गिरिडीह: बिरनी CO पर भू-माफियाओं से सांठ-गांठ का आरोप, PMO में पहुंची शिकायत

गिरिडीह: भूमि विवाद में अंचलाधिकारी पर गंभीर आरोप

बिरनी प्रखंड के पलौंजिया निवासी विनय शरण ने बिरनी अंचलाधिकारी संदीप महदेशिया पर उनकी पैतृक भूमि को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद में अंचल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही है। विनय शरण का आरोप है कि कथित भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर विवादित जमीन को दूसरे पक्ष के नाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

विवादित जमीन की रजिस्ट्री और म्यूटेशन पर आपत्ति

विनय शरण के अनुसार, उनकी 105 डिसमिल की पैतृक जमीन इस विवाद का केंद्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी भूमि के 52-52 डिसमिल के दो हिस्सों की रजिस्ट्री नियमों के विपरीत की गई, जबकि यह भूमि विवादित थी। उन्होंने कहा कि अब इसी रजिस्ट्री के आधार पर म्यूटेशन कराने की प्रक्रिया चल रही है, जिसका उन्होंने विरोध किया है। इस मामले में गिरिडीह सीजेएम कोर्ट ने भी स्पष्टीकरण मांगा है।

1966 से 2025 तक की रसीद पर सवाल

विनय शरण का कहना है कि 1966 से 2025 तक जमीन की रसीद भी गलत तरीके से काटी गई थी। उन्होंने बताया कि पहले के अंचलाधिकारी और एसडीएम ने उस आदेश को निरस्त कर दिया था, लेकिन वर्तमान अंचलाधिकारी द्वारा 2025 में पारित आदेश के बाद यह मामला फिर से विवादित हो गया है। इससे पहले समाप्त हो चुका मामला फिर से उठ खड़ा हुआ है।

तबादले के बाद बार-बार वापसी पर सवाल

विनय शरण ने यह भी आरोप लगाया कि अंचलाधिकारी संदीप महदेशिया का तीन बार तबादला होने के बावजूद वे बार-बार बिरनी अंचल में वापस आ गए। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जिस भूमि पर वर्तमान में खेती हो रही है और कई परिवारों के सदस्य अपनी आजीविका चला रहे हैं, उसी भूमि को कागजी प्रक्रिया के जरिए दूसरे पक्ष के नाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

कई स्तरों पर की शिकायत, अब तक नहीं मिली राहत

विनय शरण का कहना है कि उन्होंने गिरिडीह के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, डीआईजी से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक आवेदन दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से मामला और संदिग्ध हो गया है। विनय शरण ने बिरनी सीओ पर भू-माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाचार के प्रकाशन तक बिरनी अंचलाधिकारी संदीप महदेशिया या जिला प्रशासन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top