पलामू में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ा अभियान
पलामू: वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और पलामू व्याघ्र परियोजना की एक संयुक्त टीम ने 18 से 20 जनवरी के बीच वन्यजीव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस विशेष अभियान में झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के विभिन्न वन क्षेत्रों की टीमों ने समन्वित रूप से कार्रवाई की। तीन दिनों तक जारी रहे इस अभियान में कुल 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया, और इसके दौरान वन्यजीवों के अवशेष, तस्करी में प्रयुक्त वाहन एवं अन्य सामग्री बरामद की गई। यह जानकारी पलामू व्याघ्र परियोजना के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता में दी।
विशेष अभियान में बरामद सामग्री
संयुक्त कार्रवाई के दौरान झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 60 किलोग्राम पैंगोलिन की छाल बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, रांची और बिहार के बक्सर से दो रेड सैंड बोआ सांप, जमशेदपुर से दो किलो मूंगा, और बिहार के दरभंगा से एक तेंदुए की खाल जब्त की गई। हजारीबाग और पलामू से सांप के जहर की दो बोतलें भी मिली हैं। इसके साथ ही, पीटीआर क्षेत्र से देसी हथियार, मोर का पैर, बाघ की हड्डी का संभावित पाउडर, एक स्कॉर्पियो वाहन, मोटरसाइकिल और गुलेल भी जब्त किए गए।
तस्करी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
उप निदेशक जेना ने बताया कि बरामद किए गए वन्यजीवों के अवशेष और सांप के जहर का उपयोग औषधि निर्माण के लिए चीन में बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह तस्करी सेंट्रल इंडिया कॉरिडोर के माध्यम से नेपाल, बंगाल और म्यांमार होते हुए चीन तक पहुंचाई जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अवैध धंधे की मांग इतनी अधिक है कि एक गिरोह पकड़े जाने पर तुरंत दूसरा सक्रिय हो जाता है। भारत और चीन दोनों ही वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सदस्य हैं, इसलिए इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय फोरम्स में भी उठाया जाएगा।
कानून के तहत कार्रवाई पर जोर
वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिए विभाग की रणनीति के तहत उप निदेशक ने बताया कि भविष्य में सिर्फ अपराधियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाना भी प्राथमिकता होगी। इसके लिए पुलिस, फोरेंसिक और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। अभियोजन के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को शामिल किया जाएगा। पीटीआर क्षेत्र के रेंजरों और अधिकारियों को दंडाधिकारी की शक्तियां मिलने से कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा।
वन सुरक्षा प्रहरियों को सुसज्जित करने की योजना
पलामू के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए असम की तर्ज पर वन सुरक्षा प्रहरियों को स्वचालित हथियारों से लैस करने की योजना बनाई जा रही है। इसके साथ ही, एसटीएफ की तर्ज पर एक विशेष सेल के गठन पर भी कार्य चल रहा है। उप निदेशक जेना ने कहा कि बल प्रयोग के साथ-साथ सामुदायिक जागरूकता भी वन संरक्षण के लिए अति आवश्यक है।

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