श्रेणी: Politics

  • एक रिक्शा चालक बना मुखिया

    पंचायत चुनाव में राहे पंचायत में बना मिसाल

    राँची : झारखंड पंचायत चुनाव के पहले चरण के रिजल्ट में चौंकाने वाले परिणाम देखने को मिले हैं। राजधानी रांची के राहे पंचायत के पुरनानगर में एक रिक्शा चालक को गांव वालों ने मुखिया बना दिया है।

    चुनाव में जीत हासिल करने वाले रिक्शा चालक कृष्णा पातर मुंडा के लिए दो वक्त की रोटी भी बड़ी कठिनाई से नसीब होती है, लेकिन लोकतंत्र की खूबसूरती ने उन्हें अब मुखिया बना दिया है। वह लगातार तीसरी बार मुखिया पद के लिए चुनावी मैदान में उतरे। दो बार उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन इस बार उन्होंने बड़े-बड़े पैसे वालों को चुनावी मैदान में धूल चटा दिया।

    विगत 10 वर्ष से चला रहा रिक्शा

    कृष्णा पातर मुंडा पिछले 10 साल से रिक्शा चला रहा है। वह हर दिन गांव से 10 किलोमीटर दूर रांची बस से ज्यादा है। फिर वहीं रिक्शा चलाता है और जो भी थोड़ी-बहुत कमाई होती है, उसी से परिवार का गुजारा चलता है। कृष्णा के परिवार में उसकी पत्नी और चार बेटियां हैं। गांव वालों ने उसका नाम मुखिया ही रखा था। उसे जब भी बुलाते मुखिया कहकर ही बुलाते हैं। घर में गरीबी का आलम यह है कि न तो उसके पास मोबाइल है और ना ही साइकिल।

    गांव वालों ने मदद कर चुनाव लड़ाया

    कृष्णा को गांव वालों ने चुनाव में हौलसा देकर खड़ा कराया। गरीबी के कारण मुखिया चुनाव लड़ने की उसकी क्षमता नहीं थी। उसके पास तो कुछ था भी नहीं। लेकिन, हर बार के चुनाव में कई ग्रामीण उसके समर्थन में उतरते और उसकी खूब मदद करते। जब गांव वालों ने कृष्णा को चुनाव में उतारा तो दूसरी तरफ काफी पैसे वाले लोग खड़े थे। लेकिन गांव वालों ने कृष्णा का घर दाल-चावल और आटा की व्यवस्था की और उसे चुनावी मैदान में उतारा और जमकर वोट दिया।

    मेरा काम बोलेगा-कृष्णा पातर मुंडा

    इस जीत के बाद कृष्णा, उसका परिवार और समर्थक काफी उत्साहित हैं। जब कृष्णा से उसकी जीत को लेकर बात की गई तो उसने कहा कि जो लोग चुनाव जीतते हैं, वे गरीबों का काम नहीं करते। लेकिन जब चुनाव जीतने वाला खुद गरीब परिवार से हो तो वह उनके दुख-दर्द को समझता है। अब जबकि चुनाव जीत गया हूं तो मैं ज्यादा कुछ नहीं बोलना चाहता, मेरा काम बोलेगा, जो सभी वर्ग के लिए होगा।

  • पूजा सिंघल मामले में सरयू राय की एंट्री

    रवि केजरीवाल पर साधा निशाना, कहा सभी शेल कंपनियों का सरगना है वही

    रांची। पूजा सिंघल प्रकरण में अब पूर्व मंत्री सरयू राय भी कूद गये हैं। उन्‍होंने 16 मई की सुबह जेएमएम के पूर्व कोषाध्‍यक्ष रवि केजरीवाल को लेकर बड़ा धमाका किया। अपने टि्वटर हैंडल पर पूर्व मंत्री ने लिखा है, ‘रवि केजरीवाल ही मुखौटा कंपनियों का सरग़ना है. जुलाई 2013 में @HemantSorenJMM मुख्यमंत्री बने तो मैंने इन कंपनियों की लंबी सूची भाजपा ऑफिस में प्रेस कांफ्रेंस कर उजागर किया, सीबीआई को भेजा, अख़बारों ने प्रमुखता से छापा. ईडी ने सूची सीबीआई से लिया है. तब रवि ने मुझे भरपूर गालियाँ दी थी.

    पूर्व मंत्री ने ट्व‍िट कर लिखा है कि, ‘इन मुखौटा कंपनियों की सूची लगाकर झारखंड हाई कोर्ट के वकील राजीव कुमार ने पीआईएल किया, बोकारो के दीवान इंद्रनील (अब स्वर्गीय) याचिकाकर्ता थे. अधिवक्ता राजीव कुमार ने दुबारा पीआईएल किया है. आदेशानुसार ईडी इसकी जाँच कर रही है. मामले का राजनीतिकरण न हो, असली गुनहगार सामने आएँ.

  • BIG BREAKING : बंगाल विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी दिन काफी हंगामेदार रहा, BJP और TMC के विधायकों में हाथापाई, कपड़े फाड़े,

    Kolkta : पश्चिम बंगाल विधानसभा के बजट सत्र का आखिरी दिन(सोमवार) काफी हंगामेदार रहा. बीजेपी और टीएमसी के विधायकों में जमकर हाथापाई हुई और कपड़े भी फाड़े गए. बीजेपी ने आरोप लगाया कि जब उसने बीरभूम मामले पर चर्चा की मांग की तो टीएमसी के विधायकों ने आपा खो दिया और हाथापाई की. इस दौरान बीजेपी विधायक मनोज तिग्गा के साथ मारपीट की गई.

    बीजेपी के विधायकों ने सदन से किया वॉकआउट

    इसके बाद बीजेपी के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. बताया जा रहा है कि इस हाथापाई में टीएमसी के विधायक आसित मजूमदार को भी कथित तौर पर नाक पर चोट आई है. उन्हें एसएसकेएम में ले जाया गया है.

    पांच बीजेपी विधायक सस्पेंड

    इस घटना के बाद पांच बीजेपी विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया है, जिसमें शुभेंदु अधिकारी, मनोज तिग्गा, शंकर घोष, दीपक बरमन और नरहारी महतो शामिल हैं.

    बीजेपी विधायकों ने विधानसभा के बाहर भी विरोध-प्रदर्शन किया. उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मारपीट की गई और वेल में प्रदर्शन के दौरान सिक्योरिटी गार्ड्स ने धक्का भी दिया.

    क्यों शुरू हुआ विवाद

    बीजेपी ने सदन में बीरभूम हिंसा मामले में बहस की मांग की और फिर विरोध करना शुरू कर दिया. इसके बाद सदन में स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई.  बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनके विधायकों को धक्का दिया गया और कपड़े भी फाड़ दिए गए.

    अमित मालवीय ने ट्वीट किया वीडियो

    इस घटना का एक वीडियो बीजेपी के आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने ट्वीट किया है, जिसमें बीजेपी और टीएमसी विधायक आपस में हाथापाई करते नजर आ रहे हैं. इस ट्वीट के साथ मालवीय ने लिखा, प.बंगाल विधानसभा में हंगामा. बंगाल के राज्यपाल के बाद टीएमसी विधायकों ने अब चीफ व्हिप मनोज तिग्गा समेत बीजेपी विधायकों पर हमला किया क्योंकि वे रामपुरहाट हत्याकांड पर चर्चा की मांग कर रहे थे

  • पाकिस्तान में सियासी घमासान LIVE: पाकिस्तान की संसदीय कार्यवाही पहले दिन ही स्थगित हो गई है ,अब 28 मार्च को पेश हो सकता है इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

    पाकिस्तान की संसदीय कार्यवाही पहले दिन स्थगित हो गई है। नेशनल असेंबली में अब सोमवार यानी 28 मार्च को शाम 4 बजे बैठक शुरू होगी, जिसमें इमरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। दरअसल, सांसद ख्याल जमां के निधन के बाद ये सदन की पहली बैठक थी। पाकिस्तान की संसदीय परंपरा के मुताबिक, किसी सांसद का निधन होने पर सदन की पहली बैठक में केवल श्रद्धांजलि दी जाती है।

    कब होगी अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग?

    • पाकिस्तान के संविधान के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के 3 दिन बाद और 7 दिन के अंदर वोटिंग कराना जरूरी है।
    • माना जा रहा है कि स्पीकर असद कैसर इमरान के इशारे पर वोटिंग टालना चाहते हैं, जबकि विपक्ष को जीत सामने नजर आ रही है, इसलिए वो इस पर जल्द से जल्द फैसला चाहता है

    पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े बड़े अपडेट्स.

    • इमरान सरकार में मंत्री फवाद चौधरी ने बागी सांसदों को फटकार लगाते हुए कहा कि जिस नेता के नाम पर वोट हासिल किए, उसी की पीठ में छुरा घोंपना शर्म की बात है।
    • अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही इमरान सरकार के 24 सांसद बागी हो गए हैं। बिना किसी बाहरी मदद के इमरान की कुर्सी जाना लगभग तय है।
    • इमरान खान आज मसेहरा में एक पब्लिक रैली को संबोधित करेंगे। सीनेटर फैसल जावेद खान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी।
    • फवाद चौधरी का आरोप है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज ने अनुच्छेद 63-ए पर सुनवाई करने वाली बैंच के खिलाफ सोशल मीडिया कैम्पेन शुरू किया था।

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    ग्राफिक्स से समझिए पाकिस्तान संसद का नंबर गेम…

    MQM-P ने इमरान का साथ छोड़ा, विपक्ष के साथ किया समझौता

    पाकिस्तानी अखबार DAWN की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (MQM-P) के बीच गुरुवार को मीटिंग हुई। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में MQM पार्टी ने विपक्षी पार्टियों से समझौता कर लिया है।

    इसका मतलब जहां पहले इस पार्टी के सांसद इमरान सरकार का समर्थन कर रहे थे, वहीं अब ये विपक्ष के साथ खड़े होकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट देंगे।

    सभी सांसदों के वोट गिने जाएंगे

    इमरान सरकार ने अनुच्छेद 63 के हवाले से पाक सुप्रीम कोर्ट से मांग की थी कि बागी सांसदों का वोट न गिने जाए। इस पर पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने गुरुवार को कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान डाले गए वोटों की गिनती नहीं करना संविधान की अवमानना होगा। इसी के साथ अब यह तय हो गया है कि सभी सांसदों के वोट गिने जाएंगे।

    शेख रशीद का बागी नेताओं पर तंज.

    अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के पहले इमरान सरकार के होम मिनिस्टर शेख रशीद का बड़ा बयान सामने आया है। गुरुवार को इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए रशीद ने पार्टी बदलने वाले बागी नेताओं से कहा कि ऐसा करके उनका कोई भला नहीं होगा।

  • झारखंड आंदोलनकारियों के सुविधा देने पर त्रिस्तरीय कमिटी बनाने पर चर्चा

    सीएम से संघर्ष मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल मथुरा महतो एवं विनोद की अगुवाई में मिले
    मुख्यमंत्री को जांच अधिनियम 1952 की प्रति एवं उत्तराखंड के आंदोलनकारियों के चिन्हिततीकरण एवं सुविधाएं तथा लाभ दिए जाने से संबंधित प्रतियां उपलब्ध कराये

    रांची। झारखंड आंदोलनकारियों के मान-सम्मान, पहचान, नियोजन, पेंशन के मामले को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का एक प्रतिनिधिमंडल सचेतक मथुरा प्रसाद महतो एवं माले विधायक विनोद कुमार सिंह की अगुवाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से एक प्रतिनिधिमंडल सौहार्द पूर्ण वातावरण में मिले। मुख्यमंत्री ने झारखंड आंदोलनकारियों के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर की एवं सकारात्मक पहल करने की बातें कहीं। इस प्रतिनिधिमंडल में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष अश्वनी कुजुर केंद्रीय सचिव किशोर किस्कू, कयूम खान, विनीता अल्पना खलखो, केंद्रीय संयोजक भुनेश्वर केवट,गोपाल रवानी, केंद्रीय प्रवक्ता पुष्कर महतो व दुमका जिला अध्यक्ष कोलेश्वेर सोरेन प्रमुख थे। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया कि आंदोलनकारियों के चिन्हितीकरण का कार्य तेजी से हो तथा आंदोलनकारियों को सुविधाएं एवं लाभ के मामले में त्रिस्तरीय स्तरीय समिति का गठन करने का सुझाव दिया तथा इस समिति में सरकार की ओर से माननीय विधायक गण, गृह सचिव ,मुख्य सचिव, वित्त सचिव एवं विधि सचिव तथा झारखंड आंदोलनकारियों को रखने की बातें कहीं व इस पर चर्चा हुई।साथ ही जाने की बाध्यता को समाप्त किया जाए और सभी झारखंड आंदोलनकारियों को समान रूप से मान-सम्मान ,पहचान नियोजन व पेंशन दिया जाए। इस संदर्भ में संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जांच अधिनियम 1952 की प्रति एवं उत्तराखंड के आंदोलनकारियों के चिन्हिततीकरण एवं सुविधाएं तथा लाभ दिए जाने से संबंधित प्रतियां उपलब्ध कराये। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने अधीनस्थ अधिकारी को इस संबंध में समुचित कार्रवाई हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। दोनों विधायकों ने मुख्यमंत्री से झारखंड आंदोलनकारियों की वर्तमान स्थितियों पर ध्यान आकृष्ट कराया तथा समय बाद चिन्हितीकारण करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों को जिला भ्रमण करने और आंदोलनकारियों को चिन्हित करने की भी बातें कहीं। इस मौके पर झारखंड आंदोलनकारी पुष्कर महतो द्वारा लेखक अनुज कुमार सिन्हा के द्वारा झारखंड आंदोलनकारियों की दास्तान शोषण, संघर्ष और शहादत पुस्तक मुख्यमंत्री को भेंट की।
    झारखंड आंदोलनकारियों के सुविधा देने पर त्रिस्तरीय कमिटी बनाने पर चर्चा

  • भीड़ हिंसा एवं लिंचिग निवारण विधेयक-2021 पारित होने पर सीएम को बधाई

    रांची। भीड़ हिंसा एवं लिंचिग निवारण विधेयक-2021 सदन से पारित होने पर आमया संगठन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन से मिलकर आभार व्यक्त किया। वही विधायक बंधु तिर्की, सरफराज अहमद, इरफान अंसारी, सुदीप कुमार सोनू, प्रदीप यादव द्वारा बिल के समर्थन करने पर धन्यवाद दिया। अध्यक्ष एस अली ने बताया कि झारखंड में 17 मार्च 2016 से 4 दिसंबर 2021 तक 56 लोगों को लीचिंग हुई है। जिसमें 33 लोगों की मौत और 23 गंभीर रूप से घायल हुए है। इनमें 15 मुस्लिम 11 हिन्दू, 4 ईसाई और 3 सरना आदिवासी है। वही घायलों में 13 ईसाई, 5 सरना आदिवासी, 3 मुस्लिम और 2 हिन्दू है। मॉबलींचिग पर कानून बनाने और पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए 24 मार्च 2016 से 04 दिसंबर 2021 तक आमया संगठन के द्वारा आंदोलन, अभियान, हाईकोर्ट में रिट व पीआईएल के साथ 18 मार्च 2021 के मंत्री आलमगीर आलम के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से वार्ता। 08 माह बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कानून बनाकर सदन से पारित किया है। जो स्वागत योग्य है विधेयक में जो त्रृटि है। उसपर मुख्यमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री ने सुधार का भरोसा दिया है। अभार व्यक्त करने वालों में इस्मे आजम, मो जियाउद्दीन, मो फुरकान, लतीफ आलम, नौशाद आलम, मो इकराम, इमरान अंसारी, रहमतुल्लाह अंसारी, अरशद जिया, अबरार अहमद, अफताब आलम, जावेद अंसारी, मोदस्सीर अहरार, मोईज अहमद, सालेह सईद, मो सम्मी, तहमीद अंसारी, आसिफ अंसारी, अब्दुल गफ्फार, अबू रेहान, मो जैद, अफताब गद्दी, इमाम अहमद, मंजूरी अंसारी, आसीफ रूहहुल्ला, खालिद सैफुल्लाह, अंजर अहमद और शादी जुहैब आदि शामिल थे।

  • रांची के स्लॉटर हाऊस, ड्रेनेज सिस्टम और नक्सा रेगुलाइज मामले से सदन गूंजा

    रांची के स्लॉटर हाऊस, ड्रेनेज सिस्टम और नक्सा रेगुलाइज मामले से सदन गूंजा

    प्रदीप यादव ने कहा कि हरमू नदी में 85 और स्लाटर हाउस में 17 करोड़ लगा, कार्य अधूरी
    रांची। हरमू नदी में 85 करोड़, अर्बन हाट निर्माण में 5 करोड़, स्लाटर हाउस के लिए 17 करोड़, टाइम स्क्वायर में 22 करोड़ और सीवरेज ड्रेनेज के नाम पर हुए 100 करोड़ खर्च का मामला आज सदन में उठाया गया। विधानसभा शीतकालीन सत्र में प्रश्न काल आज बहुत ही गरमा-गरम रहा। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने इस मांग को लेकर एक उच्चस्तरीय कमेटी या विधानसभा की कमेटी बनाकर जांच की मांग की। विधायक प्रदीप यादव प्रभारी मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और सीएम से बात करके सत्र के दौरान ही इसकी घोषणा करने की मांग की। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि शहर के विकास के लिए नगर विकास विभाग की एक योजना पूरी नहीं हुई हैं। चाहे वह स्लॉटर हाऊस का मामला हो, या अरबन हॉट या फिर हरमू नदी का। मांस के खुदरा विक्रेताओं के लिए आघात है। जब इसके लिए रेगुलेशन नहीं लाए। शलॉटर हाऊस शुरू नहीं हुआ तो फिर इसे क्यों. 17 करोड़ क्यो। स्लॉटर हाऊस बना, मगर शुरू नहीं हुआ। इसका समाधान किया जाए। इनके पदाधिकारी बताएं क्या मामला है। श्री यादव ने कहा कि हरमू नदी में 85 करोड़ अर्बन हाट निर्माण में, 5 करोड़ स्लाटर हाउस में 17 करोड़, टाइम स्क्वायर 22 करोड़, सीवरेज ड्रेनेज के नाम पर 100 करोड़ खर्च हुए। एक आॅडर और रेगुलेशन के कारण शुरू नहीं होना बहुत दुखद है। कब तक शुरू होगा। कब जारी होगा रेगुलेशन। उन्होंने पूछा कि अरबन हाट का काम किस कारण से रोका गया. यह काम कब पूरा होगा।

    चालू वित्तीय वर्ष में इसका होगा निबटारा : सत्यानंद भोक्ता

    प्रभारी मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में इसका निबटारा होगा। प्रदीप यादव मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि सरकार एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाए या फिर विधानसभा की सर्वदलीय कमेटी बनाएं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री से बात करके इसके समाधान की दिशा में काम शुरू होगा। प्रदीप यादव ने कहा कि इस सवाल का जवाब देने से पहले सीएम से बात क्यों नहीं किए। यह पूरी सरकार की जिम्मेवारी है। एक सीएम का मामला नहीं है। इन पैसे का लाभ जनता को मिले। विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि 2 लाख में 10 हजार का नक्सा पास है। नगर निगम बार-बार नोटिस दे रही है। इसके नियमतीकरण का सरकार विचार करे।

  • हम यहां बंग्लादेश और पाकिस्तान के लिए नहीं, झारखंडियों के लिए बैठे हैं : सीएम

    कहा 29 दिसंबर से स्कूलों में विशेष ड्राइव चलाकर बनाया जाएगा जाति प्रमाण पत्र

    रांची। जाति प्रमाण बनाने में हो रही परेशानी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र की समस्या अभी की नहीं है। जाति प्रमाण पत्र पर सरकार ने संज्ञान लिया है। स्कूल के स्तर पर 29 दिसंबर के बाद सभी स्कूलों में चाहे वह सरकारी हो या गैरसरकारी स्कूल हो जाति प्रमाण पत्र बनेगा। यह प्रमाण पत्र जन्म के साथ ही बनेगा। इसके लिए विशेष ड्राइव चलेगा। हेमंत सोरेन भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हमलोग झारखंड के लोग ही बैठे हैं। यह मुद्दा आदिवासी-मुसलमानों का नहीं है। ये लोग संप्रदायवाद की ओर क्यों चले जाते हैं। हम यहां बंग्लादेश और पाकिस्तान के लिए नहीं बैठे हैं, झारखंडियों के लिए बैठे हैं। हर बात में सिर्फ मुसलमानों की बात क्यों होती है। भाजपा विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि झारखंड प्रदेश आदिवासी-मूलवासियों के लिए बना। आज दो दिनों से सरकार का बयान इसके विरोध में आ रहा है। चीक बड़ाईक, लोहरा जनजाति को जाति प्रमाण पत्र बनाने में काफी दिक्कतें हो रही है। बंधु तिर्की बहुत बोलते हैं मगर अब चुप हैं। सरकार के निर्णय से कई जाति उपेक्षित हो रहे है। बंग्ला देश से आए लोगों का प्रमाण पत्र न बने।

    खतियानी रैयतों के पंजी टू में नाम दर्ज कराया जाय : राजेश कच्छप
    शून्य काल में माले विधायक ने सहिया के बकाए मानदेय भुगतान की मांग की। कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने खतियानी रैयतों के पंजी टू में लोड दर्ज नहीं है। इसके लिए सभी अंचलों में विशेष कैंप लगाया जाए। इसके कारण खाता में छेड़छाड़ की संभावना बनी हुई है। इसलिए पंजी में हुई गबड़बड़ी में सुधार किया जाए। भूषण बाड़ा ने दूसरे भाष उर्दू के शिक्षकों की रिक्तियों को भरने की मांग की। प्रदीप यादव ने गृह रक्षा वाहिनी गोड्डा सहित अन्य जिलों में लंबित है। उम्र सीमा पार कर रहा है। सरकार बहाली प्रकिया शुरू करने का निर्देश डीसी को दें। अंबा प्रसाद हजारीबाब के ढेंगाबली कांड में छह केस हुए थे। जिसमें कंपनी को क्लीन चीट दे दी गयी। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। इसकी जांच एसआईटी से करायी जाए। बंधु तिर्की ने अपने क्षेत्र में पथ निर्माण की मांग की।

  • जेपीएससी पर सदन में हंगामा, अमिताभ चौधरी को बर्खास्त करने की मांग

    रांची। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भी झारखंड लोक सेवा आयोग पर हंगामा जारी रहा। आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के विधायक वेल में आ गए और हंगामा करने लगे। ये जेपीएससी की 7वीं से 10वीं पीटी की परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। भाजपा विधायक अमर बाउरी ने भी स्पीकर से सीएम को सदन में बुलाकर उनसे जेपीएससी पर बयान देने की मांग की। उन्होंने बताया कि यह गंभीर मुद्दा है। भाजपा की मांग का आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने भी अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सीएम बाहर में जेपीएससी पर बयान दे रहे हैं। राज्य के लिए अभी सबसे बड़ा मुद्दा जेपीएससी ही है। वहीं विधायक भानुप्रताप शाही ने मुख्यमंत्री के उस बयान का विरोध किया है। जिसमें हेमंत सोरेन ने कहा था कि जेपीएससी का विरोध करने वाले बाहरी हैं। भानु ने सदन में कहा कि यह शर्मनाक है। न्याय के लिए सड़क पर बैठे छात्र झारखंड के हैं।

  • भाजपा के मनुवादी सोच वालों के पेट में दर्द हो रहा है: सीएम

    जेपीएससी मामले में सीएम ने सदन में कहा दलित-आदिवासी बच्चे आगे बढ़ रहे हैं, तो
    रांची। शीतकालीन सत्र में विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी मामले में आज सदन में जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में पहली बार इस सरकार ने नियम के तहत पीटी परीक्षा ली है। इस परीक्षा में बड़े पैमाने में दलित आदिवासियों के बच्चे पास हुए हैं। जिससे मनुवादी सोच वाले भाजपा नेता के पेट में दर्द हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम विपक्ष में थे तो हम ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई जेपीएससी में धांधली की बात उठाते रहे हैं। भाजपा सरकार ने अपने 5 सालों में जेपीएससी एग्जाम नहीं करा पायी। हमारी सरकार ने पहली बार नियमानुसार जेपीएससी परीक्षा ली है। जिसमें बड़े पैमाने पर अभ्यर्थी पीटी में शामिल हुए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएससी अपना इंडिपेंडेंट बॉडी है। अब तक पुरानी सरकार के हस्तक्षेप की वजह से जेपीएससी पर प्रश्नचिन्ह लगा है। इस बार कराये गये एग्जाम में हमारी सरकार ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। अगर ऐसा है तो यहां के 81 विधायकों मेंं से कोई भी विधायक इसकी पुष्टि कर दें।