रांची: बाबूलाल ने कहा, अनुराग गुप्ता को 2 साल सस्पेंड रखने के बाद डीजीपी पद क्यों दिया गया?

रांची: झारखंड भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर से पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता और उनसे जुड़े मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले अनुराग गुप्ता का विरोध क्यों किया और दो वर्षों तक उन्हें सस्पेंड रखने के बाद पुनः डीजीपी का पद कैसे दिया।

अधिकारियों को राजनीति से दूर रहना चाहिए

बाबूलाल ने कहा कि सेवा का समय समाप्त होने पर मुख्यमंत्री ने अनुराग गुप्ता को सेवा विस्तार क्यों दिया, और फिर अचानक क्यों त्यागपत्र ले लिया? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अधिकारियों को राजनेताओं के टूल किट के तौर पर इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जिससे भविष्य में उन्हें कानून का सामना करना पड़ सकता है।

भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए

भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कई अधिकारी जो राजनीतिक सत्ता के टूलकिट बने, आज जेल में बंद हैं। उन्होंने कहा कि अनुराग गुप्ता के संरक्षण में झारखंड में शराब घोटाला, भूमि घोटाला और अवैध लॉटरी का कारोबार पनपा है। उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड में भयादोहन के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली की गई है।

त्यागपत्र लेने का रहस्य

बाबूलाल ने शराब घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में कुछ लोग पकड़े गए, कुछ जेल गए, और अन्य को जेल भेजने का भय दिखाकर वसूली की गई। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि अनुराग गुप्ता द्वारा वसूली गई राशि मुख्यमंत्री तक नहीं पहुंची, जिसके चलते उनसे अचानक त्यागपत्र ले लिया गया।

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