव ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 का बजट लगभग 1.45 लाख करोड़ रुपये था, लेकिन सरकार ने केवल 1.23 लाख करोड़ रुपये ही खर्च किए हैं। उनका कहना है कि यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि योजना बनाने और उसे लागू करने में सरकार असफल रही है।

    15 प्रतिशत बजट का न खर्च होना चिंता का विषय

    उन्होंने बताया कि लगभग 15 प्रतिशत बजट खर्च नहीं हो पाया, जिसे उन्होंने सबसे चिंताजनक बताया। उनका मानना है कि यह मात्र एक संख्या नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव आम जनमानस पर पड़ता है। उन्होंने इसे जनता के साथ अन्याय करार दिया।

    कई विभागों में अधूरा खर्च

    शाहदेव ने कहा कि शिक्षा, पंचायती राज, नगर विकास, कृषि, और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में खर्च 50 से 70 प्रतिशत तक सीमित रहा। उनका कहना है कि यदि इन क्षेत्रों में पूरा बजट खर्च नहीं किया जाएगा, तो विकास की गति कैसे बढ़ेगी।

    जनता, कर्मचारी और पेंशनभोगी परेशान

    बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही का असर सीधा लोगों पर दिख रहा है। पेंशन समय पर नहीं मिल रही है और कई स्थानों पर कर्मचारियों के वेतन में भी देरी हो रही है। उन्होंने इसे सरकार की गलत प्राथमिकताओं का परिणाम बताया।

    केंद्र के धन का सही उपयोग नहीं

    शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाले संसाधनों का भी सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है। वे यह भी आरोप लगाते हैं कि राज्य सरकार वित्तीय संकट का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रही है।

    सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप

    उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया दोहरापन दर्शाता है। एक ओर कमी का रोना, दूसरी ओर उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग नहीं करना। अगर योजनाएं समय पर लागू होतीं और बजट का पूरा उपयोग होता, तो झारखंड की स्थिति बेहतर होती। अंततः, प्रतुल शाहदेव ने कहा कि सरकार के पास न तो स्पष्ट सोच है और न ही काम करने की ठोस इच्छाशक्ति, जिसका प्रभाव झारखंड के विकास पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।

  • असम से लौटे सीएम हेमंत सोरेन, चुनावी दौरे के बाद रांची पहुंचे

    असम से लौटे सीएम हेमंत सोरेन, चुनावी दौरे के बाद रांची पहुंचे

    सीएम हेमंत सोरेन का रांची लौटना: चुनावी गतिविधियों में तेजी

    रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को रांची लौट आए। वे असम में कुछ दिनों तक रहे, जहाँ उन्होंने विधानसभा चुनाव के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के पक्ष में सक्रिय रूप से प्रचार किया। राजधानी पहुंचते ही उनके कार्यक्रमों में हलचल बढ़ गई है। असम दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने कई चुनावी सभाओं और कार्यक्रमों में भाग लिया और पार्टी के प्रत्याशियों के लिए वोट मांगने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का प्रयास किया। उनके भाषणों में आदिवासी, गरीब और वंचित समुदाय के अधिकारों पर विशेष जोर दिया गया।

    नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश का संचार

    चुनावी प्रचार के दौरान, सीएम ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों का आयोजन किया। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और जमीनी स्तर पर कार्य करने की सलाह दी। कार्यकर्ताओं को उन्होंने निर्देशित किया कि जनता से सीधे संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान के लिए कार्य करें।

  • असम विधानसभा चुनाव-2026: चुनावी हलचल के बाद सीएम हेमन्त सोरेन पहुंचे माँ कामाख्या के दरबार

    असम विधानसभा चुनाव-2026: चुनावी हलचल के बाद सीएम हेमन्त सोरेन पहुंचे माँ कामाख्या के दरबार

    असम विधानसभा चुनाव-2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का माँ कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना

    गुवाहाटी / रांची: 7 अप्रैल – असम विधानसभा चुनाव 2026 के भव्य चुनावी प्रचार के समापन पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी आस्था का प्रदर्शन करते हुए गुवाहाटी स्थित प्रसिद्ध माँ कामाख्या मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिपूर्वक पूजा करते हुए माता रानी का आशीर्वाद लिया।

    प्रचार के बाद आध्यात्मिक शांति

    असम के विभिन्न जिलों में आदिवासी समुदायों, चाय बागान श्रमिकों और आम जनता के बीच रैलियों का आयोजन करने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने दौरे का समापन माँ कामाख्या के दरबार में जाकर किया। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजा सम्पन्न कराई, जिसमें मुख्यमंत्री ने दीप जलाकर साष्टांग दंडवत प्रणाम किया।

    सुख-समृद्धि और सामाजिक न्याय की प्रार्थना

    पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने झारखंड और असम दोनों राज्यों की जनता के लिए मंगल कामनाएँ कीं। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित प्रार्थनाएँ कीं:

    • सर्वांगीण विकास: दोनों राज्यों में प्रगति और खुशहाली बनी रहे।
    • आदिवासी हित: जनजातीय समुदायों और पिछड़ों को उनके हक और अधिकार मिलें।
    • शांति और सौहार्द: पूर्वोत्तर सहित पूरे देश में सामाजिक समरसता और भाईचारा मजबूत हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “असम चुनाव के इस महत्वपूर्ण अभियान के अंत में मुझे माँ कामाख्या के चरणों में आने का सौभाग्य मिला। यहाँ की जनता ने जो अपार स्नेह दिया है, वह अभिभूत करने वाला है। माँ की कृपा से झारखंड प्रगति की राह पर है, और मेरी प्रार्थना है कि असम की जनता का भविष्य भी उज्ज्वल और न्यायपूर्ण हो।”

    राजनीतिक हलचलों में चर्चा का विषय

    मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का यह दौरा राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। असम में आदिवासियों और चाय बागान श्रमिकों के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की बढ़ती सक्रियता के बीच सीएम का यह मंदिर दर्शन उनके ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ और ‘सांस्कृतिक जुड़ाव’ का संकेत माना जा रहा है।

    अब प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद सभी की नज़रें मतदान और चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं।

    असम में हेमन्त सोरेन के हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं मिली, जिसके कारण उन्होंने फोन के माध्यम से जनसभा को संबोधित किया।

  • जमशेदपुर अपराध: कदमा में वाहन चोर गिरफ्तार, तीन बाइक बरामद; मानगो में शराब और बारीडीह में गांजा तस्कर पकड़ाया

    जमशेदपुर अपराध: कदमा में वाहन चोर गिरफ्तार, तीन बाइक बरामद; मानगो में शराब और बारीडीह में गांजा तस्कर पकड़ाया

    जमशेदपुर में वाहन चोरी का मामला: कदमा पुलिस ने चोर को पकड़ा, तीन बाइकें बरामद

    जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वाहन चेकिंग के दौरान की गई, जिसमें पुलिस ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर एक व्यक्ति को रोका। जांच के दौरान, उसके पास से तीन चोरी की बाइकें बरामद की गईं।

    पुलिस की तत्परता पर सवाल

    कदमा थाना के अधिकारियों ने बताया कि उनकी टीम लगातार इलाके में वाहन चेकिंग अभियान चला रही है। इस दौरान उन्हें एक व्यक्ति पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसकी तलाशी ली गई। यह गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता और नगर में बढ़ती चोरी की घटनाओं के प्रति सजगता का एक उदाहरण है।

    अन्य आपराधिक गतिविधियों पर कार्रवाई

    इसके अलावा, मानगो क्षेत्र में भी पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की। वहीं, बारीडीह में एक गांजा तस्कर को भी पकड़ा गया। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि पुलिस विभाग न केवल वाहन चोरी, बल्कि अन्य अपराधों पर भी नज़र रखे हुए है।

    समुदाय की भागीदारी

    स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उन्होंने सुझाव दिया है कि पुलिस को ऐसे अभियानों को और बढ़ाना चाहिए ताकि अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके। समुदाय के सहयोग से पुलिस प्रशासन बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।

  • झारखंड इस्पात प्लांट हादसे में एक और मजदूर की मौत, मृतकों की संख्या तीन हुई

    झारखंड इस्पात प्लांट हादसे में एक और मजदूर की मौत, मृतकों की संख्या तीन हुई

    रामगढ़ में इस्पात प्लांट में हादसा, तीन मजदूरों की मौत

    रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित एक इस्पात प्लांट में हुए एक दुर्घटना में एक और मजदूर की मौत हो गई है, जिसके बाद मरने वालों की कुल संख्या तीन हो गई है। हाल ही में बृजलाल बेदिया का निधन रांची के देवकमल अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ।

    इससे पहले, इस हादसे में घायल हुए दो अन्य मजदूर, अशोक बेदिया और अखिल राय, भी अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं। अभी भी चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है।

    फर्नेस फटने से हुआ था हादसा

    जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना प्लांट में स्थित फर्नेस (भट्ठी) के फटने से हुई थी, जिसके परिणामस्वरूप कई मजदूर झुलस गए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।

    मुआवजे पर बनी सहमति, खत्म हुआ विरोध

    सोमवार रात को जिला प्रशासन, ग्रामीणों और प्लांट प्रबंधन के बीच हुई बैठक के बाद स्थिति सामान्य हुई। इस बैठक में सभी पक्षों के बीच छह बिंदुओं पर सहमति बनी है।

    इस सहमति के अनुसार, प्रत्येक मृतक मजदूर के परिवार को 21 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, सभी घायलों का इलाज पूरी तरह मुफ्त किया जाएगा।

    घायलों को मिलेगा वेतन और सुविधाएं

    प्लांट प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया है कि घायल मजदूरों को तब तक नियमित वेतन दिया जाएगा जब तक वे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते। इसके अलावा, मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी का लाभ मिलेगा और ईएसआईसी (ESIC) की सुविधाएं भी लागू की जाएंगी।

    अधिकारियों ने यह भी कहा है कि प्लांट में सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

  • रिम्स मामले में एसीबी ने तेज की कार्रवाई, ब्रोकर सहित चार आरोपियों को पकड़ा

    रिम्स मामले में एसीबी ने तेज की कार्रवाई, ब्रोकर सहित चार आरोपियों को पकड़ा

    झारखंड में रिम्स जमीन अतिक्रमण मामले में एसीबी की कार्रवाई

    रांची: झारखंड राज्य में रिम्स जमीन अतिक्रमण से संबंधित मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) ने तेजी से कार्रवाई की है। एसीबी की टीम ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें राजकिशोर बड़ाईक, चेतन कुमार, राजेश कुमार झा और कार्तिक बड़ाईक शामिल हैं। ये चारों आरोपी ब्रोकर हैं और जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े हुए हैं।

    गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी

    एसीबी को आरोपियों की संलिप्तता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपियों ने एसीबी को कई जानकारियाँ दी हैं, जिनकी जांच में एसीबी की टीम जुटी हुई है। यह जानकारी मामले की गहराई को समझने में मदद करेगी।

    आगे की प्रक्रिया

    गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां से उन्हें जेल भेजा जाएगा। एसीबी की यह कार्रवाई जमीन अतिक्रमण के मामलों में कड़ी कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • बोकारो ट्रेजरी से 3.15 करोड़ की संदिग्ध निकासी, अकाउंटेंट गिरफ्तार, FIR दर्ज

    बोकारो ट्रेजरी से 3.15 करोड़ की संदिग्ध निकासी, अकाउंटेंट गिरफ्तार, FIR दर्ज

    बोकारो : बोकारो ट्रेजरी से वेतन मद में लगभग 3 करोड़ 15 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर ट्रेजरी ऑफिसर गुलाब चंद उरांव ने इस संबंध में बीएससिटी थाना में देर रात प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

    जांच में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा

    ट्रेजरी ऑफिसर द्वारा प्रस्तुत आवेदन के अनुसार, जांच की शुरुआत की गई थी। इस दौरान कोषागार के अभिलेखों और बैंक खातों की विवरणियों का गहन परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि पुलिस उप निरीक्षक उपेन्द्र सिंह के नाम से वित्तीय वर्ष 2024-25 में मई 2024 से मार्च 2026 तक वेतन मद से निकाली गई राशि को अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। यह भी स्पष्ट हुआ कि निकासी और ट्रांसफर की प्रक्रिया सामान्य सरकारी नियमों के अनुरूप नहीं थी।

    पत्नी के खाते में की गई राशि का ट्रांसफर

    जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। ट्रेजरी ऑफिसर के अनुसार, वेतन मद से निकाली गई राशि का ट्रांसफर पुलिस विभाग के अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय द्वारा किया गया, और यह राशि उनकी पत्नी के बैंक खाते में डाली गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अकाउंटेंट कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया है।

    उपायुक्त के निर्देश पर जांच की शुरुआत

    मामले का खुलासा होते ही उपायुक्त अजय नाथ झा ने इसे गंभीर मानते हुए अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी को विस्तृत जांच का आदेश दिया। उन्हें निर्देश दिया गया कि सभी पहलुओं की गहराई से जांच करें और 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को प्रस्तुत करें।

    खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू

    अपर समाहर्ता की प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के खुलासे के बाद उपायुक्त ने तुरंत कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए। जांच में पाया गया कि उपेन्द्र सिंह के नाम पर वेतन मद से की गई निकासी सामान्य प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है, और इसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है। इसके बाद उपायुक्त ने संबंधित व्यक्ति और उससे जुड़े बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया आरंभ करने का निर्देश दिया। साथ ही, विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी करने का आदेश दिया गया है।

    एसपी को कार्रवाई के निर्देश

    प्रशासन ने यह भी बताया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने पुलिस अधीक्षक बोकारो को आवश्यक कानूनी कदम उठाने का निर्देश दिया है।

    अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जांच के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। जिला प्रशासन ने कहा कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ जांच की जा रही है, और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उपायुक्त स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।

  • रामगढ़: इस्पात फैक्ट्री विस्फोट के 16 घंटे बाद मुआवजे की घोषणा, मृतकों के परिवारों को 21 लाख मिलेगा

    रामगढ़: इस्पात फैक्ट्री विस्फोट के 16 घंटे बाद मुआवजे की घोषणा, मृतकों के परिवारों को 21 लाख मिलेगा

    रामगढ़: झारखंड इस्पात फैक्ट्री विस्फोट में मुआवजे पर बनी सहमति

    रामगढ़ जिले के हेसला स्थित झारखंड इस्पात फैक्ट्री में सोमवार की सुबह हुए भीषण विस्फोट के बाद पैदा हुए तनाव का समाधान सोमवार रात 10 बजे हो गया। लगभग 16 घंटे तक चले ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन के बाद, जिला प्रशासन, फैक्ट्री प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच सफल त्रिपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता के अंतर्गत प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने फैक्ट्री के मुख्य द्वार से जाम हटा लिया।

    मुआवजा और रोजगार पर समझौता

    इस वार्ता के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर विचार करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। आर्थिक मुआवजा: फैक्ट्री प्रबंधन ने दो मृतक मजदूरों के परिवारों को 21-21 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय लिया है।
    इलाज की जिम्मेदारी: हादसे में झुलसे सात मजदूरों के इलाज का पूरा खर्च भी फैक्ट्री प्रबंधन उठाएगा।
    रोजगार का प्रावधान: यदि इस दुर्घटना में कोई मजदूर स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके एक आश्रित को फैक्ट्री में नियमित नौकरी दी जाएगी।

    इलाके में विस्फोट के बाद का माहौल

    सोमवार की सुबह झारखंड इस्पात फैक्ट्री में अचानक हुए इस विस्फोट में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य सात मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में से दो की स्थिति अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। वर्तमान में उनका इलाज रामगढ़ के रांची रोड स्थित होप अस्पताल और रांची के देवकमल अस्पताल में चल रहा है।

    प्रदर्शन का विवरण

    हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर सुबह 6 बजे से फैक्ट्री के गेट को जाम कर दिया था। आंदोलनकारी प्रबंधन से ठोस कार्रवाई और लिखित समझौते की मांग कर रहे थे। दिनभर चली खींचतान के बाद, रात 10 बजे जब प्रबंधन ने मांगों को स्वीकार किया, तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और आंदोलन समाप्त हुआ।

    मुख्य जानकारी

    स्थान: हेसला, रामगढ़ (झारखंड)
    फैक्ट्री: झारखंड इस्पात फैक्ट्री
    मुख्य घटना: विस्फोट में 2 की मौत, 7 घायल
    समझौता: 21 लाख मुआवजा और दिव्यांगता की स्थिति में नौकरी।

  • आंधी-बारिश ने जनजीवन को बाधित किया, वज्रपात से महिला हुई झुलसी

    आंधी-बारिश ने जनजीवन को बाधित किया, वज्रपात से महिला हुई झुलसी

    खूंटी जिले में तेज आंधी और बारिश से हुआ नुकसान

    खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड में हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कई गांवों में घरों की छतों पर लगे एस्बेस्टस उड़ गए, जिससे गरीब किसानों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस खराब मौसम का प्रभाव फसलों पर भी पड़ा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

    वज्रपात की घटना में महिला गंभीर रूप से झुलसी

    ईचा बड़काटोली गांव में वज्रपात की एक घटना में 49 वर्षीय संतोषी आईंद गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    प्राकृतिक आपदा से प्रभावित ग्रामीणों की सहायता की मांग

    दुबांगदिरी गांव में आंधी के कारण तीन लोगों के मकान पूरी तरह उजड़ गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित ग्रामीण अब प्रशासन से सहायता की गुहार लगा रहे हैं। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही जा रही है।

  • झारखंड मौसम रिपोर्ट: रांची समेत कई जिलों में आज आंधी और बारिश का चेतावनी

    झारखंड मौसम रिपोर्ट: रांची समेत कई जिलों में आज आंधी और बारिश का चेतावनी

    रांची : झारखंड के मौसम में हाल के दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के बाद, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले तीन दिनों के लिए खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। 9 अप्रैल 2026 तक गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है, जो आम जनजीवन और कृषि कार्यों को प्रभावित कर सकती हैं।

    आज से परसों तक मौसम रहेगा अस्थिर

    ताजा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य और दक्षिणी झारखंड में मौसम के अस्थिर रहने की संभावना है। इस दौरान बादलों की गतिविधि बढ़ेगी और कई क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है, जिससे नुकसान हो सकता है।

    इन जिलों में अधिक असर की संभावना

    बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, खूंटी, गुमला, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में मौसम का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    तापमान में गिरावट के संकेत

    बारिश और बादलों के चलते तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है। रांची में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से घटकर 31 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 17 डिग्री के बीच रह सकता है। अन्य प्रभावित जिलों में भी तापमान में कमी आने की उम्मीद है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।

    उत्तर और उत्तर-पश्चिमी जिलों में कम प्रभाव

    राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में बारिश का असर अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। हालांकि, यहां आंशिक बादल छाए रहने की उम्मीद बनी रहेगी। कोडरमा, चतरा और पलामू में गर्मी का प्रभाव जारी रह सकता है, लेकिन हल्की बारिश या हवा से राहत मिल सकती है।

    IMD द्वारा जारी येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम में अचानक बदलाव आ सकता है और संभावित खतरे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विशेष रूप से वज्रपात और तेज हवाओं के कारण जान-माल का नुकसान हो सकता है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों से बचने, पेड़ों के नीचे न खड़े होने और मौसम अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

  • धनबाद समाचार: नई ट्रेन उद्घाटन पर सियासी विवाद, विधायक और मेयर का आमंत्रण रद्द।

    धनबाद समाचार: नई ट्रेन उद्घाटन पर सियासी विवाद, विधायक और मेयर का आमंत्रण रद्द।

    धनबाद में नई ट्रेन उद्घाटन पर सियासी बवाल

    धनबाद में हाल ही में एक नई ट्रेन के उद्घाटन के अवसर पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इस कार्यक्रम में विधायक और मेयर को आमंत्रित नहीं किया गया, जिसके चलते कई सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नेताओं ने इस घटना को अपमानजनक करार दिया है और आरोप लगाया है कि यह राजनीतिक हस्तक्षेप का परिणाम है।

    विधायक और मेयर का आमंत्रण रद्द

    उद्घाटन कार्यक्रम में विधायक और मेयर के आमंत्रण को अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई। घटना के बाद, विधायक ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय नेताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह न केवल उनके लिए बल्कि जनता के लिए भी अपमानजनक है।

    स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया

    स्थानीय नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका मानना है कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इसके अलावा, उन्होंने रेलवे विभाग से भी स्पष्टीकरण मांगा है कि ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई।

    जनता की राय

    इस घटना पर जनता की राय भी विभाजित है। कुछ लोग विधायक और मेयर के रद्द किए गए आमंत्रण को उचित मानते हैं, जबकि अन्य इसे गलत ठहराते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सभी जनप्रतिनिधियों को समान सम्मान मिलना चाहिए, चाहे उनकी राजनीतिक स्थिति जो भी हो।

    आगे की स्थिति

    अब देखना यह होगा कि इस विवाद का समाधान कैसे निकाला जाएगा। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है और संभावित रूप से आने वाले दिनों में इस पर और भी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

  • रांची SSP ने 5 साल पुराने मामलों को तेजी से निपटाने के लिए थाना प्रभारियों को दिए निर्देश।

    रांची SSP ने 5 साल पुराने मामलों को तेजी से निपटाने के लिए थाना प्रभारियों को दिए निर्देश।

    रांची: लंबित आपराधिक मामलों की समीक्षा बैठक

    रांची: रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में रांची जिले के उन सभी आपराधिक मामलों की समीक्षा की गई, जो पिछले पांच वर्षों या उससे अधिक समय से लंबित हैं और जिनके अभियुक्तों का न्यायालय में विचार चल रहा है। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ये लंबित मामले जल्द से जल्द न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएं और उनका निष्पादन समय पर हो।

    अभियुक्तों की समय पर कोर्ट में पेशी

    एसएसपी ने बैठक के दौरान निर्देश दिए कि जिन मामलों में आरोपी जेल में हैं या जमानत पर बाहर हैं, उन्हें तय तारीख पर न्यायालय में उपस्थित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस प्रक्रिया से कोर्ट की कार्यवाही में कोई देरी न हो और मामलों की सुनवाई सुचारू रूप से हो सके।

    गवाहों की गवाही पर ध्यान केंद्रित

    बैठक में उन गवाहों की भी समीक्षा की गई, जिनकी गवाही अभी तक न्यायालय में नहीं हो पाई है। कई मामलों में गवाहों के लिए कोर्ट द्वारा सम्मन जारी किए गए हैं, लेकिन समन तामिला न होने के कारण गवाही में देरी हो रही है। इस पर एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे सम्मन का शीघ्र तामिला कराएं और गवाहों की कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित करें।

    समन्वय पोर्टल का प्रभावी कार्यान्वयन

    बैठक में पुलिस विभाग के समन्वय पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई। एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोर्टल के माध्यम से केस की स्थिति, वारंट निष्पादन और कोर्ट से जुड़े कार्यों का रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किया जाए।

    I4C पोर्टल के दिशा-निर्देशों का अनुपालन

    एसएसपी ने थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) पोर्टल पर जारी दिशा-निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करने का भी निर्देश दिया। साइबर अपराध से जुड़े मामलों में समय पर रिपोर्टिंग और कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

    लंबित वारंट और कुर्की पर तेजी से कार्रवाई

    बैठक में जिले में लंबित पड़े वारंट, कुर्की और इश्तेहार की समीक्षा की गई। एसएसपी ने निर्देश दिया कि इन मामलों में तेजी लाई जाए और लंबित आदेशों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। इसके अलावा डिस्ट्रेस वारंट के त्वरित और प्रभावी निष्पादन के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए।

    नियमित समीक्षा और प्राथमिकता देते हुए कार्य

    एसएसपी राकेश रंजन ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें और इसकी नियमित समीक्षा भी करें, ताकि पुराने मामलों में अनावश्यक देरी को रोका जा सके।

    बैठक में उपस्थित अधिकारी

    इस समीक्षा बैठक में रूरल एसपी प्रवीण पुष्कर, सिटी एसपी पारस राणा, रांची जिले के सभी डीएसपी और सभी थाना प्रभारी शामिल थे।

  • गढ़वा में देह व्यापार के सिंडिकेट पर प्रशासन की कार्रवाई; 3 होटल सील, 14 नाबालिग जोड़े हिरासत में

    गढ़वा में देह व्यापार के सिंडिकेट पर प्रशासन की कार्रवाई; 3 होटल सील, 14 नाबालिग जोड़े हिरासत में

    गढ़वा में अनैतिक देह व्यापार पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

    गढ़वा: झारखंड के गढ़वा शहर में अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम उठाया है। सोमवार को एसडीएम और एसडीपीओ के नेतृत्व में एक छापेमारी में शहर के तीन प्रमुख होटलों में चल रहे जिस्मफरोशी के धंधे का पर्दाफाश किया गया। इस कार्रवाई के तहत प्रशासन ने ठोस सबूतों के आधार पर तीनों होटलों को तुरंत सील कर दिया है।

    गुप्त सूचना पर छापेमारी

    प्रशासन को लंबे समय से इन होटलों में अवैध गतिविधियों के संचालन की गुप्त सूचना मिल रही थी। सूचना की पुष्टि होते ही एसडीएम और एसडीपीओ ने एक विशेष टीम का गठन किया और सोमवार को अचानक शहर के तीन प्रमुख होटलों में दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल के कमरों से लगभग 14 नाबालिग जोड़ों को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा।

    मैनेजरों की गिरफ्तारी और मालिकों पर कार्रवाई

    इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों होटलों के मैनेजरों को गिरफ्तार कर लिया। प्रशासन अब इन होटलों के मालिकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अनैतिक गतिविधियों को संरक्षण देने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा।

    पिछले वर्ष की कार्रवाई का संदर्भ

    गढ़वा में देह व्यापार के खिलाफ यह दूसरी बार बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। एक वर्ष पूर्व भी जयश्री होटल में इसी तरह की छापेमारी की गई थी, जिसमें होटल मालिक जय सोनी को जेल भेजा गया था। हालिया कार्रवाई के बाद शहर के अन्य होटल और लॉज संचालकों में हड़कंप मच गया है।

    परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया

    पकड़े गए युवक-युवतियों में अधिकांश नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस अब उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत सुपुर्द करने तथा उनकी काउंसलिंग कराने की तैयारी कर रही है।

    प्रशासन का कड़ा संदेश

    प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि शहर में किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी संस्थान नियमों का उल्लंघन कर सामाजिक मर्यादाओं को नजरअंदाज करेंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • पश्चिम सिंहभूम: ई-श्रम कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई, डीसी से की गई शिकायत

    पश्चिम सिंहभूम: ई-श्रम कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई, डीसी से की गई शिकायत

    पश्चिमी सिंहभूम में लेबर कार्ड के नाम पर अवैध वसूली का मामला

    चाइबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में लेबर कार्ड (ई-श्रम कार्ड) के माध्यम से लाभ दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत सामने आई है। एक पीड़िता, सुप्रिया निषाद, जो बड़ा नीमडीह की निवासी हैं, ने उपायुक्त चंदन कुमार को इस संबंध में शिकायत दी है।

    पीड़िता ने बताया कि 30 मार्च को उन्हें लेबर कार्ड के तहत सिलाई मशीन खरीदने के लिए 7000 रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद, शोभा देवी नामक एक बिचौलिए ने उन्हें फोन करके परेशान करना शुरू कर दिया और 1500 रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो उन्हें धमकी दी गई कि वह अधिकारियों से कहकर उनका लेबर कार्ड बंद करवा देगी। साथ ही, पीड़िता पर सरकारी पैसे के गबन का आरोप लगाकर जेल भेजने की भी धमकी दी गई। बिचौलिए ने कहा कि इस पैसे का कुछ हिस्सा अधिकारियों को भी देना होगा। इस प्रकार, कार्ड बनाते समय भी अवैध वसूली की गई थी।

    उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा है कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली है और इसकी जांच की जा रही है। यदि जांच में इस तरह की वसूली की पुष्टि होती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

    डालसा की सहायता से 40 साल बाद मिला बिछड़ा परिवार

    चाइबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला के सदर अस्पताल में सोमवार को एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जब 40 वर्षों के बाद एक पिता को उनका बेटा मिला। यह सफलता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में अधिकार मित्रों द्वारा संभव हुई।

    2 अप्रैल को मदन साहू नामक एक वृद्ध को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) से जुड़े पीएलवी प्रमिला पात्रो, रेणु देवी और सूरज कुमार ठाकुर ने न केवल उनका इलाज करवाया, बल्कि उनके परिवार को खोजने का भी प्रयास किया। वृद्ध की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वे स्वयं की देखभाल भी नहीं कर पा रहे थे, लेकिन डालसा की टीम ने हर संभव प्रयास किया।

    जांच के दौरान यह पता चला कि मदन साहू का मूल निवास ओडिशा है। 40 वर्ष पहले, उन्होंने अपनी पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी शादी कर ली थी। जब उनकी पहली पत्नी का बेटा, कुनू साहू, चाइबासा पहुंचा, तो उसने अपने पिता को देखकर भावुक होकर लिपट गया। अपने पिता को देखकर उसने उन्हें भगवान मानते हुए अपने साथ घर ले जाने का निर्णय लिया।

    इस प्रयास में विनीता सांडिल, उमर सिद्दीकी, रविकांत ठाकुर और संजय निषाद का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

  • रांची मेयर की नई पहल: फूलों की जगह झाड़ू लाने की की अपील

    रांची मेयर की नई पहल: फूलों की जगह झाड़ू लाने की की अपील

    रांची की मेयर की अनोखी पहल: उपहार में दें सफाई का सामान

    रANCHI: रांची की मेयर रोशनी खलखो ने एक नई और अनोखी पहल की शुरूआत की है। उन्होंने आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वे उनके पास फूल और उपहार लेकर न आएं। इसके बजाय, उन्होंने लोगों से सफाई से जुड़ी चीजें जैसे झाड़ू, डस्टबिन और बेलचा लाने की अपील की है। यह पहल थोड़ी असामान्य लग सकती है, लेकिन उनका मानना है कि यह शहर के लिए फायदेमंद साबित होगा।

    उपहारों की जगह जरूरत का सामान

    मेयर का कहना है कि यदि लोग उनसे मिलना चाहते हैं, तो उपहार लाना आवश्यक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई निगम को कुछ देना चाहता है, तो वह अपनी क्षमता के अनुसार सफाई के सामान जैसे झाड़ू या डस्टबिन दे सकता है। इस तरह के उपहार शहर की साफ-सफाई में सहायक होंगे।

    फूलों की बर्बादी से बचने की कोशिश

    रोशनी खलखो ने यह भी बताया कि पदभार संभालने के बाद से हर दिन बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने आ रहे हैं। इस दौरान, फूलों और बुके की अधिकता के कारण काफी फूल जमा हो रहे हैं, जो एक दिन के भीतर सूख जाते हैं। इसके बाद उन्हें कहीं और डंप करना पड़ता है। इसलिए, उन्होंने सुझाव दिया कि लोग फूलों की बजाय उपयोगी सामान लाएं।

    सफाई अभियान का हिस्सा बनें

    इस पहल के माध्यम से, लाए गए सामान को शहर के विक्रेताओं और जरूरतमंदों के बीच बांटा जाएगा, जिससे शहर को साफ और स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी। इस अभियान की शुरुआत वार्ड 38 के पार्षद अवधेष ठाकुर और पूर्व पार्षद दीपक लोहरा ने मेयर को झाड़ू देकर की।

  • तिलैया में हड़कंप: सनकी पति ने पत्नी की बेरहमी से हत्या, शव प्लास्टिक में मिला

    तिलैया में हड़कंप: सनकी पति ने पत्नी की बेरहमी से हत्या, शव प्लास्टिक में मिला

    कोडरमा में पत्नी की निर्मम हत्या, पति फरार

    कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र की तिलैया बस्ती वार्ड नंबर 2 से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। मृतका की पहचान प्रीति कुमारी के रूप में हुई है, जो 25 वर्ष की थीं और गिरिडीह जिले के राजधनवार की निवासी थीं।

    शादी के तीन साल बाद हुआ खौफनाक अंत

    प्रीति के मामा अनिल स्वर्णकार के अनुसार, प्रीति की शादी लगभग तीन वर्ष पूर्व पवन स्वर्णकार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। पवन एक टोटो चालक है और झुमरी तिलैया में अपनी पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ किराए के मकान में रह रहा था।

    फोन पर कबूला हत्या का जुर्म

    घटना के एक दिन पहले, पवन ने फोन पर जानकारी दी कि वह नया किराए का मकान ले रहा है। फिर शनिवार की सुबह उसने बताया कि दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें प्रीति ने बेलन से उस पर हमला किया। गुस्से में आकर पवन ने प्रीति को सिलवट पर पटक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

    घर बंद, पति फरार

    प्रीति के परिजनों को सूचना मिलने पर वे तिलैया पहुंचे और थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो मकान बंद मिला। ताला तोड़कर अंदर जाने पर सामान बिखरा हुआ पाया गया, जबकि आरोपी पति फरार था। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ था।

    प्लास्टिक में मिला शव, इलाके में सनसनी

    सोमवार सुबह डॉग स्क्वायड की मदद से जांच के दौरान, गुमो सतपुलिया के पास एक मकान मालिक ने प्लास्टिक में बंधे शव की सूचना दी। पुलिस ने जांच की तो शव प्रीति का निकला। मृतका के शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे और गला भी कटा हुआ था, जिससे हत्या की जघन्यता स्पष्ट हो रही थी।

    प्रेम प्रसंग का एंगल भी सामने आया

    स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रीति का झुमरी तिलैया के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग था। जब पति को इस बारे में पता चला, तो शक के आधार पर उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। एक और गंभीर तथ्य यह है कि प्रीति करीब चार महीने की गर्भवती थीं।

    विशेष टीम गठित, आरोपी की तलाश जारी

    कोडरमा के एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत होता है। आरोपी पति की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ अनिल सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। इसके साथ ही एफएसएल टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।

  • सोनुवा जन चौपाल: विधायक जगत माझी ने गांवों में आयोजित की जन चौपाल, जानें क्या हुआ।

    सोनुवा जन चौपाल: विधायक जगत माझी ने गांवों में आयोजित की जन चौपाल, जानें क्या हुआ।

    चाईबासा: मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जगत माझी ने सोमवार को सोनुवा प्रखंड के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने लोंजो पंचायत के गांव कुदाबुरू, निलाइगोट और पोड़ाहाट पंचायत के झींगामारचा में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। विधायक के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक स्वागत किया और अपनी बुनियादी सुविधाओं की कमी की समस्याओं को सामने रखा। इन दूरदराज के गांवों में विकास की गति धीमी रही है।

    गर्मी के मौसम के आगमन के साथ ही ग्रामीणों ने चापाकलों की मरम्मत और नए जल स्रोतों की आवश्यकता की मांग की। इसके अलावा, मुख्य सड़क से गांवों को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों की जर्जर स्थिति पर भी चर्चा की गई।

    ग्रामीणों ने विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भवन की कमी और बिजली की अनियमित आपूर्ति जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।

    विधायक जगत माझी ने समस्याओं को सुनने के साथ-साथ मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कागजों में नहीं, बल्कि वास्तविकता में होना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे इन गांवों का सर्वेक्षण करें और त्वरित कार्रवाई करें। उन्होंने चापाकलों की मरम्मत और सड़क निर्माण के प्रस्ताव को प्राथमिकता पर तैयार करने के लिए कहा।

    अंतिम गांव तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे

    बैठक के दौरान विधायक ने कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य उन अंतिम गांवों तक पहुंचना है, जहां सरकारी योजनाएं समय पर नहीं पहुंचती। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य केवल दौरा करना नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान के लिए एक पारदर्शी और जवाबदेह तंत्र विकसित करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे विकास कार्यों की निगरानी स्वयं करेंगे और समय-समय पर फीडबैक लेने के लिए गांवों का दौरा करते रहेंगे। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे जागरूक रहें और सरकारी जन-कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं।

    जनता में जगी आस

    विधायक के दौरे से स्थानीय ग्रामीणों में आशा की किरण जगी है। कुदाबुरू और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने विधायक की इस कार्यशैली की सराहना की, जहां जनसेवक खुद दुर्गम क्षेत्रों में पहुँचकर समस्याओं के समाधान के लिए कदम उठा रहे हैं। बैठक में झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सागर महतो, पोड़ाहाट के मुखिया जोसेफ मुर्मू, तथा कई अन्य स्थानीय कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे।

  • रांची समाचार: डीसी ने सख्ती के संकेत दिए, स्कूल प्रबंधन से बैठक अगले हफ्ते होगी।

    रांची समाचार: डीसी ने सख्ती के संकेत दिए, स्कूल प्रबंधन से बैठक अगले हफ्ते होगी।

    रांची: डीसी ने निजी स्कूलों के खिलाफ सख्ती के संकेत दिए

    रांची में निजी स्कूलों द्वारा वसूली जा रही मनमानी फीस को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है। जिलाधिकारी ने अगले सप्ताह स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में री-एडमिशन शुल्क वसूली और अन्य फीस संबंधी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    अभिभावकों के लिए राहत की उम्मीद

    इस कार्रवाई के पीछे का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को राहत प्रदान करना है, जो पिछले कुछ समय से स्कूलों की उच्च फीस से परेशान हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन को इस मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे और किसी भी प्रकार की अनुचित वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन की नजर

    प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का वचन दिया है कि स्कूलों द्वारा फीस वसूली में पारदर्शिता और उचितता बरती जाए। आगामी बैठक में फीस संरचना की समीक्षा की जाएगी, ताकि कोई भी स्कूल अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ न डाले।

    प्रशासन का सकारात्मक दृष्टिकोण

    डीसी ने कहा कि यह कदम अभिभावकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए उठाया गया है। बैठक में सभी प्रबंधकों को आमंत्रित किया गया है, ताकि सभी पक्षों की चिंताओं को सुना जा सके और उचित समाधान निकाला जा सके।