रांची। झारखंड 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में इस बार राज्य के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है। बजट ऐसा हो, जो इस युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके। बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं परिलक्षित हो और विकास को भी गति मिले। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जो हर वर्ग और क्षेत्र को पूरी मजबूती के साथ आगे ले जा सके।
बजटकीराशिमेंहोरहीहरवर्षवृद्धि, राजस्वबढ़ानेपरजोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में भी हमें ठोस तरीके से कार्य करना होगा ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी नहीं हो।
बजटसेआमलोगोंकोभीजोड़नाहोगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट बेहतर बने, इसके लिए आम लोगों को भी जिम्मेदारी देनी होगी। इस दिशा में हमारी सरकार आम लोगों से लगातार सुझाव ले रही है। मेरा मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही हम एक संतुलित और विकास आधारित बजट इस राज्य का बना सकते हैं।
विदेशदौरेमेंमिलेअनुभवसेराज्यकोदेंगेनईदिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे से लौटा हूं। वहां काफी करीब से उनकी नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवन और कार्य शैली तथा परंपरा- संस्कृति देखने – समझने का मौका मिला। विदेश दौरे में हमें जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उसके जरिए हम राज्य को नई दिशा देने देंगे का प्रयास करेंगे।
नईपीढ़ीनएतरीकेसेबढ़रहीहैआगे
मुख्यमंत्री ने कहा की नई पीढ़ी अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है। ये पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से अलग रास्ते तलाश रही है। ऐसे में नई पीढ़ी की जरूरतों तथा आवश्यकताओं के अनुरूप बजट को तैयार करना होगा ताकि उन्हें उन्हें हम बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकें। इसके लिए जरूरी है कि हम नवीनतम प्रयोग के साथ आगे बढ़ें।
संसाधनोंऔरक्षमताओंकीकोईकमीनहींहै
झारखंड में किसी भी क्षेत्र में संसाधन और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जल – जंगल जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं। प्रचुर खनिज संपदा है। उद्यमी हैं। मानव संसाधन है। मेहनतकश श्रम बल है। किसान हैं। खिलाड़ी हैं। इसके साथ अनेकों और क्षेत्र हैं, जहां काफी संभावनाएं हैं। हमें इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में कार्य करना है ।
हरक्षेत्रमेंलक्ष्यकेसाथबढ़रहेहैंआगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में प्राकृतिक, औद्योगिक और आर्थिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है । ऐसे में अपने इन संसाधनों के बलबूते शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खेल, प्राकृतिक, औद्योगिक, आर्थिक और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कृषि में निरंतर नए प्रयोग हो रहे हैं। खेतों में पानी पहुंच रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं – सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जल जंगल और जमीन के संरक्षण और सदुपयोग को लेकर मजबूत रूपरेखा के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का एक छोटा और पिछड़ा राज्य है। लेकिन, देश की अर्थव्यवस्था में यह राज्य अहम योगदान देता आ रहा है। ऐसे में अपने राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की नई नीति, कार्ययोजना एवं बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उत्पादोंकावैल्यूएडिशनहो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से झारखंड समृद्ध राज्य है। यहां देश का सबसे ज्यादा लाह उत्पादन होता है। तसर उत्पादन में भी झारखंड काफी आगे हैं । ऐसे और भी अनेकों संसाधन हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने इन संसाधनों का वैल्यू एडिशन करने की जरूरत है, ताकि इसका इस्तेमाल अपने राज्य के हिसाब से कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है । यहां की जनजातीय परंपरा काफी समृद्ध है। ऐसे में जनजातीय परंपराओं को आगे भी ले जाना है। इस दिशामे हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और सन्तुलित बजट को लेकर आम लोगों से विचार और सुझाव मांगे गए थे। इसके अलावा देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा भी लगातार हुई और उनके सुझाव लिए गए। उनके द्वारा मिले बेहतर सुझावों को बजट में भी जगह देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वाली स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
लंदन। यूनाइटेड किंग्डम में स्थित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय विश्व के सबसे प्राचीन और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसकी शिक्षा, शोध और सार्वजनिक विमर्श की परंपरा सदियों पुरानी है। इसका ब्लावातनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट – सार्वजनिक नीति, शासन और नेतृत्व के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान है, जो विश्वभर के नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं को जोड़ता है। प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर, ब्लावातनिक स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और उनका शोध तुलनात्मक राजनीति, राज्य क्षमता और विकास पर केंद्रित है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का ब्लावातनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में प्रशन-उत्तर सत्र प्रोफ़ेसर माया ट्यूडर के साथ –
1. मैं आपसे झारखंड राज्य के लिए आपकी विकास को लेकर सोच के बारे में जानना चाहती हूँ। यह राज्य अपने वनों और प्राकृतिक संसाधनों के लिए जाना जाता है, लेकिन साथ ही यहाँ जन-आंदोलनों का इतिहास भी रहा है जहाँ लोगों ने स्वयं को विकास की प्रक्रिया से अलग महसूस किया है।
उत्तर: गुड ईवनिंग एव्रीवन! सभी को झारखंड से जोहार! झारखंड, इंडिया का एक छोटा सा नया राज्य है, जो वर्ष 2000 में अपने अस्तित्व में आया।25 साल का है हमारा युवा झारखंड। सिल्वर जुबली मना रहा है अपना राज्य। और यह संजोग है कि हम लोग आज ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हैं, और ये कहा जाये कि यह एक सेलिब्रेशन भी हमारे लिए 25 साल का।और जैसे कि आपका सवाल है कि हमारा क्या विज़न है? तो मैं कहूँगा की बहुत डाइवर्सिटी है हमारे राज्य में।
राज्य अलग होने के बाद ये पहला मौक़ा है, जब झारखंड मज़बूती के साथ निवेश के लिए इंडिया से बाहर आया। पहले यह युवा झारखंड दावोस गया और उसके बाद यूके, आप लोगों के बीच यहाँ आया है। और इसे इत्तेफ़ाक कहें या सुखद अनुभव, कि दोनों चीजें एक साथ हुई – एक ट्राइबल डोमिनेटेड राज्य से एक ट्राइबल लीडरशिप, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में पहली बार पहुंचा, साथ ही आप लोगों के बीच भी पहली बार आया। हमारे आने वाली पीढ़ी के लिए साझा प्रयास को लेकर हम वैश्विक मंचों पर आए हैं।
बहुत बड़ी लेगेसी जुड़ी है हमारे झारखंड के साथ। आपके सेंट जॉन्स ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हमारे जयपाल सिंह मुंडा जी ने अपना ऐतिहासिक क्षण बिताया। हम उसी राज्य से आते हैं, और जिस तरीके से जयपाल सिंह मुंडा जी ने अपना एक इतिहास, अपनी एक छवि बनाई, आप लोगों के मार्गदर्शन में, तो हमने उस लेगेसी को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया। जयपाल सिंह मुंडा स्कालरशिप के साथ आने वाली पीढ़ी को हम तैयार कर रहे हैं।
हमारा स्टेट माइन्स एंड मिनरल्स से परिपूर्ण राज्य है। नेचुरल रिसोर्सेस तो हैं ही हमारे राज्य में, साथ में हमारे राज्य में नैसर्गिक सुंदरता भी है। हमारे झारखंड में बहुत ही शांत स्वभाव के लोग रहते हैं, और इसी वजह से हमारे राज्य में यही कहा जाता है कि – वहाँ का बोलना ही गाना है, चलना ही नृत्य है। ये हमारे राम दयाल सिंह मुंडा जी थे जिन्होंने इस बात को बहुत अच्छे ढंग से दुनिया के सामने रखा था।
हम लोगों ने माइन्स-मिनरल्स से हटकर – एक नया रास्ता ढूँढने का प्रयास किया है। हमारे राज्य ने नक्सल का भी बहुत बड़ा दंश झेला है। परंतु, उस पर मैं बहुत ज़्यादा चर्चा नहीं करूँगा, चूँकि उसका बहुत बड़ा इतिहास है।
हमारा फोकस माइन्स एवं मिनरल्स से हटकर, एक नयी सोच पर है, वह है टूरिज्म, स्पोर्ट्स, एजुकेशन। और एक जो पूरे विश्व में आदिवासी समुदायों में देखा जाता है कि कहीं ना कहीं विकास के जो पैमाने हैं, विकास के जो रास्ते हैं, उसमें हम पीछे रह जाते हैं। लेकिन हमारा यह प्रयास है कि हम उन्हें पीछे नहीं, आगे बढ़ाने का काम करें। और इसी की एक कड़ी है कि हम आज जयपाल सिंह मुंडा स्कालरशिप भी चला रहे हैं,बल्कि इसके अलावा हम स्कूली शिक्षा से उच्च शिक्षा तक बड़े प्रोग्राम भी चला रहे हैं।
केंद्र में विरोधी सरकार है, राज्य को कैसे मिलेगी राहत।
2. सर, यह सवाल खास तौर पर छात्रों के लिए है। झारखंड ने अक्सर ऐसी सरकारें चुनी हैं जो केंद्र सरकार के विपक्ष में रही है, जिससे केंद्र–राज्य संबंध जटिल हो सकते हैं। विपक्ष के नेतृत्व वाले राज्य के रूप में,आप इस स्थिति को कैसे देखते हैं?
उत्तर: मैं आज देश से बाहर आया हूँ मलतब निवेश के लिए झारखण्ड बाहर आया है। और जिस राजनीतिक परिदृश्य की आप बात कह रहे है कि वह हमारी चुनौती है, मैं इसे बहुत ज्यादा उस नजर से नहीं देखता हूँ।इसे मैं फ़ेडरल स्ट्रक्चर का खूबसूरत मॉडल समझता हूँ कि हमारा देश एक लोकतान्त्रिक देश है और अलग-अलग विचार के लोग वहाँ रहते हैं। देश तो हमारा ही है। और जब तक राज्य मजबूत नहीं होगा तो देश भी मजबूत नहीं होगा। और मैं कहता हूँ की जब तक मेरा गांव मजबूत नहीं होगा तो मेरा राज्य भी मजबूत नहीं होगा। इसलिए मैं हमेसा फोकस करता हूँ कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था कैसे मजबूत हो।
हम लोग केंद्र के साथ हो सकता कि राजनीतिक रूप से अलग-अलग हों, क्यूँकि हम एक पार्टी चला रहे हैं और वो एक पार्टी चला रहे हैं। हमारे देश में अलग-अलग पार्टियाँ हैं और कई सारे राज्य हैं जहां अलग-अलग रीजनल पार्टी और नेशनल पार्टी, सब अलग-अलग ताकत के साथ हैं। और मुझे नहीं लगता कि बहुत बड़ी चुनौती है, हम यही झगड़ा करेंगे तो, संघीय ढांचा और लोकतान्त्रिक व्यवस्था का कोई मतलब रहेगा नहीं।
जिनका विकास में होगा जितना योगदान, क्या उनको उतना लाभ मिलेगा
3. मुख्यमंत्री जी, आपने कहा कि जिन लोगों ने विकास में जितना योगदान दिया, उन्हें उतना लाभ नहीं मिल पाया। मेरा प्रश्न यह है कि क्या भारत की राजनीतिक व्यवस्था वास्तव में इसे संभव होने देगी? एक ओर केंद्र के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना होता है, वहीं दूसरी ओर उन राज्यों से प्रतिस्पर्धा भी करनी पड़ती है जहाँ आपके राजनीतिक दल के सहयोगी सत्ता में हैं। इस राजनीति की बारीक रेखा को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: देश में सबसे अधिक माइन्स एंड मिनरल्स झारखण्ड में है। तब तो मैं यह भी कह सकता हूँ कि अपने राज्य का माइन्स एंड मिनरल्स किसी को न दूँ। कल कोई और स्टेट ये सोच सकता है – जैसे महाराष्ट्र है, आँध्र प्रदेश है, जो विकसित राज्य है वो भी ये सोचेंगे की मैं अच्छा कर रहा हूँ तो दूसरे राज्यों में पैसा क्यू जाये? केंद्र सरकार एक ब्रिज का काम करता है। सभी को समान देखना और उसको समझना होता है। हम लोग अपनी बातें रखते हैं। इलेक्शन के टाइम अप एंड डाउन दिखता रहता है, नहीं तो सबको साथ में ही चलना है।
और कहते हैं न कि एक हल के दो बैल होते हैं। तो एक बैल स्टेट है, और दूसरा बैल सेंट्रल है। दोनों को साथ ही चलना होता है, नहीं तो खेत नहीं बनता है। इसलिए आज के दिनों मुझे लगता है कि यह कोई समस्या नहीं है।
जयपाल मुंडा स्कॉलरशिप में सामान्य वर्ग और स्नातक के विद्यार्थियों को शामिल क्यों नहीं किया गया है?
4. मैं जानना चाहता हूँ कि जयपाल मुंडा स्कॉलरशिप में सामान्य वर्ग और स्नातक के विद्यार्थियों को शामिल क्यों नहीं किया गया है?
उत्तर: कुछ अलग-अलग खबरों के माध्यम से और जैसे आपने कहा है कि जयपाल सिंह मुंडा स्कॉलरशिप में जनरल वर्ग को क्यूँ नहीं जोड़ा गया है। हमारा पूरा प्रयास है कि हम दूर तक और अच्छी गति से जाएँ, इसके लिए हम स्टेप बाइ स्टेप आगे जा रहे हैं। आपको पता है कि आज बच्चों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में जो बच्चे हैं उनके बारे में भी सरकार सोच रही है। आज कॉम्पटिशन बहुत बढ़ गया है जिससे हमारे सरकारी स्कूल के बच्चे पीछे रह जाते हैं। आपको पता होगा कि इसलिए हमने सीएम स्कूल ऑफ एक्सलेंस शुरू किया है। उसमें कोई बैरीअर नहीं है कि एससी,एसटी ही आएँगे, वह सभी के लिए है। और वो भी फ्री ऑफ कॉस्ट।
ओवरसीज स्कालर्शिप में सिर्फ एसटी को जोड़ा गया जिसके बाद डिमांड बढ़ने पर उसमें एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक को भी जोड़ा गया। अभी सीमित संख्या हमने रखी है 25 बच्चों की। और अभी डिमांड 150बच्चों का है।
आने वाले समय में वो रास्ता भी बनाएँगे। सेंट जोंस के साथ वार्ता चल रही है पीएचडी स्कालर्स के लिए कि उनके यूनिवर्सिटी में अपने बच्चों को भेज सकूँ। आज हमने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड शुरू किया है। आपको पता है कि उसमें भी कोई बैरियर नहीं है। हायर एजुकेशन के लिए – टेक्निकल,मेडिकल, ज्यूडिशियल, आदि क्षेत्र में जो आपको अपना कोर्स सलेक्ट करना है, अगर उसमें वित्तीय परेशानी आती है तो उसके लिए सरकार आपको हैंड-होल्डिंग करती है। जिसमें बहुत कम रेट ऑफ इंटरेस्ट है और जब तक आपकी एजुकेशन पूरी नहीं हो जाती है, तब तक आपको कोई बैंक को रिटर्न देने की जरूरत नहीं होती है। उसके बाद आप धीरे-धीरे बैंक को पैसा वापस कर सकते हैं।
इसके साथ-साथ सरकार को अन्य क्षेत्रों में भी ध्यान देना होता है।सामाजिक क्षेत्र में। हमारा राज्य पिछड़ा भी है तो हमारी पहली प्राथमिकता कल्याणकारी योजनाओं पर भी रहती है। तो उनको भी लेकर हमें ज्यादा संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है। आने वाले समय में बहुत अच्छे और दरवाजे खोलने का काम करेगी सरकार, जहां हम सब के लिए एक कॉमन प्रोग्राम चला पाए। पहले जो कमजोर है, बिल्कुल जो पीछे है,उसे हम थोड़ा आगे लाने की कोशिश कर रहे हैं।
आप देखेंगे, हम मइयां सम्मान योजना चला रहे हैं। आज आबादी की 50प्रतिशत जो महिलाएं हैं – लगभग 56 लाख महिलाओं को हर महीने 2500रुपये की सहायता राशि हम देते हैं। बजट का बहुत बड़ा हिस्सा हम सिर्फ महिला सशक्तिकरण में खर्च कर रहे हैं। बहुत सारे लोग बोलते हैं यह पॉलिटिकल वोट बैंक का कॉन्सेप्ट है, लेकिन उसका इम्पैक्ट आप गांव जाओगे तो आप भी महसूस करोगे कि वो कैसे इस राशि का उपयोग अपने और अपने परिवार की भलाई और क्षमता वृद्धि के लिए कर रही हैं। बहुत सीधी बात है जैसे आपकी बाइक में जब तक बैटरी चार्ज नहीं होगी तो वह एक किलोमीटर भी नहीं चलेगी। ऐसे ही जब तक आपके जेब में पैसे नहीं होंगे तब तक आप कुछ और सोच भी नहीं पाएंगे आज के समय में।
क्या आपकी सरकार अतीत की ग़लतियाँ नहीं दोहराएगी?
5. जयपाल सिंह मुंडा और शिबू सोरेन की विरासत को सम्मान देते हुए, आपकी सरकार यह कैसे सुनिश्चित करेगी कि भूमि अधिग्रहण और शोषणकारी विकास की अतीत की गलतियाँ दोहराई नहीं जाएँगी?आगामी 25 वर्षों में झारखंड कौन-सा ऐसा विकास मॉडल अपनाएगा, जिसमें आदिवासी वर्ग वास्तविक भागीदार और लाभार्थी बनें, और असमानता न बढ़े?
उत्तर: मैं आपको बताना चाहूंगा कि आपकी जो चिंता है, यह बहुत वास्तविक चिंता है, क्योंकि इतिहास गवाह है कि झारखंड के आदिवासियों ने डेवलपमेंट के नाम पर बहुत कुछ खोया है। बड़े इंडस्ट्री आए, अनगिनत जमीनें ली गयीं। उस समय शायद हो सकता है कि जनसंख्या कम रही हो, लोगों ने दे दिया हो। लेकिन आज जनसंख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।
हां, जितना झारखंड के लोगों ने विकास में सहयोग किया उसका कहीं ना कहीं लाभ जो उनके पास आना चाहिए था वह नहीं आया। और यह वास्तव में लोगों की भी चिंता है| लेकिन आप को मैं यह विश्वास दिलाना चाहूंगा कि यह मेरा सेकंड टर्म है। वापस सरकार हमने बनाई है। हमारे देश में जो पॉलिटिकल परिदृश्य है, उसके विपरीत परिस्थिति में हम लोगों ने फिर से अपनी जगह बनाई है।
इसका मतलब यही समझा जा सकता है कि लोगों का विश्वास है। उम्मीद है हम पर। उन्हें पता है कि मैं शिबू सोरेन का बेटा हूँ| अपने लोगों के साथ धोखा नहीं कर सकता। तथा उन्हें और आज जो हमारी नई पीढ़ी है, नए पीढ़ी की जो डिमांड है, हम कोई भी आज प्लान बना रहे हैं तो हम अपने वहां की जो भावनाएं हैं उसको ध्यान में रखकर प्लान बना रहे हैं। आप देखेंगे कि वैश्विक स्तर में झारखंड के कई लोग हैं। मैं भी दावोस में था, वहां झारखंड के कई लोग थे। आज यूके में हूं, लंदन में हूं, यहां पर कई झारखंड के बच्चे और नौजवान हैं। पूरे देश-दुनिया में झारखंड के लोग पहुंच रहे हैं।
मैं जिस पीढ़ी का नेतृत्व कर रहा हूं। हमारी पुरानी लेगेसी हमारी लेफ्ट हैंड है, नई पीढ़ी हमारी राइट हैंड है, और मैं बीच में हूं। तो मैं चीजों को बैलेंस करते हुए आगे लेकर जा रहा हूं। और यह बात सही है कि कोई भी चीज डेवलपमेंट की है, अगर हम बात करते हैं तो हर एक चीजों में नेगेटिव-पॉजिटिव दोनों एक साथ चलता है। उसका बैलेंस कैसे बनाकर रखें, यही सबसे बड़ी चुनौती है। चीजों को नज़रंदाज़ करने की वजह से चीजें खराब होती हैं और ऐसा नहीं है कि हमारे स्टेट में इंडस्ट्री नहीं है।
एशिया का सबसे बड़ा स्टील प्लांट इंडस्ट्री हम लोगों के राज्य में है। एचईसी जैसी मदर इंडस्ट्री हमारे राज्य में है। बहुत सारे स्टील इंडस्ट्री हमारे राज्य में शुरू हुए। नई पीढ़ी को हम शिक्षित कर रहे हैं तो उसे रोजगार भी देना है और स्वरोजगार भी। माइंस, मिनरल्स के अलावा हमारे राज्य में नैसर्गिक सुंदरता भी है और जल, जंगल, जमीन को लेकर हमारी जो सोच है, वह भी कैसे संरक्षित रहे, हमारे लिए बहुत जरुरी है। इसे लेकर टूरिज्म पर भी हमारा बहुत ज़्यादा फोकस है।
हमारे गांव में जो बच्चे हैं, आज स्पोर्ट्स में काफी एग्रेसिव ढंग से आगे बढ़ रहे हैं। आपको बताना चाहूंगा कि हमारे खूंटी, सिमडेगा, गुमला से आज वूमेंस हॉकी टीम में लगभग 5 से 6 लड़कियाँ झारखंड से हैं। किसी समय उन्हें एक वक्त का खाना भी नहीं मिलता था| और आज ग्लोबल प्लाटफ़ॉर्ममें वह एक चैंपियन बनकर उभर रही हैं। और हमारे लोगों से जुड़े मामले जैसे ही हमारे संज्ञान में आते हैं, तो तुरंत ही उन सब चीजों पर काम किया जाता है।
अपने राज्य के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हम उन्हें पूरा सहयोग करते हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इसी का हम एक रास्ता तलाशने आए हैं कि किसके साथ हम जाएं, जो हमारे उद्देश्य और लक्ष्य के साथ – एक सतत विकास के तहत आगे बढ़ सके। हमारे राज्य में विभिन्न वर्ग में काम में विविधता है। लेकिन अभी आदिवासी समाज को नया उद्योग चलाने के लिए बहुत आगे आना है। उसके लिए जो संसाधन चाहिए, पैसे चाहिए, वह उनके पास नहीं हैं। इस दिशा में भी हम काम कर रहे हैं।
क्या सरकार प्रवासी/ओसीआई झारखंडियों के लिए एक समर्पित इकाई स्थापित करेगी
6. हेमंत जी, कल्पना जी और झारखंड के माननीय प्रतिनिधियों का यहाँ आना हम प्रवासी झारखंडियों के लिए गर्व की बात है, और हम चाहते हैं कि ऐसे मंच नियमित रूप से आयोजित हों ताकि विदेशों में रह रहे डॉक्टर, पेशेवर और युवा राज्य से जुड़े रह सकें। मैं पूछना चाहता हूँ कि क्या सरकार प्रवासी/ओसीआई झारखंडियों के लिए एक समर्पित इकाई स्थापित करने पर विचार करेगी? उत्तर: झारखंड ऐतिहासिक रूप से वर्करर्स देने वाला राज्य रहा है। देश की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान हमारे लोगों का रहता है। कोविड के दौरान हमें इसकी वास्तविक तस्वीर दिखी, हर साल 20 लाख से अधिक लोग आजीविका के लिए पलायन करते हैं। पलायन स्वयं समस्या नहीं है, समस्या अवसरों की कमी से मजबूरी में पलायन है। कोविड के समय हमने विशेष कदम उठाए। हवाई जहाज़, ट्रेन और बसों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया।
इसी दौरान हमने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों के लिए एक सशक्त प्रवासन नीति बनाई, जिसके बारे में आज राष्ट्रीय स्तर पर बताया भी जाता है। आज किसी भी संकट में, देश या विदेश में, रहने वाले झारखंडियों की सहायता की जाती है। प्रवासी झारखंडी समूहों को संगठित करने की दिशा में हम काम कर रहे हैं, और विदेशों में आप सभी की पहल का हम स्वागत करते हैं। सरकार आपको पूरा सहयोग देगी। झारखंड वैश्विक मंचों पर नया है, लेकिन हमारे लोग सक्षम, परिश्रमी और दृढ़ हैं। आप साथ दीजिए, आने वाले समय में हम जरुर इस दिशा में बढ़ेंगे और अवश्य सफल होंगे। जोहार!
दावोस में सीएम कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात
रांची/दावोस। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ शामिल होगा। इस मंच के जरिए झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा। वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।
प्रकृतिकेसाथसंतुलनमेंविकासहैमूलदृष्टि
झारखण्ड इस बैठक में “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखण्ड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।
वैश्विककंपनियोंऔरसंस्थानोंकेप्रमुखोंकेसाथसंवाद
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढाँचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।
झारखण्ड मंडप का उद्घाटन होना रहेगा महत्वपूर्ण
झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखण्ड पेवेलियन का उद्घाटन है। पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।
धनबाद: कतरास बाजार स्थित राजस्थानी धर्मशाला में विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत कार्यसमिति की तीन दिवसीय बैठक का समापन विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री माननीय अम्बरीष जी के उद्बोधन के साथ समाप्त हुआ।समापन समारोह में उपस्थित विश्व हिंदू परिषद के प्रांत, विभाग एवं जिला के पदाधिकारी को संबोधित करते हुए श्री अंबरीश सिंह ने कहा- स्वाधीन देश में स्व का अभिमान करने वालों की कमी के कारण हमारी संस्कृति को नष्ट करने का कुचक्र चलता रहा। सनातन मानबिंदु, आचार पद्धति, संस्कृति को सुरक्षित रखने के विचार से ही विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी। मंदिर सनातन परंपरा के श्रद्धा एवं भक्ति- शक्ति का केंद्र होता था जिसे आक्रांताओं ने निरंतर क्षति पहुंचाने पहुंचाने की चेष्टा की। परिवारों में परंपरागत संस्कार का अभाव देखने को मिल रहा है परिवार में संस्कारों का जिस तरह क्षरण हो रहा है उसके रक्षण की आवश्यकता है । गोरक्षा, सेवा, धर्म प्रसार, सामाजिक समरसता, जैसे आयामों पर विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र ने बताया 12 से 18 जनवरी तक मकर संक्रांति उत्सव समरसता दिवस के रूप में, माघ पूर्णिमा के दिन श्री रविदास जयंती, वर्ष प्रतिपदा से हनुमान जन्मोत्सव तक सभी समितियों के माध्यम से श्री रामोत्सव, एवं 14 जनवरी को बाबा साहब अंबेडकर जयंती प्रत्येक प्रखंड केन्द्रों में मनाया जाएगा। इसके साथ ही समिति का दृढिकरण एवं आयामों के कार्यों का विस्तार करने का निर्णय लिया गया। प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने विभिन्न जिलों से आए समस्त प्रतिनिधियों एवं वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने हजारीबाग के डेमोटांड़ में परिषद द्वारा चल रहे आवासीय विद्यालय एवं अन्य सेवा कार्यों की जानकारी देते हुए झारखंड के सभी जिलों में सेवा कार्य सुचारू रूप से चलाने का आग्रह किया।इस अवसर पर क्षेत्र मंत्री डॉ वीरेंद्र साहू जी द्वारा प्रांत के नवीन दायित्व एवं प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र द्वारा जिलों के नवीन दायित्वों की घोषणा की गई। श्रीमती कीर्ति गौरव दुर्गा वाहिनी प्रांत संयोजिका, गंगा कच्छप प्रांत सहसंयोजिका, श्रीमती शशि शर्मा एवं श्रीमती अनिमा पांडे को प्रांत मातृशक्ति सहसंयोजिका, श्रीमती सविता सिंह संस्कार केंद्र प्रांत प्रमुख मातृशक्ति, एवं सुश्री कीर्ति सुमन मोदी को प्रांत साप्ताहिक मिलन केंद्र एवं संस्कार केंद्र प्रमुख दुर्गावाहिनी का दायित्व दिया गया। बैठक का समापन बजरंग दल प्रांत संयोजक श्री रंगनाथ महतो ने पूर्णता मंत्र एवं जयघोष के साथ कराया।बैठक में क्षेत्र संगठन मंत्री माननीय आनंद पांडे, क्षेत्र गोरक्षा टोली के पालक त्रिलोकी नाथ बागी, प्रांत उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन कुमार, देवी सिंह प्रांत सह मंत्री राम नरेश सिंह, मनोज पोद्दार, मार्गदर्शक मंडल के प्रांत संयोजक स्वामी कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी, प्रांत धर्माचार्य संपर्क प्रमुख जुगल किशोर प्रसाद, प्रांत सत्संग प्रमुख रंजन कुमार सिन्हा, विशेष संपर्क प्रांत प्रमुख अरविंद सिंह, गोरक्षा प्रांत प्रमुख कमलेश सिंह, प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख प्रकाश रंजन, सामाजिक समरसता प्रांत सह प्रमुख मनोज चंद्रवंशी, सेवा सहप्रमुख विनय कुमार, अमरेन्द्र विष्णुपुरी, धनबाद विभाग मंत्री राजेश दुबे, महानगर अध्यक्ष अशोक चौरसिया, महानगर मंत्री आनंद कुमार, बजरंग दल सहसंयोजक तापस कुमार डे सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
रांची। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी ठंड एवं शीतलहरी की चेतावनी के मद्देनजर रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने जिला के सभी स्कूलों को कल 27.12.2025 से 31.12.2025 तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत् राँची जिला अंतर्गत संचालित सभी सरकारी / गैर-सरकारी / निजी विद्यालयों में वर्ग KG से वर्ग 12वीं तक की कक्षाओं में पठन-पाठन का कार्य दिनांक 27.12.2025 से 31.12.2025 तक स्थगित किया जाता है। विद्यालय प्रबंधन को निदेश दिया गया है कि वे उल्लेखित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। यदि उक्त अवधि में किसी विद्यालय में परीक्षा आयोजित है तो अपने विवेकानुसार विद्यालय में परीक्षा का संचालन करेंगे।
राज्यपाल ने न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान को दिलाई शपथ
रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज राज भवन स्थित बिरसा मंडप में न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान को झारखंड राज्य उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ दी। इससे पूर्व राज्य की मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी ने न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान का झारखंड राज्य उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति संबंधी वारंट को पढ़ा तथा राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ० नितिन कुलकर्णी द्वारा मुख्य न्यायाधीश को शपथ ग्रहण हेतु आमंत्रित किया गया।
शपथग्रहण समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, पूर्व न्यायाधीशगण, भारतीय प्रशासनिक व पुलिस सेवा के वरीय अधिकारीगण तथा झारखंड उच्च न्यायालय के पदाधिकारीगण व वरीय अधिवक्तागण उपस्थित थे।
देवघर: बोल बम- बोल बम और हर हर महादेव के जयघोष से गूँजायमान देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर समेत पूरा देवघर सावन के पवित्र महीने में कैलाश पर्वत की निराली छटा को अपने में समा कर आस्था, विश्वास और भक्ति की त्रिवेणी बहाता नज़र आता है। रात की कालिमा को चिरती हुई देवभूमि देवघर की ये तस्वीरें बाबा के दरबार की महिमा का खुदबखुद बखान करती नज़र आती है, जिसे देखने के लिए देश विदेश से लाखों श्रद्धालु हर रोज़ पहुंचते हैं।
राजकीय श्रावणी मेला 2025 के पांचवे दिन आज मंगलवार को जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1,27,519 तक पहुँच गई है। इस दौरान, बाह्य अर्घा के माध्यम से 26,538, आंतरिक अर्घा से 96,235 और शीघ्र दर्शनम कूपन से 4,746 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। आज सुबह श्रद्धालुओं की लंबी कतार बीएड कॉलेज तक पहुँच गई, और जलार्पण का कार्य सुबह 04:16 बजे से शुरू हुआ।
झारखंड ने 17 मई 2025 को रांची में आयोजित CyberPeace Jharkhand Esports League 3.0 के ज़रिए एक नया इतिहास रच दिया। यह सिर्फ एक गेमिंग टूर्नामेंट नहीं था, बल्कि एक डिजिटल बदलाव की चिंगारी थी, जो राज्य के युवाओं को साइबर सुरक्षा 🛡️, जिम्मेदार गेमिंग 🎯, और भविष्य के डिजिटल करियर 💼 की ओर ले जा रही है।
इस मंच ने भारत के टैलेंटेड गेमर्स को 2027 में सऊदी अरब के रियाद में होने वाले पहले ओलंपिक ईस्पोर्ट्स टूर्नामेंट 🏆 में भाग लेने की दिशा में तैयार किया।
🏢 आयोजन स्थल और माहौल: एक इमर्सिव डिजिटल अनुभव 🎧
कार्यक्रम का आयोजन डोरंडा, रांची के Level 7, आकाश कॉम्प्लेक्स में हुआ। सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक हज़ारों युवाओं ने भाग लिया और वहां का माहौल जोश और तकनीकी ऊर्जा ⚡ से भर गया।
🎮 मुख्य गेम्स:
FIFA Showdown ⚽ – फुटबॉल प्रेमियों के लिए डिजिटल रोमांच
Garena Free Fire 🔫 – रणनीति, टीम वर्क और रियल टाइम एक्शन का मंच
🧑⚖️ जब मंच पर उतरे झारखंड के डिजिटल हीरो
मुख्य अतिथियों में शामिल थे:
पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार 🧓
महेश पोद्दार ने कहा:
“गेमिंग युवाओं को तकनीकी दृष्टिकोण, साइबर सजगता, और टीम भावना सिखाता है। हमें उन्हें डिजिटल जिम्मेदारी और नैतिकता से लैस करना है।”
🎯 प्रशिक्षण + करियर की राह = गेमिंग का असली लेवल अप 🔝
यह लीग सिर्फ गेम खेलने का मौका नहीं थी, बल्कि प्रतिभागियों को डिजिटल शिक्षा , साइबर सुरक्षा , और कंटेंट क्रिएशन जैसी स्किल्स सिखाने का भी प्लेटफॉर्म था।
🏅 फायदे जिनसे हर खिलाड़ी बना विनर:
मान्यता प्राप्त CyberPeace सर्टिफिकेट 🏆
लाइव स्ट्रीमिंग और यूट्यूब गाइड्स 📺
राष्ट्रीय ईस्पोर्ट्स टीम के लिए चयन अवसर 🇮🇳
प्रोफेशनल ईथिक्स और साइबर अवेयरनेस ट्रेनिंग 💡
☕ CyberPeace Café: एक कप कॉफी के साथ डिजिटल जागरूकता
यह Café सिर्फ कॉफी पीने की जगह नहीं, बल्कि भारत का पहला ऐसा हब है जहां गेमिंग, स्ट्रीमिंग और साइबर सुरक्षा को एक साथ अनुभव किया जा सकता है।
✨ विशेषताएं:
AR/VR अनुभव 🎮🕶️
इंटरेक्टिव साइबर सेफ्टी कोर्नर 🔐
प्रशिक्षण, कॉन्टेंट क्रिएशन और टीम वर्क जोन 👥
ऑर्गेनिक नैतिक कॉफी ☕ + क्रिएटिव माहौल 🎨
🛡️ CyberPeace Foundation: डिजिटल इंडिया का सुरक्षा कवच
CyberPeace Foundation एक अग्रणी संस्था है जो युवाओं को साइबर हमलों से बचने, डिजिटल नैतिकता और जागरूकता फैलाने के लिए काम कर रही है।
🌍 इसके प्रमुख उद्देश्य:
स्कूलों/कॉलेजों में साइबर ट्रेनिंग प्रोग्राम्स
सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ नीति निर्माण
Ethical Hacking, Cyber Law और डेटा प्राइवेसी वर्कशॉप्स
सोशल मीडिया के लिए जिम्मेदार यूज़ और डिजिटल डिटॉक्स सेशंस
🏟️ ओलंपिक ईस्पोर्ट्स 2027: भारत की नई डिजिटल उम्मीद
2027 में रियाद, सऊदी अरब में होने वाला है दुनिया का पहला ओलंपिक ईस्पोर्ट्स टूर्नामेंट 🎮🏆। भारत को वहां प्रतिनिधित्व देने वाले खिलाड़ियों को चाहिए:
रणनीतिक सोच और गेमिंग स्किल्स
साइबर सुरक्षा और डिजिटल शिष्टाचार
मानसिक संतुलन और जिम्मेदारी
प्रोफेशनल ट्रेनिंग और अभ्यास
CyberPeace Esports League 3.0 इस दिशा में भारत का पहला ठोस कदम है।
🎯 गेमिंग के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को सिखाया गया कि गेमिंग:
जम्मू पर पाकिस्तान का ड्रोन हमला: पाकिस्तान ने बुधवार रात 8 बजे जम्मू पर सुसाइड ड्रोन से हमला किया। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। इसके बाद पूरे जम्मू क्षेत्र में ब्लैकआउट कर दिया गया है।इसके साथ ही ताज़ा जानकारी के मुताबिक़ पाकिस्तान द्वारा फाइटर जेट एफ 16 से किए गए हमले को नाकाम करते हुए भारतीय एयरफ़ोर्स ने उसे मार गिराया है।
आरएसपुरा में भारी शेलिंग: पाकिस्तान की तरफ से लगातार भारी गोलाबारी की जा रही है। कई ड्रोन देखे गए हैं और आरएसपुरा सेक्टर में बम धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं। स्थानीय नागरिकों में भय का माहौल है।
राजस्थान बॉर्डर पर ब्लैकआउट: सरहदी राज्य पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में पहले से ही रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक ब्लैकआउट का आदेश जारी है। अब श्रीगंगानगर और बीकानेर में भी ड्रोन उड़ाने और आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर है। बुधवार रात भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर महज 25 मिनट में 24 मिसाइलें दागीं। इन हमलों में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हमले की पृष्ठभूमि
यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। जांच में पाया गया कि हमले की योजना पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने बनाई थी।
पाकिस्तान की जवाबी कोशिशें विफल
पाकिस्तानी सेना ने भारत के 15 शहरों — अवंतीपोरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, नल, फलोदी, उत्तरलाई और भुज — पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की कोशिश की, जिन्हें भारतीय सेनाओं ने पूरी तरह विफल कर दिया।
लाहौर में पाक एयर डिफेंस सिस्टम तबाह
भारतीय हमलों में पाकिस्तान के लाहौर स्थित एयर डिफेंस सिस्टम को भी सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया है। इसके अलावा मुरिदके और बहावलपुर में मौजूद आतंकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
मसूद अजहर का दावा
जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने स्वीकार किया है कि भारतीय हमलों में उसके 10 परिजन और 4 करीबी मारे गए हैं।
देशभर में सुरक्षा अलर्ट
244 जिलों में सिविल डिफेंस ड्रिल कराई गई है। जम्मू, सांबा, कुपवाड़ा, आरएसपुरा, अरनिया और हीरानगर जैसे सीमाई इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पंजाब और राजस्थान के कई जिलों में ब्लैकआउट और कर्फ्यू जैसे हालात हैं।
🕯️ पहलगाम टेरर अटैक (Pahalgam Terror Attack) ने देश की आत्मा को झकझोर दिया है। बैसारन घाटी में हुए इस नरसंहार में सबसे डरावना सच ये है – आतंकियों ने लोगों का मजहब जानकर गोलियां चलाईं।
एक महिला चीखती रही – “भैया, मेरे पति को बचा लो, सिर में गोली मार दी… उन्होंने धर्म पूछा और फिर गोली मार दी…”
क्या यही वो कश्मीर है जहां हर कोई अमन और खूबसूरती देखने जाता है? क्या अब हिंदू होना गुनाह बन गया है?
🩸 ये हमला नहीं, खुलेआम धार्मिक नरसंहार था
📍पहलगाम की खूबसूरत घाटी में जब लोग छुट्टियों का आनंद ले रहे थे, तभी आतंकियों ने नकली आर्मी ड्रेस पहनकर पर्यटकों के बीच पहुंचकर पहचान पत्र मांगना शुरू किया। जैसे ही उन्हें हिंदू पहचान मिली, उन्होंने बिना देर किए गोलियां बरसा दीं।
26 मासूम जानें चली गईं
सिर में गोली लगी युवती की चीखें घाटी में गूंजती रहीं
दर्जनों घायल, कई की हालत नाजुक
TRF जैसे आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, पर सवाल ये है – क्या ये सरकार के लिए अब भी सिर्फ “जांच का विषय” है?
⚖️ कब तक बर्दाश्त करेंगे ये मजहबी आतंक?
जब देश में कोई एक भी अल्पसंख्यक पर हमले की खबर आती है, तो मानवाधिकार संगठन, फिल्मी सितारे, विदेशी पत्रकार – सब झंडा उठाए खड़े हो जाते हैं। लेकिन अब जब हिंदुओं को मजहब पूछकर मारा जा रहा है, तो चुप्पी क्यों?
👉 ये कोई एक घटना नहीं – पिछले कुछ सालों में कश्मीर में टारगेटेड किलिंग्स लगातार बढ़ी हैं। 👉 हिन्दुओं, कश्मीरी पंडितों, पर्यटकों को निशाना बनाना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
🔥 अब वक्त है एक्शन का – ये “कड़ी निंदा” नहीं, बदला मांगता है
✅ TRF और उसके जैसे सभी आतंकी संगठनों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना होगा। ✅ कश्मीर में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए स्पेशल इंटेलिजेंस और मिलिट्री ऑपरेशन ज़रूरी है। ✅ धार्मिक पहचान पर हमले को ‘घृणित अपराध’ घोषित कर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। ✅ देश के हर नागरिक को अब इस आतंक के खिलाफ आवाज उठानी होगी – ये सिर्फ कश्मीर का मुद्दा नहीं, बल्कि भारत के हर व्यक्ति की सुरक्षा का सवाल है।
💔 आज बैसारन में खून बहा है, कल कोई और घाटी हो सकती है…
अगर अब भी हम चुप बैठे, तो अगली खबर आपके शहर से आ सकती है। 👉 सवाल ये नहीं है कि हमला कहां हुआ। 👉 सवाल ये है कि मजहब पूछकर जान लेना, हमारे देश में अब “नया सामान्य” बन रहा है।
जहां गूंजती थी हंसी, वहां अब पसरा मातम: बैसारन घाटी बना खूनी मैदान
कश्मीर की वादियों को जन्नत कहा जाता है, लेकिन इस बार वहां की घाटियों से फूलों की महक नहीं, खून की बू आई। Pahalgam Attack ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हनीमून पर गया शुभम, जिसका अपराध सिर्फ उसका मजहब था, आतंकियों ने सिर में गोली मार दी — वो भी सिर्फ इसलिए कि वो हिंदू था।
📍क्या हुआ था बैसारन घाटी में?
मंगलवार, दोपहर 3 बजे। मौसम सुहाना था, पर्यटक अपने परिवार और दोस्तों संग खूबसूरत वादियों में छुट्टियां मना रहे थे। तभी आर्मी की वर्दी पहने नकली जवान जंगल से निकलते हैं। किसी को शक नहीं हुआ… लेकिन अगले ही पल, पहचान पत्र देखे जाते हैं, नाम पूछे जाते हैं, और फिर मजहब जानकर बेरहमी से गोलियां चलाई जाती हैं।
🔥 पलभर में ‘जन्नत’ बना नर्क
26 लोगों की मौत, जिनमें दो विदेशी नागरिक और दो स्थानीय लोग भी शामिल हैं
20+ घायल, जिनमें कई की हालत नाजुक
गोलियों की आवाज के साथ वादियों में गूंज उठीं चीखें
लोग जान बचाने के लिए पेड़ों, चट्टानों, और झाड़ियों में भागते रहे
💔 ‘भैया मेरे पति को बचा लो’ – एक पत्नी की दिल दहला देने वाली पुकार
एक महिला, जो अपने पति संग हनीमून मनाने आई थी, ने चीखते हुए कहा:
“उन्होंने हमारे आईडी देखे, नाम पूछा… और फिर मेरे पति को सिर में गोली मार दी। भैया! प्लीज़ मेरे पति को बचा लो…”
कश्मीर के सबसे खूबसूरत स्थानों में से एक, बैसारन, अब इतिहास में दर्ज हो गया — एक खून से लथपथ कहानी के तौर पर।
🛑 क्यों नहीं थम रहे ऐसे Terror Attacks?
TRF (The Resistance Front) ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन TRF ने ली है। माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में हो रहे राजनीतिक और सामाजिक बदलावों से बौखलाकर उन्होंने यह कायराना हरकत की। लेकिन सवाल ये उठता है —
❓ कब तक निर्दोष पर्यटकों की पहचान और मजहब पूछकर गोलियां चलाई जाएंगी? ❓ कब तक हमारे जवान केवल वारदात के बाद पहुंचेंगे? ❓ क्या किसी खूबसूरत जगह पर हिंदू होना अब गुनाह है?
बैसारन घाटी तक कोई सीधी सड़क नहीं है। वहां केवल पैदल या टट्टुओं की मदद से पहुंचा जा सकता है। हमले के बाद:
सेना ने हेलीकॉप्टर भेजे, लेकिन तब तक
स्थानीय गाइड्स और टट्टू वाले घायल लोगों को अपने कंधों और टट्टुओं पर नीचे लाते दिखे
🎥 वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे स्थानीय लोग अपने जान की परवाह किए बिना, घायल पर्यटकों की मदद करते हैं।
⚠️ क्या अब कश्मीर सिर्फ डर की घाटी है?
कश्मीर का नाम सुनते ही अब डर सताने लगा है। क्या वो घाटियां अब सिर्फ सियासत और खून की कहानियों में दफन होकर रह जाएंगी?
हम पूछते हैं:
🗣️ क्या धर्म के आधार पर की गई हत्या अब नया “नॉर्मल” है?
🗣️ क्या हनीमून पर गया एक हिंदू युवक जिंदा लौटने की उम्मीद भी नहीं कर सकता?
🗣️ क्या अब हमें अपने ID में लिखा “नाम” मिटा देना होगा, सिर्फ जिंदा रहने के लिए?
🧠 देश की ज़िम्मेदारी: अब मौन रहना अपराध है
यह हमला सिर्फ पहलगाम में नहीं हुआ, ये हमला हमारे भरोसे, आज़ादी, और मानवता पर हुआ है। अब वक्त आ गया है कि हम केवल दुख जताना बंद करें — अब हमें आवाज़ उठानी होगी।
✊ हमें एक ऐसे देश के लिए आवाज़ उठानी होगी जहां हर मजहब के नागरिक सुरक्षित महसूस करें, बिना डर के सफर कर सकें।
🔍 हमला किसने किया, कैसे किया – मुख्य जानकारी एक नजर में
जानकारी
विवरण
घटना
आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया
स्थान
बैसारन घाटी, पहलगाम, जम्मू-कश्मीर
समय
मंगलवार, दोपहर 3 बजे
मृतक
26 (2 विदेशी, 2 स्थानीय शामिल)
घायल
20+
आतंकी संगठन
TRF
हमला क्यों
पहचान और मजहब जानकर की गई फायरिंग
📣 अब वक्त है बोलने का, लिखने का, लड़ने का — शांति और न्याय के लिए
#PahalgamTerrorAttack, #JusticeForShubham, #StopTerrorism, #KashmirAttack — ये सिर्फ हैशटैग नहीं, एक क्रांति की शुरुआत होनी चाहिए। क्योंकि…
🩸 जब तक धर्म पूछकर गोली चलाई जाती रहेगी, तब तक हम सब असुरक्षित हैं।
राँची और बोकारो में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, हरिओम टावर (लालपुर), बरियातू और अन्य इलाकों में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। वहीं बोकारो में भी ईडी ने सरकारी और निजी स्थानों को टारगेट किया है।
📅 कब हुई कार्रवाई ?
यह छापेमारी आज सुबह से शुरू हुई और लगातार कई घंटे चली। सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें अलग-अलग ग्रुप्स में बंटी थीं और सभी ने एक साथ छापेमारी शुरू की।
ईडी की यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के तहत की गई है। बताया जा रहा है कि मनमोहन कंस्ट्रक्शन कंपनी और इजहार हुसैन से संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच हो रही है। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
❓ क्यों हुई छापेमारी ?
ED को शक है कि कुछ सरकारी और निजी संस्थानों के जरिए अवैध लेन-देन हुआ है, जिसमें काले धन की हेराफेरी हो सकती है। सरकारी कार्यालयों में भी जिस तरह से दस्तावेज खंगाले गए हैं, उससे यह संकेत मिलते हैं कि उच्चस्तरीय घोटाले की जांच चल रही है।
⚙️ कैसे चल रही है जांच ?
ईडी की टीमों ने संबंधित कार्यालयों में दस्तावेजों की छानबीन की है, कम्प्यूटर और फाइलें सीज़ की गई हैं। लोकल पुलिस भी ईडी टीम के साथ तैनात है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। सभी गतिविधियों को गोपनीय रखा गया है।
🔍 फिलहाल क्या स्थिति है?
कार्रवाई अब भी जारी है और ईडी की टीम कुछ और ठिकानों पर भी पहुंच सकती है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। लोगों की नजरें अब ईडी की अगली प्रेस रिलीज पर टिकी हुई हैं।
छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले के बगीचा क्षेत्र में उस वक़्त हड़कंप मच गया जब जंगल से एक महिला की सड़ी-गली लाश बरामद हुई। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान कर पाना भी मुश्किल था। जांच में सामने आया कि महिला की पिटाई करके हत्या की गई थी और शव को सूखे पत्तों के ढेर के नीचे छुपा दिया गया था।
🔪 10वीं पत्नी बनी वहशत का शिकार
आरोपी की पहचान धुला राम (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सुलेसा गांव का रहने वाला है। हैरानी की बात ये है कि वह पहले भी नौ बार शादी कर चुका था, लेकिन हर बार उसकी पत्नियाँ उसके हिंसक और अमानवीय व्यवहार के चलते उसे छोड़ गईं।
इस बार उसने अपनी 10वीं पत्नी बसंती बाई पर शादी समारोह से चावल, तेल और साड़ी चुराने का आरोप लगाया और गुस्से में उसे बेहद क्रूरता से पीटकर मार डाला।
👣 कैसे सामने आई वारदात की सच्चाई?
घटना के 5 दिन बाद, गांववालों ने पास के जंगल से तेज़ सड़ांध महसूस की। जब जांच की गई तो उन्हें एक आंशिक रूप से सड़ी हुई लाश मिली, जिसे पत्तों से ढकने की कोशिश की गई थी। चेहरा इतनी बुरी तरह बिगड़ चुका था कि उसे पहचानना संभव नहीं था।
🚨 पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपी?
जांच के दौरान मिले सबूतों और गवाहों के आधार पर धुला राम को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि वह पहले ही अपने वैवाहिक रिश्तों को लेकर शक और मानसिक तनाव में था। चोरी के शक ने उसमें एक बार फिर छूट जाने का डर पैदा किया और गुस्से में आकर उसने पत्नी को मौत के घाट उतार दिया।
😡 घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा पर उठते सवाल
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे कुछ हिंसक प्रवृत्ति के लोग समाज में खुले घूमते हैं, और कैसे महिलाएं शादी के नाम पर शोषण और प्रताड़ना का शिकार होती हैं।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी के पिछले वैवाहिक जीवन में भी कोई आपराधिक घटनाएं तो नहीं हुईं।
रांची: आज रांची का आसमान कुछ खास था। रांची एयर शो 2025 का आखिरी दिन जबरदस्त रोमांच और देशभक्ति से भरपूर रहा। भारतीय वायुसेना की मशहूर सूर्य किरण ऐरोबैटिक्स टीम ने 9 हॉक विमानों के साथ ऐसा रोमांचक प्रदर्शन किया जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया।
✈️ आसमान में तिरंगा और दिल ❤️ – भावनाओं से भरा हर पल!
जैसे ही सूर्या किरण की टीम ने एक साथ उड़ान भरी, लोगों के दिलों की धड़कनें तेज हो गईं। 👉 भारतीय तिरंगा जब विमानों के धुएं से बना तो पूरा मैदान तालियों की गूंज से भर गया। 👉 उसके बाद आसमान में बना दिल का निशान (Heart Formation) देखने वालों की आंखें नम कर गया।
🔥 रोमांचक करतब और पल भर के लिए रुकी सांसें
9 Hawk विमानों ने एक साथ फॉर्मेशन फ्लाइंग, क्रॉसिंग स्टंट, और स्पाइरल मूव्स किए।
कुछ मूवमेंट्स इतने करीब थे कि लगा जैसे विमान टकरा जाएंगे!
पूरा माहौल देशभक्ति और जोश से भर गया।
📸 देखिए कुछ शानदार झलकियाँ
🎤 लोगों की प्रतिक्रिया
शो में मौजूद हर दर्शक के चेहरे पर रोमांच साफ दिख रहा था:
“ऐसा शो मैंने पहले कभी नहीं देखा, गर्व से सीना चौड़ा हो गया।” “Indian Air Force is the real hero!” “Asli रील तो आज रांची के आसमान में बनी।”
🔚 अंतिम दिन बना यादगार
आज का दिन रांचीवासियों के लिए इतिहास में दर्ज हो गया। भारत की वायु शक्ति का यह प्रदर्शन न केवल रोमांचक था, बल्कि देशभक्ति की भावना से भी भरपूर था। जिन्होंने यह शो देखा, उनके लिए यह पल जीवन भर की याद बन गया।
पटना, बिहार: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आज 20 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर बिहार पहुँचे हैं। इस दौरान वह बक्सर और पटना में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर पार्टी की रणनीति पर विचार करेंगे।
📍 बक्सर और पटना में कई आयोजन
बिहार प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजकुमार पासवान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने खुद बक्सर पहुँचकर तैयारियों की समीक्षा की है। वहीं पटना के बापू सभागार में होने वाले कार्यक्रम के लिए सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। खड़गे यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सीधी बातचीत करेंगे।
🤝 तेजस्वी यादव से भी करेंगे मुलाकात
अपने दौरे के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे राजद नेता तेजस्वी यादव से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में महागठबंधन की रणनीति और सीटों के बंटवारे पर बात होगी।
राजकुमार पासवान ने कहा कि:
“महागठबंधन पूरी तरह से एकजुट है और कांग्रेस तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा मानती है।”
अररिया, बिहार: अररिया जेल में बंद एक कैदी की रहस्यमयी मौत ने प्रशासन और जेल व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक कैदी की पहचान शोहराब खान के रूप में हुई है, जिसे पलासी थाना क्षेत्र के बांसर गांव से एक पुराने केस में वारंटी के रूप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
⚠️ क्या है मामला?
शुक्रवार देर रात लगभग 2 बजे अररिया जेल प्रशासन ने शोहराब को मृत अवस्था में सदर अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के शरीर पर कई जगहों पर चोट के गंभीर निशान पाए गए, जिससे परिजनों ने आरोप लगाया है कि शोहराब की जेल में पीट-पीटकर हत्या की गई है।
📞 जेल प्रशासन का पक्ष
जेल अधीक्षक ने मीडिया को फोन पर जानकारी दी कि,
“शोहराब ने जेल के टॉयलेट में फांसी लगा ली थी। उसी हालत में उसे अस्पताल लाया गया।”
हालांकि, यह बयान तब संदिग्ध बन गया जब शव पर जख्मों के गहरे निशान दिखे, जिससे परिजनों ने हत्या की आशंका जताई।
🧑⚖️ प्रशासन का एक्शन
अररिया के एएसपी राम पुकार सिंह ने बताया कि,
“घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे हैं और मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।”
🔍 अब क्या हैं जांच के बिंदु?
क्या वाकई कैदी ने खुदकुशी की या यह प्लांड मर्डर है?
क्या जेल प्रशासन द्वारा कोई दबाव या प्रताड़ना दी जा रही थी?
सीसीटीवी फुटेज और अन्य कैदियों के बयान क्या कहते हैं?
क्या यह मामला भी जेल में मनी पावर और भ्रष्टाचार का हिस्सा है?
📸 मृतक के शरीर पर जख्म, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
शोहराब की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है कि,
“हमें न तो कोई सूचना दी गई, न कोई वजह। हमें यकीन है कि शोहराब की जेल कर्मियों ने हत्या की है।”
🧵 निष्कर्ष
अररिया जेल में हुई इस संदिग्ध मौत ने एक बार फिर जेल व्यवस्था और मानवाधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि यह हत्या है, तो यह न सिर्फ एक व्यक्ति की मौत है बल्कि न्याय व्यवस्था और कैदी अधिकारों की हत्या भी है। जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
रांची के नामकुम स्थित खोजा टोली आर्मी मैदान में आज भारतीय वायुसेना का पहला एयर शो पूरे शान-ओ-शौकत के साथ चल रहा है। यह झारखंड के इतिहास में एक ऐतिहासिक और रोमांचक पल बन चुका है, जहां हजारों की संख्या में लोग भारतीय वायुसेना की ताकत और पराक्रम को नजदीक से देख रहे हैं।
आज सुबह 8:30 बजे से ही लोगों की भीड़ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगी थी। मैदान पूरी तरह भरा हुआ है और आसमान में गरजते फाइटर जेट्स ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया है।
📸 Photo देखें:
Air Show को देखने ग्राउंड पर लोगों की उत्साह से भरी मौजूदगी
👉 इस शो को देखने के लिए कोई टिकट या शुल्क नहीं लिया जा रहा है, यह सभी के लिए मुफ्त है। सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और किसी भी दर्शक को अपने साथ खाद्य या पेय सामग्री लाने की अनुमति नहीं है, ताकि पक्षियों को आकर्षित होने से रोका जा सके।
📸 Video देखें:
🎖️ कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, एयर चीफ मार्शल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं।
📍 अगर आप अभी तक नहीं पहुंचे हैं, तो देर मत कीजिए – यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा!
📍 एयर शो कहां और कब होगा?
🗓️ तारीख: 19 और 20 अप्रैल 2025 (दो दिन)
🕘 समय: सुबह 9:45 बजे से 10:45 बजे तक (हर दिन 1 घंटा)
सभी दर्शकों को सुबह 08:30 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लेना होगा।
सुरक्षा कारणों से निर्धारित समय के बाद एंट्री नहीं दी जाएगी।
आयोजन स्थल पर निर्धारित गेट, बैरिकेडिंग और पार्किंग व्यवस्था पहले से तय होगी।
🛩️ क्या देखने को मिलेगा इस एयर शो में?
भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों द्वारा एरोबेटिक्स और स्टंट
फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टर की उड़ानें
📢 आयोजन का उद्देश्य
इस एयर शो का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय वायुसेना की वीरता और तकनीकी क्षमता से अवगत कराना है। साथ ही, यह कार्यक्रम झारखंड में देशभक्ति और रक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
📸 औरतस्वीरें और अपडेट्स के लिए जुड़े रहें! रांची में होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की तस्वीरें, वीडियो और अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल पर बने रहें।
🧭 निष्कर्ष
अगर आप रांची या झारखंड में हैं, तो इस ऐतिहासिक एयर शो को मिस न करें। समय से पहुंचे, अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस गौरवपूर्ण अनुभव का हिस्सा बनें।
रांची। मुख्यमंत्री और हेमंत सोरेन ने आज अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बँटवारा कर दिया है। इरफ़ान अंसारी को जहाँ स्वास्थ्य मंत्री बनाने के साथ खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग दिया गया है, वहीं दीपिका पांडेय सिंह को ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य, पंचायती राज विभाग का मंत्री बनाया गया है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने पास कार्मिक और गृह मंत्रालय के अलावा पथ निर्माण, भवन निर्माण, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अलावा अन्य वैसे विभागों को रखा है, जो दूसरे मंत्रियों को आवंटित नहीं है।
मुख्यमंत्री के क़रीबी माने जाने वाले सुदिव्य सोनू को नगर विकास विभाग, उच्च शिक्षा और खेलकूद मंत्रालय का मंत्री बनाया गया है, जबकि चमड़ा लिंडा को SC/ST आदिवासी कल्याण मंत्रालय का ज़िम्मा सौंपा गया है।
कांग्रेस कोटे के मंत्री राधाकृष्ण किशोर को वित् विभाग, वाणिज्य कर विभाग एवं संसदीय कार्य का ज़िम्मा सौंपा गया है, वहीं शिल्पी नेहा तिर्की को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग का ज़िम्मा दिया गया है। हफीजुल हसन अंसारी को जल संसाधन और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया है वहीं योगेन्द्र प्रसाद को पेयजल स्वच्छता एवं उत्पाद मद्य निषेध मंत्रालय मिला है।
Ranchi : साहिबगंज में अवैध खनन के जरिए मनी लॉउंड्रिंग के आरोपी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है। शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे सोमवार को अदालत ने सुनाई है।
पंकज को ईडी ने 18 जुलाई 2022 को पूछताछ के लिए बुलाया था, पूछताछ के दौरान ही उसे ईडी ने गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में ही था। उसकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज थी। उसने दूसरी बार ईडी कोर्ट के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जहां से उसे जेल में कटे अवधि को देखते हुए जमानत की सुविधा प्रदान की है।
Gandiv Reporter: लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के माल्हन केकराही गांव के निकट शुक्रवार की देर रात मालगाड़ी की चपेट में आने से एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई।मृत हाथी का बच्चा मालगाड़ी के नीचे फंसा रहने के कारण रेलवे का परिचालन भी प्रभावित रहा।
शनिवार को वन विभाग और रेलवे विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मृत हाथी के बच्चे को मालगाड़ी के नीचे से बाहर निकाला गया। दरअसल, बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड अंतर्गत चंदवा थाना क्षेत्र के केकराही गांव के समीप बीती रात हाथियों का झुंड रेल पटरी को पार कर रहा था। इसी दौरान अचानक डाउन लाइन पर मालगाड़ी आ गई, जिसके चपेट में एक जंगली हाथी का बच्चा आ गया और उसकी मौत हो गई।
हाथी का बच्चा मालगाड़ी में फंसे होने के कारण गाड़ी को घटनास्थल पर ही रोकना पड़ गया। इधर, घटना की जानकारी होने के बाद रेलवे विभाग के द्वारा वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। शनिवार की सुबह वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और रेलवे की टीम की मदद से हाथी के बच्चे को रेलवे के पटरी से हटाया गया।
इस संबंध में रेंजर नंदकुमार महतो ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम के द्वारा तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर मृत हाथी के बच्चे को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
डाउन लाइन पर यातायात रहा प्रभावित
इधर, डाउन लाइन पर मालगाड़ी के खड़े रहने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि रेलवे विभाग के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अप लाइन के माध्यम से ही रेलवे परिचालन को कराया गया।शनिवार को पटरी से हाथी के बच्चे के शव को हटाने के बाद डाउन लाइन पर भी यातायात सामान्य हो गया।