महंगे घरेलू उपकरणों की खरीद अब पहले से आसान हो गई है। Samsung इंडिया ने अपने Finance+ प्रोग्राम का विस्तार करते हुए AI-पावर्ड होम अप्लायंसेज को अत्यंत सस्ती EMI विकल्प में उपलब्ध कराया है। कंपनी अब ऐसे स्मार्ट फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एसी और माइक्रोवेव पेश कर रही है, जिन्हें मात्र ₹33 प्रति दिन की EMI पर खरीदा जा सकता है। खास बात यह है कि यह ऑफर उन ग्राहकों के लिए भी है जिनकी कोई क्रेडिट इतिहास नहीं है।
हर घर तक पहुंची AI टेक्नोलॉजी
Samsung का यह कदम साफ दर्शाता है कि कंपनी AI टेक्नोलॉजी को आम जनता तक पहुंचाने का इरादा रखती है। पहले जहाँ स्मार्ट उपकरण केवल प्रीमियम उपभोक्ताओं तक सीमित थे, वहीं अब EMI मॉडल के माध्यम से इन्हें मध्यम वर्गीय घरों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। कंपनी का ध्यान उन ग्राहकों पर भी है जो पहली बार फाइनेंस के माध्यम से खरीदारी कर रहे हैं।
तेज और आसान लोन अप्रूवल
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका त्वरित और सरल प्रक्रिया है। ग्राहक केवल आधार और PAN कार्ड के माध्यम से लगभग 5 मिनट में फाइनेंस अप्रूवल प्राप्त कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पेपरलेस है, जिससे स्टोर पर लंबी औपचारिकताओं से राहत मिलती है। देशभर के 8,000 से अधिक स्टोर्स पर यह सुविधा उपलब्ध है।
AI फीचर्स से लैस नवीनतम उपकरण
Samsung की Bespoke AI रेंज न केवल स्मार्ट है, बल्कि एक पूरा कनेक्टेड इकोसिस्टम प्रदान करती है। इसमें SmartThings के माध्यम से सभी उपकरणों को एक साथ नियंत्रित किया जा सकता है। साथ ही, Bixby वॉयस असिस्टेंट और Samsung Knox सुरक्षा प्रणाली इसे अधिक सुरक्षित और व्यक्तिगत बनाते हैं। AI Home Screen उपयोगकर्ता की आदतों के अनुरूप सेटिंग्स को समायोजित करता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है।
कैशबैक और सीमित समय का ऑफर
ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनी ₹1000 तक का कैशबैक भी दे रही है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है और खासतौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो पहली बार AI उपकरणों को अपनाना चाहते हैं।
बाजार पर संभावित प्रभाव
यदि यह ₹33 प्रतिदिन वाला मॉडल सफल रहता है, तो इसकी तेजी से स्वीकृति हो सकती है, ठीक वैसे ही जैसे स्मार्टफोन EMI मॉडल ने बाजार में क्रांति ला दी थी। इससे अन्य कंपनियां भी इसी तरह के ऑफर पेश करने पर मजबूर हो सकती हैं। हालांकि, कुछ ग्राहक कुल कीमत और ब्याज को लेकर सतर्क रह सकते हैं, जिससे शुरुआत में इसका प्रभाव शहरी क्षेत्रों तक सीमित रह सकता है।