ज़रूरी सूचना: SBI बैंक कल से 6 दिन के लिए बंद, आज ही करें आवश्यक काम।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों के लिए आवश्यक सूचना

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक से जुड़े जरूरी कार्य 22 मई 2025 (शुक्रवार) तक पूरा कर लें। बैंक शाखाएं 23 मई से 28 मई 2025 तक लगातार छह दिनों के लिए बंद रह सकती हैं। इसका कारण चौथा शनिवार, रविवार, और कर्मचारियों की प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल के साथ-साथ बकरीद के मौके पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा घोषित छुट्टियां हैं। इस दौरान कैश निकासी, चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

23 और 24 मई को वीकेंड की छुट्टी

बैंकिंग नियमों के अनुसार, प्रत्येक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को सभी बैंक बंद रहते हैं। इस संदर्भ में, 23 मई को चौथा शनिवार है, जिससे SBI शाखाएं बंद रहेंगी। इसके बाद 24 मई रविवार है, जिसके कारण बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं होंगी। इस तरह से लगातार दो दिनों की छुट्टी के चलते ग्राहकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

25 और 26 मई को प्रस्तावित हड़ताल से कामकाज पर असर

ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 25 और 26 मई 2025 (सोमवार और मंगलवार) को देशभर में दो दिवसीय हड़ताल का प्रस्ताव रखा है। यह हड़ताल मुख्य रूप से क्लर्क और अन्य स्टाफ कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। इस स्थिति में बैंक की शाखाओं में दैनिक कार्य, कैश काउंटर, चेक क्लियरिंग, पासबुक अपडेट और ग्राहक सेवा से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं। हालाँकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे YONO, इंटरनेट बैंकिंग, UPI और एटीएम सामान्य रूप से कार्यशील रह सकते हैं।

27 और 28 मई को बकरीद की छुट्टी

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी छुट्टियों के कैलेंडर के अनुसार, बकरीद का त्योहार देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाएगा। अधिकतर राज्यों में 27 मई को बकरीद के कारण बैंक बंद रहेंगे, जबकि कुछ राज्यों में 28 मई को भी अवकाश रहेगा। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में दोनों दिन बैंक बंद रहने की संभावना है, इस प्रकार कुछ क्षेत्रों में SBI शाखाओं के बंद रहने की स्थिति बन सकती है।

AISBISF की 16 मांगें और प्रमुख मुद्दे

ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने कर्मचारियों के अधिकार, कार्य स्थितियों में सुधार और ग्राहकों के लाभ के लिए 16 प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें चतुर्थ श्रेणी (मेसेंजर) के खाली पदों पर स्थायी भर्ती, पर्याप्त संख्या में आर्म्ड गार्ड्स की नियुक्ति, NPS के तहत पेंशन फंड मैनेजर का चयन करने की स्वतंत्रता, और 2019 के बाद भर्ती कर्मचारियों के स्थानांतरण नीति में बदलाव शामिल हैं।

वेतन, प्रमोशन और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग

फेडरेशन ने कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं में असमानता को खत्म करने, प्रमोशन और करियर ग्रोथ की नीतियों में बदलाव, रिटायर्ड कर्मचारियों को स्टैग्नेशन इंक्रीमेंट का लाभ देने, और चिकित्सा रिइम्बर्समेंट स्कीम को सरल बनाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, HRMS सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्याओं को समाधान करने, PF ट्रस्ट में कर्मचारियों के प्रतिनिधि की नियुक्ति, और बोर्ड में वर्कमेन कैटेगरी से निदेशक की बहाली की भी मांग की गई है।

क्रॉस-सेलिंग के दबाव पर कर्मचारियों की चिंता

फेडरेशन ने बैंक कर्मचारियों पर बीमा, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय उत्पादों की बिक्री के लिए बढ़ते दबाव को भी मुद्दा बनाया है। कर्मचारियों का कहना है कि ‘क्रॉस-सेलिंग’ के तहत ग्राहकों को कई बार ऐसे उत्पाद बेचे जाते हैं जो उनकी आवश्यकता नहीं होती। इसे समाप्त करने की मांग भी हड़ताल के एजेंडे में शामिल की गई है।

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