झारखंड में हजारीबाग विष्णुगढ़ कांड का राजनीतिक प्रभाव
रांची : झारखंड के हजारीबाग विष्णुगढ़ कांड का खुलासा होते ही राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस मामले का संबंध बलि प्रथा से है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक भाजपा नेता भी शामिल है। इसके बाद से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा पर हमला बोल दिया है और राज्य भर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।
रांची में झामुमो का प्रदर्शन
राजधानी रांची में झामुमो कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ एक आक्रोश मार्च निकाला। अल्बर्ट एक्का चौक पर जिला संयोजक मुस्ताक आलम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। मुस्ताक आलम ने कहा कि इस जघन्य हत्या की झामुमो कड़ी निंदा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू में इस मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश की गई थी। जब सच्चाई सामने आई, तो पता चला कि इस कांड का सूत्रधार भाजपा से जुड़ा हुआ है।
रामगढ़ में विरोध प्रदर्शन
रामगढ़ में भी झामुमो कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर भाजपा के खिलाफ अपना विरोध जताया। यहां भी नेताओं ने कहा कि विष्णुगढ़ में हुई मासूम बच्ची की हत्या अत्यंत दुखद है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
भाजपा पर गंभीर आरोप
झामुमो नेताओं ने आरोप लगाया कि शुरुआत में भाजपा और उसके सहयोगी दल इस मामले को अलग दिशा देने का प्रयास कर रहे थे। उनका कहना था कि जब आरोपी का भाजपा से संबंध सामने आया, तो पार्टी चुप्पी साध गई है।
दोषियों को सख्त सजा की मांग
प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोषियों को फांसी देने की मांग की। रामगढ़ में सैकड़ों कार्यकर्ता जिला कार्यालय से निकलकर मेन रोड होते हुए सुभाष चौक पहुंचे, जहां उन्होंने सभा कर अपने विचार व्यक्त किए।
सियासी रंग ले चुका मामला
हजारीबाग कांड का खुलासा होते ही यह मामला पूरी तरह से सियासी रंग ले चुका है। एक ओर पुलिस जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आगामी दिनों में इस मामले पर सियासत और गरमाने की संभावना बनी हुई है।




















