रांची: झारखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता की समस्याएं बढ़ती दिख रही हैं। डीजीपी पद से इस्तीफे के लगभग दो सप्ताह बाद, रांची के डोरंडा थाने में उनके खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज की गई है। अधिवक्ता राजीव कुमार ने इस शिकायत को प्रस्तुत किया है। उन पर आपराधिक गिरोहों के साथ सांठगांठ और करोड़ों रुपये की वसूली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अनुराग गुप्ता पर कोयला व्यवसायियों से अवैध वसूली करने तथा आपराधिक संगठन चलाने का आरोप भी है।
कोयला व्यवसायियों से करोड़ों रुपये की वसूली
अधिवक्ता राजीव कुमार ने अपनी ऑनलाइन शिकायत में उल्लेखित किया है कि उन्हें मीडिया रिपोर्टों व उपलब्ध सूचनाओं से पता चला है कि पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ने अपने कार्यकाल में झारखंड के कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा के साथ मिलकर ‘कोयलांचल शांति समिति’ (KSS) नामक संगठन का गठन किया। इस संगठन द्वारा पूरे राज्य में कोयला व्यापारियों, ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, चिकित्सकों और व्यवसायियों से करोड़ों रुपये की वसूली की गई।
इससे पूर्व, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के प्रमुख को लिखे पत्र में अनुराग गुप्ता और गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के बीच कथित सांठगाठ के बारे में जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों के बीच की संलिप्तता की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।