डीजीपी तदाशा मिश्रा ने जमशेदपुर में कैरव गांधी अपहरण मामले की गहन समीक्षा की।

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

डीजीपी तदाशा मिश्रा की जमशेदपुर में समीक्षा बैठक

जमशेदपुर, 25 जनवरी: झारखंड पुलिस की प्रमुख, डीजीपी तदाशा मिश्रा, ने रविवार को जमशेदपुर का दौरा किया और शहर में प्रचलित कैरव गांधी अपहरण मामले की ऊँचाई पर समीक्षा की। यह मामला 13 जनवरी 2026 को बिष्टुपुर सीएच क्षेत्र से संबंधित है, जहां युवा व्यवसायी कैरव गांधी, जो कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र हैं, का अपहरण हुआ था। कैरव अब 13 दिन से अधिक समय से लापता हैं।

जांच की प्राथमिकता

डीजीपी ने पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां से कैरव का अपहरण हुआ था। वहाँ पर उपस्थित जांच अधिकारियों से उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

बंद कमरे में उच्च स्तरीय बैठक

इसके बाद, डीजीपी ने एसएसपी निवास पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक बंद कमरे में विस्तृत बैठक की। इस बैठक में अब तक की जांच प्रगति, तकनीकी साक्ष्य, संदिग्ध गतिविधियों और भविष्य की रणनीति पर विचार किया गया।

संभावित गिरोहों की पहचान

जांच में कुछ प्रमुख गिरोहों, जैसे अजय सिंह गिरोह, की संलिप्तता का संदेह व्यक्त किया जा रहा है। शुरूआत में फिरौती की मांग 5 करोड़ रुपये बताई गई थी, जो अब बढ़कर 10 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अपहरणकर्ताओं ने परिवार से व्हाट्सएप पर संपर्क किया और समय सीमा के भीतर राशि न देने पर कैरव को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।

जांच में तेजी

डीजीपी की निजी निगरानी में खोज को तेज किया गया है। पुलिस अब अपहरणकर्ताओं के तकनीकी सर्विलांस, जैसे मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज, के आधार पर जल्द बड़ा खुलासा करने का विश्वास जता रही है।

सामाजिक समर्थन

झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी और अन्य नेताओं ने भी डीजीपी से मुलाकात की और कैरव की सुरक्षित रिहाई की मांग की। जांच में सीआईडी को भी शामिल किया गया है, और SIT सक्रिय रूप से अपनी कार्यवाही कर रही है। मामले में हर नई जानकारी पर नजर रखी जा रही है।

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