रांची: झारखंड की राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक प्रमुख आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी का नाम देवाशीष मिश्रा है। पुलिस की जानकारी के अनुसार, यह आरोपी CCL, मेकॉन और NTPC जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी का वादा करके बेरोजगार युवाओं से पैसे ठगता था। अब तक इस मामले में 33 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है।
फर्जी ईमेल के जरिए लोगों को ठगता था
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि देवाशीष मिश्रा एक चालाक व्यक्ति था, जो लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाता था। वह नौकरी के प्रस्ताव भेजकर युवाओं और उनके परिवारों को यह विश्वास दिलाता था कि नौकरी पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके साथ ही, उसने “100 प्रतिशत गारंटी” का दावा कर उनसे भारी रकम वसूली।
पैसे परिवार के खातों में मंगवाता था
पुलिस के अनुसार, देवाशीष मिश्रा ठगी की रकम सीधे अपने बैंक खाते में नहीं मंगवाता था। जांच में पता चला है कि वह पैसे अपने बेटे प्रियांशु मिश्रा, पत्नी ज्योति मिश्रा और बहन वंदना मिश्रा के खातों में ट्रांसफर करवाता था। इसी कारण से पुलिस ने उसके परिवार के अन्य सदस्यों को भी अभियुक्त करार दिया है।
शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई
यह मामला शिकायतकर्ता सुदर्शन चौबे की लिखित शिकायत के बाद शुरू हुआ। सुदर्शन चौबे ने कांके थाना में आवेदन देकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की जानकारी दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया। ASP साक्षी जमुआर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह गंभीर आर्थिक अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा।
तकनीकी और बैंक रिकॉर्ड की गहन जांच
केस के अनुसंधान अधिकारी मोहम्मद कपिल अहमद ने बताया कि पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, तकनीकी साक्ष्य और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी और उसके गिरोह ने कितने लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस की टीम अब मामले में अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए निरंतर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।